दिल्ली रेप-मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासे: बेहोशी में भी किया दुष्कर्म, आरोपी ने लूटपाट को भी दिया अंजाम नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में आरोपी की मानसिकता, उसकी हरकतों और पूरे अपराध की साजिश को लेकर कई भयावह तथ्य उजागर हुए हैं। बेहोश होने के बाद भी किया दुष्कर्म पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय आरोपी राहुल ने घर में घुसने के बाद युवती पर हमला किया और मोबाइल चार्जिंग केबल से गला घोंटकर उसे बेहोश कर दिया। जांच में सामने आया है कि इसके बाद भी उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया, जो इस मामले को और भी गंभीर बना देता है। फिंगरप्रिंट से लॉकर खोलने की कोशिश घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को सीढ़ियों से नीचे खींचकर लॉकर वाले कमरे में ले गया। उसने बायोमेट्रिक लॉक को पीड़िता के फिंगरप्रिंट से खोलने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर लॉकर तोड़कर नकदी और जेवरात लूट लिए। इसके बाद उसने खून से सने कपड़े बदले और मौके से फरार हो गया। पहले से थी गलत नीयत, नौकरी से निकाले जाने का बदला जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले उसी घर में घरेलू सहायक के रूप में काम करता था। नौकरी से निकाले जाने के बाद उसने इसे अपमान समझा और बदले की भावना से इस वारदात की साजिश रची। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की नीयत पहले से ही पीड़िता के प्रति गलत थी और वह लंबे समय से इस अपराध की योजना बना रहा था। अलवर में भी किया था दुष्कर्म दिल्ली आने से कुछ घंटे पहले आरोपी ने Alwar में भी एक महिला के साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले में राजस्थान पुलिस ने केस दर्ज किया है और अब दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त जांच कर रही है। पूछताछ में नहीं दिखाया कोई पछतावा पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कोई पछतावा नहीं दिखाया। उसने बताया कि उसने यह अपराध पैसों के लिए किया। हालांकि कोर्ट में पेशी के दौरान उसने “गलती हो गई” कहकर अपराध स्वीकार करने जैसा बयान दिया, जिसे अदालत ने औपचारिक स्वीकारोक्ति नहीं माना। फॉरेंसिक रिपोर्ट में हिंसा की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं। डॉक्टरों के अनुसार, मौत गला घोंटने के कारण हुई और शरीर पर मिले निशान संघर्ष की ओर इशारा करते हैं। पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही पुलिस पुलिस अब आरोपी के अलवर से दिल्ली तक के पूरे सफर, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर केस को मजबूत करने में जुटी है। साथ ही चोरी हुए सामान और अन्य सबूतों की बरामदगी की कोशिश जारी है। निष्कर्ष यह मामला न सिर्फ एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह समाज और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ही आरोपी द्वारा इतनी योजनाबद्ध और क्रूर वारदात को अंजाम देना बेहद चिंताजनक है। पुलिस ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।