Category: Mumbai

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR मुंबई: मुंबई पुलिस ने एक 55 वर्षीय फोटोग्राफी शिक्षक को मुंबई की मेयर रितु तावड़े के पति के रूप में कथित तौर पर गलत तरीके से पेश करने वाले YouTube वीडियो के मामले में अज्ञात कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ FIR दर्ज की है। वीडियो में शिक्षक की तस्वीर का इस्तेमाल कर उनके बारे में भ्रामक और कथित रूप से मानहानिकारक जानकारी प्रसारित की गई थी। मामले में कालाचौकी पुलिस ने 27 अगस्त को शिक्षक की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 26 अगस्त को उनके भवन में रहने वाले एक पड़ोसी ने WhatsApp के जरिए YouTube वीडियो का लिंक भेजा। वीडियो देखने के बाद उन्हें पता चला कि उनकी तस्वीर का इस्तेमाल मुंबई की मेयर के साथ जोड़कर किया गया है। पुलिस के अनुसार, वीडियो में शिक्षक को मेयर रितु तावड़े के पति के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इसके साथ ही वीडियो में उनके नाम, शिक्षा, पेशे, धर्म, शौक और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी भी दिखाई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी और मेयर की तस्वीरों का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किया गया। पुलिस ने बताया कि वीडियो “gk-shorts-videos” नाम के YouTube चैनल से अपलोड किया गया था। जांच के दौरान पुलिस तकनीकी माध्यमों से चैनल संचालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वीडियो से जुड़े IP एड्रेस और अन्य डिजिटल जानकारी जुटाई जा रही है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को वीडियो के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें जांच में अहम साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किस व्यक्ति ने तैयार किया और उसे किस उद्देश्य से अपलोड किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है। रितु तावड़े वरिष्ठ भाजपा नगरसेवक हैं और मुंबई महानगरपालिका के घाटकोपर स्थित एन-वॉर्ड के वार्ड 132 का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालिया 227 सदस्यीय BMC चुनाव में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना को 29 सीटें मिली थीं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की पहचान सामने नहीं आई है।  
फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार मुंबई: मुंबई पुलिस ने फर्जी कंपनी और नकली भुगतान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक केमिकल कारोबारी से कथित तौर पर ₹17.65 लाख की ठगी करने के मामले में राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भुगतान किए बिना कई बार केमिकल की सप्लाई हासिल की और फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट व UTR नंबर भेजकर कारोबारी को गुमराह किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित कुमार बिश्नोई और 19 वर्षीय विकास बिश्नोई के रूप में हुई है। दोनों को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया गया। फर्जी कंपनी के नाम पर कारोबारी को बनाया निशाना DCP Zone 11 संदीप घुगे के मुताबिक, शिकायतकर्ता निर्मित संजय अजमेरा (32) ‘Premier Solvents’ नाम से केमिकल कारोबार चलाते हैं। उन्हें WhatsApp के जरिए ‘Shree Ramdev Industries’ नाम की कंपनी से एथिल एसीटेट का ऑर्डर मिला था। यह केमिकल वुड पॉलिश समेत कई उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। आरोपियों ने कथित तौर पर ‘Shree Ramdev Industries’ के नाम से फर्जी विजिटिंग कार्ड और लेटरहेड तैयार किए। इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर कंपनी को वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई। संदीप घुगे ने बताया कि ऑर्डर मिलने के बाद आरोपियों ने कारोबारी को भुगतान किए जाने का फर्जी स्क्रीनशॉट और UTR नंबर भेजा, जबकि वास्तव में कोई रकम ट्रांसफर नहीं की गई थी। पुलिस के अनुसार, इसी तरीके से आरोपियों ने चार से पांच बार ऑर्डर किए और बिना भुगतान किए केमिकल की सप्लाई हासिल की। बाद में जब कारोबारी ने अपने बैंक खाते में भुगतान की जांच की तो कोई रकम प्राप्त नहीं हुई। जांच में सामने आया कि बिना भुगतान के सप्लाई किए गए केमिकल की कुल कीमत करीब ₹17.65 लाख थी। राजस्थान तक पहुंची पुलिस की जांच मामले में MHB Colony Police Station में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान MHB पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ठगी में इस्तेमाल किए गए फर्जी SIM कार्ड को ट्रेस किया। पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और जोधपुर ईस्ट के DCP कार्यालय तथा जोधपुर साइबर टीम की मदद से आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की। तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर मुख्य आरोपी के रूप में ललित कुमार बिश्नोई की पहचान हुई। पुलिस के मुताबिक, ललित लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। मोबाइल फोन से मिली जानकारी, आरोपी की तस्वीर और मुखबिरों से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे जोधपुर के मंडोर इलाके में ट्रेस किया। पुलिस टीम ने करीब आठ दिनों तक लगातार निगरानी रखी और इसके बाद जाल बिछाकर ललित बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया दूसरे आरोपी का नाम पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान ललित ने कथित तौर पर इस ठगी में अपने साथी विकास बिश्नोई की भूमिका के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने विकास को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की कथित भूमिका सामने आने के बाद मामले में BNS की धारा 3(5) भी जोड़ी गई, जो कई व्यक्तियों द्वारा साझा मंशा से किए गए कृत्य से संबंधित है। कई राज्यों में ठगी की आशंका जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह भी पता चला कि आरोपी महाराष्ट्र के अलावा गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में भी इसी तरह की ठगी कर चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक और फर्जी SIM कार्ड लेने, सोनू कुमार प्रजापत के नाम से फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करने तथा ‘Shyam Industries’ नाम की एक और फर्जी कंपनी बनाने की कथित योजना में थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दूसरे राज्यों की करीब 39 केमिकल कंपनियों से संपर्क करने की योजना बना रहे थे। पुलिस अब इन कंपनियों से संपर्क और संभावित ठगी की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने कारोबारियों को निशाना बनाया और कितनी रकम की कथित ठगी की गई। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।  
30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता मुंबई: नेपाल में अचानक आई बाढ़ और खराब मौसम के बीच कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया भारतीय श्रद्धालुओं का एक समूह संपर्क से बाहर हो गया है। लापता लोगों में मुंबई के जाने-माने पर्वतारोही और डॉक्टर डॉ. मिलिंद पी. चितले भी शामिल हैं। उनके साथ उनकी पत्नी जान्हवी चितले और करीब 40 यात्रियों का समूह भी लापता बताया जा रहा है। डॉ. चितले के लिए चिकित्सा केवल पेशा था, जबकि पर्वतारोहण उनका जुनून बन गया था। उन्होंने वर्ष 1983 में ग्रांट मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। हालांकि, पहाड़ों और साहसिक अभियानों के प्रति बढ़ते आकर्षण के कारण उन्होंने मेडिकल प्रैक्टिस छोड़कर अपना जीवन पर्वतारोहण को समर्पित कर दिया। वर्ष 1997 में उन्होंने Hills and Trails नाम की मुंबई स्थित एडवेंचर कंपनी की सह-स्थापना की। इसके जरिए उन्होंने पिछले तीन दशकों में सैकड़ों लोगों को हिमालय, लद्दाख और पश्चिमी घाटों में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और धार्मिक यात्राओं पर ले जाया। डॉ. चितले का पर्वतारोहण अनुभव बेहद व्यापक रहा है। उन्होंने हिमालय की 3,000 से अधिक ट्रेल्स और अभियानों में हिस्सा लिया और कंचनजंगा पर 23,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक चढ़ाई की। वह 1997 के एवरेस्ट अभियान की आयोजन समिति का हिस्सा भी रहे। इसके अलावा उन्होंने 8,000 मीटर से अधिक ऊंचे पर्वत पर पहले भारतीय नागरिक अभियान में क्लाइम्बिंग डॉक्टर के रूप में भी काम किया। पर्वतीय सुरक्षा, रेस्क्यू तकनीक और फर्स्ट एड को लेकर उन्होंने कई प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित कीं। उन्होंने माउंटेन फर्स्ट एड और रेस्क्यू पर एक पुस्तक भी लिखी। पर्वतारोहण में योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2005 में गिरिमित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कैलाश-मानसरोवर यात्रा डॉ. चितले के लिए कोई नया अनुभव नहीं था। करीबी लोगों के मुताबिक, वह इस यात्रा को 25 से अधिक बार कर चुके थे। आमतौर पर वह ऐसी यात्राओं पर अकेले जाते थे, लेकिन इस बार उनकी पत्नी जान्हवी भी उनके साथ थीं। करीब 40 यात्रियों का समूह संपर्क से बाहर Hills and Trails के माध्यम से यह समूह 23 अगस्त को यात्रा पर निकला था और 6 सितंबर को लौटने वाला था। यात्रा का संचालन नेपाल की Richa Tours and Travels के साथ मिलकर किया जा रहा था। लापता यात्रियों में मुंबई की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री देशपांडे और उनके पति डॉ. आनंद देशपांडे भी शामिल हैं। इसके अलावा 68 वर्षीय सुनील एस. सुबेदार और 64 वर्षीय चेतना गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नागरिकों के भी संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। डॉ. गायत्री देशपांडे के परिवार के मुताबिक, उन्होंने दंपति से आखिरी बार रविवार को बात की थी। परिवार ने इसके बाद कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका। वहीं, सुनील सुबेदार के बेटे स्वानंद ने बताया कि उन्होंने अपने पिता से 26 अगस्त को आखिरी बार बात की थी। उस समय वह तिमुरे में थे और कैलाश-मानसरोवर यात्रा के अगले चरण के लिए चीन की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। चेतना गुप्ता भी इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थीं। उनके पति आनंद गुप्ता के मुताबिक, उन्होंने उन्हें भी यात्रा में साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन अधिक ऊंचाई और कम ऑक्सीजन को लेकर चिंता के कारण उन्होंने यात्रा नहीं की। परिवार के तीन सदस्य अब काठमांडू पहुंचकर चेतना गुप्ता और अन्य लापता यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद कई भारतीय यात्रियों के संपर्क से बाहर होने की खबरों ने उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल परिजन और संबंधित एजेंसियां लापता यात्रियों की जानकारी और सुरक्षित वापसी की उम्मीद में लगातार प्रयास कर रहे हैं।  
₹15 लाख रिश्वत मामले में मुंबई के निलंबित जज पर मुकदमे की तैयारी, ACB ने अभियोजन मंजूरी मांगी

