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हैदराबाद में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत, शादी को लेकर सहकर्मी से देर रात हुई थी वीडियो कॉल
हैदराबाद में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत, शादी को लेकर सहकर्मी से देर रात हुई थी वीडियो कॉल चार साल से सहकर्मी के साथ रिश्ते में थी महिला; पुलिस ने मामला दर्ज कर परिस्थितियों की जांच शुरू की हैदराबाद: हैदराबाद में एक 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है। महिला अपने फ्लैट में मृत पाई गईं। पुलिस के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपने एक सहकर्मी को देर रात वीडियो कॉल किया था और शादी को लेकर दोनों के बीच बातचीत हुई थी। मृतका की पहचान अर्चना चौधरी मलिक के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं और हैदराबाद में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सीनियर एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं। पुलिस के अनुसार, अर्चना पिछले करीब चार वर्षों से अपने एक सहकर्मी के साथ रिश्ते में थीं। वह व्यक्ति उत्तराखंड का रहने वाला बताया गया है। देर रात 2:30 बजे हुई वीडियो कॉल पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, रविवार तड़के करीब 2:30 बजे अर्चना ने अपने सहकर्मी को वीडियो कॉल किया था। उस समय वह अपनी मां के साथ एक कार्यक्रम में मौजूद था। पुलिस के अनुसार, वीडियो कॉल के दौरान अर्चना ने शादी को लेकर बातचीत की और कथित तौर पर अपनी जान देने की धमकी दी। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति पहले से तलाक की प्रक्रिया से गुजर रहा था। सुबह फ्लैट पहुंचा सहकर्मी पुलिस के मुताबिक, वीडियो कॉल के बाद वह व्यक्ति करीब सुबह 5:30 बजे अर्चना के फ्लैट पर पहुंचा। वहां पहुंचने पर फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला। इसके बाद पुलिस को Dial 112 के जरिए सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया और अर्चना को फ्लैट के अंदर मृत अवस्था में पाया। मौके पर पहुंची क्लूज टीम घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की क्लूज टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को उस्मानिया जनरल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और घटना से पहले की परिस्थितियों, वीडियो कॉल, दोनों के रिश्ते और शादी को लेकर हुई बातचीत समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और घटना से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor
मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: 564 लीटर दूध नष्ट, 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: 564 लीटर दूध नष्ट, 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर महाराष्ट्र FDA का शिकंजा; राज्यभर में ₹1.56 करोड़ का खाद्य स्टॉक जब्त या नष्ट मुंबई: खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने राज्यभर में बड़ा अभियान चलाया है। मुंबई में 23 और 24 अक्टूबर को की गई कार्रवाई के दौरान FDA अधिकारियों ने अलग-अलग डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों से संबंधित 564 लीटर दूध नष्ट किया। FDA के मुताबिक, राज्यभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान करीब 43.56 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जबकि कुल 719.2 लीटर दूध और घी जब्त या नष्ट किया गया। इन कार्रवाईयों में शामिल खाद्य सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹1.56 करोड़ बताई गई है। अभियान के दौरान संदिग्ध मिलावट, घटिया गुणवत्ता, गलत लेबलिंग, अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थ रखने और प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों की बिक्री जैसे मामलों पर कार्रवाई की गई। मुंबई की कई डेयरियों पर कार्रवाई FDA अधिकारियों ने मुंबई के गोवंडी और मानखुर्द इलाके में कई डेयरियों का निरीक्षण किया। गोवंडी स्थित Sainath Dairy & Farsan Mart से संदिग्ध घटिया गुणवत्ता वाला 45 लीटर खुला दूध नष्ट किया गया। वहीं मानखुर्द की Maharana Dairy से भी 40 लीटर दूध नष्ट किया गया। दोनों मामलों में दूध के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं और संबंधित प्रतिष्ठानों का रजिस्ट्रेशन निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मानखुर्द स्थित Agasti Milk Agency में स्वच्छता और सैनिटेशन से जुड़े नियमों का उल्लंघन मिलने के बाद लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई शुरू की गई। वहीं गोवंडी ईस्ट में Yadav Dairy के खिलाफ बिना वैध लाइसेंस कारोबार करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। एंटॉप हिल में 250 लीटर दूध नष्ट 24 अक्टूबर को FDA अधिकारियों ने एंटॉप हिल स्थित Sagar Milk Centre का निरीक्षण किया। यहां दूध को निर्धारित भंडारण नियमों का पालन किए बिना प्लास्टिक की थैलियों और डिब्बों में रखने और बेचने की बात सामने आई। FDA ने मौके पर ही 250 लीटर दूध नष्ट कर दिया। इस दूध की अनुमानित कीमत ₹11,625 बताई गई है। धारावी और माहिम में भी कार्रवाई 23 अक्टूबर को की गई अलग कार्रवाई में धारावी स्थित Shakti Dairy से 31 लीटर खुला गाय का दूध नष्ट किया गया। वहीं माहिम वेस्ट स्थित Rahul Milk Centre से 198 लीटर दूध नष्ट किया गया। दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुंबई के 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निलंबित FDA ने अलग-अलग निरीक्षणों में खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मुंबई के सात प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित किए हैं। इनमें शामिल हैं: FDA के अनुसार, इन प्रतिष्ठानों में गंदे किचन और ड्रेनेज सिस्टम, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण, बिना अनुमति वाले खाद्य रंगों का इस्तेमाल और कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं होने जैसी कमियां पाई गईं। नल बाजार में ₹4.22 लाख के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त 22 अक्टूबर को मुंबई के नल बाजार इलाके में FDA ने एक अन्य कार्रवाई में प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों का स्टॉक जब्त किया। यह कार्रवाई 24 वर्षीय मुक़रदाली मुलाहिज अंसारी से जुड़े एक परिसर में की गई। अधिकारियों ने यहां से करीब ₹4.22 लाख मूल्य के प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद जब्त किए और सात नमूने जांच के लिए लिए। इसके बाद 23 अक्टूबर को जे.जे. मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और Food Safety and Standards Act, 2006 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी बड़ी कार्रवाई FDA का अभियान केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहा। राज्य के विभिन्न विभागों में भी बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। कोंकण विभाग में करीब 10 टन खाद्य पदार्थ जब्त कोंकण विभाग में लगभग 9.99 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹53.55 लाख बताई गई है। इनमें मसाले, सूखे मेवे और अन्य ऐसे खाद्य उत्पाद शामिल थे, जिनकी गुणवत्ता संदिग्ध थी या जिन पर लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया गया था। वाशी स्थित APMC मार्केट में Sakhibaba Traders से करीब 1,487.6 किलो कच्ची हींग जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹22.31 लाख बताई गई है। इसके अलावा वाशी की Shree Jalaram Spices से जीरा और सरसों का स्टॉक तथा महापे के एक प्रतिष्ठान से अन्य खाद्य सामग्री जब्त की गई। छत्रपति संभाजीनगर विभाग में 26.84 टन से ज्यादा जब्ती सबसे बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री छत्रपति संभाजीनगर विभाग में जब्त की गई। यहां करीब 26.84 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹64 लाख बताई गई है। हिंगोली जिले की Ganraj Industries से कथित मिलावट के संदेह में करीब 23.7 टन हल्दी पाउडर जब्त किया गया। इसकी कीमत लगभग ₹59.50 लाख बताई गई है। पुणे में 2.11 टन खाद्य सामग्री जब्त पुणे विभाग में अधिकारियों ने करीब 2.11 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग ₹7.93 लाख थी। इनमें पुणे-पंढरपुर रोड पर परिवहन किए जा रहे करीब 1,337 किलो खोया भी शामिल था। इसके अलावा प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ अलग अभियान में पुणे में 22 अक्टूबर को छह प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस कार्रवाई में करीब ₹19.56 लाख का स्टॉक जब्त किया गया। पांच प्रतिष्ठानों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, सात लोगों को गिरफ्तार किया गया और पांच प्रतिष्ठानों को सील किया गया। FDA ने इस कार्रवाई के दौरान करीब ₹11 लाख मूल्य के दो वाहन भी जब्त किए। नासिक और नागपुर में भी कार्रवाई नासिक विभाग में करीब 4,069 किलो खाद्य पदार्थ और 62.2 लीटर घी जब्त किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹8.25 लाख है। वहीं नागपुर विभाग में चंद्रपुर जिले के एक प्रतिष्ठान से 883.3 किलो खाद्य तेल जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब ₹1.77 लाख बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह तेल दोबारा इस्तेमाल किए गए कंटेनरों में रखा गया था। नासिक विभाग में प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ अलग कार्रवाई में ₹19,090 का स्टॉक जब्त किया गया। इस मामले में एक FIR दर्ज की गई और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। FDA की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी महाराष्ट्र FDA ने कहा…
मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 32 वर्षीय शख्स गिरफ्तार
मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 32 वर्षीय शख्स गिरफ्तार महाराष्ट्र ATS की पूछताछ में पाकिस्तान कनेक्शन नहीं मिला; आरोपी पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने का आरोप मुंबई: मुंबई के महिम इलाके में महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने 32 वर्षीय एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और उसके प्रमुख मसूद अजहर से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन ग्रुपों में पोस्ट किए थे। आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है, जो महिम के एल.जे. रोड इलाके का निवासी बताया गया है। वह ऐप आधारित मोटरबाइक टैक्सी चलाता है। मामले की शुरुआती जांच महाराष्ट्र ATS ने की। हालांकि, पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच के दौरान ATS को आरोपी का कोई पाकिस्तान कनेक्शन नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर अकेले ही आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहा था। इसके बाद उसे आगे की जांच के लिए महिम पुलिस को सौंप दिया गया। पाकिस्तान कनेक्शन की सूचना के बाद ATS ने शुरू की जांच पुलिस के मुताबिक, 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र ATS को सूचना मिली थी कि महिम इलाके में रहने वाला एक व्यक्ति कथित तौर पर पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) के संपर्क में है। इस सूचना के आधार पर ATS ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके मोबाइल फोन समेत डिजिटल गतिविधियों की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल फोन में WhatsApp, Telegram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े कई ग्रुप मिले। पुलिस का आरोप है कि आरोपी इन प्लेटफॉर्म पर विभिन्न प्रकार की सामग्री पोस्ट और शेयर करता था। सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियों की जांच पुलिस के अनुसार, आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित एक पोस्ट के नीचे कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। इसके अलावा, पुलिस का आरोप है कि उसने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर से संबंधित वीडियो कई ऑनलाइन ग्रुपों में पोस्ट किए। जांच एजेंसियां अब इन पोस्ट और वीडियो के स्रोत, उनके उद्देश्य और आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही हैं। दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाली पोस्ट का आरोप स्थानीय पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया पर ऐसी कई पोस्ट भी लिखीं, जिनसे कथित तौर पर दो समुदायों के बीच तनाव या वैमनस्य पैदा हो सकता था। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने कुछ टिप्पणियों में ‘जिहाद’ का आह्वान किया था और कुछ कट्टरपंथी तथा पाकिस्तान समर्थित बताए जा रहे ऑनलाइन ग्रुपों से जुड़ा हुआ था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन ऑनलाइन गतिविधियों के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। ATS को नहीं मिला पाकिस्तान से संपर्क का सबूत मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि शुरुआती जांच के दौरान महाराष्ट्र ATS को आरोपी के किसी व्यक्ति या संगठन से पाकिस्तान में सीधे संपर्क का सबूत नहीं मिला। ATS के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अकेले ही आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहा था। पाकिस्तान से किसी संपर्क का ठोस सबूत नहीं मिलने के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय महिम पुलिस को सौंप दिया गया। अब महिम पुलिस उसके सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन ग्रुप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। BNS की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत FIR दर्ज की है। यह प्रावधान विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य या दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी द्वारा पोस्ट की गई सामग्री कितने लोगों तक पहुंची, वह किन ऑनलाइन ग्रुपों से जुड़ा था और क्या इस मामले में उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। जांच जारी, डिजिटल गतिविधियों की होगी पड़ताल फिलहाल पुलिस की जांच मुख्य रूप से आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों, उसके मोबाइल फोन में मिले डेटा और ऑनलाइन ग्रुपों पर केंद्रित है। ATS को पाकिस्तान कनेक्शन नहीं मिलने के बावजूद स्थानीय पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 3 इनोवा, 3 राज्य और 900 किमी का सफर, ऐसे मुंबई लाए गए तीनों आरोपी
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 3 इनोवा, 3 राज्य और 900 किमी का सफर, ऐसे मुंबई लाए गए तीनों आरोपी कोटा से मुंबई तक पुलिस का लंबा सफर, रास्ते में कई बार बदली गई गाड़ियां और रूट; नेपाल भागने की तैयारी में थे आरोपी मुंबई/नई दिल्ली: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन कथित आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाने के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। आरोपियों को मुंबई लाने के लिए पुलिस ने रास्ते में कई बार रूट बदला और उन्हें अलग-अलग गाड़ियों में शिफ्ट किया गया। पुलिस के मुताबिक, बिहार के रहने वाले हृतिक कुमार उर्फ रोशन (22) तथा हरियाणा के रेहान (18) और फूल सिंह (18) को सोमवार सुबह कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि इन लोगों ने रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की थी। फायरिंग में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक ऑटोरिक्शा चालक घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों द्वारा लिए जाने की बात सामने आई है। कोटा से मुंबई तक 3 इनोवा का काफिला तीनों आरोपियों को कोटा पुलिस ने मुंबई पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद उन्हें मुंबई लाने के लिए दो निजी Toyota Innova Crysta गाड़ियों से सफर शुरू किया गया। करीब 900 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान पुलिस ने आरोपियों की सुरक्षा को लेकर काफी सावधानी बरती। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे कोटा से सफर शुरू हुआ। शुरुआत में एक सफेद रंग की इनोवा में तीनों आरोपी बैठे थे, जबकि दूसरी सिल्वर रंग की इनोवा में पुलिस अधिकारी मौजूद थे। शाम करीब 6:45 बजे गुजरात के भरूच के पास दोनों गाड़ियां रुकीं। यहां आरोपियों को सफेद इनोवा से निकालकर सिल्वर रंग की इनोवा में शिफ्ट किया गया। इसके बाद दोनों गाड़ियों की रफ्तार में भी काफी अंतर देखा गया। एक गाड़ी की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे से कम कर दी गई, जबकि दूसरी गाड़ी एक्सप्रेसवे पर करीब 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ी। महाराष्ट्र पुलिस की तीसरी इनोवा भी काफिले में शामिल रात करीब 9:30 बजे महाराष्ट्र नंबर की सिल्वर रंग की एक और इनोवा इस काफिले में शामिल हुई। इस गाड़ी में सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारी मौजूद थे। इसके बाद काफिला एक रेस्टोरेंट के पास रुका। एक पुलिस अधिकारी अंदर गया, लेकिन कुछ ही देर बाद बिना कुछ ऑर्डर किए वापस बाहर आ गया। करीब 10:10 बजे वलसाड के पास एक पेट्रोल पंप पर तीनों गाड़ियां फिर एक साथ आईं। इसके बाद काफिला वापी से होते हुए करीब 10:50 बजे महाराष्ट्र में दाखिल हुआ। करीब 16 घंटे के लंबे सफर के बाद पुलिस काफिला रात लगभग 2:30 बजे मुंबई पहुंचा। मुंबई पहुंचने के बाद तीनों आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में कम से कम चार बार बदली गई कार मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यात्रा के दौरान तीनों आरोपियों को कम से कम चार बार एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सफर के दौरान आरोपियों से पूछताछ भी की। पुलिस की इस रणनीति का मकसद आरोपियों की सुरक्षा बनाए रखना और उनके भागने की किसी भी संभावना को रोकना था। जुहू में कैसे हुई थी टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग? यह घटना रविवार शाम करीब 7 बजे हुई, जब टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद वापस लौट रहे थे। टाइगर अपनी BMW की आगे वाली पैसेंजर सीट पर बैठे थे। इसी दौरान दो लोगों ने उनकी कार पर कई राउंड फायरिंग की। सामने आए वीडियो में दोनों हमलावरों द्वारा कम से कम सात गोलियां चलाने की बात सामने आई है। हमले में टाइगर श्रॉफ को कोई चोट नहीं आई। हालांकि उनके ड्राइवर और एक ऑटोरिक्शा चालक घायल हो गए। हमले के बाद टाइगर ने खुद स्थिति संभाली और घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाने के लिए कार चलाकर ले गए। बाइक से भागे थे हमलावर फायरिंग के बाद दोनों हमलावर एक बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर हमले में इस्तेमाल की गई बाइक अंधेरी इलाके में लावारिस हालत में मिली। इसके बाद आरोपी सूरत पहुंचे और वहां से जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। नेपाल भागने की थी कथित योजना जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों की कथित योजना पहले दिल्ली पहुंचने और फिर वहां से नेपाल भागने की थी। बताया जा रहा है कि सूरत से जयपुर जाने के बाद उन्हें बस के जरिए दिल्ली जाना था। इसके बाद वे नेपाल निकलने की तैयारी में थे। हालांकि पुलिस ने इससे पहले ही कोटा रेलवे स्टेशन पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब मुंबई क्राइम ब्रांच आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फायरिंग के पीछे उनका मकसद क्या था, उन्हें किसने निर्देश दिए थे और इस पूरी साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor

