मुंबई: मुंबई में सोमवार को युवाओं की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों, कलाकारों, राजनीतिक प्रतिनिधियों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों ने हालिया विरोध प्रदर्शनों और भारतीय राजनीति में Gen Z की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
‘Dil Se Bol: Mumbai with Gen Z Rising’ नामक यह कार्यक्रम वाई.बी. चव्हाण सेंटर में DIL Se Bol की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी स्टैंड-अप कॉमेडियन वरुण ग्रोवर ने की। कवि पुनीत शर्मा और कॉमेडियन अबिश मैथ्यू की प्रस्तुतियों के बाद पैनल चर्चा हुई, जिसमें एनसीपी (एसपी) प्रवक्ता अनिश गावंडे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रिया अहिर और रघुराम शामिल हुए। कई अन्य कलाकारों और कवियों ने भी स्वतंत्रता और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दीं।
हालिया छात्र प्रदर्शनों पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान हालिया Cockroach Janta Party (CJP) से जुड़े छात्र प्रदर्शनों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। रिया अहिर ने 20 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पुलिस वाहन के सामने हाथ उठाए उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्होंने विरोध में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का फैसला किया।
अहिर ने दावा किया कि उन्होंने घटनास्थल पर एक पुलिस वाहन की नंबर प्लेट की तस्वीर ली और पाया कि उस पर अनिवार्य हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं थी। उन्होंने ऐसे नौ अन्य वाहनों की भी पहचान करने का दावा किया।
प्रदर्शनकारियों की एकजुटता का जिक्र
अनिश गावंडे ने प्रदर्शनों के दौरान दिखाई दी एकजुटता का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई लोग रातभर प्रदर्शन स्थल पर रुके रहे और स्वयंसेवकों ने प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया।
गावंडे ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग जगहों से लोग समर्थन देने पहुंचे। उनके अनुसार, बुजुर्गों से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों तक ने प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई।
शबाना आजमी ने युवाओं की भूमिका पर कही बात
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा कि हालिया प्रदर्शनों ने युवाओं के राजनीति से दूर रहने की धारणा को चुनौती दी है। उन्होंने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज को युवा पीढ़ी की आवाज़ को गंभीरता से लेना चाहिए।
उन्होंने जुलाई में हुए प्रदर्शनों का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां का माहौल उनके लिए बेहद प्रभावशाली था और युवाओं ने अपनी अहमियत का एहसास कराया।
आंसू गैस और मीडिया कवरेज पर सवाल
कार्यक्रम के समापन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 20 जुलाई के प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर कथित तौर पर आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं में मौजूद असंतोष की जड़ें देश में लंबे समय से चली आ रही सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं से जुड़ी हैं।
बोरा ने मुख्यधारा के टेलीविजन मीडिया के कवरेज की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थानों ने प्रदर्शनों की वास्तविक स्थिति को सही तरीके से पेश नहीं किया। उन्होंने युवाओं से राजनीतिक प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि Gen Z अब केवल सोशल मीडिया पर अपनी राय रखने वाली पीढ़ी नहीं है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी भूमिका को लेकर भी मुखर हो रही है। युवाओं की यह बढ़ती राजनीतिक भागीदारी आने वाले समय में राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक विमर्श को प्रभावित कर सकती है।
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