यह जानकारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली के सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने दी। सरकार के मुताबिक ये आंकड़े UDISE 2025-26 के हैं और समग्र शिक्षा अभियान के तहत दर्ज किए गए हैं।
जयपुर में 38 स्कूल बिना भवन
राजधानी जयपुर में ही 38 सरकारी स्कूल बिना भवन के संचालित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा ऐसे स्कूल झालावाड़ जिले के अकलेरा ब्लॉक में हैं, जहां 23 स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है। इसके बाद खानपुर में 16 और झालरापाटन में 11 स्कूल हैं।
फालोदी के बाप में 11 और बांसवाड़ा के छोटीसड़वन में 10 स्कूल बिना भवन के हैं।
2,047 स्कूलों में शौचालय नहीं
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अपने भवन वाले 64,484 सरकारी स्कूलों में से 2,047 स्कूलों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
शौचालय की कमी के मामले में बांसवाड़ा 188 स्कूलों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद डूंगरपुर में 124 और उदयपुर में 98 स्कूलों में शौचालय सुविधा नहीं है। बीकानेर, झालावाड़ और जैसलमेर भी प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
1,049 स्कूलों में पीने का पानी नहीं
बुनियादी सुविधाओं की स्थिति यहीं तक सीमित नहीं है। 1,049 सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इनमें दौसा के 96, उदयपुर के 70, अलवर के 65, करौली के 60 और बांसवाड़ा के 58 स्कूल शामिल हैं।
3,768 स्कूल जर्जर और असुरक्षित होने का दावा
नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने सरकार पर स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस योजना नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने पिछले साल हुए एक ऑडिट का हवाला देते हुए कहा कि 3,768 सरकारी स्कूल पूरी तरह जर्जर और उपयोग के लिए असुरक्षित घोषित किए गए हैं। उनके मुताबिक, ऐसे स्कूलों को बंद या दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने से विद्यार्थियों के नामांकन पर भी असर पड़ा है।
जूली ने यह भी दावा किया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 83,783 कमरे जर्जर और असुरक्षित हैं।
सरकार ने ₹3,000 करोड़ से अधिक के प्रावधान बताए
राज्य सरकार ने बताया कि स्कूलों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए ₹550 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। वहीं बिना भवन वाले और जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु ₹450 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा स्कूलों के नए निर्माण, मरम्मत और रखरखाव के लिए हर साल ₹2,500 करोड़ और पांच वर्षों में कुल ₹12,500 करोड़ उपलब्ध कराने की बात सरकार ने कही है। इसके लिए DMFT, समग्र शिक्षा, राज्य निधि, VB-G RAM-G, सांसद/विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि, SDRF और CSR सहित विभिन्न स्रोतों से धन जुटाया जाएगा।
यह मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब राजस्थान के सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति को लेकर निरीक्षण और विरोध का दौर जारी है। ऐसे में सरकार के सामने अब इन आंकड़ों को सुधारने के साथ-साथ विद्यार्थियों को सुरक्षित भवन, शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती है।
From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time
Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato