श्रेणी: Food safety

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मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त मुंबई: त्योहारी सीजन से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट, गलत लेबलिंग और अस्वच्छ परिस्थितियों के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में बड़ा अभियान चलाया है। FDA के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान मुंबई के पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए, जबकि राज्य के विभिन्न हिस्सों से करीब 10,836 किलो/लीटर खाद्य सामग्री, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹30.82 लाख बताई गई है, जब्त की गई। मुंबई में कार्रवाई की जद में महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित BJRS (Gallops) Restaurant, Gurukrupa Dairy Products, Gufran Seekh Corner, Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari शामिल हैं। FDA ने इन प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े गंभीर नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया है। Gallops की रसोई में बर्फ पर खून और कैचप के दाग मिलने का दावा FDA अधिकारियों के अनुसार, महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित Gallops Restaurant के निरीक्षण के दौरान रेफ्रिजरेटर में रखी बर्फ पर नॉन-वेज खाद्य पदार्थों से जुड़े खून और कैचप के दाग पाए गए। इसके अलावा कच्चे माल की कुछ पैकेजिंग फटी या क्षतिग्रस्त मिली। निरीक्षण में रसोई में ग्रीस जमा होने, दीवारों की खराब स्थिति, पानी जमा होने तथा जीवित कॉकरोच और चींटियां पाए जाने की बात भी FDA ने कही है। ड्रेनेज और कॉकरोच ट्रैप की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के साथ खाद्य कर्मचारियों की वार्षिक मेडिकल जांच और टीकाकरण से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। FDA ने इन कमियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत गंभीर उल्लंघन माना और Gallops का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया। Malad में ‘Pooja Ghee’ के नाम पर कथित मिलावट का मामला मुंबई में सबसे बड़ी जब्ती Malad East स्थित Gurukrupa Dairy Products से हुई। FDA के मुताबिक यहां रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल, वनस्पति और ब्रांडेड घी को दो बॉयलरों में मिलाकर सफेद और पीले घी का उत्पादन किए जाने का आरोप है। FDA के अनुसार इन उत्पादों को “Pooja Ghee” नाम से ऐसे लेबल के साथ बेचा जा रहा था, जिसे विभाग ने भ्रामक बताया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में घी, रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल और वनस्पति जब्त किए गए। अधिकारियों ने परिसर में चूहों और कॉकरोच के संक्रमण की भी जानकारी दी। FDA के आधिकारिक विवरण के अनुसार, गुरुकृपा डेयरी से लगभग 4,646 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी/गलत लेबल वाली सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब ₹15.15 लाख बताई गई। इसके अलावा दो बॉयलर और एक खोया मशीन भी कार्रवाई के दौरान जब्त की गई। Gufran Seekh Corner बिना वैध लाइसेंस के संचालित होने का आरोप Versova-Yari Road स्थित Gufran Seekh Corner पर FDA ने बिना वैध खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के संचालन का आरोप लगाया। विभाग के अनुसार निरीक्षण में पेयजल की जांच, खाद्य पदार्थों के उचित भंडारण और अलग-अलग रखने तथा परिसर की स्वच्छता से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन पाया गया। FDA ने प्रतिष्ठान को तत्काल कारोबार बंद करने और वैध लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन हासिल करने तथा बताई गई कमियों को दूर करने के बाद ही दोबारा संचालन शुरू करने का निर्देश दिया। Bandra के Dreamer Hospitality और Mirari पर भी कार्रवाई Bandra West स्थित Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari में भी FDA ने स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी नियमों के उल्लंघन की जानकारी दी है। दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। महाराष्ट्र के कई जिलों में खाद्य सामग्री जब्त FDA की यह कार्रवाई सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रही। विभाग के अनुसार मुंबई, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर डिवीजन में कुल 18 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान घी, खावा, पेड़ा, गुड़, तेल, चाय पाउडर, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने/स्टॉक जब्त किए गए। चंद्रपुर में Ashok Agro Products के गोदाम से 3,310 किलोग्राम चाय पाउडर, जिसकी कीमत करीब ₹6.76 लाख बताई गई, संदिग्ध घटिया या असुरक्षित होने के संदेह में जब्त किया गया। इसके अलावा पुणे, सांगली, कोल्हापुर, जलगांव, नांदेड, गोंदिया, गढ़चिरौली और नागपुर सहित अन्य इलाकों में भी खाद्य पदार्थों की जांच और जब्ती की कार्रवाई की गई। FDA ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट, लेबलिंग और स्वच्छता पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है। FDA की कार्रवाई के बाद अब संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब त्योहारी सीजन के दौरान मिठाई, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है।  
जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित

जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित

जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित Govinda’s Restaurant समेत तीन फूड यूनिट्स में पानी की जांच से लेकर ड्रेनेज, कीट नियंत्रण और फूड हैंडलर्स की हाइजीन तक कई कमियां मिलीं; ISKCON ने सुधारात्मक कदम शुरू करने की बात कही मुंबई: मुंबई के जुहू स्थित ISKCON के हरे कृष्णा लैंड परिसर में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के कथित गंभीर उल्लंघन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। FDA ने परिसर में संचालित तीन रेस्टोरेंट/फूड यूनिट्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई 3 सितंबर को की गई जांच के बाद सामने आई है। FDA के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान ISKCON के Govinda’s Restaurant, Food Services Restaurant और परिसर में संचालित एक अन्य फूड प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, कीट नियंत्रण, खाद्य भंडारण और व्यक्तिगत साफ-सफाई से जुड़ी कई खामियां पाई गईं। Govinda’s Restaurant में क्या मिला? FDA की जांच टीम के अनुसार, Govinda’s Restaurant में पीने के पानी की नियमित जांच नहीं की जा रही थी। इसके अलावा, भोजन तैयार करने से पहले कच्चे खाद्य पदार्थों की उचित सफाई नहीं किए जाने की बात भी सामने आई। FDA के मुताबिक, कोल्ड स्टोरेज रूम में पानी जमा था और ड्रेनेज सिस्टम जाम मिला। ड्रेनों में ग्रीस ट्रैप और कॉकरोच ट्रैप भी नहीं थे। निरीक्षण के दौरान परिसर में कीटों के संक्रमण के संकेत मिलने की बात FDA ने कही। इसके अलावा, कुछ फूड हैंडलर्स कथित तौर पर एप्रन और दस्ताने के बिना काम करते हुए पाए गए। Food Services में भी कई गंभीर कमियां FDA के अनुसार, Food Services Restaurant में कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की उचित व्यवस्था नहीं थी। स्टोर रूम में कीटों के मल के अवशेष मिलने की बात भी FDA ने अपनी रिपोर्ट में कही। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की आवश्यक जांच नहीं किए जाने की बात सामने आई। प्रतिष्ठान और स्टोर रूम में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं थी। FDA ने यह भी बताया कि इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेल की रंग, स्वाद और उसमें तैर रहे कणों के आधार पर नियमित जांच नहीं की जा रही थी। वहीं, फूड हैंडलर्स के मेडिकल चेकअप और वैक्सीनेशन से जुड़े रिकॉर्ड/प्रक्रिया में भी कमियां पाई गईं। तीसरे फूड प्रतिष्ठान में भी खामियां परिसर में संचालित एक अन्य फूड यूनिट में भी FDA टीम ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां दर्ज कीं। इनमें सैनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य भंडारण, उपकरणों के रखरखाव, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और रिकॉर्ड मैनेजमेंट से जुड़ी खामियां शामिल थीं। ISKCON ने क्या कहा? FDA की कार्रवाई के बाद ISKCON Juhu ने बयान जारी कर कहा कि 3 सितंबर को उनकी किचन और फूड ऑपरेशंस का निरीक्षण किया गया था। संगठन के मुताबिक, FDA ने मौजूदा अनुपालन स्तर को 70 प्रतिशत आंका और कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत बताई। ISKCON ने कहा कि उसके प्रतिनिधि FDA के साथ संपर्क में हैं और अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार आवश्यक सुधारात्मक कदम शुरू कर दिए गए हैं। संगठन ने यह भी कहा कि भक्तों और मेहमानों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य उसकी प्राथमिकता है। ISKCON Juhu के अनुसार, जब तक आवश्यक सुधार पूरे नहीं हो जाते और सभी खाद्य सुरक्षा एवं नियामकीय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक जुहू परिसर की किचन गतिविधियां बंद रहेंगी। फिलहाल FDA की कार्रवाई के बाद तीनों फूड यूनिट्स में संचालन बंद है और आगे की प्रक्रिया संबंधित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर निर्भर करेगी।  
मुंबई के अंधेरी में बर्गर में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप, ग्राहक ने पुलिस और FDA से की शिकायत

मुंबई के अंधेरी में बर्गर में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप, ग्राहक ने पुलिस और FDA से की शिकायत