₹15 लाख रिश्वत मामले में मुंबई के निलंबित जज पर मुकदमे की तैयारी, ACB ने अभियोजन मंजूरी मांगी

₹15 लाख रिश्वत मामले में मुंबई के निलंबित जज पर मुकदमे की तैयारी, ACB ने अभियोजन मंजूरी मांगी क्लर्क पर जज के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप; फोरेंसिक जांच में कथित बातचीत और वॉयस सैंपल का मिलान मुंबई: मुंबई सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट के एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जज के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन मंजूरी मांगी है। जज फिलहाल निलंबित हैं। ACB ने जुलाई में अभियोजन मंजूरी के लिए अपना प्रस्ताव कानून एवं न्याय विभाग को भेजा था। विभाग ने इसे सक्षम प्राधिकारी के फैसले के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट भेज दिया है। ACB के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मंजूरी मिलने के बाद ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। ₹15 लाख रिश्वत लेने का आरोप मामला नवंबर 2025 में दर्ज FIR से जुड़ा है। ACB ने उस समय जज की अदालत में क्लर्क-कम-टाइपिस्ट चंद्रकांत वासुदेव को कथित तौर पर ₹15 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। ACB का आरोप है कि क्लर्क ने एक सिविल विवाद में शिकायतकर्ता के पक्ष में आदेश दिलाने के बदले रिश्वत की मांग की थी और कथित तौर पर यह रकम जज की ओर से ली गई थी। जज को इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया था। ACB के अनुसार, जज को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए सीधे रंगे हाथ नहीं पकड़ा गया था। इसलिए जांच में उनकी कथित भूमिका स्थापित करने के लिए बातचीत की फोरेंसिक जांच कराई गई। बातचीत की रिकॉर्डिंग और वॉयस सैंपल की जांच ACB अधिकारी के मुताबिक, स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में कथित बातचीत की पुष्टि हुई और आवाज के नमूने का भी मिलान किया गया। इसके बाद एजेंसी ने अभियोजन मंजूरी के लिए आवेदन करने का फैसला किया। जांच के दौरान ACB ने जज और क्लर्क के बीच अदालत के समय के बाद हुई कई फोन कॉल्स की भी जानकारी जुटाई। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट से अनुमति लेकर जज के परिसर की तलाशी और आगे की जांच की गई। दिसंबर 2025 में नोटिस मिलने के बाद जज ACB के सामने पेश हुए थे। जांच के दौरान उनका वॉयस सैंपल लिया गया और मोबाइल फोन भी आगे की जांच के लिए जब्त किया गया। ऐसे शुरू हुआ था मामला ACB के अनुसार, मामला सितंबर 2025 में शुरू हुआ। शिकायतकर्ता एक कंपनी की जमीन पर कथित जबरन कब्जे से जुड़े सिविल विवाद में शामिल था। 9 सितंबर को सुनवाई के दौरान जज के अदालत में तैनात क्लर्क ने शिकायतकर्ता के सहयोगी से कथित तौर पर संपर्क किया और कहा कि यदि “साहब के लिए कुछ किया जाए” तो उसके पक्ष में आदेश हो सकता है। इसके बाद कथित तौर पर ₹25 लाख की मांग की गई, जिसमें ₹15 लाख जज और ₹10 लाख क्लर्क के लिए बताए गए। बाद में कथित तौर पर रकम घटाकर ₹15 लाख कर दी गई। 8 नवंबर को कथित तौर पर धमकी भरी बातचीत के बाद शिकायतकर्ता ने ACB से संपर्क किया। इसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और 11 नवंबर 2025 को क्लर्क को कथित तौर पर ₹15 लाख स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया। ACB का दावा है कि इसके बाद क्लर्क के मोबाइल से जज को WhatsApp कॉल की गई, जिसमें कथित तौर पर रिश्वत की रकम मिलने की जानकारी दी गई। एजेंसी के मुताबिक, बातचीत में कथित तौर पर जज ने रकम अपने घर लाने को कहा। इस बातचीत की रिकॉर्डिंग स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में किए जाने का दावा किया गया है। अभियोजन मंजूरी का इंतजार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत सार्वजनिक सेवक के खिलाफ कथित आधिकारिक कर्तव्यों से जुड़े अपराध में अदालत द्वारा संज्ञान लेने से पहले अभियोजन मंजूरी आवश्यक होती है। कानून का उद्देश्य अधिकारियों को झूठी या बेबुनियाद शिकायतों से संरक्षण देना भी है। क्लर्क चंद्रकांत वासुदेव को दिसंबर 2025 में जमानत मिल चुकी है, जबकि जज फिलहाल निलंबित हैं। उनके खिलाफ विभागीय जांच अभी शुरू नहीं हुई है। अब पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम अभियोजन मंजूरी पर सक्षम प्राधिकारी का फैसला होगा। मंजूरी मिलने के बाद ही ACB अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकेगी। जज के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच एजेंसी के आरोप हैं और मामले में अंतिम दोष सिद्ध होना अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।  
मुंबई में Gen Z की बुलंद आवाज़, विरोध प्रदर्शनों से राजनीति तक पर खुली चर्चा

मुंबई में Gen Z की बुलंद आवाज़, विरोध प्रदर्शनों से राजनीति तक पर खुली चर्चा

मुंबई में Gen Z की बुलंद आवाज़, विरोध प्रदर्शनों से राजनीति तक पर खुली चर्चा दिल से बोल: मुंबई विद Gen Z राइजिंग’ में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी, हालिया प्रदर्शनों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर विचार-विमर्श मुंबई: मुंबई में सोमवार को युवाओं की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों, कलाकारों, राजनीतिक प्रतिनिधियों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों ने हालिया विरोध प्रदर्शनों और भारतीय राजनीति में Gen Z की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। ‘Dil Se Bol: Mumbai with Gen Z Rising’ नामक यह कार्यक्रम वाई.बी. चव्हाण सेंटर में DIL Se Bol की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी स्टैंड-अप कॉमेडियन वरुण ग्रोवर ने की। कवि पुनीत शर्मा और कॉमेडियन अबिश मैथ्यू की प्रस्तुतियों के बाद पैनल चर्चा हुई, जिसमें एनसीपी (एसपी) प्रवक्ता अनिश गावंडे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रिया अहिर और रघुराम शामिल हुए। कई अन्य कलाकारों और कवियों ने भी स्वतंत्रता और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। हालिया छात्र प्रदर्शनों पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान हालिया Cockroach Janta Party (CJP) से जुड़े छात्र प्रदर्शनों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। रिया अहिर ने 20 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पुलिस वाहन के सामने हाथ उठाए उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्होंने विरोध में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का फैसला किया। अहिर ने दावा किया कि उन्होंने घटनास्थल पर एक पुलिस वाहन की नंबर प्लेट की तस्वीर ली और पाया कि उस पर अनिवार्य हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं थी। उन्होंने ऐसे नौ अन्य वाहनों की भी पहचान करने का दावा किया। प्रदर्शनकारियों की एकजुटता का जिक्र अनिश गावंडे ने प्रदर्शनों के दौरान दिखाई दी एकजुटता का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई लोग रातभर प्रदर्शन स्थल पर रुके रहे और स्वयंसेवकों ने प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया। गावंडे ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग जगहों से लोग समर्थन देने पहुंचे। उनके अनुसार, बुजुर्गों से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों तक ने प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई। शबाना आजमी ने युवाओं की भूमिका पर कही बात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा कि हालिया प्रदर्शनों ने युवाओं के राजनीति से दूर रहने की धारणा को चुनौती दी है। उन्होंने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज को युवा पीढ़ी की आवाज़ को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने जुलाई में हुए प्रदर्शनों का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां का माहौल उनके लिए बेहद प्रभावशाली था और युवाओं ने अपनी अहमियत का एहसास कराया। आंसू गैस और मीडिया कवरेज पर सवाल कार्यक्रम के समापन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 20 जुलाई के प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर कथित तौर पर आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं में मौजूद असंतोष की जड़ें देश में लंबे समय से चली आ रही सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं से जुड़ी हैं। बोरा ने मुख्यधारा के टेलीविजन मीडिया के कवरेज की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थानों ने प्रदर्शनों की वास्तविक स्थिति को सही तरीके से पेश नहीं किया। उन्होंने युवाओं से राजनीतिक प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि Gen Z अब केवल सोशल मीडिया पर अपनी राय रखने वाली पीढ़ी नहीं है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी भूमिका को लेकर भी मुखर हो रही है। युवाओं की यह बढ़ती राजनीतिक भागीदारी आने वाले समय में राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक विमर्श को प्रभावित कर सकती है।  
मुंबई में गणेश प्रतिमा गिरने से बड़ा हादसा, 2 की मौत; 5 घायल

मुंबई में गणेश प्रतिमा गिरने से बड़ा हादसा, 2 की मौत; 5 घायल

मुंबई में गणेश प्रतिमा गिरने से बड़ा हादसा, 2 की मौत; 5 घायल भुलेश्वर में ‘भुलेश्वरचा राजा’ की आगमन शोभायात्रा के दौरान हादसा, घायलों में 5 और 7 साल की दो बच्चियां भी शामिल मुंबई: भुलेश्वर इलाके में शनिवार रात गणेश प्रतिमा की आगमन शोभायात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ‘भुलेश्वरचा राजा’ की विशाल गणेश प्रतिमा अचानक गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो बच्चियां भी शामिल हैं। यह हादसा शनिवार, 22 अगस्त को रात करीब 9:30 बजे बलराम मर्चेंट रोड पर कबूतरखाना के पास जय अंबे चौक इलाके में हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, 108 एंबुलेंस और बीएमसी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, हादसे में कुल सात लोग प्रभावित हुए। इनमें 33 वर्षीय संकेत नेवसे को रिलायंस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं 30 वर्षीय बृजेश हेमंत जोशी को जी.टी. अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। हादसे में घायल 38 वर्षीय वैभव घेनंद और 25 वर्षीय पवन चौरसिया का जी.टी. अस्पताल में इलाज चल रहा है और दोनों की हालत स्थिर बताई गई है। घायलों में 5 वर्षीय लावण्या गनेर, 7 वर्षीय दिव्या गनेर और 26 वर्षीय कुणाल काशीद भी शामिल हैं। तीनों को जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुट गईं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
मुंबई के अंधेरी में बर्गर में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप, ग्राहक ने पुलिस और FDA से की शिकायत

मुंबई के अंधेरी में बर्गर में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप, ग्राहक ने पुलिस और FDA से की शिकायत

मुंबई के अंधेरी में बर्गर में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप, ग्राहक ने पुलिस और FDA से की शिकायत मुंबई: मुंबई के अंधेरी स्थित एक लोकप्रिय बर्गर रेस्टोरेंट में खाने के दौरान बर्गर के अंदर कांच का टुकड़ा मिलने के आरोप से हड़कंप मच गया है। ग्राहक ने मामले की शिकायत पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) से की है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना 16 अगस्त की बताई जा रही है। शिकायतकर्ता तनिशा गोगरी अपनी एक दोस्त के साथ अंधेरी स्थित Jimi’s Burger पहुंची थीं। उन्होंने वहां Korean Veg Burger ऑर्डर किया था। शिकायत के अनुसार, बर्गर खाते समय तनिशा को उसमें कांच का एक टुकड़ा दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल रेस्टोरेंट के कर्मचारियों और प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। कांच का टुकड़ा फेंकने का आरोप तनिशा ने आरोप लगाया है कि घटना की जानकारी देने के बाद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने कथित तौर पर कांच के टुकड़े को जांच के लिए सुरक्षित रखने के बजाय कूड़ेदान में फेंक दिया। तनिशा ने घटना के बारे में कहा कि बर्गर खाते समय उन्हें उसके अंदर कांच का टुकड़ा मिला और उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, इसके बाद वह टुकड़ा कूड़ेदान में फेंक दिया गया। पुलिस और FDA तक पहुंचा मामला घटना के बाद तनिशा के पिता ने अंबोली पुलिस स्टेशन में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा मामले की जानकारी FDA को भी दी गई है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित तौर पर बर्गर में कांच का टुकड़ा कैसे पहुंचा और घटना में खाद्य सुरक्षा मानकों का कोई उल्लंघन हुआ है या नहीं। हालांकि, रेस्टोरेंट के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। रेस्टोरेंट की ओर से इस शिकायत पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का भी इंतजार है। जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।  
मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी जरूरी, आज से नियम लागू; जानिए उल्लंघन पर क्या होगा

मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी जरूरी, आज से नियम लागू; जानिए उल्लंघन पर क्या होगा

मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी जरूरी, आज से नियम लागू; जानिए उल्लंघन पर क्या होगा मुंबई: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा से जुड़ी शर्तों को लेकर सरकार ने अब सख्ती शुरू कर दी है। मंगलवार से नियम लागू होने के बाद जिन चालकों को मराठी का आवश्यक ज्ञान नहीं है, उनके खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, नियम का उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किया जाएगा। सरकार ने चालकों को मराठी सीखने और आवश्यक प्रशिक्षण पूरा करने के लिए पहले पर्याप्त समय दिया था। अब यह समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, मराठी की आवश्यक जानकारी प्रदर्शित नहीं कर पाने वाले चालकों को सबसे पहले 30 दिन का नोटिस दिया जाएगा। नियम नहीं मानने पर लाइसेंस निलंबित हो सकता है नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि चालक मराठी भाषा की निर्धारित शर्त पूरी नहीं करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। इसके बावजूद नियम का पालन नहीं करने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए जाने का प्रावधान है। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि चालकों को नियमों का पालन करने के लिए कुल मिलाकर करीब चार महीने तक का समय मिल सकता है। 1.25 लाख चालकों को राहत इस नियम के तहत करीब 1.25 लाख ऑटो और टैक्सी चालकों को राहत मिलेगी। इन चालकों ने सरकार द्वारा आयोजित मराठी भाषा पाठ्यक्रम पूरा कर परीक्षा पास की है और प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। ऐसे चालकों पर इस प्रावधान के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी। ठाणे में आयोजित ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा पाठ्यक्रम अभियान’ के समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मराठी को “भक्ति की भाषा, मजबूरी की नहीं” के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो लोग मराठी सीख रहे हैं, उनका मजाक उड़ाने के बजाय उनसे मराठी में बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। शिंदे के मुताबिक, 105 दिनों के अभियान के दौरान करीब 1.25 लाख ऑटो और टैक्सी चालकों ने मराठी सीखी, परीक्षा दी और प्रमाणपत्र हासिल किए। परिवहन मंत्री ने अपनाया सख्त रुख परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “मैं मराठी नहीं बोलूंगा” जैसी मानसिकता अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अभियान के पीछे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की राजनीतिक पहल को महत्वपूर्ण बताया। सरनाईक ने यह भी कहा कि अभियान के लिए उद्योग विभाग की ओर से 1 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी। सरकार का क्या कहना है? मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में बड़ी संख्या में गैर-मराठी भाषी लोग रहते हैं और ऑटो-टैक्सी क्षेत्र में भी दूसरे राज्यों से आए लोग बड़ी संख्या में काम करते हैं। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य गैर-मराठी लोगों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है। अब नियम लागू होने के बाद आने वाले महीनों में इसका पालन किस तरह कराया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।  
मुंबई के कांदिवली में कमर्शियल बिल्डिंग में लगी आग, 11 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

मुंबई के कांदिवली में कमर्शियल बिल्डिंग में लगी आग, 11 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

मुंबई के कांदिवली में कमर्शियल बिल्डिंग में लगी आग, 11 लोगों को सुरक्षित बचाया गया मुंबई: मुंबई के कांदिवली पश्चिम में सोमवार सुबह एक कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। बीएमसी के अनुसार, आग अभिराई होटल परिसर में लगी थी। दमकल कर्मियों ने इमारत की दूसरी मंजिल स्थित लॉजिंग हाउस से 11 लोगों को सीढ़ियों के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग मुख्य रूप से पास स्थित एक अस्थायी फल स्टॉल में रखी इलेक्ट्रिकल वायरिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, लकड़ी के फर्नीचर, तिरपाल, बांस और प्लास्टिक सामग्री तक सीमित थी। बीएमसी ने बताया कि आग की लपटें तिरुपति बैंक्वेट की चौथी मंजिल तक भी पहुंचीं, जहां करीब 50 वर्ग फीट क्षेत्र में कपड़ों, लकड़ी के फर्नीचर और फॉल्स सीलिंग को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा इमारत के बाहरी हिस्से में लगे एल्युमिनियम और प्लास्टिक की सजावटी शीट भी आग की चपेट में आ गईं। आग के कारण पूरी इमारत में धुआं भर गया था। दमकल कर्मियों ने समय रहते स्थिति पर काबू पाने के साथ ही इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है।
मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका

मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका

मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका मुंबई: दक्षिण मुंबई के हाई-सिक्योरिटी इलाके नेवी नगर, कोलाबा में भारतीय नौसेना के एक जवान समेत उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। मृतकों में जवान, उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच हत्या-आत्महत्या के एंगल से कर रही है। मृतक नौसेना कर्मी की पहचान 30 वर्षीय पुरनमल शंभूलाल मेहरा के रूप में हुई है। उनके साथ उनकी 28 वर्षीय पत्नी ओमा पुरनमल मेहरा, तीन वर्षीय बेटे यश और दो महीने के शिशु की भी मौत हुई है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में नौसेना कर्मी की मौत आत्महत्या से होने की आशंका है, जबकि उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की मौत संदिग्ध जहर सेवन से होने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। चारों शवों को मुंबई के जेजे अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। डीसीपी मनीष कलवानिया ने बताया कि शुरुआती जांच में जवान की मौत आत्महत्या से और उनकी पत्नी व बच्चों की मौत जहर के कारण होने की आशंका सामने आई है। मामले की आगे की जांच जारी है। भारतीय नौसेना ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि 15 अगस्त 2026 को नेवी नगर में एक नौसेना कर्मी, उनकी पत्नी और दो बच्चे अपने आवास पर मृत पाए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और नौसेना की ओर से जांच में हर संभव सहायता दी जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौतों की वास्तविक वजह और घटनाक्रम स्पष्ट हो पाएगा।  

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