मुंबई में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क पर ANC की कार्रवाई, ₹2.53 करोड़ की 9,800 गोलियां जब्त

मुंबई में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क पर ANC की कार्रवाई, ₹2.53 करोड़ की 9,800 गोलियां जब्त

मुंबई: मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने शहर में Psychotropic Drugs की कथित अवैध बिक्री और वितरण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवंडी इलाके से करीब ₹2.53 करोड़ कीमत की 9,800 गोलियां बरामद की हैं। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई गोवंडी के डॉ. जाकिर हुसैन नगर इलाके में एक आवासीय परिसर में की गई। ANC की वर्ली यूनिट को कथित तौर पर नशीली और प्रतिबंधित ‘बटन’ गोलियों की अवैध बिक्री की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी की।

₹1.98 करोड़ की Nitrazepam गोलियां बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 4,500 Nitrazepam टैबलेट बरामद कीं। ये गोलियां NITCOR-10 ब्रांड नाम से बताई गई हैं।

पुलिस के अनुसार, जब्त Nitrazepam का कुल वजन करीब 2.475 किलोग्राम था और इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1.98 करोड़ बताई गई है।

Nitrazepam एक Psychotropic substance है और इसके अनधिकृत कब्जे, बिक्री तथा वितरण पर NDPS Act के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

Alprazolam की 5,300 गोलियां भी मिलीं

कार्रवाई के दौरान ANC टीम को Alprazolam की 5,300 टैबलेट भी बरामद हुईं। ये PROCALM-1 ब्रांड नाम से बताई गई हैं।

पुलिस के अनुसार, इन गोलियों का कुल वजन करीब 689 ग्राम है और इनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹55.12 लाख है।

इस तरह Nitrazepam और Alprazolam को मिलाकर कुल 9,800 टैबलेट बरामद हुईं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹2.53 करोड़ से अधिक बताई गई है।

NDPS Act के तहत मामला दर्ज

बरामदगी के बाद पुलिस ने Deonar Police Station में मामला दर्ज किया है। मामले में Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (NDPS) Act, 1985 की धारा 8(c) और 22(c) के तहत कार्रवाई की गई है।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद गोलियां आरोपी तक कहां से पहुंचीं और इन्हें आगे किसे सप्लाई किया जाना था।

सप्लाई नेटवर्क की तलाश में पुलिस

पुलिस जांच का दायरा केवल बरामद गोलियों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित ड्रग सप्लाई नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है:

  • Psychotropic Tablets की सप्लाई कहां से हुई?
  • इन गोलियों को किसे और किस इलाके में पहुंचाया जाना था?
  • क्या इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क सक्रिय है?
  • आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं?
  • दवाओं की खरीद और वितरण के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल किया जा रहा था?

पुलिस बरामद सामग्री, संभावित संपर्कों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई

मुंबई पुलिस के मुताबिक, पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।

ऑपरेशन की निगरानी मुंबई पुलिस आयुक्त दीन भारती, Joint Commissioner of Police (Crime) अनिल कुंभारे, Additional Commissioner of Police (Crime) कृष्णकांत उपाध्याय और DCP (ANC) पौर्णिमा चौगुले-शृंगी के मार्गदर्शन में हुई।

वर्ली यूनिट के प्रभारी PI संतोष सालुंखे के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। टीम में PI दिगंबर पाटील, PSI रोहित साली सहित ANC के अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

अब आगे क्या?

₹2.53 करोड़ से अधिक कीमत की Psychotropic Tablets की इस बरामदगी के बाद मुंबई पुलिस की जांच अब कथित सप्लाई चेन तक पहुंचने पर केंद्रित है।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद दवाओं का स्रोत क्या था, इनके संभावित खरीदार कौन थे और इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

 

Undercover Editor

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