मुंबई:
महाराष्ट्र में १५ जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनाव इस बार मतदाताओं के लिए कुछ अलग अनुभव लेकर आ रहे हैं — लेकिन मुंबई इससे अलग रहेगी।
राज्य के २८ शहरों, जिनमें ठाणे, नवी मुंबई, पुणे, नाशिक और कल्याण-डोंबिवली शामिल हैं, में चुनाव तीन या चार सदस्यीय वार्ड प्रणाली के तहत हो रहे हैं। इसका मतलब है कि एक ही वार्ड से तीन या चार नगरसेवक चुने जाएंगे।
क्या बदला है?
अब मतदाताओं को ईवीएम पर एक नहीं, बल्कि तीन या चार बार बटन दबाना होगा। चुनाव आयोग के अनुसार, सभी वोट डालना अनिवार्य है — अधूरे वोट मान्य नहीं होंगे।
वोटिंग की प्रक्रिया कैसे होगी?
मतदाता सत्यापन और स्याही लगाने के बाद, मतदान केंद्र के भीतर ईवीएम पर एक से अधिक बैलेट यूनिट लगी होंगी। मशीन सक्रिय होने के बाद मतदाता को क्रम से तीन या चार वोट डालने होंगे। हर वोट की पुष्टि बीप की आवाज और VVPAT पर्ची से होगी।
यदि मतदाता किसी सीट पर किसी उम्मीदवार को वोट नहीं देना चाहता, तो वह NOTA का विकल्प चुन सकता है।
यह प्रणाली क्यों लागू की गई?
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली घनी आबादी वाले शहरों में बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए लाई गई है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि इससे बड़े दलों को फायदा हो सकता है और मतदाताओं में भ्रम भी पैदा हो सकता है।
मुंबई में क्या अलग है?
मुंबई पूरे महाराष्ट्र में एकमात्र नगर निगम है, जहां अब भी एक वार्ड–एक नगरसेवक प्रणाली लागू है। यहां मतदाता सिर्फ एक वोट डालेंगे, जैसा पहले होता था।
मतगणना
मतों की गिनती १६ जनवरी को होगी।
From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time
Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato