मुंबई में ‘एयर इंडिया कॉलोनियों’ का अंत: 70 साल पुरानी विरासत हुई इतिहास, कलिना से आखिरी परिवार भी विदा मुंबई | विशेष रिपोर्ट: हर शुरुआत जहां जश्न और उम्मीदों के साथ होती है, वहीं अंत अक्सर खामोश और भावुक होता है। मुंबई के कलिना इलाके में स्थित एयर इंडिया की ऐतिहासिक कॉलोनियों का अध्याय भी अब ऐसे ही एक शांत अंत के साथ बंद हो गया है। दशकों से हजारों कर्मचारियों का घर रही ये कॉलोनियां अब इतिहास बन चुकी हैं। करीब 184 एकड़ में फैली इन कॉलोनियों का निर्माण 1955 में शुरू हुआ था। समय के साथ यहां चार बड़ी स्टाफ कॉलोनियां बनीं, जिनमें कुल 106 इमारतों में 1,683 फ्लैट्स थे। लेकिन अब इन घरों के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में बचे हुए करीब 150 परिवारों ने भी अपने घर खाली कर दिए, और अब इस जमीन का कब्जा मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) को सौंप दिया जाएगा। एयर इंडिया, जो कभी मुंबई की पहचान का अहम हिस्सा रही, अब इस शहर में अपनी आखिरी रिहायशी मौजूदगी भी खो चुकी है। 1970 के दशक में बना प्रतिष्ठित एयर इंडिया टावर पहले ही 2024 में बेच दिया गया था, और अब कॉलोनियों के खाली होने के साथ एक पूरा युग समाप्त हो गया है। 2022 में एयर इंडिया के निजीकरण के बाद से ही इन कॉलोनियों को लेकर विवाद शुरू हो गया था। कर्मचारियों और यूनियनों ने अपने रहने के अधिकार के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जो लेबर कोर्ट से होते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने निवासियों को 30 नवंबर 2025 तक घर खाली करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्हें शैक्षणिक सत्र खत्म होने तक अतिरिक्त समय दिया गया। आज जब इन कॉलोनियों को देखा जाता है, तो यहां वीरानी और यादों का मिश्रण नजर आता है। जर्जर हो चुकी इमारतें, टूटी सीढ़ियां, छतों से गिरता कंक्रीट और खाली पड़े गलियारे इस बात के गवाह हैं कि यहां कभी जिंदगी बसती थी। वहीं दूसरी ओर, पुराने पेड़ों और हरियाली के बीच अब भी बीते समय की झलक दिखाई देती है। इन कॉलोनियों का महत्व सिर्फ आवास तक सीमित नहीं था। यहां के क्रिकेट और फुटबॉल मैदानों ने देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए, जबकि स्कूलों में हजारों बच्चों ने शिक्षा प्राप्त की। आपात स्थितियों में भी यहां के कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई—चाहे 2018 की बाढ़ हो या कोविड-19 के दौरान मेडिकल सप्लाई का संचालन। अब जब आखिरी परिवार भी यहां से जा चुका है, तो यह सिर्फ एक जगह का खाली होना नहीं, बल्कि मुंबई के एविएशन इतिहास के एक सुनहरे अध्याय का अंत है। एयर इंडिया आज भी उड़ान भर रही है, लेकिन मुंबई में उसका ‘घर’ अब हमेशा के लिए खो गया है।