मुंबई के अंधेरी में बर्गर में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप, ग्राहक ने पुलिस और FDA से की शिकायत मुंबई: मुंबई के अंधेरी स्थित एक लोकप्रिय बर्गर रेस्टोरेंट में खाने के दौरान बर्गर के अंदर कांच का टुकड़ा मिलने के आरोप से हड़कंप मच गया है। ग्राहक ने मामले की शिकायत पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) से की है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना 16 अगस्त की बताई जा रही है। शिकायतकर्ता तनिशा गोगरी अपनी एक दोस्त के साथ अंधेरी स्थित Jimi’s Burger पहुंची थीं। उन्होंने वहां Korean Veg Burger ऑर्डर किया था। शिकायत के अनुसार, बर्गर खाते समय तनिशा को उसमें कांच का एक टुकड़ा दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल रेस्टोरेंट के कर्मचारियों और प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। कांच का टुकड़ा फेंकने का आरोप तनिशा ने आरोप लगाया है कि घटना की जानकारी देने के बाद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने कथित तौर पर कांच के टुकड़े को जांच के लिए सुरक्षित रखने के बजाय कूड़ेदान में फेंक दिया। तनिशा ने घटना के बारे में कहा कि बर्गर खाते समय उन्हें उसके अंदर कांच का टुकड़ा मिला और उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, इसके बाद वह टुकड़ा कूड़ेदान में फेंक दिया गया। पुलिस और FDA तक पहुंचा मामला घटना के बाद तनिशा के पिता ने अंबोली पुलिस स्टेशन में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा मामले की जानकारी FDA को भी दी गई है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित तौर पर बर्गर में कांच का टुकड़ा कैसे पहुंचा और घटना में खाद्य सुरक्षा मानकों का कोई उल्लंघन हुआ है या नहीं। हालांकि, रेस्टोरेंट के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। रेस्टोरेंट की ओर से इस शिकायत पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का भी इंतजार है। जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।  
मुंबई-बेंगलुरु के किचन पर FDA की सख्ती: सड़ा मांस, एक्सपायर्ड डेयरी और कॉकरोच ने खोली फूड सेफ्टी की पोल

मुंबई-बेंगलुरु के किचन पर FDA की सख्ती: सड़ा मांस, एक्सपायर्ड डेयरी और कॉकरोच ने खोली फूड सेफ्टी की पोल

मुंबई-बेंगलुरु के किचन पर FDA की सख्ती: सड़ा मांस, एक्सपायर्ड डेयरी और कॉकरोच ने खोली फूड सेफ्टी की पोल मुंबई/बेंगलुरु: रेस्तरां की चमकदार डाइनिंग टेबल और महंगे मेन्यू के पीछे किचन की हकीकत हमेशा उतनी साफ-सुथरी हो, यह जरूरी नहीं। मुंबई और बेंगलुरु में हालिया फूड सेफ्टी कार्रवाई के दौरान एक्सपायर्ड डेयरी उत्पाद, सड़ा हुआ मांस, फंगस लगी सब्जियां, इस्तेमाल किया हुआ कुकिंग ऑयल, खराब स्टोरेज और अस्वच्छ किचन जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रेस्तरां और होटल अपने किचन में आने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्टोरेज, एक्सपायरी और इस्तेमाल से पहले उनकी जांच किस तरह करते हैं। बेंगलुरु में 60 बड़े होटल जांच के दायरे में बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा जांच के दौरान तीन और पांच सितारा श्रेणी के करीब 60 होटलों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान 1,089 किलोग्राम खाद्य पदार्थ और अन्य सामग्री जब्त की। इससे पहले की गई जांच में भी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री और इस्तेमाल किया हुआ कुकिंग ऑयल जब्त किया गया था। निरीक्षण के दौरान सड़े हुए मांस, मछली और सब्जियों के साथ-साथ फंगस लगी खाद्य सामग्री और खराब स्टोरेज की स्थिति सामने आने की जानकारी दी गई। एक अन्य कार्रवाई में अधिकारियों ने 105 किलोग्राम एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, 32 लीटर दूध और करीब 50 किलोग्राम चिकन व खराब सब्जियां जब्त कीं। मुंबई में भी बढ़ी फूड सेफ्टी जांच बेंगलुरु की तरह मुंबई और महाराष्ट्र में भी खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। मुंबई FDA की ओर से 4 से 6 अगस्त के बीच चलाए गए तीन दिवसीय अभियान में 10 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और गंभीर उल्लंघनों के चलते चार लाइसेंस निलंबित किए गए। इससे पहले मुंबई के कई प्रमुख जिमखाना और क्लबों में भी FDA की जांच के दौरान कॉकरोच, अस्वच्छ स्टोरेज, कीटों की मौजूदगी और किचन से जुड़ी अन्य खामियां सामने आई थीं। रेस्तरां ही नहीं, वेयरहाउस भी जांच के दायरे में खाद्य सुरक्षा की निगरानी अब केवल होटल और रेस्तरां तक सीमित नहीं है। मुंबई के मालाड वेस्ट में एक खाद्य सामग्री के वेयरहाउस पर भी कार्रवाई की गई, जहां अधिकारियों को अस्वच्छ परिस्थितियों और कॉकरोच की मौजूदगी जैसी समस्याएं मिलीं। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भोजन की सुरक्षा सिर्फ किचन में खाना पकाने तक सीमित नहीं होती। सप्लायर से लेकर ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउस, रेफ्रिजरेशन और अंततः रेस्तरां की प्लेट तक पूरी सप्लाई चेन में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। एक्सपायर्ड सामान किचन तक कैसे पहुंच रहा है? खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि बड़े रेस्तरां और होटल अपने किचन में आने वाली सामग्री की जांच किस तरह करते हैं। मांस, दूध, डेयरी उत्पाद, समुद्री भोजन और ताजी सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के लिए तापमान की निगरानी, तारीख की लेबलिंग, स्टॉक रोटेशन और नियमित गुणवत्ता जांच बेहद जरूरी होती है। यदि पुराने स्टॉक को नए सामान के पीछे रख दिया जाए या एक्सपायरी डेट की निगरानी न हो, तो खराब खाद्य सामग्री ग्राहक की प्लेट तक पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। फाइव-स्टार होटल भी जांच से बाहर नहीं हालिया कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जांच सिर्फ छोटे रेस्तरां या स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रही। बड़े और महंगे होटलों की किचन भी जांच के दायरे में आई हैं। महंगे मेन्यू, शानदार इंटीरियर और बड़े ब्रांड का नाम अपने आप में खाद्य सुरक्षा की गारंटी नहीं है। असली सवाल यह है कि किचन के अंदर खाद्य सामग्री किस तापमान पर रखी जा रही है, स्टोरेज कितना साफ है और खराब सामान को समय पर हटाया जा रहा है या नहीं। हालांकि, किसी एक प्रतिष्ठान में मिली खामी के आधार पर पूरे होटल या रेस्तरां उद्योग को असुरक्षित बताना उचित नहीं होगा। लेकिन ऐसी जांच यह जरूर बताती है कि खाद्य सुरक्षा के लिए नियमित और स्वतंत्र निगरानी क्यों जरूरी है। भारत में करोड़ों खाद्य कारोबार, निगरानी बड़ी चुनौती भारत में रेस्तरां, होटल, निर्माता, रिटेलर, वेयरहाउस और अन्य खाद्य कारोबारों की संख्या बहुत बड़ी है। ऐसे में हर प्रतिष्ठान तक नियमित निगरानी पहुंचाना खाद्य सुरक्षा नियामकों के लिए बड़ी चुनौती है। FSSAI के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सिस्टम के जरिए देशभर के विभिन्न प्रकार के खाद्य कारोबारों को नियामकीय दायरे में लाया गया है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े निरीक्षण, सैंपल जांच और फूड हैंडलर्स की ट्रेनिंग लगातार की जा रही है। लेकिन सिर्फ निरीक्षण और कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। प्रतिष्ठानों को भी अपनी आंतरिक व्यवस्था मजबूत करनी होगी। कार्रवाई के बाद फॉलो-अप सबसे जरूरी किसी होटल से खराब खाद्य सामग्री जब्त होना या लाइसेंस निलंबित होना खबर बन जाता है, लेकिन असली सवाल इसके बाद शुरू होता है। क्या प्रतिष्ठान ने अपनी स्टोरेज व्यवस्था सुधारी? क्या कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों की ट्रेनिंग दी गई? क्या तापमान और सफाई के रिकॉर्ड नियमित रखे जा रहे हैं? क्या खराब या एक्सपायर्ड सामान को समय पर नष्ट किया जा रहा है? और क्या दोबारा निरीक्षण में वही खामियां फिर सामने नहीं आएंगी? इन सवालों के जवाब ही तय करेंगे कि हालिया कार्रवाई सिर्फ कुछ दिनों की सुर्खियां बनकर रह जाती है या वास्तव में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार लाती है। खाने की सुरक्षा प्लेट तक पहुंचने से बहुत पहले शुरू होती है मुंबई और बेंगलुरु में हुई हालिया कार्रवाई एक महत्वपूर्ण संदेश देती है—फूड सेफ्टी सिर्फ यह नहीं है कि खाना अच्छी तरह पकाया गया या नहीं। भोजन की सुरक्षा सप्लायर से शुरू होती है और ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज, रेफ्रिजरेशन, किचन हाइजीन, स्टॉक मैनेजमेंट और सही तरीके से पकाने के बाद ग्राहक की प्लेट तक पहुंचती है। इस पूरी श्रृंखला की एक भी कड़ी कमजोर हुई, तो उसका असर सीधे उपभोक्ता की सेहत पर पड़ सकता है। इसलिए नियामक कार्रवाई के साथ-साथ रेस्तरां और होटल संचालकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।  

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