‘सड़कें और फुटपाथ बेहद खराब’
मोहनदास पाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अंधेरी में सड़कों की हालत देखकर वह “पूरी तरह चौंक गए।” उन्होंने लिखा कि कई जगहों पर टूटी सड़कें, मलबा, धीमी गति से चल रहे काम और खराब गुणवत्ता के कंक्रीट रोड देखने को मिले।
उन्होंने भारतीय शहरों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा,
“हमारे शहरों की यही त्रासदी है—एक तरफ वर्ल्ड-क्लास इमारतें हैं, तो दूसरी तरफ थर्ड-क्लास सड़कें और फुटपाथ।”
‘भ्रष्टाचार से बिगड़ी स्थिति’
पाई ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की खराब हालत के पीछे गहरी जड़ें जमाए भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में गुणवत्ता बेहतर दिखती है, लेकिन सार्वजनिक परियोजनाओं की स्थिति बेहद खराब है।
चल रहे प्रोजेक्ट्स से बढ़ी परेशानी
मुंबई में इस समय कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है, जिनमें मेट्रो निर्माण, सड़कों का कंक्रीटीकरण और ड्रेनेज सुधार शामिल हैं। हालांकि इन परियोजनाओं के चलते शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम और आम लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े उद्योगपति या विशेषज्ञ ने शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले Kiran Mazumdar-Shaw ने भी बेंगलुरु की खराब सड़कों और गंदगी को लेकर चिंता जताई थी, जब एक विदेशी निवेशक ने शहर की स्थिति पर सवाल उठाए थे।
निष्कर्ष
मोहनदास पाई का बयान मुंबई जैसे महानगर के विकास मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जहां एक ओर शहर तेजी से आधुनिक इमारतों और प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time
Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato