मनी लॉन्ड्रिंग केस में NCP नेता रूपाली चाकणकर से ED की पूछताछ, अशोक खरत मामले में जांच तेज

मनी लॉन्ड्रिंग केस में NCP नेता रूपाली चाकणकर से ED की पूछताछ, अशोक खरत मामले में जांच तेज

Mumbai में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए NCP नेता Rupali Chakankar से गुरुवार को लंबी पूछताछ की। यह पूछताछ स्वयंभू बाबा Ashok Kharat से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की गई।

चाकणकर सुबह करीब 10:30 बजे ED के मुंबई कार्यालय पहुंचीं, जहां उनसे PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत बयान दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ कई घंटों तक चली और इसमें उनके वित्तीय संबंधों और ट्रस्ट से जुड़ी गतिविधियों पर सवाल किए गए।

🔍 क्या है पूरा मामला?

ED की जांच नासिक स्थित “शिवनिका संस्थान” ट्रस्ट से जुड़ी है, जिसका संचालन अशोक खरत करता था और जिसमें रूपाली चाकणकर ट्रस्टी रह चुकी हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या चाकणकर के खरत के साथ कोई वित्तीय लेन-देन या प्रत्यक्ष संबंध थे।

खरत को मार्च में गंभीर आरोपों—जैसे दुष्कर्म, यौन शोषण, अंधविश्वास फैलाने, जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग—के तहत गिरफ्तार किया गया था।

💰 करोड़ों की संपत्ति और नकदी जब्त

जांच के दौरान ED ने खरत और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संपत्ति और नकदी जब्त की है।

  • ₹2.4 करोड़ की बैंक राशि फ्रीज
  • ₹42 लाख नकद जब्त
  • ₹1 करोड़ से अधिक कैश और सोना-चांदी बरामद
  • कई करोड़ की संपत्ति से जुड़े 90 दस्तावेज जब्त

इसके अलावा, खरत के कथित तौर पर कई बैंक खातों और सहकारी संस्थाओं के जरिए पैसों के लेन-देन का जाल भी सामने आया है।

🏦 फर्जी खातों के जरिए लेन-देन का जाल

ED की जांच में सामने आया है कि खरत ने कई लोगों के नाम पर दर्जनों बैंक खाते खुलवाकर उन पर अपना नियंत्रण रखा। इन खातों में जमा रकम को बाद में फिक्स्ड डिपॉजिट में बदलकर निकाला गया।

बताया जा रहा है कि खरत अपने अनुयायियों को “चमत्कारी वस्तुएं” ऊंची कीमतों पर बेचकर भी धन इकट्ठा करता था, जिसे बाद में संपत्तियों में निवेश किया गया।

👨‍⚖️ जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद

ED अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और सभी संदिग्ध लेन-देन की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

📌 निष्कर्ष:

यह मामला न सिर्फ मनी लॉन्ड्रिंग बल्कि अंधविश्वास और संगठित आर्थिक अपराधों का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। ED की जांच आगे बढ़ने के साथ ही और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Undercover Editor

From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time

 

Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato