मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त मुंबई: त्योहारी सीजन से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट, गलत लेबलिंग और अस्वच्छ परिस्थितियों के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में बड़ा अभियान चलाया है। FDA के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान मुंबई के पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए, जबकि राज्य के विभिन्न हिस्सों से करीब 10,836 किलो/लीटर खाद्य सामग्री, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹30.82 लाख बताई गई है, जब्त की गई। मुंबई में कार्रवाई की जद में महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित BJRS (Gallops) Restaurant, Gurukrupa Dairy Products, Gufran Seekh Corner, Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari शामिल हैं। FDA ने इन प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े गंभीर नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया है। Gallops की रसोई में बर्फ पर खून और कैचप के दाग मिलने का दावा FDA अधिकारियों के अनुसार, महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित Gallops Restaurant के निरीक्षण के दौरान रेफ्रिजरेटर में रखी बर्फ पर नॉन-वेज खाद्य पदार्थों से जुड़े खून और कैचप के दाग पाए गए। इसके अलावा कच्चे माल की कुछ पैकेजिंग फटी या क्षतिग्रस्त मिली। निरीक्षण में रसोई में ग्रीस जमा होने, दीवारों की खराब स्थिति, पानी जमा होने तथा जीवित कॉकरोच और चींटियां पाए जाने की बात भी FDA ने कही है। ड्रेनेज और कॉकरोच ट्रैप की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के साथ खाद्य कर्मचारियों की वार्षिक मेडिकल जांच और टीकाकरण से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। FDA ने इन कमियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत गंभीर उल्लंघन माना और Gallops का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया। Malad में ‘Pooja Ghee’ के नाम पर कथित मिलावट का मामला मुंबई में सबसे बड़ी जब्ती Malad East स्थित Gurukrupa Dairy Products से हुई। FDA के मुताबिक यहां रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल, वनस्पति और ब्रांडेड घी को दो बॉयलरों में मिलाकर सफेद और पीले घी का उत्पादन किए जाने का आरोप है। FDA के अनुसार इन उत्पादों को “Pooja Ghee” नाम से ऐसे लेबल के साथ बेचा जा रहा था, जिसे विभाग ने भ्रामक बताया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में घी, रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल और वनस्पति जब्त किए गए। अधिकारियों ने परिसर में चूहों और कॉकरोच के संक्रमण की भी जानकारी दी। FDA के आधिकारिक विवरण के अनुसार, गुरुकृपा डेयरी से लगभग 4,646 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी/गलत लेबल वाली सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब ₹15.15 लाख बताई गई। इसके अलावा दो बॉयलर और एक खोया मशीन भी कार्रवाई के दौरान जब्त की गई। Gufran Seekh Corner बिना वैध लाइसेंस के संचालित होने का आरोप Versova-Yari Road स्थित Gufran Seekh Corner पर FDA ने बिना वैध खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के संचालन का आरोप लगाया। विभाग के अनुसार निरीक्षण में पेयजल की जांच, खाद्य पदार्थों के उचित भंडारण और अलग-अलग रखने तथा परिसर की स्वच्छता से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन पाया गया। FDA ने प्रतिष्ठान को तत्काल कारोबार बंद करने और वैध लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन हासिल करने तथा बताई गई कमियों को दूर करने के बाद ही दोबारा संचालन शुरू करने का निर्देश दिया। Bandra के Dreamer Hospitality और Mirari पर भी कार्रवाई Bandra West स्थित Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari में भी FDA ने स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी नियमों के उल्लंघन की जानकारी दी है। दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। महाराष्ट्र के कई जिलों में खाद्य सामग्री जब्त FDA की यह कार्रवाई सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रही। विभाग के अनुसार मुंबई, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर डिवीजन में कुल 18 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान घी, खावा, पेड़ा, गुड़, तेल, चाय पाउडर, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने/स्टॉक जब्त किए गए। चंद्रपुर में Ashok Agro Products के गोदाम से 3,310 किलोग्राम चाय पाउडर, जिसकी कीमत करीब ₹6.76 लाख बताई गई, संदिग्ध घटिया या असुरक्षित होने के संदेह में जब्त किया गया। इसके अलावा पुणे, सांगली, कोल्हापुर, जलगांव, नांदेड, गोंदिया, गढ़चिरौली और नागपुर सहित अन्य इलाकों में भी खाद्य पदार्थों की जांच और जब्ती की कार्रवाई की गई। FDA ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट, लेबलिंग और स्वच्छता पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है। FDA की कार्रवाई के बाद अब संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब त्योहारी सीजन के दौरान मिठाई, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है।