मुंबई: अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान को लेकर उठे विवाद के बीच अब वरिष्ठ अभिनेत्री सोनी राजदान का बयान चर्चा में है। उन्होंने दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि मौजूदा हालात में एक भी पटाखा जलाना उनके लिए ‘जीवन-विरोधी, स्वास्थ्य-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी’ है।
सोनी राजदान ने यह बात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की। उनका कहना है कि वायु प्रदूषण का असर खास तौर पर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उनके इस बयान के बाद दिवाली पर पटाखे जलाने, पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों की जिम्मेदारी को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
सोनी राजदान ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता
सोनी राजदान ने अपनी पोस्ट में लिखा कि छोटे बच्चों के माता-पिता से पूछने पर पता चलेगा कि वायु प्रदूषण के कारण उनके बच्चे कितनी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रदूषण की वजह से बच्चे बीमार पड़ते हैं और कई बार उन्हें बीमारी के कारण स्कूल भी नहीं जा पाते।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अगर कोई यह मानता है कि दिवाली पर एक पटाखा जलाना भी पूरी तरह ठीक है, तो उनके लिए यह कदम जीवन, स्वास्थ्य और राष्ट्र के हित के खिलाफ है।
अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने स्वास्थ्य को अपने और अपने बच्चों के लिए लिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए लोगों से सही विकल्प चुनने की अपील की।
इंस्टाग्राम पोस्ट के कमेंट्स किए बंद
सोनी राजदान ने मंगलवार देर रात यह पोस्ट साझा की थी। पोस्ट के साथ उन्होंने कमेंट सेक्शन भी बंद कर दिया, जिसके कारण यूजर्स इस पोस्ट पर सीधे टिप्पणी नहीं कर पा रहे हैं।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब मुंबई में दीया मिर्जा के प्रदूषण जागरूकता वीडियो को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद पहले से ही चर्चा में है।
दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, BMC ने दिवाली के दौरान नागरिकों को पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूक करने के लिए एक अभियान शुरू किया था। इस अभियान में अभिनेत्री दीया मिर्जा के अलावा माधुरी दीक्षित, अभिनेत्री निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे भी शामिल थे।
हालांकि, मुंबई BJP अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति के बाद दीया मिर्जा का वीडियो BMC के सोशल मीडिया पेज से हटा दिया गया था। अभियान में शामिल अन्य हस्तियों के वीडियो पेज पर बने रहे।
इस कार्रवाई के बाद दीया मिर्जा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि दिवाली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा की जीत का त्योहार है। उनका वीडियो लोगों को अधिक स्वस्थ और जिम्मेदार तरीके से त्योहार मनाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से बनाया गया था।
उन्होंने यह भी कहा था कि वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है और इसे कम करने की दिशा में किया गया हर प्रयास बेहतर पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC को दिया वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश
वीडियो हटाए जाने का मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचा। अदालत ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पर्यावरण का सवाल किसी धर्म या जाति तक सीमित नहीं है। देश का प्रत्येक नागरिक एक ही हवा में सांस लेता है, इसलिए प्रदूषण के मुद्दे को धार्मिक या राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
अदालत ने यह भी कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
हाईकोर्ट ने BMC आयुक्त द्वारा जागरूकता अभियान के लिए कलाकारों के चयन को सही बताते हुए कहा कि इस मुद्दे से अलग अनावश्यक विवाद खड़े किए गए। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि दीया मिर्जा का वीडियो हटाया गया है, तो उसे दोबारा अपलोड करना उचित होगा।
प्रदूषण मुक्त दिवाली को लेकर फिर तेज हुई बहस
दीया मिर्जा के वीडियो पर विवाद और अब सोनी राजदान के बयान ने दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर चर्चा को और तेज कर दिया है। एक ओर त्योहारों की परंपराओं और धार्मिक भावनाओं की बात हो रही है, तो दूसरी ओर वायु प्रदूषण, बच्चों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।
इस पूरे मामले ने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया है कि त्योहारों की खुशियां मनाते समय पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी को किस तरह साथ लेकर चला जाए।
Undercover Editor
Mahesh Rathod — Editor
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