🚍 लाखों यात्रियों को परेशानी
बस सेवाएं ठप होने के कारण रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही बिजली विभाग के कर्मचारियों के भी हड़ताल में शामिल होने से शहर की बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
⚖️ कोर्ट के आदेश की अनदेखी
औद्योगिक न्यायालय ने 18 जून को एक अंतरिम आदेश जारी कर कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने से रोका था। इसके बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं।
🗣️ प्रशासन पर लगाया आरोप
BEST वर्कर्स जॉइंट एक्शन कमेटी के नेताओं का कहना है कि वे पिछले तीन महीनों से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण ही उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
🔍 यूनियन में मतभेद के बावजूद हड़ताल जारी
हालांकि यूनियन के कुछ गुट, जिनमें शशांक राव और भाजपा नेता प्रसाद लाड का गुट शामिल है, इस हड़ताल से अलग रहे और कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की। बावजूद इसके, बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखी।
📌 कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कॉन्ट्रैक्ट (वेट लीज) कर्मचारियों को स्थायी सेवा में शामिल करना, उन्हें ग्रेच्युटी सहित सभी मूलभूत सुविधाएं देना शामिल है। इसके अलावा BEST के अलग बजट को बीएमसी के मुख्य बजट में मिलाने, संपत्तियों के निजीकरण को रोकने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान की भी मांग की जा रही है।
🤝 बातचीत के लिए खुले दरवाजे
एक्शन कमेटी ने कहा है कि वे कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासन को भी आगे आकर समाधान निकालना चाहिए।
👉 निष्कर्ष:
BEST कर्मचारियों की यह हड़ताल मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली बस सेवा को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। अब सभी की नजरें प्रशासन और कर्मचारियों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं, जिससे इस संकट का समाधान निकल सके।
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