1993 मुंबई ब्लास्ट केस: अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

1993 मुंबई ब्लास्ट केस: अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

नई दिल्ली:

1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले के दोषी अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। सलेम ने याचिका दाखिल कर दावा किया है कि वह जेल में 25 साल की सजा पूरी कर चुका है, इसलिए उसे रिहा किया जाना चाहिए।

⚖️ क्या है सलेम की दलील?

अबू सलेम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कोर्ट में दलील दी कि जेल प्रशासन ने उन्हें अंडरट्रायल के तौर पर बिताए गए समय का पूरा लाभ (सेट-ऑफ) नहीं दिया है, जबकि टाडा कोर्ट ने इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए थे।

सलेम का कहना है कि यदि अंडरट्रायल अवधि को जोड़ा जाए, तो वह निर्धारित 25 साल की सजा पूरी कर चुका है।

📜 प्रत्यर्पण शर्तों से जुड़ा मामला

यह मामला उन शर्तों से भी जुड़ा हुआ है जिनके तहत सलेम को 2005 में पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। इन शर्तों में उसकी सजा की अवधि को लेकर कुछ सीमाएं तय की गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट पहले ही सलेम को अंतरिम राहत देने से इनकार कर चुका है और उसे बॉम्बे हाई कोर्ट में अपनी सजा की अवधि की गणना को लेकर अपील करने की अनुमति दी थी।

🏛️ CBI का क्या कहना है?

वहीं, CBI ने विशेष टाडा कोर्ट में कहा है कि सलेम को अपनी दो पुरानी सजा के मामलों में लगाए गए जुर्माने का भुगतान करना होगा। एजेंसी के अनुसार, सलेम को कुल ₹16.51 लाख का जुर्माना जमा करना अनिवार्य है।

CBI ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर तय समयसीमा तक यह रकम जमा नहीं की जाती है, तो सलेम को अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ सकती है।

🔍 कैसे जोड़ा गया सजा का समय?

सलेम ने अपनी याचिका में बताया है कि उसने करीब 11 साल 10 महीने अंडरट्रायल के रूप में, लगभग 10 साल सजा के रूप में और 3 साल से अधिक अच्छे व्यवहार के आधार पर छूट (remission) के तौर पर पूरा किया है।

इसी आधार पर उसने दावा किया है कि वह 25 साल की सजा पूरी कर चुका है।

📌 मामले की पृष्ठभूमि

अबू सलेम 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले का दोषी है, जिसमें देशभर में सनसनी फैल गई थी और सैकड़ों लोगों की जान गई थी। यह भारत के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना जाता है।

इस मामले में सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और वह फिलहाल नासिक रोड सेंट्रल जेल में बंद है।

🔍 निष्कर्ष:

अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि अबू सलेम को समयपूर्व रिहाई मिलती है या नहीं। यह फैसला न केवल इस केस के लिए बल्कि प्रत्यर्पण शर्तों और सजा की गणना से जुड़े कानूनी पहलुओं के लिए भी अहम साबित होगा।

Undercover Editor

From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time

 

Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato