नई दिल्ली/मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के करीब छह साल बाद मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार, 14 सितंबर को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, अभिनेता डिनो मोरिया और सूरज पंचोली समेत कई लोगों के नाम जांच के संदर्भ में दर्ज किए गए हैं।
FIR में आदित्य ठाकरे के कथित बॉडीगार्ड्स, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे, पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, DCP विशाल ठाकुर और तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत कई पुलिस अधिकारियों, फोरेंसिक अधिकारियों, डॉक्टरों तथा अन्य लोगों का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि, किसी व्यक्ति का FIR में नाम होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने या उसे आरोपी ठहराए जाने के बराबर नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश देते समय स्पष्ट किया था कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
FIR में साजिश और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों की जांच
CBI की FIR में कथित मुख्य अपराधों के अलावा आपराधिक साजिश, घटना को आत्महत्या के रूप में पेश किए जाने और सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें कथित हेरफेर जैसे पहलुओं की जांच का भी उल्लेख है।
FIR में मालवणी पुलिस स्टेशन से जुड़े अधिकारियों, पोस्टमार्टम में शामिल डॉक्टरों एवं कर्मचारियों, कालिना स्थित फोरेंसिक साइंस लैब के अधिकारियों, रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड्स और पहले गठित विशेष जांच दल से जुड़े लोगों का भी उल्लेख किया गया है।
अब CBI इन सभी पहलुओं की नए सिरे से जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि दिशा सालियान की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्यों CBI जांच का आदेश दिया?
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने उनकी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 2 सितंबर को हाईकोर्ट ने मामले की CBI जांच का आदेश दिया और एजेंसी को FIR दर्ज करने तथा सतीश सालियान का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने शुरुआती पुलिस जांच में कई विसंगतियों का उल्लेख करते हुए कहा था कि जांच से कुछ सवालों के जवाब मिलने के बजाय और सवाल खड़े हुए हैं।
कोर्ट ने साथ ही यह महत्वपूर्ण निर्देश दिया कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा।
दिशा सालियान की मौत और सुशांत सिंह राजपूत केस
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज की थी। इसके छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए थे।
दोनों घटनाओं के बीच कम अंतर होने के कारण कई तरह की अटकलें सामने आईं, हालांकि दोनों मामलों की जांच अलग-अलग की गई थी। दिशा सालियान की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की पिछली जांच ने इसे आत्महत्या माना था।
पिता ने CBI के सामने कई नामों का किया उल्लेख
CBI जांच शुरू होने से पहले दिशा के पिता सतीश सालियान ने एजेंसी के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने जांचकर्ताओं को अपनी जानकारी के अनुसार घटनाक्रम बताया और आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया तथा कुछ अन्य लोगों के नामों की जांच करने की मांग की थी।
अब CBI पुराने केस रिकॉर्ड, पुलिस दस्तावेज, तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों के साथ-साथ संबंधित लोगों के बयान भी जांचेगी। मुंबई पुलिस से केस से जुड़े दस्तावेज CBI को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
छह साल पुराने इस मामले में अब CBI की नई जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दिशा सालियान की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शुरुआती जांच में उठे सवालों का वास्तविक जवाब क्या है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time
Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato