पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए। Times of India के अनुसार, मुंबई पुलिस की Special Branch ने शाम करीब 4 बजे प्रदर्शन शुरू होने के समय भीड़ का अनुमान लगभग 9,000 से 10,000 लगाया था, जबकि बाद की रिपोर्टों में प्रदर्शन में 10,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की बात सामने आई।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। वाहनों को प्रदर्शन स्थल के करीब जाने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे और पुलिसकर्मी भीड़ तथा यातायात को नियंत्रित कर रहे थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान माहौल मुख्यतः शांतिपूर्ण रहा और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति सामान्य बनी रही।
मुंबई पुलिस ने इससे पहले CJP को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। पुलिस ने Bombay High Court के निर्देशों, क्षेत्र के Silence Zone होने तथा संभावित यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया था।
CEC के इस्तीफे की मांग
CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की ओर से अलग-अलग पक्ष मौजूद हैं और मतदाता सूची से जुड़े दावों की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए आधिकारिक आंकड़ों तथा जांच के निष्कर्षों को देखना जरूरी है।
राजनीतिक दलों और नेताओं पर भी निशाना
अपने भाषण में Dipke ने राजनीतिक दलों में नेताओं के दलबदल और मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में सांसदों और विधायकों ने पार्टियां बदली हैं और इस पर राजनीतिक व्यवस्था में जवाबदेही की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर CEC इस्तीफा नहीं देते हैं तो CJP अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएगा और दिल्ली में प्रदर्शन करने की तैयारी करेगा।
फिल्म और सामाजिक क्षेत्र से भी पहुंचे लोग
शिवाजी पार्क के प्रदर्शन में फिल्म और कला जगत से जुड़े कई लोग भी मौजूद रहे। रिपोर्टों के अनुसार नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, विशाल भारद्वाज और विशाल ददलानी समेत कई चर्चित हस्तियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
विशाल ददलानी ने अपने संबोधन में दावा किया कि उनका नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया है। ऐसे व्यक्तिगत दावों की आधिकारिक स्थिति संबंधित चुनावी रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकती है।
हिंदू-मुस्लिम एकता पर Dipke का बयान
प्रदर्शन के दौरान Abhijeet Dipke ने धर्म के आधार पर विभाजन की राजनीति की आलोचना करते हुए हिंदू-मुस्लिम एकता की बात कही। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसी विभाजनकारी राजनीति काम नहीं करेगी।
उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू के योगदान का भी उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक भागीदारी पर जोर दिया।
स्थानीय निवासियों ने भी जताई आपत्ति
जहां प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, वहीं शिवाजी पार्क के कुछ स्थानीय निवासियों ने कार्यक्रम से होने वाले शोर, यातायात और रोजमर्रा की गतिविधियों में व्यवधान को लेकर आपत्ति जताई।
गीतकार जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर स्थानीय निवासियों की चिंताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के कारण होने वाली परेशानियों पर आवाज उठाना उचित है और राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों के समय भी इसी तरह के सवाल उठाए जाने चाहिए।
आंदोलन आगे बढ़ाने का ऐलान
CJP ने संकेत दिया है कि यदि उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को मुंबई से आगे अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। संगठन ने Goa, Bengaluru और Kolkata समेत अन्य स्थानों पर भी प्रदर्शन की योजना की बात कही है।
इस बीच चुनावी सूची, SIR प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस जारी है। मामले में अलग-अलग पक्षों के दावों के बीच आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्ष आगे की स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे।
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