शिवाजी पार्क प्रदर्शन मामले में आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे समेत 25 लोगों पर FIR, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के बाद मुंबई पुलिस की कार्रवाई

शिवाजी पार्क प्रदर्शन मामले में आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे समेत 25 लोगों पर FIR, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के बाद मुंबई पुलिस की कार्रवाई

मुंबई: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करने के मामले में 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे के नाम भी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, यह प्रदर्शन उन लोगों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में किया गया था, जो चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आवाज उठा रहे थे। मामले में पुलिस ने गैरकानूनी जमावड़े और प्रतिबंधात्मक आदेशों के कथित उल्लंघन से संबंधित धाराएं लगाई हैं।

FIR में कई राजनीतिक नेताओं के नाम

इस मामले में आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे के अलावा मनसे नेता एस. संदीप देशपांडे तथा शिवसेना (UBT) के नेताओं वरुण सरदेसाई और महेश सावंत के नाम भी FIR में शामिल बताए गए हैं।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2) के साथ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 37(3) और 135 के तहत मामला दर्ज किया है। ये प्रावधान कथित गैरकानूनी जमावड़े और लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन से संबंधित हैं।

FIR दर्ज होने का अर्थ अपने आप में आरोप साबित होना नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के दौरान तथ्यों की पुष्टि की जाएगी।

मतदाता सूची के SIR को लेकर विरोध

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए थे।

आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे ने रविवार को प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार का मुद्दा उठाया।

आदित्य ठाकरे ने BJP पर साधा निशाना

प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सड़क पर उतरकर विरोध करने वाले नागरिकों से डरती है।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकार देशभक्त नागरिकों को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है। उन्होंने एकनाथ शिंदे और भाजपा के साथ गए नेताओं को लेकर भी सवाल उठाए।

उनके बयान पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

4 अक्टूबर के मार्च को लेकर भी दर्ज हुई थी FIR

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब मुंबई पुलिस ने 4 अक्टूबर को मनसे और शिवसेना (UBT) की ओर से निकाले गए संयुक्त मार्च के आयोजकों के खिलाफ भी अलग FIR दर्ज की थी।

यह मामला आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, दक्षिण मुंबई में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों के बीच कथित तौर पर आवश्यक पुलिस अनुमति के बिना बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मुख्यालय की ओर मार्च निकाला गया था।

इस मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और मतदाता सूची के SIR में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे थे।

राजनीतिक टकराव के बीच बढ़ी हलचल

मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विरोध प्रदर्शनों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक ओर विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस ने प्रदर्शनों के दौरान नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्रवाई की है।

अब इस मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

 

Undercover Editor

From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time

 

Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato