नई दिल्ली:
दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लेहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने एहतियाती हिरासत में लिया है, जबकि अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, अभिजीत दीपके को शुक्रवार शाम मार्च में शामिल होने के लिए निकलते समय झंडेवालान, करोल बाग इलाके में हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि दीपके को शनिवार को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत के सामने पेश किया जाएगा।
मार्च से पहले हिरासत में लिए गए दीपके
पुलिस के मुताबिक, दीपके जिस स्थान पर ठहरे हुए थे, वहां से निकलकर सेंट्रल पार्क की ओर मार्च में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
यह पहली बार नहीं है जब CJP से जुड़े नेताओं पर प्रदर्शन से पहले कार्रवाई हुई है। इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचने के दौरान विमान से हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें शांति भंग न करने के बांड पर रिहा किया गया था।
सौरव दास और आशुतोष रांका तिहाड़ जेल में
पुलिस के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका को इस सप्ताह जंतर-मंतर पहुंचने और राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रदर्शन करने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया। उन पर बांड की शर्तों के उल्लंघन, अतिक्रमण और सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने सहित आरोप लगाए गए हैं। दोनों फिलहाल तिहाड़ जेल में हैं।
CJP के एक अन्य सदस्य अजिंक्य शिंदे को शांति बनाए रखने के लिए बांड पर पाबंद किया गया है।
नेहा बोरा की हिरासत के बाद रिहाई
इस बीच AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, उन्हें दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत की गई कार्रवाई से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया।
हालांकि, AISA ने आरोप लगाया कि हिरासत के बाद नेहा बोरा को करीब पांच घंटे तक दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया और बाद में आर.के. पुरम पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया। संगठन का यह भी दावा है कि देर रात थाने पहुंचे वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
SIR और CEC के खिलाफ जारी है विरोध
नेहा बोरा की रिहाई के बाद AISA और अन्य विपक्षी संगठनों की ओर से विरोध जारी रहने की बात कही गई। CPI(ML) से जुड़े और पूर्व AISA नेता एन. साई बालाजी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने का आंदोलन जारी रहेगा।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना अभी बाकी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि निवारक कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
Undercover Editor News Channel | Mahesh Rathod, Editor
From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time
Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato