Category: CRIME

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हैदराबाद में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत, शादी को लेकर सहकर्मी से देर रात हुई थी वीडियो कॉल

हैदराबाद में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत, शादी को लेकर सहकर्मी से देर रात हुई थी वीडियो कॉल

हैदराबाद में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत, शादी को लेकर सहकर्मी से देर रात हुई थी वीडियो कॉल चार साल से सहकर्मी के साथ रिश्ते में थी महिला; पुलिस ने मामला दर्ज कर परिस्थितियों की जांच शुरू की हैदराबाद: हैदराबाद में एक 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है। महिला अपने फ्लैट में मृत पाई गईं। पुलिस के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपने एक सहकर्मी को देर रात वीडियो कॉल किया था और शादी को लेकर दोनों के बीच बातचीत हुई थी। मृतका की पहचान अर्चना चौधरी मलिक के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं और हैदराबाद में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सीनियर एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं। पुलिस के अनुसार, अर्चना पिछले करीब चार वर्षों से अपने एक सहकर्मी के साथ रिश्ते में थीं। वह व्यक्ति उत्तराखंड का रहने वाला बताया गया है। देर रात 2:30 बजे हुई वीडियो कॉल पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, रविवार तड़के करीब 2:30 बजे अर्चना ने अपने सहकर्मी को वीडियो कॉल किया था। उस समय वह अपनी मां के साथ एक कार्यक्रम में मौजूद था। पुलिस के अनुसार, वीडियो कॉल के दौरान अर्चना ने शादी को लेकर बातचीत की और कथित तौर पर अपनी जान देने की धमकी दी। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति पहले से तलाक की प्रक्रिया से गुजर रहा था। सुबह फ्लैट पहुंचा सहकर्मी पुलिस के मुताबिक, वीडियो कॉल के बाद वह व्यक्ति करीब सुबह 5:30 बजे अर्चना के फ्लैट पर पहुंचा। वहां पहुंचने पर फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला। इसके बाद पुलिस को Dial 112 के जरिए सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया और अर्चना को फ्लैट के अंदर मृत अवस्था में पाया। मौके पर पहुंची क्लूज टीम घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की क्लूज टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को उस्मानिया जनरल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और घटना से पहले की परिस्थितियों, वीडियो कॉल, दोनों के रिश्ते और शादी को लेकर हुई बातचीत समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और घटना से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor  
मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: 564 लीटर दूध नष्ट, 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: 564 लीटर दूध नष्ट, 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: 564 लीटर दूध नष्ट, 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर महाराष्ट्र FDA का शिकंजा; राज्यभर में ₹1.56 करोड़ का खाद्य स्टॉक जब्त या नष्ट मुंबई: खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने राज्यभर में बड़ा अभियान चलाया है। मुंबई में 23 और 24 अक्टूबर को की गई कार्रवाई के दौरान FDA अधिकारियों ने अलग-अलग डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों से संबंधित 564 लीटर दूध नष्ट किया। FDA के मुताबिक, राज्यभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान करीब 43.56 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जबकि कुल 719.2 लीटर दूध और घी जब्त या नष्ट किया गया। इन कार्रवाईयों में शामिल खाद्य सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹1.56 करोड़ बताई गई है। अभियान के दौरान संदिग्ध मिलावट, घटिया गुणवत्ता, गलत लेबलिंग, अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थ रखने और प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों की बिक्री जैसे मामलों पर कार्रवाई की गई। मुंबई की कई डेयरियों पर कार्रवाई FDA अधिकारियों ने मुंबई के गोवंडी और मानखुर्द इलाके में कई डेयरियों का निरीक्षण किया। गोवंडी स्थित Sainath Dairy & Farsan Mart से संदिग्ध घटिया गुणवत्ता वाला 45 लीटर खुला दूध नष्ट किया गया। वहीं मानखुर्द की Maharana Dairy से भी 40 लीटर दूध नष्ट किया गया। दोनों मामलों में दूध के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं और संबंधित प्रतिष्ठानों का रजिस्ट्रेशन निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मानखुर्द स्थित Agasti Milk Agency में स्वच्छता और सैनिटेशन से जुड़े नियमों का उल्लंघन मिलने के बाद लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई शुरू की गई। वहीं गोवंडी ईस्ट में Yadav Dairy के खिलाफ बिना वैध लाइसेंस कारोबार करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। एंटॉप हिल में 250 लीटर दूध नष्ट 24 अक्टूबर को FDA अधिकारियों ने एंटॉप हिल स्थित Sagar Milk Centre का निरीक्षण किया। यहां दूध को निर्धारित भंडारण नियमों का पालन किए बिना प्लास्टिक की थैलियों और डिब्बों में रखने और बेचने की बात सामने आई। FDA ने मौके पर ही 250 लीटर दूध नष्ट कर दिया। इस दूध की अनुमानित कीमत ₹11,625 बताई गई है। धारावी और माहिम में भी कार्रवाई 23 अक्टूबर को की गई अलग कार्रवाई में धारावी स्थित Shakti Dairy से 31 लीटर खुला गाय का दूध नष्ट किया गया। वहीं माहिम वेस्ट स्थित Rahul Milk Centre से 198 लीटर दूध नष्ट किया गया। दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुंबई के 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निलंबित FDA ने अलग-अलग निरीक्षणों में खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मुंबई के सात प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित किए हैं। इनमें शामिल हैं: FDA के अनुसार, इन प्रतिष्ठानों में गंदे किचन और ड्रेनेज सिस्टम, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण, बिना अनुमति वाले खाद्य रंगों का इस्तेमाल और कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं होने जैसी कमियां पाई गईं। नल बाजार में ₹4.22 लाख के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त 22 अक्टूबर को मुंबई के नल बाजार इलाके में FDA ने एक अन्य कार्रवाई में प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों का स्टॉक जब्त किया। यह कार्रवाई 24 वर्षीय मुक़रदाली मुलाहिज अंसारी से जुड़े एक परिसर में की गई। अधिकारियों ने यहां से करीब ₹4.22 लाख मूल्य के प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद जब्त किए और सात नमूने जांच के लिए लिए। इसके बाद 23 अक्टूबर को जे.जे. मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और Food Safety and Standards Act, 2006 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी बड़ी कार्रवाई FDA का अभियान केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहा। राज्य के विभिन्न विभागों में भी बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। कोंकण विभाग में करीब 10 टन खाद्य पदार्थ जब्त कोंकण विभाग में लगभग 9.99 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹53.55 लाख बताई गई है। इनमें मसाले, सूखे मेवे और अन्य ऐसे खाद्य उत्पाद शामिल थे, जिनकी गुणवत्ता संदिग्ध थी या जिन पर लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया गया था। वाशी स्थित APMC मार्केट में Sakhibaba Traders से करीब 1,487.6 किलो कच्ची हींग जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹22.31 लाख बताई गई है। इसके अलावा वाशी की Shree Jalaram Spices से जीरा और सरसों का स्टॉक तथा महापे के एक प्रतिष्ठान से अन्य खाद्य सामग्री जब्त की गई। छत्रपति संभाजीनगर विभाग में 26.84 टन से ज्यादा जब्ती सबसे बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री छत्रपति संभाजीनगर विभाग में जब्त की गई। यहां करीब 26.84 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹64 लाख बताई गई है। हिंगोली जिले की Ganraj Industries से कथित मिलावट के संदेह में करीब 23.7 टन हल्दी पाउडर जब्त किया गया। इसकी कीमत लगभग ₹59.50 लाख बताई गई है। पुणे में 2.11 टन खाद्य सामग्री जब्त पुणे विभाग में अधिकारियों ने करीब 2.11 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग ₹7.93 लाख थी। इनमें पुणे-पंढरपुर रोड पर परिवहन किए जा रहे करीब 1,337 किलो खोया भी शामिल था। इसके अलावा प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ अलग अभियान में पुणे में 22 अक्टूबर को छह प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस कार्रवाई में करीब ₹19.56 लाख का स्टॉक जब्त किया गया। पांच प्रतिष्ठानों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, सात लोगों को गिरफ्तार किया गया और पांच प्रतिष्ठानों को सील किया गया। FDA ने इस कार्रवाई के दौरान करीब ₹11 लाख मूल्य के दो वाहन भी जब्त किए। नासिक और नागपुर में भी कार्रवाई नासिक विभाग में करीब 4,069 किलो खाद्य पदार्थ और 62.2 लीटर घी जब्त किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹8.25 लाख है। वहीं नागपुर विभाग में चंद्रपुर जिले के एक प्रतिष्ठान से 883.3 किलो खाद्य तेल जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब ₹1.77 लाख बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह तेल दोबारा इस्तेमाल किए गए कंटेनरों में रखा गया था। नासिक विभाग में प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ अलग कार्रवाई में ₹19,090 का स्टॉक जब्त किया गया। इस मामले में एक FIR दर्ज की गई और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। FDA की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी महाराष्ट्र FDA ने कहा...
मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 32 वर्षीय शख्स गिरफ्तार

मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 32 वर्षीय शख्स गिरफ्तार

मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 32 वर्षीय शख्स गिरफ्तार महाराष्ट्र ATS की पूछताछ में पाकिस्तान कनेक्शन नहीं मिला; आरोपी पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने का आरोप मुंबई: मुंबई के महिम इलाके में महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने 32 वर्षीय एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और उसके प्रमुख मसूद अजहर से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन ग्रुपों में पोस्ट किए थे। आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है, जो महिम के एल.जे. रोड इलाके का निवासी बताया गया है। वह ऐप आधारित मोटरबाइक टैक्सी चलाता है। मामले की शुरुआती जांच महाराष्ट्र ATS ने की। हालांकि, पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच के दौरान ATS को आरोपी का कोई पाकिस्तान कनेक्शन नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर अकेले ही आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहा था। इसके बाद उसे आगे की जांच के लिए महिम पुलिस को सौंप दिया गया। पाकिस्तान कनेक्शन की सूचना के बाद ATS ने शुरू की जांच पुलिस के मुताबिक, 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र ATS को सूचना मिली थी कि महिम इलाके में रहने वाला एक व्यक्ति कथित तौर पर पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) के संपर्क में है। इस सूचना के आधार पर ATS ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके मोबाइल फोन समेत डिजिटल गतिविधियों की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल फोन में WhatsApp, Telegram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े कई ग्रुप मिले। पुलिस का आरोप है कि आरोपी इन प्लेटफॉर्म पर विभिन्न प्रकार की सामग्री पोस्ट और शेयर करता था। सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियों की जांच पुलिस के अनुसार, आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित एक पोस्ट के नीचे कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। इसके अलावा, पुलिस का आरोप है कि उसने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर से संबंधित वीडियो कई ऑनलाइन ग्रुपों में पोस्ट किए। जांच एजेंसियां अब इन पोस्ट और वीडियो के स्रोत, उनके उद्देश्य और आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही हैं। दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाली पोस्ट का आरोप स्थानीय पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया पर ऐसी कई पोस्ट भी लिखीं, जिनसे कथित तौर पर दो समुदायों के बीच तनाव या वैमनस्य पैदा हो सकता था। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने कुछ टिप्पणियों में ‘जिहाद’ का आह्वान किया था और कुछ कट्टरपंथी तथा पाकिस्तान समर्थित बताए जा रहे ऑनलाइन ग्रुपों से जुड़ा हुआ था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन ऑनलाइन गतिविधियों के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। ATS को नहीं मिला पाकिस्तान से संपर्क का सबूत मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि शुरुआती जांच के दौरान महाराष्ट्र ATS को आरोपी के किसी व्यक्ति या संगठन से पाकिस्तान में सीधे संपर्क का सबूत नहीं मिला। ATS के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अकेले ही आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहा था। पाकिस्तान से किसी संपर्क का ठोस सबूत नहीं मिलने के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय महिम पुलिस को सौंप दिया गया। अब महिम पुलिस उसके सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन ग्रुप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। BNS की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत FIR दर्ज की है। यह प्रावधान विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य या दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी द्वारा पोस्ट की गई सामग्री कितने लोगों तक पहुंची, वह किन ऑनलाइन ग्रुपों से जुड़ा था और क्या इस मामले में उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। जांच जारी, डिजिटल गतिविधियों की होगी पड़ताल फिलहाल पुलिस की जांच मुख्य रूप से आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों, उसके मोबाइल फोन में मिले डेटा और ऑनलाइन ग्रुपों पर केंद्रित है। ATS को पाकिस्तान कनेक्शन नहीं मिलने के बावजूद स्थानीय पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor  
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 3 इनोवा, 3 राज्य और 900 किमी का सफर, ऐसे मुंबई लाए गए तीनों आरोपी

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 3 इनोवा, 3 राज्य और 900 किमी का सफर, ऐसे मुंबई लाए गए तीनों आरोपी

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 3 इनोवा, 3 राज्य और 900 किमी का सफर, ऐसे मुंबई लाए गए तीनों आरोपी कोटा से मुंबई तक पुलिस का लंबा सफर, रास्ते में कई बार बदली गई गाड़ियां और रूट; नेपाल भागने की तैयारी में थे आरोपी मुंबई/नई दिल्ली: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन कथित आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाने के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। आरोपियों को मुंबई लाने के लिए पुलिस ने रास्ते में कई बार रूट बदला और उन्हें अलग-अलग गाड़ियों में शिफ्ट किया गया। पुलिस के मुताबिक, बिहार के रहने वाले हृतिक कुमार उर्फ रोशन (22) तथा हरियाणा के रेहान (18) और फूल सिंह (18) को सोमवार सुबह कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि इन लोगों ने रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की थी। फायरिंग में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक ऑटोरिक्शा चालक घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों द्वारा लिए जाने की बात सामने आई है। कोटा से मुंबई तक 3 इनोवा का काफिला तीनों आरोपियों को कोटा पुलिस ने मुंबई पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद उन्हें मुंबई लाने के लिए दो निजी Toyota Innova Crysta गाड़ियों से सफर शुरू किया गया। करीब 900 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान पुलिस ने आरोपियों की सुरक्षा को लेकर काफी सावधानी बरती। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे कोटा से सफर शुरू हुआ। शुरुआत में एक सफेद रंग की इनोवा में तीनों आरोपी बैठे थे, जबकि दूसरी सिल्वर रंग की इनोवा में पुलिस अधिकारी मौजूद थे। शाम करीब 6:45 बजे गुजरात के भरूच के पास दोनों गाड़ियां रुकीं। यहां आरोपियों को सफेद इनोवा से निकालकर सिल्वर रंग की इनोवा में शिफ्ट किया गया। इसके बाद दोनों गाड़ियों की रफ्तार में भी काफी अंतर देखा गया। एक गाड़ी की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे से कम कर दी गई, जबकि दूसरी गाड़ी एक्सप्रेसवे पर करीब 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ी। महाराष्ट्र पुलिस की तीसरी इनोवा भी काफिले में शामिल रात करीब 9:30 बजे महाराष्ट्र नंबर की सिल्वर रंग की एक और इनोवा इस काफिले में शामिल हुई। इस गाड़ी में सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारी मौजूद थे। इसके बाद काफिला एक रेस्टोरेंट के पास रुका। एक पुलिस अधिकारी अंदर गया, लेकिन कुछ ही देर बाद बिना कुछ ऑर्डर किए वापस बाहर आ गया। करीब 10:10 बजे वलसाड के पास एक पेट्रोल पंप पर तीनों गाड़ियां फिर एक साथ आईं। इसके बाद काफिला वापी से होते हुए करीब 10:50 बजे महाराष्ट्र में दाखिल हुआ। करीब 16 घंटे के लंबे सफर के बाद पुलिस काफिला रात लगभग 2:30 बजे मुंबई पहुंचा। मुंबई पहुंचने के बाद तीनों आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में कम से कम चार बार बदली गई कार मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यात्रा के दौरान तीनों आरोपियों को कम से कम चार बार एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सफर के दौरान आरोपियों से पूछताछ भी की। पुलिस की इस रणनीति का मकसद आरोपियों की सुरक्षा बनाए रखना और उनके भागने की किसी भी संभावना को रोकना था। जुहू में कैसे हुई थी टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग? यह घटना रविवार शाम करीब 7 बजे हुई, जब टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद वापस लौट रहे थे। टाइगर अपनी BMW की आगे वाली पैसेंजर सीट पर बैठे थे। इसी दौरान दो लोगों ने उनकी कार पर कई राउंड फायरिंग की। सामने आए वीडियो में दोनों हमलावरों द्वारा कम से कम सात गोलियां चलाने की बात सामने आई है। हमले में टाइगर श्रॉफ को कोई चोट नहीं आई। हालांकि उनके ड्राइवर और एक ऑटोरिक्शा चालक घायल हो गए। हमले के बाद टाइगर ने खुद स्थिति संभाली और घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाने के लिए कार चलाकर ले गए। बाइक से भागे थे हमलावर फायरिंग के बाद दोनों हमलावर एक बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर हमले में इस्तेमाल की गई बाइक अंधेरी इलाके में लावारिस हालत में मिली। इसके बाद आरोपी सूरत पहुंचे और वहां से जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। नेपाल भागने की थी कथित योजना जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों की कथित योजना पहले दिल्ली पहुंचने और फिर वहां से नेपाल भागने की थी। बताया जा रहा है कि सूरत से जयपुर जाने के बाद उन्हें बस के जरिए दिल्ली जाना था। इसके बाद वे नेपाल निकलने की तैयारी में थे। हालांकि पुलिस ने इससे पहले ही कोटा रेलवे स्टेशन पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब मुंबई क्राइम ब्रांच आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फायरिंग के पीछे उनका मकसद क्या था, उन्हें किसने निर्देश दिए थे और इस पूरी साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor  
मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की कोशिश, बाल-बाल बचे अभिनेता; तीन संदिग्ध हिरासत में

मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की कोशिश, बाल-बाल बचे अभिनेता; तीन संदिग्ध हिरासत में

मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की कोशिश, बाल-बाल बचे अभिनेता; तीन संदिग्ध हिरासत में जुहू में फुटबॉल प्रैक्टिस के बाद कार से निकल रहे थे अभिनेता, सामने से कई राउंड फायरिंग; ड्राइवर समेत दो लोग घायल, पुलिस जांच में जुटी मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में कथित तौर पर फायरिंग की कोशिश का मामला सामने आया है। अभिनेता इस हमले में गोली लगने से बच गए। घटना उस समय हुई, जब वह फुटबॉल ग्राउंड से प्रैक्टिस के बाद कार से बाहर निकल रहे थे। पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ की कार जैसे ही भीड़ के बीच से धीमी गति से आगे बढ़ रही थी, कम से कम दो लोगों ने कार की आगे की पैसेंजर सीट की दिशा में कई गोलियां चलाईं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। ड्राइवर समेत दो लोग घायल हमले में टाइगर श्रॉफ को गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि पुलिस के अनुसार दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें अभिनेता का ड्राइवर भी शामिल है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी। सोमवार को राजस्थान में पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनमें से दो संदिग्ध हरियाणा और बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो पिछले कुछ वर्षों से मुंबई में रह रहे थे। तीसरा संदिग्ध नाबालिग बताया गया है। राजस्थान पुलिस के अनुसार, तीनों को आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस को सौंपे जाने की प्रक्रिया चल रही है। हमले के बाद टाइगर से मिले एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार शाम टाइगर श्रॉफ से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस घटना से अभिनेता सदमे में हैं और इस तरह लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिंदे ने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी और इस तरह की गुंडागर्दी को खत्म किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना को गंभीर और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंचेगी और टाइगर श्रॉफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ी चिंता घटना के बाद बॉलीवुड और फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि आपराधिक गिरोह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर डर का माहौल बनाने और कथित तौर पर वसूली की कोशिश कर रहे हैं। एसोसिएशन ने सरकार और पुलिस से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा फिल्म कलाकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की भी चर्चा घटना के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में एक कथित ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए इसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जोड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मुंबई पुलिस ने अभी तक बिश्नोई गैंग की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए पुलिस जांच पूरी होने तक हमले के पीछे किसी विशेष गैंग या व्यक्ति का नाम निश्चित रूप से लेना जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि 2024 में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में भी बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों पर आरोप लगे थे। उसी वर्ष मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में भी बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की कथित भूमिका की जांच हुई थी। कौन हैं टाइगर श्रॉफ? टाइगर श्रॉफ, अभिनेता जैकी श्रॉफ के बेटे हैं और उन्होंने वर्ष 2014 में फिल्म ‘हीरोपंती’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। एक्शन फिल्मों, डांस और मार्शल आर्ट्स के लिए उनकी खास पहचान है। वह फुटबॉल में भी रुचि रखते हैं और नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। फिलहाल पुलिस हमले के पीछे की वजह, फायरिंग करने वालों की पहचान और उनके संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे की वास्तविक वजह और साजिश का खुलासा हो सकेगा। Undercover Editor News | Mahesh Rathod, Editor  
मुंबई में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क पर ANC की कार्रवाई, ₹2.53 करोड़ की 9,800 गोलियां जब्त

मुंबई में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क पर ANC की कार्रवाई, ₹2.53 करोड़ की 9,800 गोलियां जब्त

मुंबई में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क पर ANC की कार्रवाई, ₹2.53 करोड़ की 9,800 गोलियां जब्त मुंबई: मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने शहर में Psychotropic Drugs की कथित अवैध बिक्री और वितरण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवंडी इलाके से करीब ₹2.53 करोड़ कीमत की 9,800 गोलियां बरामद की हैं। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई गोवंडी के डॉ. जाकिर हुसैन नगर इलाके में एक आवासीय परिसर में की गई। ANC की वर्ली यूनिट को कथित तौर पर नशीली और प्रतिबंधित ‘बटन’ गोलियों की अवैध बिक्री की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी की। ₹1.98 करोड़ की Nitrazepam गोलियां बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने 4,500 Nitrazepam टैबलेट बरामद कीं। ये गोलियां NITCOR-10 ब्रांड नाम से बताई गई हैं। पुलिस के अनुसार, जब्त Nitrazepam का कुल वजन करीब 2.475 किलोग्राम था और इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹1.98 करोड़ बताई गई है। Nitrazepam एक Psychotropic substance है और इसके अनधिकृत कब्जे, बिक्री तथा वितरण पर NDPS Act के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। Alprazolam की 5,300 गोलियां भी मिलीं कार्रवाई के दौरान ANC टीम को Alprazolam की 5,300 टैबलेट भी बरामद हुईं। ये PROCALM-1 ब्रांड नाम से बताई गई हैं। पुलिस के अनुसार, इन गोलियों का कुल वजन करीब 689 ग्राम है और इनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹55.12 लाख है। इस तरह Nitrazepam और Alprazolam को मिलाकर कुल 9,800 टैबलेट बरामद हुईं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹2.53 करोड़ से अधिक बताई गई है। NDPS Act के तहत मामला दर्ज बरामदगी के बाद पुलिस ने Deonar Police Station में मामला दर्ज किया है। मामले में Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (NDPS) Act, 1985 की धारा 8(c) और 22(c) के तहत कार्रवाई की गई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद गोलियां आरोपी तक कहां से पहुंचीं और इन्हें आगे किसे सप्लाई किया जाना था। सप्लाई नेटवर्क की तलाश में पुलिस पुलिस जांच का दायरा केवल बरामद गोलियों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित ड्रग सप्लाई नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है: पुलिस बरामद सामग्री, संभावित संपर्कों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई मुंबई पुलिस के मुताबिक, पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। ऑपरेशन की निगरानी मुंबई पुलिस आयुक्त दीन भारती, Joint Commissioner of Police (Crime) अनिल कुंभारे, Additional Commissioner of Police (Crime) कृष्णकांत उपाध्याय और DCP (ANC) पौर्णिमा चौगुले-शृंगी के मार्गदर्शन में हुई। वर्ली यूनिट के प्रभारी PI संतोष सालुंखे के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। टीम में PI दिगंबर पाटील, PSI रोहित साली सहित ANC के अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। अब आगे क्या? ₹2.53 करोड़ से अधिक कीमत की Psychotropic Tablets की इस बरामदगी के बाद मुंबई पुलिस की जांच अब कथित सप्लाई चेन तक पहुंचने पर केंद्रित है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद दवाओं का स्रोत क्या था, इनके संभावित खरीदार कौन थे और इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।  
मुंबई में 4 साल तक फ्रीजर में रखा रहा पिता का शव, बदबू से खुला राज; बेटी ने अंतिम संस्कार के बजाय शरीर सुरक्षित रखा

मुंबई में 4 साल तक फ्रीजर में रखा रहा पिता का शव, बदबू से खुला राज; बेटी ने अंतिम संस्कार के बजाय शरीर सुरक्षित रखा

मुंबई में 4 साल तक फ्रीजर में रखा रहा पिता का शव, बदबू से खुला राज; बेटी ने अंतिम संस्कार के बजाय शरीर सुरक्षित रखा मुंबई: मुंबई के मलाड ईस्ट में एक बंद पड़े क्लिनिक से करीब चार साल पुराना शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पड़ोसियों को परिसर से लगातार तेज बदबू आ रही थी। जब बदबू असहनीय हो गई, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने और परिसर का दरवाजा खुलने के बाद अंदर जो मिला, उसने पूरे मामले को चौंकाने वाला बना दिया। पुलिस को परिसर के अंदर रखे एक फ्रीजर में 80 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिला। जांच में सामने आया कि बुजुर्ग की मौत जून 2022 में हार्ट अटैक के कारण हुई थी। पिता को अपने पास रखने की चाहत में लिया शव सुरक्षित रखने का फैसला पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, बुजुर्ग की मौत के बाद उनकी बेटी अपने पिता को लंबे समय तक अपने करीब रखना चाहती थी। परिवार ने कथित तौर पर शव का तत्काल अंतिम संस्कार कराने के बजाय उसे सुरक्षित रखने का रास्ता चुना। रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार ने विदेश में मौजूद ऐसी संस्थाओं के बारे में जानकारी जुटाई जो मृत शरीर को बेहद कम तापमान में संरक्षित रखने की क्रायोनिक्स तकनीक से जुड़ी सेवाएं प्रदान करती हैं। परिवार ने अमेरिका स्थित एक संस्था से भी संपर्क करने की कोशिश की थी। बंद पड़ा था क्लिनिक, बदबू के बाद पुलिस को मिली जानकारी यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब परिसर पिछले कुछ समय से बंद था और वहां से निकल रही तेज बदबू ने आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ा दी। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और परिसर की तलाशी ली। पुलिस को फ्रीजर के अंदर शव मिला। इसके बाद मृतक के परिवार से संपर्क किया गया। पुलिस ने परिवार के सदस्यों के साथ-साथ क्लिनिक प्रबंधन और संपत्ति के मालिक के बयान भी दर्ज किए हैं। क्या शव को इस तरह सुरक्षित रखना कानूनी है? अब जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि किसी मृत व्यक्ति के शरीर को इतने लंबे समय तक इस तरह सुरक्षित रखने की कानूनी अनुमति थी या नहीं। पुलिस इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। फिलहाल पुलिस ने कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है कि परिवार या किसी अन्य व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने इस मामले में कानूनी सलाह भी ली थी और महिला ने अपनी ओर से वकीलों को नियुक्त किया है। पुलिस जांच जारी, अंतिम संस्कार पर अभी फैसला नहीं कुरार पुलिस इस मामले के कानूनी और पारिवारिक दोनों पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल शव के अंतिम संस्कार को लेकर भी पुलिस की ओर से अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। सबसे अहम सवाल यही है कि 2022 में हुई मौत के बाद शव को इतने लंबे समय तक किस प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा गया और स्थानीय प्रशासन या पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। पुलिस जांच पूरी होने और उपलब्ध दस्तावेजों व विशेषज्ञों की राय के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। Undercover Editor News Channel इस मामले से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने पर अपने पाठकों तक अपडेट पहुंचाएगा।  
मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त मुंबई: त्योहारी सीजन से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट, गलत लेबलिंग और अस्वच्छ परिस्थितियों के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में बड़ा अभियान चलाया है। FDA के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान मुंबई के पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए, जबकि राज्य के विभिन्न हिस्सों से करीब 10,836 किलो/लीटर खाद्य सामग्री, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹30.82 लाख बताई गई है, जब्त की गई। मुंबई में कार्रवाई की जद में महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित BJRS (Gallops) Restaurant, Gurukrupa Dairy Products, Gufran Seekh Corner, Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari शामिल हैं। FDA ने इन प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े गंभीर नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया है। Gallops की रसोई में बर्फ पर खून और कैचप के दाग मिलने का दावा FDA अधिकारियों के अनुसार, महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित Gallops Restaurant के निरीक्षण के दौरान रेफ्रिजरेटर में रखी बर्फ पर नॉन-वेज खाद्य पदार्थों से जुड़े खून और कैचप के दाग पाए गए। इसके अलावा कच्चे माल की कुछ पैकेजिंग फटी या क्षतिग्रस्त मिली। निरीक्षण में रसोई में ग्रीस जमा होने, दीवारों की खराब स्थिति, पानी जमा होने तथा जीवित कॉकरोच और चींटियां पाए जाने की बात भी FDA ने कही है। ड्रेनेज और कॉकरोच ट्रैप की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के साथ खाद्य कर्मचारियों की वार्षिक मेडिकल जांच और टीकाकरण से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। FDA ने इन कमियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत गंभीर उल्लंघन माना और Gallops का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया। Malad में ‘Pooja Ghee’ के नाम पर कथित मिलावट का मामला मुंबई में सबसे बड़ी जब्ती Malad East स्थित Gurukrupa Dairy Products से हुई। FDA के मुताबिक यहां रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल, वनस्पति और ब्रांडेड घी को दो बॉयलरों में मिलाकर सफेद और पीले घी का उत्पादन किए जाने का आरोप है। FDA के अनुसार इन उत्पादों को “Pooja Ghee” नाम से ऐसे लेबल के साथ बेचा जा रहा था, जिसे विभाग ने भ्रामक बताया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में घी, रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल और वनस्पति जब्त किए गए। अधिकारियों ने परिसर में चूहों और कॉकरोच के संक्रमण की भी जानकारी दी। FDA के आधिकारिक विवरण के अनुसार, गुरुकृपा डेयरी से लगभग 4,646 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी/गलत लेबल वाली सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब ₹15.15 लाख बताई गई। इसके अलावा दो बॉयलर और एक खोया मशीन भी कार्रवाई के दौरान जब्त की गई। Gufran Seekh Corner बिना वैध लाइसेंस के संचालित होने का आरोप Versova-Yari Road स्थित Gufran Seekh Corner पर FDA ने बिना वैध खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के संचालन का आरोप लगाया। विभाग के अनुसार निरीक्षण में पेयजल की जांच, खाद्य पदार्थों के उचित भंडारण और अलग-अलग रखने तथा परिसर की स्वच्छता से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन पाया गया। FDA ने प्रतिष्ठान को तत्काल कारोबार बंद करने और वैध लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन हासिल करने तथा बताई गई कमियों को दूर करने के बाद ही दोबारा संचालन शुरू करने का निर्देश दिया। Bandra के Dreamer Hospitality और Mirari पर भी कार्रवाई Bandra West स्थित Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari में भी FDA ने स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी नियमों के उल्लंघन की जानकारी दी है। दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। महाराष्ट्र के कई जिलों में खाद्य सामग्री जब्त FDA की यह कार्रवाई सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रही। विभाग के अनुसार मुंबई, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर डिवीजन में कुल 18 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान घी, खावा, पेड़ा, गुड़, तेल, चाय पाउडर, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने/स्टॉक जब्त किए गए। चंद्रपुर में Ashok Agro Products के गोदाम से 3,310 किलोग्राम चाय पाउडर, जिसकी कीमत करीब ₹6.76 लाख बताई गई, संदिग्ध घटिया या असुरक्षित होने के संदेह में जब्त किया गया। इसके अलावा पुणे, सांगली, कोल्हापुर, जलगांव, नांदेड, गोंदिया, गढ़चिरौली और नागपुर सहित अन्य इलाकों में भी खाद्य पदार्थों की जांच और जब्ती की कार्रवाई की गई। FDA ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट, लेबलिंग और स्वच्छता पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है। FDA की कार्रवाई के बाद अब संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब त्योहारी सीजन के दौरान मिठाई, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है।  
IIT-Bombay छात्र की मौत की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच करेगी, प्रोफेसर के खिलाफ FIR

IIT-Bombay छात्र की मौत की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच करेगी, प्रोफेसर के खिलाफ FIR

IIT-Bombay छात्र की मौत की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच करेगी, प्रोफेसर के खिलाफ FIR मृतक के पिता ने कैंपस में कथित उत्पीड़न और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप लगाए; IIT-Bombay फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर के समर्थन में जारी किया बयान मुंबई: IIT-Bombay के दूसरे वर्ष के BTech छात्र की कथित आत्महत्या के मामले की जांच अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी। पुलिस ने मामले को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। छात्र की शुक्रवार शाम कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हुई थी। मामले में मृतक छात्र के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने IIT-Bombay के प्रोफेसर और परीक्षा निरीक्षक सूर्यनारायण दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत में छात्र के पिता ने कैंपस में कथित उत्पीड़न और पिछले करीब तीन महीनों से जातिसूचक टिप्पणियां किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता की शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR पुलिस के मुताबिक, छात्र के पिता ने अपनी शिकायत में प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि छात्र को पिछले कुछ महीनों से कथित तौर पर परेशान किया जा रहा था और उसके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां की गईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब क्राइम ब्रांच शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनाक्रम और छात्र की मौत से पहले की परिस्थितियों की विस्तृत जांच करेगी। हालांकि, FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में आरोप साबित नहीं करता है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और छात्र की मौत के घटनाक्रम से उनका क्या संबंध था। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन को लेकर विवाद इस मामले में IIT-Bombay Faculty Forum की ओर से प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला के समर्थन में बयान जारी किया गया है। फोरम का कहना है कि परीक्षा निरीक्षक ने संस्थागत नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की थी। फैकल्टी फोरम के अनुसार, परीक्षा के दौरान छात्र के पास अनधिकृत रूप से स्मार्टफोन रखने और इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। फोरम ने कहा कि प्रोफेसर ने इसी आधार पर संस्थागत प्रोटोकॉल का पालन किया था। इस बयान के बाद मामले में दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं—एक तरफ छात्र के पिता ने कथित उत्पीड़न और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरी तरफ फैकल्टी फोरम ने परीक्षा के दौरान प्रोफेसर की कार्रवाई को संस्थागत प्रक्रिया के अनुरूप बताया है। क्राइम ब्रांच करेगी पूरे मामले की जांच मामला अब मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ सकता है। जांच एजेंसी छात्र की मौत से पहले की परिस्थितियों, परीक्षा के दौरान हुई घटना, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक या अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। फिलहाल पुलिस जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र की मौत के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और शिकायत में लगाए गए आरोपों का घटनाक्रम से क्या संबंध है। इस मामले में छात्र की मौत को लेकर जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।  
फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी क्रेडिट कार्ड, विदेश में नौकरी और KYC के नाम पर बनाया निशाना; फर्जी कस्टमर केयर कॉल और WhatsApp लिंक के जरिए खाते से उड़ाए लाखों रुपये मुंबई: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिखने वाले विज्ञापनों और पोस्ट के जरिए साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मुंबई में ऐसे ही तीन अलग-अलग मामलों में एक कारोबारी, एक होटल कर्मचारी और एक सेल्समैन साइबर ठगों के जाल में फंस गए। तीनों मामलों में पीड़ितों से कुल 7.55 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई। पुलिस ने संबंधित मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फेसबुक विज्ञापन के जरिए कारोबारी से 3.34 लाख की ठगी अंधेरी निवासी 58 वर्षीय कारोबारी केतन शाह ने फेसबुक पर HSBC क्रेडिट कार्ड से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। क्रेडिट कार्ड में रुचि होने के कारण उन्होंने विज्ञापन में अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किया। इसके बाद 14 अगस्त को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को राहुल बताते हुए HSBC का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताया। कथित तौर पर आरोपी ने केतन शाह को एक लिंक भेजा और उनके मौजूदा बैंक कार्ड से जुड़ी जानकारी भरने के लिए कहा। शाह ने अपने IndusInd Bank और ICICI Bank कार्ड से संबंधित जानकारी दर्ज कर दी। इसके कुछ ही मिनटों के भीतर उनके IndusInd Bank खाते से 3,34,534 रुपये निकाल लिए गए। लेनदेन के दौरान उनका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया। फोन दोबारा चालू करने पर उन्हें बैंक ट्रांजैक्शन के अलर्ट मिले। इसके बाद उन्होंने तुरंत कार्ड ब्लॉक कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। विदेश में नौकरी का झांसा, वेटर से 2.41 लाख ऐंठे दूसरे मामले में मुंबई के एक होटल में काम करने वाले रमेश सिंह आनंद सिंह असनाल विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सेलिब्रिटी शेफ शुभम रावत के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट दिखाई दी। नौकरी की उम्मीद में असनाल ने पोस्ट के कमेंट सेक्शन में अपना मोबाइल नंबर साझा कर दिया। 27 अगस्त को उन्हें WhatsApp पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम सोहन भंडारी बताया। आरोपी ने दावा किया कि शेफ शुभम रावत ने उनका नंबर उसे दिया है और दुबई में उनके लिए नौकरी की व्यवस्था की गई है। इसके बाद आरोपी ने वीजा प्रक्रिया, मेडिकल टेस्ट और ऑफर लेटर के नाम पर पैसे मांगे। भरोसा करके असनाल ने 27 अगस्त से 3 सितंबर के बीच सात दिनों में 18 अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए और कुल 2,41,200 रुपये भेज दिए। जब न तो नौकरी का ऑफर मिला और न ही आरोपी से आगे संपर्क हो पाया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पुलिस की जांच में सामने आया कि शेफ शुभम रावत का इस मामले से कोई संबंध नहीं था। आरोप है कि ठगों ने भरोसा जीतने के लिए उनके प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया था। इस मामले में पुलिस ने सोहन भंडारी के नाम से कथित तौर पर बात करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Instagram विज्ञापन के बाद सेल्समैन के क्रेडिट कार्ड से 1.80 लाख निकले तीसरे मामले में मॉल में काम करने वाले सेल्समैन सलीम इब्राहिम पटेल को Instagram पर ICICI Bank क्रेडिट कार्ड का विज्ञापन दिखाई दिया। क्रेडिट कार्ड की जरूरत होने के कारण उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। अगली सुबह उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को ICICI क्रेडिट कार्ड विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद कथित आरोपी ने WhatsApp पर “ICICI CREDIT CARD.apk” नाम की एक फाइल भेजी और उसे खोलकर PAN कार्ड तथा मौजूदा SBI क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने के लिए कहा। पटेल ने निर्देशों का पालन करते हुए जानकारी दर्ज कर दी। कुछ ही मिनटों बाद उनके SBI क्रेडिट कार्ड से दो ट्रांजैक्शन हुए और कुल 1,80,000 रुपये डेबिट हो गए। ठगी का पता चलते ही पटेल ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की तकनीकी जांच कर रही है। सोशल मीडिया विज्ञापन बना साइबर ठगों का नया हथियार इन तीनों मामलों में ठगी का तरीका अलग-अलग था, लेकिन सोशल मीडिया इसका अहम माध्यम बना। कहीं क्रेडिट कार्ड का विज्ञापन दिखाकर बैंकिंग जानकारी हासिल की गई, तो कहीं सोशल मीडिया पर नौकरी तलाश रहे व्यक्ति को विदेश में नौकरी का झांसा दिया गया। पुलिस की ओर से लोगों को सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया विज्ञापनों पर क्लिक करने से पहले उनकी सत्यता जांचें और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक कार्ड, KYC, OTP, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। WhatsApp पर भेजी गई अज्ञात APK या अन्य ऐप फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से भी बचें। पुलिस तीनों मामलों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, लिंक और बैंक खातों की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच जारी है।  

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