फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी

क्रेडिट कार्ड, विदेश में नौकरी और KYC के नाम पर बनाया निशाना; फर्जी कस्टमर केयर कॉल और WhatsApp लिंक के जरिए खाते से उड़ाए लाखों रुपये

मुंबई: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिखने वाले विज्ञापनों और पोस्ट के जरिए साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मुंबई में ऐसे ही तीन अलग-अलग मामलों में एक कारोबारी, एक होटल कर्मचारी और एक सेल्समैन साइबर ठगों के जाल में फंस गए। तीनों मामलों में पीड़ितों से कुल 7.55 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई। पुलिस ने संबंधित मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक विज्ञापन के जरिए कारोबारी से 3.34 लाख की ठगी

अंधेरी निवासी 58 वर्षीय कारोबारी केतन शाह ने फेसबुक पर HSBC क्रेडिट कार्ड से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। क्रेडिट कार्ड में रुचि होने के कारण उन्होंने विज्ञापन में अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किया।

इसके बाद 14 अगस्त को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को राहुल बताते हुए HSBC का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताया। कथित तौर पर आरोपी ने केतन शाह को एक लिंक भेजा और उनके मौजूदा बैंक कार्ड से जुड़ी जानकारी भरने के लिए कहा।

शाह ने अपने IndusInd Bank और ICICI Bank कार्ड से संबंधित जानकारी दर्ज कर दी। इसके कुछ ही मिनटों के भीतर उनके IndusInd Bank खाते से 3,34,534 रुपये निकाल लिए गए।

लेनदेन के दौरान उनका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया। फोन दोबारा चालू करने पर उन्हें बैंक ट्रांजैक्शन के अलर्ट मिले। इसके बाद उन्होंने तुरंत कार्ड ब्लॉक कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

विदेश में नौकरी का झांसा, वेटर से 2.41 लाख ऐंठे

दूसरे मामले में मुंबई के एक होटल में काम करने वाले रमेश सिंह आनंद सिंह असनाल विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सेलिब्रिटी शेफ शुभम रावत के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट दिखाई दी।

नौकरी की उम्मीद में असनाल ने पोस्ट के कमेंट सेक्शन में अपना मोबाइल नंबर साझा कर दिया। 27 अगस्त को उन्हें WhatsApp पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम सोहन भंडारी बताया। आरोपी ने दावा किया कि शेफ शुभम रावत ने उनका नंबर उसे दिया है और दुबई में उनके लिए नौकरी की व्यवस्था की गई है।

इसके बाद आरोपी ने वीजा प्रक्रिया, मेडिकल टेस्ट और ऑफर लेटर के नाम पर पैसे मांगे। भरोसा करके असनाल ने 27 अगस्त से 3 सितंबर के बीच सात दिनों में 18 अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए और कुल 2,41,200 रुपये भेज दिए।

जब न तो नौकरी का ऑफर मिला और न ही आरोपी से आगे संपर्क हो पाया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पुलिस की जांच में सामने आया कि शेफ शुभम रावत का इस मामले से कोई संबंध नहीं था। आरोप है कि ठगों ने भरोसा जीतने के लिए उनके प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया था।

इस मामले में पुलिस ने सोहन भंडारी के नाम से कथित तौर पर बात करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Instagram विज्ञापन के बाद सेल्समैन के क्रेडिट कार्ड से 1.80 लाख निकले

तीसरे मामले में मॉल में काम करने वाले सेल्समैन सलीम इब्राहिम पटेल को Instagram पर ICICI Bank क्रेडिट कार्ड का विज्ञापन दिखाई दिया। क्रेडिट कार्ड की जरूरत होने के कारण उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया।

अगली सुबह उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को ICICI क्रेडिट कार्ड विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इसके बाद कथित आरोपी ने WhatsApp पर “ICICI CREDIT CARD.apk” नाम की एक फाइल भेजी और उसे खोलकर PAN कार्ड तथा मौजूदा SBI क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने के लिए कहा।

पटेल ने निर्देशों का पालन करते हुए जानकारी दर्ज कर दी। कुछ ही मिनटों बाद उनके SBI क्रेडिट कार्ड से दो ट्रांजैक्शन हुए और कुल 1,80,000 रुपये डेबिट हो गए।

ठगी का पता चलते ही पटेल ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की तकनीकी जांच कर रही है।

सोशल मीडिया विज्ञापन बना साइबर ठगों का नया हथियार

इन तीनों मामलों में ठगी का तरीका अलग-अलग था, लेकिन सोशल मीडिया इसका अहम माध्यम बना। कहीं क्रेडिट कार्ड का विज्ञापन दिखाकर बैंकिंग जानकारी हासिल की गई, तो कहीं सोशल मीडिया पर नौकरी तलाश रहे व्यक्ति को विदेश में नौकरी का झांसा दिया गया।

पुलिस की ओर से लोगों को सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया विज्ञापनों पर क्लिक करने से पहले उनकी सत्यता जांचें और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक कार्ड, KYC, OTP, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। WhatsApp पर भेजी गई अज्ञात APK या अन्य ऐप फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से भी बचें।

पुलिस तीनों मामलों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, लिंक और बैंक खातों की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच जारी है।

 

Undercover Editor

From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time

 

Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato