Category: CRIME

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

दिशा सालियान मौत केस में CBI की FIR, आदित्य ठाकरे समेत कई नाम जांच के दायरे में

दिशा सालियान मौत केस में CBI की FIR, आदित्य ठाकरे समेत कई नाम जांच के दायरे में

दिशा सालियान मौत केस में CBI की FIR, आदित्य ठाकरे समेत कई नाम जांच के दायरे में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद छह साल पुराने मामले में नई जांच शुरू; FIR में रिया चक्रवर्ती, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली समेत कई लोगों के नाम का उल्लेख नई दिल्ली/मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के करीब छह साल बाद मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार, 14 सितंबर को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, अभिनेता डिनो मोरिया और सूरज पंचोली समेत कई लोगों के नाम जांच के संदर्भ में दर्ज किए गए हैं। FIR में आदित्य ठाकरे के कथित बॉडीगार्ड्स, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे, पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, DCP विशाल ठाकुर और तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत कई पुलिस अधिकारियों, फोरेंसिक अधिकारियों, डॉक्टरों तथा अन्य लोगों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति का FIR में नाम होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने या उसे आरोपी ठहराए जाने के बराबर नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश देते समय स्पष्ट किया था कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए। FIR में साजिश और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों की जांच CBI की FIR में कथित मुख्य अपराधों के अलावा आपराधिक साजिश, घटना को आत्महत्या के रूप में पेश किए जाने और सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें कथित हेरफेर जैसे पहलुओं की जांच का भी उल्लेख है। FIR में मालवणी पुलिस स्टेशन से जुड़े अधिकारियों, पोस्टमार्टम में शामिल डॉक्टरों एवं कर्मचारियों, कालिना स्थित फोरेंसिक साइंस लैब के अधिकारियों, रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड्स और पहले गठित विशेष जांच दल से जुड़े लोगों का भी उल्लेख किया गया है। अब CBI इन सभी पहलुओं की नए सिरे से जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि दिशा सालियान की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्यों CBI जांच का आदेश दिया? दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने उनकी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 2 सितंबर को हाईकोर्ट ने मामले की CBI जांच का आदेश दिया और एजेंसी को FIR दर्ज करने तथा सतीश सालियान का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने शुरुआती पुलिस जांच में कई विसंगतियों का उल्लेख करते हुए कहा था कि जांच से कुछ सवालों के जवाब मिलने के बजाय और सवाल खड़े हुए हैं। कोर्ट ने साथ ही यह महत्वपूर्ण निर्देश दिया कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा। दिशा सालियान की मौत और सुशांत सिंह राजपूत केस दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज की थी। इसके छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के बीच कम अंतर होने के कारण कई तरह की अटकलें सामने आईं, हालांकि दोनों मामलों की जांच अलग-अलग की गई थी। दिशा सालियान की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की पिछली जांच ने इसे आत्महत्या माना था। पिता ने CBI के सामने कई नामों का किया उल्लेख CBI जांच शुरू होने से पहले दिशा के पिता सतीश सालियान ने एजेंसी के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने जांचकर्ताओं को अपनी जानकारी के अनुसार घटनाक्रम बताया और आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया तथा कुछ अन्य लोगों के नामों की जांच करने की मांग की थी। अब CBI पुराने केस रिकॉर्ड, पुलिस दस्तावेज, तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों के साथ-साथ संबंधित लोगों के बयान भी जांचेगी। मुंबई पुलिस से केस से जुड़े दस्तावेज CBI को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। छह साल पुराने इस मामले में अब CBI की नई जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दिशा सालियान की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शुरुआती जांच में उठे सवालों का वास्तविक जवाब क्या है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।  
जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के फोन से मिले दर्जनों अश्लील वीडियो, पेन ड्राइव में वेब सीरीज भी बरामद

जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के फोन से मिले दर्जनों अश्लील वीडियो, पेन ड्राइव में वेब सीरीज भी बरामद

जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के फोन से मिले दर्जनों अश्लील वीडियो, पेन ड्राइव में वेब सीरीज भी बरामद बेंगलुरु जेल में छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन मिलने के बाद फॉरेंसिक जांच में सामने आई जानकारी; जेल में VIP कैदियों को मिलने वाली कथित सुविधाओं पर फिर उठे सवाल बेंगलुरु: बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कर्नाटक के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना एक बार फिर विवादों में हैं। बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उनके पास से बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर दर्जनों अश्लील वीडियो मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं, जब्त की गई पेन ड्राइव में कई वेब सीरीज भी मिली हैं। जानकारी के मुताबिक, 11 अगस्त को क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने जेल में अचानक छापेमारी की थी। इस दौरान प्रज्वल रेवन्ना को कथित तौर पर जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पाया गया। अधिकारियों ने मोबाइल फोन के अलावा एक चार्जर, पेन ड्राइव और नोटबुक भी जब्त की थी। जब्त मोबाइल फोन और पेन ड्राइव को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। अब सामने आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में मोबाइल फोन में दर्जनों अश्लील वीडियो और पेन ड्राइव में वेब सीरीज होने की बात कही गई है। जेल में मोबाइल फोन मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जेल के भीतर मोबाइल फोन की बरामदगी ने एक बार फिर बेंगलुरु की केंद्रीय जेल में VIP कैदियों को कथित तौर पर मिलने वाली विशेष सुविधाओं और जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल प्रशासन के नियमों के अनुसार, कैदियों के लिए निजी मोबाइल फोन, SIM कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरण प्रतिबंधित होते हैं। निर्धारित नियमों के तहत कैदियों को निगरानी वाले संस्थागत लैंडलाइन, पब्लिक कॉल ऑफिस या अधिकृत वीडियो-कॉलिंग व्यवस्था के जरिए ही संपर्क की अनुमति होती है। मोबाइल फोन मिलने के बाद जेल विभाग ने एक अधिकारी को निलंबित कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट के सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहा है रेवन्ना प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के भतीजे हैं। उन्हें पिछले वर्ष एक महिला से बलात्कार और यौन उत्पीड़न से जुड़े वीडियो प्रसारित करने के मामले में दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। मामले में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 2021 से उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया। अभियोजन के अनुसार, घटना को रिकॉर्ड किया गया और शिकायत करने पर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी गई थी। अब जेल में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और उसमें मिले कथित अश्लील वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा और किसने उसे उपलब्ध कराया, इसकी जांच फिलहाल जारी है।  
ठाणे ATS की बड़ी कार्रवाई: फरार इंडियन मुजाहिदीन आतंकी की 21 वर्षीय बेटी मुंब्रा से गिरफ्तार

ठाणे ATS की बड़ी कार्रवाई: फरार इंडियन मुजाहिदीन आतंकी की 21 वर्षीय बेटी मुंब्रा से गिरफ्तार

ठाणे ATS की बड़ी कार्रवाई: फरार इंडियन मुजाहिदीन आतंकी की 21 वर्षीय बेटी मुंब्रा से गिरफ्तार नमिरा तारीक खान पर फर्जी जानकारी के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने और कथित तौर पर सऊदी अरब जाने का शक; ATS की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आईं ठाणे: महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने फरार आतंकी तारीक खान की 21 वर्षीय बेटी नमिरा तारीक खान को मुंब्रा से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। ATS की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब जांच एजेंसियां लंबे समय से फरार बताए जा रहे तारीक खान और उसके परिवार से जुड़े लोगों की तलाश कर रही हैं। फर्जी पासपोर्ट से विदेश यात्रा का शक जांच एजेंसियों के मुताबिक, नमिरा खान ने कथित तौर पर गलत जानकारी देकर पासपोर्ट हासिल किए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कथित फर्जी पासपोर्ट के आधार पर दो बार सऊदी अरब की यात्रा की थी। रिपोर्ट के अनुसार, कुर्ला और लखनऊ के पतों पर जारी कथित फर्जी पासपोर्ट के जरिए सऊदी अरब जाने और वहां अपने फरार पिता से मिलने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, जांच एजेंसियां उसके पाकिस्तान जाने के संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मुंब्रा में कुछ दिनों से रह रही थी बताया जा रहा है कि ATS को तारीक खान की पत्नी शबनम उर्फ फिर्दौस तारीक खान की तलाश थी। इसी जांच के दौरान नमिरा के मुंब्रा में रहने की जानकारी सामने आई और इसके बाद ATS ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। अब एजेंसी नमिरा से उसके विदेश दौरों, पासपोर्ट हासिल करने के तरीके, परिवार के संपर्कों और फरार पिता से कथित मुलाकातों को लेकर पूछताछ कर सकती है। कौन है तारीक खान? जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, मोहम्मद तारीक अंजुमन हसन उर्फ तारीक खान मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया जाता है और पेशे से सिविल इंजीनियर रहा है। उसका नाम प्रतिबंधित संगठन SIMI और आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से कथित तौर पर जुड़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह 1998 से SIMI की गतिविधियों से जुड़ा था और बाद में 2003 के आसपास रियाज भटकल और इकबाल भटकल के साथ इंडियन मुजाहिदीन के गठन में उसकी भूमिका का आरोप लगाया गया। उसे संगठन का संस्थापक सदस्य और वैचारिक मार्गदर्शक भी बताया गया है। 2007 के दौरान पुणे के कोंढवा इलाके में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े कुछ युवाओं को कथित तौर पर आश्रय और सहायता देने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। तारीक खान कई वर्षों से फरार बताया जा रहा है। ATS अब नमिरा खान से पूछताछ के जरिए उसके विदेश संपर्कों और परिवार से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। मामले में आगे की जांच जारी है।
लाल किला पहला निशाना नहीं था? ट्रैफिक के चलते बदला प्लान, NIA चार्जशीट में लाल मंदिर का जिक्र

लाल किला पहला निशाना नहीं था? ट्रैफिक के चलते बदला प्लान, NIA चार्जशीट में लाल मंदिर का जिक्र

लाल किला पहला निशाना नहीं था? ट्रैफिक के चलते बदला प्लान, NIA चार्जशीट में लाल मंदिर का जिक्र लाल किले के पास कार ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा; NIA का दावा- आरोपी ने पहले जैन मंदिर के पास कार खड़ी करने की कोशिश की, ट्रैफिक और पुलिस की मौजूदगी के बाद पहुंचा लाल किला नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में कई अहम दावे सामने आए हैं। NIA के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ने कथित तौर पर लाल किले से पहले लाल मंदिर, जो एक जैन मंदिर है, के पास अपनी विस्फोटक से लदी कार खड़ी करने की कोशिश की थी। हालांकि, इलाके में भारी ट्रैफिक और पुलिस की मौजूदगी के चलते उसने कथित तौर पर अपना रास्ता बदल लिया और लाल किले की ओर चला गया। NIA की चार्जशीट के अनुसार, उमर उन नबी ने शाम करीब 6:37 बजे सुनहरी मस्जिद पार्किंग से निकलकर कार चलाई और लाल मंदिर के पास पहुंचने की कोशिश की। लेकिन वहां की परिस्थितियों को देखते हुए उसने यू-टर्न लिया और लाल किले की ओर बढ़ गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, इसके कुछ ही मिनट बाद करीब 6:50 बजे लाल किले के पास धमाका हुआ। इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। हालांकि, लाल मंदिर को शुरुआती निशाना बनाए जाने का दावा फिलहाल NIA की जांच और चार्जशीट में सामने आए साक्ष्यों पर आधारित है। जांच एजेंसी ने इसे लेकर गवाहों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्य और आरोपी की गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड जुटाए हैं। नूंह में करीब 11 दिन रुका था आरोपी NIA के मुताबिक, धमाके से एक दिन पहले तक उमर उन नबी हरियाणा के नूंह में किराए के कमरे में करीब 11 दिनों तक रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी दौरान उसने कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने की योजना पर काम किया। चार्जशीट में आरोपी के मोबाइल फोन, आवाजाही, संपर्कों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े कई साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है। जांच के दौरान मिले कुछ डिजिटल दस्तावेजों में विस्फोटक तैयार करने से संबंधित सामग्री का जिक्र होने का दावा किया गया है। NIA ने चार्जशीट में यह भी कहा है कि आरोपी के पास मौजूद डिजिटल सामग्री में विस्फोटक बनाने से जुड़े दस्तावेज मिले थे। एजेंसी ने इस संबंध में कई गवाहों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया है। कपड़ों की खरीद भी जांच में अहम कड़ी जांच एजेंसी के मुताबिक, नूंह में रहने के दौरान उमर उन नबी एक परिचित के रिश्तेदार के साथ कपड़े खरीदने भी गया था। उसने कथित तौर पर टी-शर्ट, सफेद शर्ट और कार्गो पैंट खरीदी थी और भुगतान नकद किया गया था। NIA ने इन खरीदारी से जुड़े विवरणों को भी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है। लाल किले की पहले भी कई बार रेकी का दावा NIA के मुताबिक, उमर उन नबी ने 2023 से 2025 के बीच लाल किले का 12 बार दौरा किया था। एजेंसी को संदेह है कि इन यात्राओं का मकसद सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि कथित तौर पर इलाके की रेकी करना और संभावित हमले की योजना तैयार करना हो सकता है। चार्जशीट के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगियों द्वारा ऐसी यात्राओं के दौरान मोबाइल फोन बंद रखने की बात भी सामने आई है। NIA को आशंका है कि ऐसा डिजिटल लोकेशन और गतिविधियों का रिकॉर्ड छिपाने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है। अब जांच एजेंसी कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों, आरोपियों के बीच संपर्क और धमाके की पूरी योजना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।  
नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप

नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप

नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप विशेष शाखा में तैनात ASI पांडुरंग निंबा पाटील का शव रबाले की लॉज में मिला; पुलिस ने नोट और सोशल मीडिया वीडियो की जांच शुरू की नवी मुंबई: नवी मुंबई पुलिस विभाग की विशेष शाखा में तैनात सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (ASI) पांडुरंग निंबा पाटील की शनिवार, 5 सितंबर की शाम रबाले स्थित एक लॉज में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम ने शव बरामद किया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, ASI पाटील ने कथित तौर पर एक नोट और सोशल मीडिया पर एक वीडियो छोड़ा है। इनमें उन्होंने पुलिस विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित मानसिक प्रताड़ना और परेशान करने के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में पाटील ने नवी मुंबई पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे से मामले में न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। वहीं, कथित नोट में उन्होंने एक DCP, वायरलेस विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त और एक हेड क्लर्क सहित कुछ अधिकारियों एवं सहकर्मियों पर उन्हें लगातार परेशान करने और मानसिक तनाव देने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नोट और वीडियो में लगाए गए आरोपों समेत पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। सीनियर PI देविदास काथले ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही, नोट और वीडियो में किए गए दावों की सच्चाई तथा घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ASI पाटील की मौत से पहले किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले में आगे की जानकारी और पुलिस जांच का इंतजार है। जरूरी सूचना: अगर आप या आपका कोई परिचित आत्महत्या के विचारों या गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो अकेले न रहें और तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। भारत में Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 और Sneha Suicide Prevention Helpline 044-24640050 से सहायता ली जा सकती है।  
नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख

नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख

नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख नवी मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और नवी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तुर्भे के TTC इंडस्ट्रियल एरिया में एक गोदाम पर कार्रवाई कर कथित तौर पर एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों को दोबारा पैक कर उनकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डिटेल बदलने वाले रैकेट का खुलासा किया है। 24 से 29 अगस्त के बीच की गई कार्रवाई में 8,442 कार्टन संदिग्ध रूप से बदले गए खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹75.52 लाख बताई गई है। कार्रवाई साधना एंटरप्राइजेज के गोदाम में की गई। अधिकारियों के अनुसार, यहां एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों पर मौजूद मूल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी जानकारी को हटाकर नई जानकारी चिपकाने का कथित काम किया जा रहा था। इसके लिए इंकजेट प्रिंटर, केमिकल थिनर और विशेष रूप से तैयार किए गए स्टिकर बरामद किए गए। Lay’s, Kurkure और Maggi समेत कई उत्पाद जब्त जांच के दौरान कई लोकप्रिय ब्रांडों के खाद्य एवं पेय पदार्थ मिले। जब्त सामान में Lay’s, Kurkure, Fun Flips, Bingo Mad Angles, Maggi Masala Noodles, Maggi Atta Noodles और Knorr Mushroom Soup शामिल हैं। इसके अलावा Rasoi ब्रांड के Amritsari Paneer Tikka Masala, Dum Aloo और Dal Makhni जैसे रेडी-टू-ईट उत्पाद भी बरामद किए गए। अधिकारियों ने Thums Up, Limca और Hellmann’s Mayonnaise के उत्पाद भी जब्त किए हैं। घरेलू बाजार और एक्सपोर्ट तक पहुंचने का आरोप अधिकारियों को आशंका है कि बदले गए खाद्य उत्पादों को घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात के लिए भी सप्लाई किया जा रहा था। मामले की जांच अब कथित वितरण नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। FDA अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई, नोएडा और दिल्ली में काम करने वाली करीब 10 एक्सपोर्ट कंपनियों से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि ऐसे उत्पादों की सप्लाई कहां-कहां की गई और इस नेटवर्क में कितनी अन्य कंपनियां या लोग शामिल हैं। FIR दर्ज, कंपनी का लाइसेंस निलंबित मामले में तुर्भे पुलिस स्टेशन में Food Safety and Standards Act, 2006 और Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। कार्रवाई के बाद Sadhana Enterprises का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और वितरण नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों एवं कंपनियों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है। फिलहाल जांच जारी है और जब्त किए गए उत्पादों तथा कथित हेराफेरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।  
मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR मुंबई: मुंबई पुलिस ने एक 55 वर्षीय फोटोग्राफी शिक्षक को मुंबई की मेयर रितु तावड़े के पति के रूप में कथित तौर पर गलत तरीके से पेश करने वाले YouTube वीडियो के मामले में अज्ञात कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ FIR दर्ज की है। वीडियो में शिक्षक की तस्वीर का इस्तेमाल कर उनके बारे में भ्रामक और कथित रूप से मानहानिकारक जानकारी प्रसारित की गई थी। मामले में कालाचौकी पुलिस ने 27 अगस्त को शिक्षक की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 26 अगस्त को उनके भवन में रहने वाले एक पड़ोसी ने WhatsApp के जरिए YouTube वीडियो का लिंक भेजा। वीडियो देखने के बाद उन्हें पता चला कि उनकी तस्वीर का इस्तेमाल मुंबई की मेयर के साथ जोड़कर किया गया है। पुलिस के अनुसार, वीडियो में शिक्षक को मेयर रितु तावड़े के पति के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इसके साथ ही वीडियो में उनके नाम, शिक्षा, पेशे, धर्म, शौक और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी भी दिखाई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी और मेयर की तस्वीरों का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किया गया। पुलिस ने बताया कि वीडियो “gk-shorts-videos” नाम के YouTube चैनल से अपलोड किया गया था। जांच के दौरान पुलिस तकनीकी माध्यमों से चैनल संचालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वीडियो से जुड़े IP एड्रेस और अन्य डिजिटल जानकारी जुटाई जा रही है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को वीडियो के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें जांच में अहम साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किस व्यक्ति ने तैयार किया और उसे किस उद्देश्य से अपलोड किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है। रितु तावड़े वरिष्ठ भाजपा नगरसेवक हैं और मुंबई महानगरपालिका के घाटकोपर स्थित एन-वॉर्ड के वार्ड 132 का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालिया 227 सदस्यीय BMC चुनाव में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना को 29 सीटें मिली थीं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की पहचान सामने नहीं आई है।  
फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार मुंबई: मुंबई पुलिस ने फर्जी कंपनी और नकली भुगतान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक केमिकल कारोबारी से कथित तौर पर ₹17.65 लाख की ठगी करने के मामले में राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भुगतान किए बिना कई बार केमिकल की सप्लाई हासिल की और फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट व UTR नंबर भेजकर कारोबारी को गुमराह किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित कुमार बिश्नोई और 19 वर्षीय विकास बिश्नोई के रूप में हुई है। दोनों को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया गया। फर्जी कंपनी के नाम पर कारोबारी को बनाया निशाना DCP Zone 11 संदीप घुगे के मुताबिक, शिकायतकर्ता निर्मित संजय अजमेरा (32) ‘Premier Solvents’ नाम से केमिकल कारोबार चलाते हैं। उन्हें WhatsApp के जरिए ‘Shree Ramdev Industries’ नाम की कंपनी से एथिल एसीटेट का ऑर्डर मिला था। यह केमिकल वुड पॉलिश समेत कई उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। आरोपियों ने कथित तौर पर ‘Shree Ramdev Industries’ के नाम से फर्जी विजिटिंग कार्ड और लेटरहेड तैयार किए। इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर कंपनी को वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई। संदीप घुगे ने बताया कि ऑर्डर मिलने के बाद आरोपियों ने कारोबारी को भुगतान किए जाने का फर्जी स्क्रीनशॉट और UTR नंबर भेजा, जबकि वास्तव में कोई रकम ट्रांसफर नहीं की गई थी। पुलिस के अनुसार, इसी तरीके से आरोपियों ने चार से पांच बार ऑर्डर किए और बिना भुगतान किए केमिकल की सप्लाई हासिल की। बाद में जब कारोबारी ने अपने बैंक खाते में भुगतान की जांच की तो कोई रकम प्राप्त नहीं हुई। जांच में सामने आया कि बिना भुगतान के सप्लाई किए गए केमिकल की कुल कीमत करीब ₹17.65 लाख थी। राजस्थान तक पहुंची पुलिस की जांच मामले में MHB Colony Police Station में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान MHB पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ठगी में इस्तेमाल किए गए फर्जी SIM कार्ड को ट्रेस किया। पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और जोधपुर ईस्ट के DCP कार्यालय तथा जोधपुर साइबर टीम की मदद से आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की। तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर मुख्य आरोपी के रूप में ललित कुमार बिश्नोई की पहचान हुई। पुलिस के मुताबिक, ललित लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। मोबाइल फोन से मिली जानकारी, आरोपी की तस्वीर और मुखबिरों से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे जोधपुर के मंडोर इलाके में ट्रेस किया। पुलिस टीम ने करीब आठ दिनों तक लगातार निगरानी रखी और इसके बाद जाल बिछाकर ललित बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया दूसरे आरोपी का नाम पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान ललित ने कथित तौर पर इस ठगी में अपने साथी विकास बिश्नोई की भूमिका के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने विकास को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की कथित भूमिका सामने आने के बाद मामले में BNS की धारा 3(5) भी जोड़ी गई, जो कई व्यक्तियों द्वारा साझा मंशा से किए गए कृत्य से संबंधित है। कई राज्यों में ठगी की आशंका जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह भी पता चला कि आरोपी महाराष्ट्र के अलावा गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में भी इसी तरह की ठगी कर चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक और फर्जी SIM कार्ड लेने, सोनू कुमार प्रजापत के नाम से फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करने तथा ‘Shyam Industries’ नाम की एक और फर्जी कंपनी बनाने की कथित योजना में थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दूसरे राज्यों की करीब 39 केमिकल कंपनियों से संपर्क करने की योजना बना रहे थे। पुलिस अब इन कंपनियों से संपर्क और संभावित ठगी की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने कारोबारियों को निशाना बनाया और कितनी रकम की कथित ठगी की गई। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।  
मुंबई में ₹125 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, 110 म्यूल बैंक अकाउंट का नेटवर्क बेनकाब

मुंबई में ₹125 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, 110 म्यूल बैंक अकाउंट का नेटवर्क बेनकाब

मुंबई में ₹125 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, 110 म्यूल बैंक अकाउंट का नेटवर्क बेनकाब मुंबई: मुंबई पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और ऑनलाइन कैसीनो की आड़ में होने वाले साइबर फ्रॉड से जुड़े एक बड़े म्यूल बैंक अकाउंट रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए महज 17 बैंक खातों के जरिए एक से दो महीने के भीतर ₹125 करोड़ से अधिक की रकम का लेन-देन किया गया। पुलिस ने अब तक ऐसे 110 बैंक खातों की पहचान की है। इनमें से 17 खातों का संबंध देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 38 साइबर अपराध की शिकायतों और मामलों से सामने आया है। तीन आरोपी गिरफ्तार इस मामले में मुंबई पुलिस की डोंगरी पुलिस के साइबर सेल ने मध्य प्रदेश के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल कमलकुमार जैसवानी (26), राहुल श्यामलाल पारसवानी (32) और जय बिहारी लाल तिरयानी (26) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान पांच अन्य संदिग्धों की भी पहचान हुई है और उनकी तलाश के लिए कार्रवाई जारी है। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों को बनाते थे निशाना जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाते थे। उन्हें बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले छोटी रकम देने का लालच दिया जाता था। खाता खुलने के बाद आरोपी कथित तौर पर खाताधारकों से पासबुक, डेबिट कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और उसकी आवाजाही के लिए किया जाता था। कई राज्यों में साइबर अपराध से जुड़े तार पुलिस जांच में 17 बैंक खातों का लिंक महाराष्ट्र समेत कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, गुजरात, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर अपराधों से सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों के जरिए कुल कितनी रकम का लेन-देन हुआ और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। 70 डेबिट कार्ड और 42 पासबुक बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े 70 डेबिट कार्ड और 42 पासबुक बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के जरिए पुलिस को रैकेट के नेटवर्क और पैसों के लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका के साथ-साथ देशभर में फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क से इसके कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है।  
मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका

मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका

मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका मुंबई: दक्षिण मुंबई के हाई-सिक्योरिटी इलाके नेवी नगर, कोलाबा में भारतीय नौसेना के एक जवान समेत उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। मृतकों में जवान, उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच हत्या-आत्महत्या के एंगल से कर रही है। मृतक नौसेना कर्मी की पहचान 30 वर्षीय पुरनमल शंभूलाल मेहरा के रूप में हुई है। उनके साथ उनकी 28 वर्षीय पत्नी ओमा पुरनमल मेहरा, तीन वर्षीय बेटे यश और दो महीने के शिशु की भी मौत हुई है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में नौसेना कर्मी की मौत आत्महत्या से होने की आशंका है, जबकि उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की मौत संदिग्ध जहर सेवन से होने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। चारों शवों को मुंबई के जेजे अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। डीसीपी मनीष कलवानिया ने बताया कि शुरुआती जांच में जवान की मौत आत्महत्या से और उनकी पत्नी व बच्चों की मौत जहर के कारण होने की आशंका सामने आई है। मामले की आगे की जांच जारी है। भारतीय नौसेना ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि 15 अगस्त 2026 को नेवी नगर में एक नौसेना कर्मी, उनकी पत्नी और दो बच्चे अपने आवास पर मृत पाए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और नौसेना की ओर से जांच में हर संभव सहायता दी जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौतों की वास्तविक वजह और घटनाक्रम स्पष्ट हो पाएगा।  

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