महापौर ने स्पष्ट किया कि जब तक किशोरी पेडणेकर सभागृह में आकर माफी नहीं मांगतीं, तब तक सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब सदन में महापौर के सम्मान को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान सभागृह नेता गणेश खणकर ने टिप्पणी की, जिस पर जवाब देते हुए किशोरी पेडणेकर ने कहा कि “हम पर बाळासाहेब के संस्कार हैं, हमने उन्हें खरीदा नहीं है।”
इस बयान के बाद माहौल गरमा गया और पेडणेकर सदन से बाहर चली गईं। उनके इस कदम और बयान को लेकर सत्ताधारी पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
सदन में जोरदार नारेबाजी
सदन स्थगित होने के बाद दोनों पक्षों के नगरसेवकों ने एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
सत्ताधारी पक्ष के सदस्यों ने “किशोरी ताई माफी मांगो” के नारे लगाए, जबकि विपक्षी सदस्यों ने “बाळासाहेब ठाकरे जिंदाबाद” के नारे लगाकर जवाब दिया।
महापौर की कड़ी प्रतिक्रिया
महापौर रितु तावडे ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बाळासाहेब ठाकरे सभी के हैं और इस प्रकार का बयान सभागृह का अपमान है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस तरह की टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऐसा बयान दिया गया है, तो संबंधित नेता को सदन से माफी मांगनी चाहिए।
बजट सत्र पर असर
गौरतलब है कि इस समय बीएमसी के सभागृह में बजट पर चर्चा चल रही है। लेकिन इस विवाद के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है। इससे पहले भी विपक्ष ने निधि वितरण में पक्षपात का आरोप लगाकर सदन से वॉकआउट किया था।
निष्कर्ष
यह घटना मुंबई की राजनीति में बढ़ती तल्खी को दर्शाती है, जहां बयानबाजी के चलते प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या किशोरी पेडणेकर माफी मांगेंगी और सदन की कार्यवाही सामान्य हो पाएगी या नहीं।
From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time
Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato