श्रेणी: Maharashtra New

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

मुंबई में डेंगू के मामलों में 28% बढ़ोतरी, बारिश के बीच बढ़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

मुंबई में डेंगू के मामलों में 28% बढ़ोतरी, बारिश के बीच बढ़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

मुंबई में डेंगू के मामलों में 28% बढ़ोतरी, बारिश के बीच बढ़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह गर्म और उमस भरे मौसम के साथ जगह-जगह जमा पानी बना मच्छरों के प्रजनन का कारण; डेंगू के बाद बुखार उतरने पर भी कई दिनों तक रह सकती है कमजोरी मुंबई: मुंबई में डेंगू के मामलों में पिछले साल की तुलना में करीब 28 प्रतिशत बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। गर्म और उमस भरे मौसम के साथ बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी Aedes मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शहरवासियों से मच्छरों से बचाव के साथ डेंगू के लक्षणों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। डॉक्टरों के मुताबिक, डेंगू से ठीक होने के बाद भी मरीज को तुरंत पहले जैसी ऊर्जा महसूस हो, यह जरूरी नहीं है। बुखार खत्म होने के बाद भी थकान, कमजोरी, चक्कर, कम स्टैमिना और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी कई दिनों या कुछ मामलों में कुछ हफ्तों तक रह सकती है। क्यों बढ़ रहा है मुंबई में डेंगू का खतरा? डेंगू संक्रमित Aedes मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर अक्सर घरों और आसपास मौजूद छोटे-छोटे पानी जमा होने वाले स्थानों में पनपते हैं। फूलों के गमले और उनकी ट्रे, बाल्टी, कूलर, पुराने टायर, फेंके गए कंटेनर, छत, निर्माणाधीन इमारतों और अन्य जगहों पर जमा बारिश का पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन सकता है। Zynova Shalby Hospital, Mumbai के Internal Medicine Expert डॉ. निमित्त नागड़ा के अनुसार, मुंबई में इस समय डेंगू के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। गर्म और उमस भरा मौसम Aedes मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करता है। डेंगू का खतरा किसी एक उम्र तक सीमित नहीं है। बच्चे, युवा, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग सभी संक्रमित मच्छर के काटने से डेंगू की चपेट में आ सकते हैं। बुखार उतरने के बाद भी कमजोरी क्यों? विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार खत्म होना हमेशा पूरी तरह ठीक होने का संकेत नहीं होता। डॉ. विमल जे. पाहुजा, MD (Internal Medicine), Metabolic Physician एवं Diabetologist, Dr LH Hiranandani Hospital के मुताबिक, डेंगू और मलेरिया के बाद मरीज की रिपोर्ट बेहतर होने के बावजूद कुछ समय तक काफी कमजोरी महसूस हो सकती है। डेंगू में शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया तेज हो सकती है और कई मरीजों में सफेद रक्त कोशिकाओं तथा प्लेटलेट्स में कमी देखी जाती है। गंभीर मामलों में डिहाइड्रेशन, शरीर में तरल पदार्थों का असंतुलन और कुछ अंगों पर प्रभाव भी पड़ सकता है। वहीं मलेरिया लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इनके नष्ट होने से कुछ मरीजों में एनीमिया हो सकता है, जिससे थकान और शारीरिक क्षमता कम हो सकती है। डेंगू के सामान्य लक्षण क्या हैं? डेंगू या मलेरिया के दौरान मरीजों में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिनमें शामिल हैं: बुखार खत्म होने के बाद भी कुछ मरीजों को थोड़ी दूर चलने पर थकान, पैरों में भारीपन, चक्कर, कम स्टैमिना, ध्यान लगाने में परेशानी और सामान्य काम करने में कमजोरी महसूस हो सकती है। प्लेटलेट कम होने पर घबराएं नहीं, लेकिन निगरानी जरूरी डॉक्टरों के अनुसार डेंगू में प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं, लेकिन सिर्फ एक प्लेटलेट रिपोर्ट देखकर स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जाना चाहिए। मरीज की पूरी क्लिनिकल स्थिति, हाइड्रेशन, ब्लीडिंग के लक्षण और अलग-अलग दिनों की रिपोर्ट में आ रहे बदलाव को देखना महत्वपूर्ण है। मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दोबारा रक्त जांच करानी चाहिए और रिपोर्ट देखकर खुद से दवा शुरू या बंद नहीं करनी चाहिए। किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें? डेंगू से उबर रहे मरीज को यदि निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए: विशेष रूप से डेंगू के दौरान बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए, क्योंकि कुछ दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं। मच्छरों से बचाव के लिए क्या करें? डॉक्टरों ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। इसके लिए: Aedes मच्छर दिन के समय भी काट सकते हैं, इसलिए मच्छरों से बचाव को केवल रात या शाम तक सीमित नहीं रखना चाहिए। डेंगू का शक हो तो क्या करें? तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, त्वचा पर दाने, मतली या उल्टी जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर जब इलाके में डेंगू के मामले बढ़ रहे हों। डेंगू की पुष्टि होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त तरल पदार्थ, आराम, आवश्यक जांच और मेडिकल मॉनिटरिंग की जरूरत पड़ सकती है। बुखार उतरते ही भारी व्यायाम, लंबे समय तक काम या ज्यादा शारीरिक मेहनत शुरू करना उचित नहीं है। मुंबई में डेंगू का बढ़ता खतरा शहरवासियों के लिए साफ संकेत है कि मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने के साथ-साथ संदिग्ध लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए। वहीं, डेंगू या मलेरिया से उबर रहे मरीजों को शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए पर्याप्त आराम देना चाहिए और सामान्य गतिविधियों में धीरे-धीरे लौटना चाहिए।  
अमित शाह बोले- ‘डीकोलोनाइजेशन’ का मतलब इतिहास मिटाना नहीं, भारतीय नजरिए से सच्चाई दुनिया के सामने रखना

अमित शाह बोले- ‘डीकोलोनाइजेशन’ का मतलब इतिहास मिटाना नहीं, भारतीय नजरिए से सच्चाई दुनिया के सामने रखना

अमित शाह बोले- ‘डीकोलोनाइजेशन’ का मतलब इतिहास मिटाना नहीं, भारतीय नजरिए से सच्चाई दुनिया के सामने रखना मुंबई के एशियाटिक सोसाइटी में पांडुलिपि प्रदर्शनी का उद्घाटन; शाह ने भारतीय ज्ञान, इतिहास, भाषाओं और परंपराओं के संरक्षण पर दिया जोर मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत में ‘डीकोलोनाइजेशन’ यानी उपनिवेशवाद से ज्ञान को मुक्त करने का मतलब इतिहास को मिटाना नहीं, बल्कि ऐतिहासिक सच्चाई को प्रामाणिक तरीके से भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया के सामने रखना है। शाह ने यह बात मुंबई की एशियाटिक सोसाइटी में एक पांडुलिपि प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद कही। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, इतिहास, संस्कृति, भाषाओं, पांडुलिपियों और अभिलेखों को संरक्षित करने तथा उन्हें देश और दुनिया के लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘इतिहास मिटाना नहीं, सही नजरिए से प्रस्तुत करना’ अमित शाह ने कहा कि डीकोलोनाइजेशन को इतिहास को मिटाने या अतीत को नकारने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य ऐतिहासिक तथ्यों को प्रामाणिक रूप से और भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भारत के ज्ञान और इतिहास को औपनिवेशिक नजरिए के ढांचे में देखा गया। अब आवश्यकता है कि ज्ञान को उस ढांचे से बाहर निकालकर भारतीय परंपरा और दृष्टिकोण के आधार पर व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाए। भारतीय ज्ञान और विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर शाह ने भारतीय ज्ञान परंपरा की व्यापकता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के इतिहास, परंपराओं, भाषाओं, पांडुलिपियों और अभिलेखों को संरक्षित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल इन ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों और दुनिया के लोगों तक पहुंचाना भी आवश्यक है, ताकि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा व्यापक स्तर पर सामने आ सके। औपनिवेशिक दौर में ज्ञान और सत्ता के संबंध का जिक्र अमित शाह ने ब्रिटिश शासन के दौरान ज्ञान और सत्ता के बीच बने संबंध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश व्यवस्था में ज्ञान और सत्ता आपस में जुड़े हुए थे और अब भारत ज्ञान को उस ढांचे से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डीकोलोनाइजेशन की प्रक्रिया का उद्देश्य भारतीय ज्ञान को उसके मूल संदर्भ में समझना और उसे आधुनिक दुनिया के सामने प्रामाणिक तरीके से प्रस्तुत करना है। एशियाटिक सोसाइटी में आयोजित पांडुलिपि प्रदर्शनी को इसी व्यापक विरासत और ज्ञान संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।  
जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित

जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित

जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित Govinda’s Restaurant समेत तीन फूड यूनिट्स में पानी की जांच से लेकर ड्रेनेज, कीट नियंत्रण और फूड हैंडलर्स की हाइजीन तक कई कमियां मिलीं; ISKCON ने सुधारात्मक कदम शुरू करने की बात कही मुंबई: मुंबई के जुहू स्थित ISKCON के हरे कृष्णा लैंड परिसर में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के कथित गंभीर उल्लंघन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। FDA ने परिसर में संचालित तीन रेस्टोरेंट/फूड यूनिट्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई 3 सितंबर को की गई जांच के बाद सामने आई है। FDA के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान ISKCON के Govinda’s Restaurant, Food Services Restaurant और परिसर में संचालित एक अन्य फूड प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, कीट नियंत्रण, खाद्य भंडारण और व्यक्तिगत साफ-सफाई से जुड़ी कई खामियां पाई गईं। Govinda’s Restaurant में क्या मिला? FDA की जांच टीम के अनुसार, Govinda’s Restaurant में पीने के पानी की नियमित जांच नहीं की जा रही थी। इसके अलावा, भोजन तैयार करने से पहले कच्चे खाद्य पदार्थों की उचित सफाई नहीं किए जाने की बात भी सामने आई। FDA के मुताबिक, कोल्ड स्टोरेज रूम में पानी जमा था और ड्रेनेज सिस्टम जाम मिला। ड्रेनों में ग्रीस ट्रैप और कॉकरोच ट्रैप भी नहीं थे। निरीक्षण के दौरान परिसर में कीटों के संक्रमण के संकेत मिलने की बात FDA ने कही। इसके अलावा, कुछ फूड हैंडलर्स कथित तौर पर एप्रन और दस्ताने के बिना काम करते हुए पाए गए। Food Services में भी कई गंभीर कमियां FDA के अनुसार, Food Services Restaurant में कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की उचित व्यवस्था नहीं थी। स्टोर रूम में कीटों के मल के अवशेष मिलने की बात भी FDA ने अपनी रिपोर्ट में कही। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की आवश्यक जांच नहीं किए जाने की बात सामने आई। प्रतिष्ठान और स्टोर रूम में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं थी। FDA ने यह भी बताया कि इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेल की रंग, स्वाद और उसमें तैर रहे कणों के आधार पर नियमित जांच नहीं की जा रही थी। वहीं, फूड हैंडलर्स के मेडिकल चेकअप और वैक्सीनेशन से जुड़े रिकॉर्ड/प्रक्रिया में भी कमियां पाई गईं। तीसरे फूड प्रतिष्ठान में भी खामियां परिसर में संचालित एक अन्य फूड यूनिट में भी FDA टीम ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां दर्ज कीं। इनमें सैनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य भंडारण, उपकरणों के रखरखाव, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और रिकॉर्ड मैनेजमेंट से जुड़ी खामियां शामिल थीं। ISKCON ने क्या कहा? FDA की कार्रवाई के बाद ISKCON Juhu ने बयान जारी कर कहा कि 3 सितंबर को उनकी किचन और फूड ऑपरेशंस का निरीक्षण किया गया था। संगठन के मुताबिक, FDA ने मौजूदा अनुपालन स्तर को 70 प्रतिशत आंका और कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत बताई। ISKCON ने कहा कि उसके प्रतिनिधि FDA के साथ संपर्क में हैं और अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार आवश्यक सुधारात्मक कदम शुरू कर दिए गए हैं। संगठन ने यह भी कहा कि भक्तों और मेहमानों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य उसकी प्राथमिकता है। ISKCON Juhu के अनुसार, जब तक आवश्यक सुधार पूरे नहीं हो जाते और सभी खाद्य सुरक्षा एवं नियामकीय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक जुहू परिसर की किचन गतिविधियां बंद रहेंगी। फिलहाल FDA की कार्रवाई के बाद तीनों फूड यूनिट्स में संचालन बंद है और आगे की प्रक्रिया संबंधित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर निर्भर करेगी।  
नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप

नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप

नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप विशेष शाखा में तैनात ASI पांडुरंग निंबा पाटील का शव रबाले की लॉज में मिला; पुलिस ने नोट और सोशल मीडिया वीडियो की जांच शुरू की नवी मुंबई: नवी मुंबई पुलिस विभाग की विशेष शाखा में तैनात सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (ASI) पांडुरंग निंबा पाटील की शनिवार, 5 सितंबर की शाम रबाले स्थित एक लॉज में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम ने शव बरामद किया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, ASI पाटील ने कथित तौर पर एक नोट और सोशल मीडिया पर एक वीडियो छोड़ा है। इनमें उन्होंने पुलिस विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित मानसिक प्रताड़ना और परेशान करने के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में पाटील ने नवी मुंबई पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे से मामले में न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। वहीं, कथित नोट में उन्होंने एक DCP, वायरलेस विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त और एक हेड क्लर्क सहित कुछ अधिकारियों एवं सहकर्मियों पर उन्हें लगातार परेशान करने और मानसिक तनाव देने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नोट और वीडियो में लगाए गए आरोपों समेत पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। सीनियर PI देविदास काथले ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही, नोट और वीडियो में किए गए दावों की सच्चाई तथा घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ASI पाटील की मौत से पहले किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले में आगे की जानकारी और पुलिस जांच का इंतजार है। जरूरी सूचना: अगर आप या आपका कोई परिचित आत्महत्या के विचारों या गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो अकेले न रहें और तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। भारत में Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 और Sneha Suicide Prevention Helpline 044-24640050 से सहायता ली जा सकती है।  
‘भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ मुंबई पुलिस से कुणाल कामरा का सवाल, वापसी शो से पहले बढ़ी हलचल

‘भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ मुंबई पुलिस से कुणाल कामरा का सवाल, वापसी शो से पहले बढ़ी हलचल

‘भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ मुंबई पुलिस से कुणाल कामरा का सवाल, वापसी शो से पहले बढ़ी हलचल कॉमेडियन ने पूछा—अगर 40-50 लोग शो रोकने पहुंचें तो क्या पुलिस उन्हें रोकने देगी? कहा, कार्यक्रम बंद कमरे में कानून के मुताबिक होगा मुंबई: स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने मुंबई में अपने आगामी कॉमेडी शो को लेकर मुंबई पुलिस से सीधे सवाल किया है। कामरा ने पूछा कि अगर कुछ लोग उनके कार्यक्रम को रोकने या बाधित करने के लिए भीड़ के रूप में पहुंचते हैं, तो क्या पुलिस कानून-व्यवस्था के पक्ष में खड़ी होगी या प्रदर्शनकारियों को शो रोकने की अनुमति दी जाएगी। कामरा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुंबई पुलिस को टैग करते हुए कहा कि उनका प्रस्तावित कार्यक्रम बंद परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा, जहां करीब 100 सहमति देने वाले वयस्क दर्शक मौजूद होंगे। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम सभी लागू कानूनों और नियमों के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। ‘क्या आप भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ कामरा ने मुंबई पुलिस की जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए अपने पोस्ट में तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध रोकने और ट्रैफिक संभालने जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। इसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 40-50 लोग शो को रद्द कराने या बाधित करने के लिए पहुंचते हैं, या कार्यक्रम स्थल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, तो क्या उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी। कामरा का सवाल था कि ऐसी स्थिति में पुलिस “भीड़ के साथ होगी या कानून के साथ?” उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रदर्शन करने वालों को शो रोकने का अधिकार मिल जाएगा। 2025 के ‘नया भारत’ शो के बाद हुआ था विवाद कुणाल कामरा का मुंबई में पिछला बड़ा स्टैंड-अप कार्यक्रम 2025 में खार स्थित द हैबिटैट कॉमेडी क्लब में ‘नया भारत’ शो था। शो की कुछ क्लिप सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। कार्यक्रम में कामरा ने फिल्म दिल तो पागल है के एक लोकप्रिय गीत की पैरोडी करते हुए महाराष्ट्र के तत्कालीन राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी की थी और एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया था। उन्होंने शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हुए राजनीतिक विभाजन को लेकर भी मजाक किया था। इसके बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं के विरोध की खबरें सामने आई थीं। प्रदर्शन के दौरान कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ हुई थी और बाद में उस इमारत को लेकर BMC की कार्रवाई भी हुई थी। BJP MLC की ओर से विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव कामरा को इस विवाद के सिलसिले में BJP MLC प्रवीण दरेकर की ओर से लाए गए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का भी सामना करना पड़ रहा है। अब मुंबई में दोबारा स्टैंड-अप करने की उनकी इच्छा ने पुराने विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। कामरा का कहना है कि उनका अगला शो कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा। ऐसे में अब उनकी नजर मुंबई पुलिस की प्रतिक्रिया पर है और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर पुलिस की ओर से क्या सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्था की जाती है।  
मुंबई में दही हांडी का जश्न पड़ा भारी: 7 साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल

मुंबई में दही हांडी का जश्न पड़ा भारी: 7 साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल

मुंबई में दही हांडी का जश्न पड़ा भारी: 7 साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल मालवणी में ईंटों का खंभा गिरने से मासूम की जान गई; मानव पिरामिड के दौरान घायल हुए सैकड़ों गोविंदा, 53 अब भी अस्पताल में भर्ती मुंबई: जन्माष्टमी के मौके पर शनिवार को मुंबई और महाराष्ट्र में दही हांडी का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया गया, लेकिन मुंबई में यह जश्न कई परिवारों के लिए दर्दनाक याद बन गया। दही हांडी समारोह के दौरान एक 7 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि 376 गोविंदा घायल हो गए। यह जानकारी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों ने रविवार को दी। दही हांडी के दौरान गोविंदा पथक कई स्तरों वाला मानव पिरामिड बनाकर हवा में लटकाई गई दही से भरी मिट्टी की हांडी फोड़ते हैं। इस दौरान ऊंचाई से गिरने और चोट लगने की घटनाएं सामने आती हैं। मालवणी में ईंटों का खंभा गिरने से मासूम की मौत सबसे दर्दनाक घटना मुंबई के मालवणी इलाके के चिकुवाड़ी स्थित एकता वेलफेयर सोसायटी में हुई। शनिवार दोपहर कुछ बच्चे अपने स्तर पर दही हांडी का आयोजन कर रहे थे। इसी दौरान एक ईंटों का खंभा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में 7 वर्षीय बच्चा आ गया। हादसे में बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। मुंबई में 376 गोविंदा घायल BMC के मुताबिक, दही हांडी समारोह के दौरान कुल 376 गोविंदाओं को चोटें आईं। सबसे ज्यादा घायल गोविंदाओं को मुंबई के द्वीप शहर के अस्पतालों में इलाज के लिए लाया गया, जहां 183 मामले सामने आए। इसके बाद पश्चिमी उपनगरों में 126 और पूर्वी उपनगरों में 62 गोविंदाओं के घायल होने की जानकारी सामने आई। घायलों में से 53 लोग फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 37 अन्य का भी इलाज चल रहा है। वहीं, 286 घायलों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। KEM अस्पताल में सबसे ज्यादा घायल पहुंचे BMC के आंकड़ों के अनुसार, परेल के KEM अस्पताल में सबसे ज्यादा 76 घायल गोविंदाओं का इलाज किया गया। इसके बाद: दही हांडी के दौरान मानव पिरामिड बनाते समय संतुलन बिगड़ने और गिरने की वजह से कई गोविंदाओं को चोटें आईं। उत्सव के बीच सुरक्षा पर फिर उठे सवाल दही हांडी मुंबई की सांस्कृतिक पहचान और जन्माष्टमी के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में गोविंदा पथक इसमें हिस्सा लेते हैं। हालांकि, ऊंचे मानव पिरामिड और भीड़ के बीच होने वाली गतिविधियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इस बार एक मासूम की मौत और सैकड़ों गोविंदाओं के घायल होने की घटना ने उत्सव के दौरान सुरक्षा इंतजामों और सावधानी की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। BMC अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और बड़ी संख्या में लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।  
मुंबई में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल, 21 को इलाज के बाद मिली छुट्टी

मुंबई में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल, 21 को इलाज के बाद मिली छुट्टी

मुंबई में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल, 21 को इलाज के बाद मिली छुट्टी मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने के दौरान हादसे; पश्चिमी उपनगर का एक गोविंदा अब भी अस्पताल में भर्ती मुंबई: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में दही हांडी उत्सव पूरे उत्साह और पारंपरिक उमंग के साथ मनाया गया। मुंबई में दही हांडी फोड़ने के लिए बनाए गए बहुस्तरीय मानव पिरामिड के दौरान कुल 22 गोविंदा घायल हुए हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई शहर में घायल हुए 20 गोविंदाओं को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। वहीं, मुंबई के पूर्वी उपनगर में घायल हुए एक गोविंदा को भी इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। पश्चिमी उपनगर में घायल एक अन्य गोविंदा का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मानव पिरामिड बनाकर फोड़ी जाती है दही हांडी दही हांडी उत्सव के दौरान गोविंदा पथक एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर कई स्तरों वाला मानव पिरामिड बनाते हैं। इसके बाद सबसे ऊपर पहुंचने वाला गोविंदा हवा में लटकाई गई दही से भरी मिट्टी की हांडी को फोड़ता है। मानव पिरामिड बनाते समय संतुलन बिगड़ने या ऊंचाई से गिरने के कारण चोट लगने का खतरा रहता है। इसे देखते हुए इस बार भी प्रशासन और अस्पतालों की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। BMC ने अस्पतालों में किए विशेष इंतजाम दही हांडी उत्सव को देखते हुए BMC ने गोविंदाओं के इलाज के लिए व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की थी। नगर निकाय के मुताबिक, 16 उपनगरीय नागरिक अस्पतालों के अलावा सायन स्थित लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल जनरल हॉस्पिटल, परेल का KEM अस्पताल और मुंबई सेंट्रल का नायर अस्पताल में 100 से अधिक बेड तैयार रखे गए थे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य दही हांडी के दौरान घायल होने वाले गोविंदाओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर उतरने को देखते हुए मुंबई पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया, ताकि दही हांडी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। फिलहाल सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, घायल हुए 22 गोविंदाओं में से 21 को उपचार के बाद छुट्टी मिल चुकी है, जबकि एक गोविंदा का अस्पताल में इलाज जारी है।  
विकासकामों पर ग्रामसभा में बवाल! 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को जड़ा थप्पड़

विकासकामों पर ग्रामसभा में बवाल! 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को जड़ा थप्पड़

विकासकामों पर ग्रामसभा में बवाल! 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को जड़ा थप्पड़ लातूर: गांव में विकास कार्यों को लेकर चल रही चर्चा के दौरान लातूर तालुका के एकुर्गा गांव में ग्रामसभा में जमकर हंगामा हो गया। कथित तौर पर विकास कार्यों से नाराज 70 वर्षीय एक ग्रामीण ने ग्राम पंचायत सदस्य को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद कुछ देर तक ग्रामसभा में तनाव का माहौल बना रहा। एकुर्गा में गांव की समस्याओं और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर ग्रामसभा आयोजित की गई थी। बैठक में अधूरे और लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को लेकर एक 70 वर्षीय ग्रामीण ने अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीण ने ग्राम पंचायत सदस्य से सवाल करते हुए कहा, “अगर गांव का विकास नहीं करना है, तो पद क्यों लेते हैं?” इस सवाल के बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि बहस के दौरान गुस्से में आए बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को थप्पड़ मार दिया। अचानक हुई इस घटना से ग्रामसभा में अफरा-तफरी मच गई। मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। घटना के बाद पूरे गांव में इसकी चर्चा होने लगी। बताया जा रहा है कि ग्रामसभा में हुए इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गांव के विकास कार्यों को लेकर शुरू हुई बहस का इस तरह विवाद और मारपीट में बदलना चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आना बाकी है।
नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख

नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख

नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख नवी मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और नवी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तुर्भे के TTC इंडस्ट्रियल एरिया में एक गोदाम पर कार्रवाई कर कथित तौर पर एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों को दोबारा पैक कर उनकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डिटेल बदलने वाले रैकेट का खुलासा किया है। 24 से 29 अगस्त के बीच की गई कार्रवाई में 8,442 कार्टन संदिग्ध रूप से बदले गए खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹75.52 लाख बताई गई है। कार्रवाई साधना एंटरप्राइजेज के गोदाम में की गई। अधिकारियों के अनुसार, यहां एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों पर मौजूद मूल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी जानकारी को हटाकर नई जानकारी चिपकाने का कथित काम किया जा रहा था। इसके लिए इंकजेट प्रिंटर, केमिकल थिनर और विशेष रूप से तैयार किए गए स्टिकर बरामद किए गए। Lay’s, Kurkure और Maggi समेत कई उत्पाद जब्त जांच के दौरान कई लोकप्रिय ब्रांडों के खाद्य एवं पेय पदार्थ मिले। जब्त सामान में Lay’s, Kurkure, Fun Flips, Bingo Mad Angles, Maggi Masala Noodles, Maggi Atta Noodles और Knorr Mushroom Soup शामिल हैं। इसके अलावा Rasoi ब्रांड के Amritsari Paneer Tikka Masala, Dum Aloo और Dal Makhni जैसे रेडी-टू-ईट उत्पाद भी बरामद किए गए। अधिकारियों ने Thums Up, Limca और Hellmann’s Mayonnaise के उत्पाद भी जब्त किए हैं। घरेलू बाजार और एक्सपोर्ट तक पहुंचने का आरोप अधिकारियों को आशंका है कि बदले गए खाद्य उत्पादों को घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात के लिए भी सप्लाई किया जा रहा था। मामले की जांच अब कथित वितरण नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। FDA अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई, नोएडा और दिल्ली में काम करने वाली करीब 10 एक्सपोर्ट कंपनियों से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि ऐसे उत्पादों की सप्लाई कहां-कहां की गई और इस नेटवर्क में कितनी अन्य कंपनियां या लोग शामिल हैं। FIR दर्ज, कंपनी का लाइसेंस निलंबित मामले में तुर्भे पुलिस स्टेशन में Food Safety and Standards Act, 2006 और Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। कार्रवाई के बाद Sadhana Enterprises का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और वितरण नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों एवं कंपनियों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है। फिलहाल जांच जारी है और जब्त किए गए उत्पादों तथा कथित हेराफेरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।  
30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता मुंबई: नेपाल में अचानक आई बाढ़ और खराब मौसम के बीच कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया भारतीय श्रद्धालुओं का एक समूह संपर्क से बाहर हो गया है। लापता लोगों में मुंबई के जाने-माने पर्वतारोही और डॉक्टर डॉ. मिलिंद पी. चितले भी शामिल हैं। उनके साथ उनकी पत्नी जान्हवी चितले और करीब 40 यात्रियों का समूह भी लापता बताया जा रहा है। डॉ. चितले के लिए चिकित्सा केवल पेशा था, जबकि पर्वतारोहण उनका जुनून बन गया था। उन्होंने वर्ष 1983 में ग्रांट मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। हालांकि, पहाड़ों और साहसिक अभियानों के प्रति बढ़ते आकर्षण के कारण उन्होंने मेडिकल प्रैक्टिस छोड़कर अपना जीवन पर्वतारोहण को समर्पित कर दिया। वर्ष 1997 में उन्होंने Hills and Trails नाम की मुंबई स्थित एडवेंचर कंपनी की सह-स्थापना की। इसके जरिए उन्होंने पिछले तीन दशकों में सैकड़ों लोगों को हिमालय, लद्दाख और पश्चिमी घाटों में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और धार्मिक यात्राओं पर ले जाया। डॉ. चितले का पर्वतारोहण अनुभव बेहद व्यापक रहा है। उन्होंने हिमालय की 3,000 से अधिक ट्रेल्स और अभियानों में हिस्सा लिया और कंचनजंगा पर 23,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक चढ़ाई की। वह 1997 के एवरेस्ट अभियान की आयोजन समिति का हिस्सा भी रहे। इसके अलावा उन्होंने 8,000 मीटर से अधिक ऊंचे पर्वत पर पहले भारतीय नागरिक अभियान में क्लाइम्बिंग डॉक्टर के रूप में भी काम किया। पर्वतीय सुरक्षा, रेस्क्यू तकनीक और फर्स्ट एड को लेकर उन्होंने कई प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित कीं। उन्होंने माउंटेन फर्स्ट एड और रेस्क्यू पर एक पुस्तक भी लिखी। पर्वतारोहण में योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2005 में गिरिमित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कैलाश-मानसरोवर यात्रा डॉ. चितले के लिए कोई नया अनुभव नहीं था। करीबी लोगों के मुताबिक, वह इस यात्रा को 25 से अधिक बार कर चुके थे। आमतौर पर वह ऐसी यात्राओं पर अकेले जाते थे, लेकिन इस बार उनकी पत्नी जान्हवी भी उनके साथ थीं। करीब 40 यात्रियों का समूह संपर्क से बाहर Hills and Trails के माध्यम से यह समूह 23 अगस्त को यात्रा पर निकला था और 6 सितंबर को लौटने वाला था। यात्रा का संचालन नेपाल की Richa Tours and Travels के साथ मिलकर किया जा रहा था। लापता यात्रियों में मुंबई की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री देशपांडे और उनके पति डॉ. आनंद देशपांडे भी शामिल हैं। इसके अलावा 68 वर्षीय सुनील एस. सुबेदार और 64 वर्षीय चेतना गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नागरिकों के भी संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। डॉ. गायत्री देशपांडे के परिवार के मुताबिक, उन्होंने दंपति से आखिरी बार रविवार को बात की थी। परिवार ने इसके बाद कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका। वहीं, सुनील सुबेदार के बेटे स्वानंद ने बताया कि उन्होंने अपने पिता से 26 अगस्त को आखिरी बार बात की थी। उस समय वह तिमुरे में थे और कैलाश-मानसरोवर यात्रा के अगले चरण के लिए चीन की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। चेतना गुप्ता भी इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थीं। उनके पति आनंद गुप्ता के मुताबिक, उन्होंने उन्हें भी यात्रा में साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन अधिक ऊंचाई और कम ऑक्सीजन को लेकर चिंता के कारण उन्होंने यात्रा नहीं की। परिवार के तीन सदस्य अब काठमांडू पहुंचकर चेतना गुप्ता और अन्य लापता यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद कई भारतीय यात्रियों के संपर्क से बाहर होने की खबरों ने उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल परिजन और संबंधित एजेंसियां लापता यात्रियों की जानकारी और सुरक्षित वापसी की उम्मीद में लगातार प्रयास कर रहे हैं।  

Recent News

Undercover Editor

From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time

 

Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato