लेखक: Mahesh Rathod

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

मुंबई में डेंगू के मामलों में 28% बढ़ोतरी, बारिश के बीच बढ़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

मुंबई में डेंगू के मामलों में 28% बढ़ोतरी, बारिश के बीच बढ़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

मुंबई में डेंगू के मामलों में 28% बढ़ोतरी, बारिश के बीच बढ़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह गर्म और उमस भरे मौसम के साथ जगह-जगह जमा पानी बना मच्छरों के प्रजनन का कारण; डेंगू के बाद बुखार उतरने पर भी कई दिनों तक रह सकती है कमजोरी मुंबई: मुंबई में डेंगू के मामलों में पिछले साल की तुलना में करीब 28 प्रतिशत बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। गर्म और उमस भरे मौसम के साथ बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी Aedes मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शहरवासियों से मच्छरों से बचाव के साथ डेंगू के लक्षणों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। डॉक्टरों के मुताबिक, डेंगू से ठीक होने के बाद भी मरीज को तुरंत पहले जैसी ऊर्जा महसूस हो, यह जरूरी नहीं है। बुखार खत्म होने के बाद भी थकान, कमजोरी, चक्कर, कम स्टैमिना और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी कई दिनों या कुछ मामलों में कुछ हफ्तों तक रह सकती है। क्यों बढ़ रहा है मुंबई में डेंगू का खतरा? डेंगू संक्रमित Aedes मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर अक्सर घरों और आसपास मौजूद छोटे-छोटे पानी जमा होने वाले स्थानों में पनपते हैं। फूलों के गमले और उनकी ट्रे, बाल्टी, कूलर, पुराने टायर, फेंके गए कंटेनर, छत, निर्माणाधीन इमारतों और अन्य जगहों पर जमा बारिश का पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन सकता है। Zynova Shalby Hospital, Mumbai के Internal Medicine Expert डॉ. निमित्त नागड़ा के अनुसार, मुंबई में इस समय डेंगू के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। गर्म और उमस भरा मौसम Aedes मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करता है। डेंगू का खतरा किसी एक उम्र तक सीमित नहीं है। बच्चे, युवा, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग सभी संक्रमित मच्छर के काटने से डेंगू की चपेट में आ सकते हैं। बुखार उतरने के बाद भी कमजोरी क्यों? विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार खत्म होना हमेशा पूरी तरह ठीक होने का संकेत नहीं होता। डॉ. विमल जे. पाहुजा, MD (Internal Medicine), Metabolic Physician एवं Diabetologist, Dr LH Hiranandani Hospital के मुताबिक, डेंगू और मलेरिया के बाद मरीज की रिपोर्ट बेहतर होने के बावजूद कुछ समय तक काफी कमजोरी महसूस हो सकती है। डेंगू में शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया तेज हो सकती है और कई मरीजों में सफेद रक्त कोशिकाओं तथा प्लेटलेट्स में कमी देखी जाती है। गंभीर मामलों में डिहाइड्रेशन, शरीर में तरल पदार्थों का असंतुलन और कुछ अंगों पर प्रभाव भी पड़ सकता है। वहीं मलेरिया लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इनके नष्ट होने से कुछ मरीजों में एनीमिया हो सकता है, जिससे थकान और शारीरिक क्षमता कम हो सकती है। डेंगू के सामान्य लक्षण क्या हैं? डेंगू या मलेरिया के दौरान मरीजों में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिनमें शामिल हैं: बुखार खत्म होने के बाद भी कुछ मरीजों को थोड़ी दूर चलने पर थकान, पैरों में भारीपन, चक्कर, कम स्टैमिना, ध्यान लगाने में परेशानी और सामान्य काम करने में कमजोरी महसूस हो सकती है। प्लेटलेट कम होने पर घबराएं नहीं, लेकिन निगरानी जरूरी डॉक्टरों के अनुसार डेंगू में प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं, लेकिन सिर्फ एक प्लेटलेट रिपोर्ट देखकर स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जाना चाहिए। मरीज की पूरी क्लिनिकल स्थिति, हाइड्रेशन, ब्लीडिंग के लक्षण और अलग-अलग दिनों की रिपोर्ट में आ रहे बदलाव को देखना महत्वपूर्ण है। मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दोबारा रक्त जांच करानी चाहिए और रिपोर्ट देखकर खुद से दवा शुरू या बंद नहीं करनी चाहिए। किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें? डेंगू से उबर रहे मरीज को यदि निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए: विशेष रूप से डेंगू के दौरान बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए, क्योंकि कुछ दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं। मच्छरों से बचाव के लिए क्या करें? डॉक्टरों ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। इसके लिए: Aedes मच्छर दिन के समय भी काट सकते हैं, इसलिए मच्छरों से बचाव को केवल रात या शाम तक सीमित नहीं रखना चाहिए। डेंगू का शक हो तो क्या करें? तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, त्वचा पर दाने, मतली या उल्टी जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर जब इलाके में डेंगू के मामले बढ़ रहे हों। डेंगू की पुष्टि होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त तरल पदार्थ, आराम, आवश्यक जांच और मेडिकल मॉनिटरिंग की जरूरत पड़ सकती है। बुखार उतरते ही भारी व्यायाम, लंबे समय तक काम या ज्यादा शारीरिक मेहनत शुरू करना उचित नहीं है। मुंबई में डेंगू का बढ़ता खतरा शहरवासियों के लिए साफ संकेत है कि मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने के साथ-साथ संदिग्ध लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए। वहीं, डेंगू या मलेरिया से उबर रहे मरीजों को शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए पर्याप्त आराम देना चाहिए और सामान्य गतिविधियों में धीरे-धीरे लौटना चाहिए।  
दिशा सालियान मौत केस में CBI की FIR, आदित्य ठाकरे समेत कई नाम जांच के दायरे में

दिशा सालियान मौत केस में CBI की FIR, आदित्य ठाकरे समेत कई नाम जांच के दायरे में

दिशा सालियान मौत केस में CBI की FIR, आदित्य ठाकरे समेत कई नाम जांच के दायरे में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद छह साल पुराने मामले में नई जांच शुरू; FIR में रिया चक्रवर्ती, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली समेत कई लोगों के नाम का उल्लेख नई दिल्ली/मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के करीब छह साल बाद मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार, 14 सितंबर को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, अभिनेता डिनो मोरिया और सूरज पंचोली समेत कई लोगों के नाम जांच के संदर्भ में दर्ज किए गए हैं। FIR में आदित्य ठाकरे के कथित बॉडीगार्ड्स, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे, पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, DCP विशाल ठाकुर और तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत कई पुलिस अधिकारियों, फोरेंसिक अधिकारियों, डॉक्टरों तथा अन्य लोगों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति का FIR में नाम होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने या उसे आरोपी ठहराए जाने के बराबर नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश देते समय स्पष्ट किया था कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए। FIR में साजिश और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों की जांच CBI की FIR में कथित मुख्य अपराधों के अलावा आपराधिक साजिश, घटना को आत्महत्या के रूप में पेश किए जाने और सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें कथित हेरफेर जैसे पहलुओं की जांच का भी उल्लेख है। FIR में मालवणी पुलिस स्टेशन से जुड़े अधिकारियों, पोस्टमार्टम में शामिल डॉक्टरों एवं कर्मचारियों, कालिना स्थित फोरेंसिक साइंस लैब के अधिकारियों, रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड्स और पहले गठित विशेष जांच दल से जुड़े लोगों का भी उल्लेख किया गया है। अब CBI इन सभी पहलुओं की नए सिरे से जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि दिशा सालियान की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्यों CBI जांच का आदेश दिया? दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने उनकी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 2 सितंबर को हाईकोर्ट ने मामले की CBI जांच का आदेश दिया और एजेंसी को FIR दर्ज करने तथा सतीश सालियान का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने शुरुआती पुलिस जांच में कई विसंगतियों का उल्लेख करते हुए कहा था कि जांच से कुछ सवालों के जवाब मिलने के बजाय और सवाल खड़े हुए हैं। कोर्ट ने साथ ही यह महत्वपूर्ण निर्देश दिया कि जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री मिलने तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा। दिशा सालियान की मौत और सुशांत सिंह राजपूत केस दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज की थी। इसके छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के बीच कम अंतर होने के कारण कई तरह की अटकलें सामने आईं, हालांकि दोनों मामलों की जांच अलग-अलग की गई थी। दिशा सालियान की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की पिछली जांच ने इसे आत्महत्या माना था। पिता ने CBI के सामने कई नामों का किया उल्लेख CBI जांच शुरू होने से पहले दिशा के पिता सतीश सालियान ने एजेंसी के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने जांचकर्ताओं को अपनी जानकारी के अनुसार घटनाक्रम बताया और आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया तथा कुछ अन्य लोगों के नामों की जांच करने की मांग की थी। अब CBI पुराने केस रिकॉर्ड, पुलिस दस्तावेज, तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों के साथ-साथ संबंधित लोगों के बयान भी जांचेगी। मुंबई पुलिस से केस से जुड़े दस्तावेज CBI को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। छह साल पुराने इस मामले में अब CBI की नई जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दिशा सालियान की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शुरुआती जांच में उठे सवालों का वास्तविक जवाब क्या है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों को जांच पूरी होने से पहले अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।  
अमित शाह बोले- ‘डीकोलोनाइजेशन’ का मतलब इतिहास मिटाना नहीं, भारतीय नजरिए से सच्चाई दुनिया के सामने रखना

अमित शाह बोले- ‘डीकोलोनाइजेशन’ का मतलब इतिहास मिटाना नहीं, भारतीय नजरिए से सच्चाई दुनिया के सामने रखना

अमित शाह बोले- ‘डीकोलोनाइजेशन’ का मतलब इतिहास मिटाना नहीं, भारतीय नजरिए से सच्चाई दुनिया के सामने रखना मुंबई के एशियाटिक सोसाइटी में पांडुलिपि प्रदर्शनी का उद्घाटन; शाह ने भारतीय ज्ञान, इतिहास, भाषाओं और परंपराओं के संरक्षण पर दिया जोर मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत में ‘डीकोलोनाइजेशन’ यानी उपनिवेशवाद से ज्ञान को मुक्त करने का मतलब इतिहास को मिटाना नहीं, बल्कि ऐतिहासिक सच्चाई को प्रामाणिक तरीके से भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया के सामने रखना है। शाह ने यह बात मुंबई की एशियाटिक सोसाइटी में एक पांडुलिपि प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद कही। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, इतिहास, संस्कृति, भाषाओं, पांडुलिपियों और अभिलेखों को संरक्षित करने तथा उन्हें देश और दुनिया के लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘इतिहास मिटाना नहीं, सही नजरिए से प्रस्तुत करना’ अमित शाह ने कहा कि डीकोलोनाइजेशन को इतिहास को मिटाने या अतीत को नकारने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य ऐतिहासिक तथ्यों को प्रामाणिक रूप से और भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भारत के ज्ञान और इतिहास को औपनिवेशिक नजरिए के ढांचे में देखा गया। अब आवश्यकता है कि ज्ञान को उस ढांचे से बाहर निकालकर भारतीय परंपरा और दृष्टिकोण के आधार पर व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाए। भारतीय ज्ञान और विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर शाह ने भारतीय ज्ञान परंपरा की व्यापकता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के इतिहास, परंपराओं, भाषाओं, पांडुलिपियों और अभिलेखों को संरक्षित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल इन ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों और दुनिया के लोगों तक पहुंचाना भी आवश्यक है, ताकि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा व्यापक स्तर पर सामने आ सके। औपनिवेशिक दौर में ज्ञान और सत्ता के संबंध का जिक्र अमित शाह ने ब्रिटिश शासन के दौरान ज्ञान और सत्ता के बीच बने संबंध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश व्यवस्था में ज्ञान और सत्ता आपस में जुड़े हुए थे और अब भारत ज्ञान को उस ढांचे से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डीकोलोनाइजेशन की प्रक्रिया का उद्देश्य भारतीय ज्ञान को उसके मूल संदर्भ में समझना और उसे आधुनिक दुनिया के सामने प्रामाणिक तरीके से प्रस्तुत करना है। एशियाटिक सोसाइटी में आयोजित पांडुलिपि प्रदर्शनी को इसी व्यापक विरासत और ज्ञान संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।  
जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के फोन से मिले दर्जनों अश्लील वीडियो, पेन ड्राइव में वेब सीरीज भी बरामद

जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के फोन से मिले दर्जनों अश्लील वीडियो, पेन ड्राइव में वेब सीरीज भी बरामद

जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के फोन से मिले दर्जनों अश्लील वीडियो, पेन ड्राइव में वेब सीरीज भी बरामद बेंगलुरु जेल में छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन मिलने के बाद फॉरेंसिक जांच में सामने आई जानकारी; जेल में VIP कैदियों को मिलने वाली कथित सुविधाओं पर फिर उठे सवाल बेंगलुरु: बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कर्नाटक के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना एक बार फिर विवादों में हैं। बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उनके पास से बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कथित तौर पर दर्जनों अश्लील वीडियो मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं, जब्त की गई पेन ड्राइव में कई वेब सीरीज भी मिली हैं। जानकारी के मुताबिक, 11 अगस्त को क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने जेल में अचानक छापेमारी की थी। इस दौरान प्रज्वल रेवन्ना को कथित तौर पर जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पाया गया। अधिकारियों ने मोबाइल फोन के अलावा एक चार्जर, पेन ड्राइव और नोटबुक भी जब्त की थी। जब्त मोबाइल फोन और पेन ड्राइव को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। अब सामने आई फॉरेंसिक रिपोर्ट में मोबाइल फोन में दर्जनों अश्लील वीडियो और पेन ड्राइव में वेब सीरीज होने की बात कही गई है। जेल में मोबाइल फोन मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जेल के भीतर मोबाइल फोन की बरामदगी ने एक बार फिर बेंगलुरु की केंद्रीय जेल में VIP कैदियों को कथित तौर पर मिलने वाली विशेष सुविधाओं और जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल प्रशासन के नियमों के अनुसार, कैदियों के लिए निजी मोबाइल फोन, SIM कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरण प्रतिबंधित होते हैं। निर्धारित नियमों के तहत कैदियों को निगरानी वाले संस्थागत लैंडलाइन, पब्लिक कॉल ऑफिस या अधिकृत वीडियो-कॉलिंग व्यवस्था के जरिए ही संपर्क की अनुमति होती है। मोबाइल फोन मिलने के बाद जेल विभाग ने एक अधिकारी को निलंबित कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट के सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहा है रेवन्ना प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के भतीजे हैं। उन्हें पिछले वर्ष एक महिला से बलात्कार और यौन उत्पीड़न से जुड़े वीडियो प्रसारित करने के मामले में दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। मामले में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 2021 से उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया। अभियोजन के अनुसार, घटना को रिकॉर्ड किया गया और शिकायत करने पर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी गई थी। अब जेल में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और उसमें मिले कथित अश्लील वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा और किसने उसे उपलब्ध कराया, इसकी जांच फिलहाल जारी है।  
ठाणे ATS की बड़ी कार्रवाई: फरार इंडियन मुजाहिदीन आतंकी की 21 वर्षीय बेटी मुंब्रा से गिरफ्तार

ठाणे ATS की बड़ी कार्रवाई: फरार इंडियन मुजाहिदीन आतंकी की 21 वर्षीय बेटी मुंब्रा से गिरफ्तार

ठाणे ATS की बड़ी कार्रवाई: फरार इंडियन मुजाहिदीन आतंकी की 21 वर्षीय बेटी मुंब्रा से गिरफ्तार नमिरा तारीक खान पर फर्जी जानकारी के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने और कथित तौर पर सऊदी अरब जाने का शक; ATS की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आईं ठाणे: महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने फरार आतंकी तारीक खान की 21 वर्षीय बेटी नमिरा तारीक खान को मुंब्रा से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। ATS की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब जांच एजेंसियां लंबे समय से फरार बताए जा रहे तारीक खान और उसके परिवार से जुड़े लोगों की तलाश कर रही हैं। फर्जी पासपोर्ट से विदेश यात्रा का शक जांच एजेंसियों के मुताबिक, नमिरा खान ने कथित तौर पर गलत जानकारी देकर पासपोर्ट हासिल किए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कथित फर्जी पासपोर्ट के आधार पर दो बार सऊदी अरब की यात्रा की थी। रिपोर्ट के अनुसार, कुर्ला और लखनऊ के पतों पर जारी कथित फर्जी पासपोर्ट के जरिए सऊदी अरब जाने और वहां अपने फरार पिता से मिलने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, जांच एजेंसियां उसके पाकिस्तान जाने के संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मुंब्रा में कुछ दिनों से रह रही थी बताया जा रहा है कि ATS को तारीक खान की पत्नी शबनम उर्फ फिर्दौस तारीक खान की तलाश थी। इसी जांच के दौरान नमिरा के मुंब्रा में रहने की जानकारी सामने आई और इसके बाद ATS ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। अब एजेंसी नमिरा से उसके विदेश दौरों, पासपोर्ट हासिल करने के तरीके, परिवार के संपर्कों और फरार पिता से कथित मुलाकातों को लेकर पूछताछ कर सकती है। कौन है तारीक खान? जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, मोहम्मद तारीक अंजुमन हसन उर्फ तारीक खान मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया जाता है और पेशे से सिविल इंजीनियर रहा है। उसका नाम प्रतिबंधित संगठन SIMI और आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से कथित तौर पर जुड़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह 1998 से SIMI की गतिविधियों से जुड़ा था और बाद में 2003 के आसपास रियाज भटकल और इकबाल भटकल के साथ इंडियन मुजाहिदीन के गठन में उसकी भूमिका का आरोप लगाया गया। उसे संगठन का संस्थापक सदस्य और वैचारिक मार्गदर्शक भी बताया गया है। 2007 के दौरान पुणे के कोंढवा इलाके में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े कुछ युवाओं को कथित तौर पर आश्रय और सहायता देने के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। तारीक खान कई वर्षों से फरार बताया जा रहा है। ATS अब नमिरा खान से पूछताछ के जरिए उसके विदेश संपर्कों और परिवार से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। मामले में आगे की जांच जारी है।
लाल किला पहला निशाना नहीं था? ट्रैफिक के चलते बदला प्लान, NIA चार्जशीट में लाल मंदिर का जिक्र

लाल किला पहला निशाना नहीं था? ट्रैफिक के चलते बदला प्लान, NIA चार्जशीट में लाल मंदिर का जिक्र

लाल किला पहला निशाना नहीं था? ट्रैफिक के चलते बदला प्लान, NIA चार्जशीट में लाल मंदिर का जिक्र लाल किले के पास कार ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा; NIA का दावा- आरोपी ने पहले जैन मंदिर के पास कार खड़ी करने की कोशिश की, ट्रैफिक और पुलिस की मौजूदगी के बाद पहुंचा लाल किला नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में कई अहम दावे सामने आए हैं। NIA के मुताबिक, आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ने कथित तौर पर लाल किले से पहले लाल मंदिर, जो एक जैन मंदिर है, के पास अपनी विस्फोटक से लदी कार खड़ी करने की कोशिश की थी। हालांकि, इलाके में भारी ट्रैफिक और पुलिस की मौजूदगी के चलते उसने कथित तौर पर अपना रास्ता बदल लिया और लाल किले की ओर चला गया। NIA की चार्जशीट के अनुसार, उमर उन नबी ने शाम करीब 6:37 बजे सुनहरी मस्जिद पार्किंग से निकलकर कार चलाई और लाल मंदिर के पास पहुंचने की कोशिश की। लेकिन वहां की परिस्थितियों को देखते हुए उसने यू-टर्न लिया और लाल किले की ओर बढ़ गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, इसके कुछ ही मिनट बाद करीब 6:50 बजे लाल किले के पास धमाका हुआ। इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। हालांकि, लाल मंदिर को शुरुआती निशाना बनाए जाने का दावा फिलहाल NIA की जांच और चार्जशीट में सामने आए साक्ष्यों पर आधारित है। जांच एजेंसी ने इसे लेकर गवाहों के बयान, फोरेंसिक साक्ष्य और आरोपी की गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड जुटाए हैं। नूंह में करीब 11 दिन रुका था आरोपी NIA के मुताबिक, धमाके से एक दिन पहले तक उमर उन नबी हरियाणा के नूंह में किराए के कमरे में करीब 11 दिनों तक रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी दौरान उसने कथित तौर पर विस्फोटक तैयार करने की योजना पर काम किया। चार्जशीट में आरोपी के मोबाइल फोन, आवाजाही, संपर्कों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े कई साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है। जांच के दौरान मिले कुछ डिजिटल दस्तावेजों में विस्फोटक तैयार करने से संबंधित सामग्री का जिक्र होने का दावा किया गया है। NIA ने चार्जशीट में यह भी कहा है कि आरोपी के पास मौजूद डिजिटल सामग्री में विस्फोटक बनाने से जुड़े दस्तावेज मिले थे। एजेंसी ने इस संबंध में कई गवाहों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया है। कपड़ों की खरीद भी जांच में अहम कड़ी जांच एजेंसी के मुताबिक, नूंह में रहने के दौरान उमर उन नबी एक परिचित के रिश्तेदार के साथ कपड़े खरीदने भी गया था। उसने कथित तौर पर टी-शर्ट, सफेद शर्ट और कार्गो पैंट खरीदी थी और भुगतान नकद किया गया था। NIA ने इन खरीदारी से जुड़े विवरणों को भी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है। लाल किले की पहले भी कई बार रेकी का दावा NIA के मुताबिक, उमर उन नबी ने 2023 से 2025 के बीच लाल किले का 12 बार दौरा किया था। एजेंसी को संदेह है कि इन यात्राओं का मकसद सिर्फ घूमना नहीं, बल्कि कथित तौर पर इलाके की रेकी करना और संभावित हमले की योजना तैयार करना हो सकता है। चार्जशीट के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगियों द्वारा ऐसी यात्राओं के दौरान मोबाइल फोन बंद रखने की बात भी सामने आई है। NIA को आशंका है कि ऐसा डिजिटल लोकेशन और गतिविधियों का रिकॉर्ड छिपाने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है। अब जांच एजेंसी कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों, आरोपियों के बीच संपर्क और धमाके की पूरी योजना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।  
जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित

जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित

जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित Govinda’s Restaurant समेत तीन फूड यूनिट्स में पानी की जांच से लेकर ड्रेनेज, कीट नियंत्रण और फूड हैंडलर्स की हाइजीन तक कई कमियां मिलीं; ISKCON ने सुधारात्मक कदम शुरू करने की बात कही मुंबई: मुंबई के जुहू स्थित ISKCON के हरे कृष्णा लैंड परिसर में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के कथित गंभीर उल्लंघन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। FDA ने परिसर में संचालित तीन रेस्टोरेंट/फूड यूनिट्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई 3 सितंबर को की गई जांच के बाद सामने आई है। FDA के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान ISKCON के Govinda’s Restaurant, Food Services Restaurant और परिसर में संचालित एक अन्य फूड प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, कीट नियंत्रण, खाद्य भंडारण और व्यक्तिगत साफ-सफाई से जुड़ी कई खामियां पाई गईं। Govinda’s Restaurant में क्या मिला? FDA की जांच टीम के अनुसार, Govinda’s Restaurant में पीने के पानी की नियमित जांच नहीं की जा रही थी। इसके अलावा, भोजन तैयार करने से पहले कच्चे खाद्य पदार्थों की उचित सफाई नहीं किए जाने की बात भी सामने आई। FDA के मुताबिक, कोल्ड स्टोरेज रूम में पानी जमा था और ड्रेनेज सिस्टम जाम मिला। ड्रेनों में ग्रीस ट्रैप और कॉकरोच ट्रैप भी नहीं थे। निरीक्षण के दौरान परिसर में कीटों के संक्रमण के संकेत मिलने की बात FDA ने कही। इसके अलावा, कुछ फूड हैंडलर्स कथित तौर पर एप्रन और दस्ताने के बिना काम करते हुए पाए गए। Food Services में भी कई गंभीर कमियां FDA के अनुसार, Food Services Restaurant में कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की उचित व्यवस्था नहीं थी। स्टोर रूम में कीटों के मल के अवशेष मिलने की बात भी FDA ने अपनी रिपोर्ट में कही। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की आवश्यक जांच नहीं किए जाने की बात सामने आई। प्रतिष्ठान और स्टोर रूम में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं थी। FDA ने यह भी बताया कि इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेल की रंग, स्वाद और उसमें तैर रहे कणों के आधार पर नियमित जांच नहीं की जा रही थी। वहीं, फूड हैंडलर्स के मेडिकल चेकअप और वैक्सीनेशन से जुड़े रिकॉर्ड/प्रक्रिया में भी कमियां पाई गईं। तीसरे फूड प्रतिष्ठान में भी खामियां परिसर में संचालित एक अन्य फूड यूनिट में भी FDA टीम ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां दर्ज कीं। इनमें सैनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य भंडारण, उपकरणों के रखरखाव, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और रिकॉर्ड मैनेजमेंट से जुड़ी खामियां शामिल थीं। ISKCON ने क्या कहा? FDA की कार्रवाई के बाद ISKCON Juhu ने बयान जारी कर कहा कि 3 सितंबर को उनकी किचन और फूड ऑपरेशंस का निरीक्षण किया गया था। संगठन के मुताबिक, FDA ने मौजूदा अनुपालन स्तर को 70 प्रतिशत आंका और कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत बताई। ISKCON ने कहा कि उसके प्रतिनिधि FDA के साथ संपर्क में हैं और अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार आवश्यक सुधारात्मक कदम शुरू कर दिए गए हैं। संगठन ने यह भी कहा कि भक्तों और मेहमानों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य उसकी प्राथमिकता है। ISKCON Juhu के अनुसार, जब तक आवश्यक सुधार पूरे नहीं हो जाते और सभी खाद्य सुरक्षा एवं नियामकीय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक जुहू परिसर की किचन गतिविधियां बंद रहेंगी। फिलहाल FDA की कार्रवाई के बाद तीनों फूड यूनिट्स में संचालन बंद है और आगे की प्रक्रिया संबंधित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर निर्भर करेगी।  
नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप

नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप

नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप विशेष शाखा में तैनात ASI पांडुरंग निंबा पाटील का शव रबाले की लॉज में मिला; पुलिस ने नोट और सोशल मीडिया वीडियो की जांच शुरू की नवी मुंबई: नवी मुंबई पुलिस विभाग की विशेष शाखा में तैनात सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (ASI) पांडुरंग निंबा पाटील की शनिवार, 5 सितंबर की शाम रबाले स्थित एक लॉज में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम ने शव बरामद किया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, ASI पाटील ने कथित तौर पर एक नोट और सोशल मीडिया पर एक वीडियो छोड़ा है। इनमें उन्होंने पुलिस विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित मानसिक प्रताड़ना और परेशान करने के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में पाटील ने नवी मुंबई पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे से मामले में न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। वहीं, कथित नोट में उन्होंने एक DCP, वायरलेस विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त और एक हेड क्लर्क सहित कुछ अधिकारियों एवं सहकर्मियों पर उन्हें लगातार परेशान करने और मानसिक तनाव देने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नोट और वीडियो में लगाए गए आरोपों समेत पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। सीनियर PI देविदास काथले ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही, नोट और वीडियो में किए गए दावों की सच्चाई तथा घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ASI पाटील की मौत से पहले किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले में आगे की जानकारी और पुलिस जांच का इंतजार है। जरूरी सूचना: अगर आप या आपका कोई परिचित आत्महत्या के विचारों या गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो अकेले न रहें और तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। भारत में Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 और Sneha Suicide Prevention Helpline 044-24640050 से सहायता ली जा सकती है।  
‘भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ मुंबई पुलिस से कुणाल कामरा का सवाल, वापसी शो से पहले बढ़ी हलचल

‘भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ मुंबई पुलिस से कुणाल कामरा का सवाल, वापसी शो से पहले बढ़ी हलचल

‘भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ मुंबई पुलिस से कुणाल कामरा का सवाल, वापसी शो से पहले बढ़ी हलचल कॉमेडियन ने पूछा—अगर 40-50 लोग शो रोकने पहुंचें तो क्या पुलिस उन्हें रोकने देगी? कहा, कार्यक्रम बंद कमरे में कानून के मुताबिक होगा मुंबई: स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने मुंबई में अपने आगामी कॉमेडी शो को लेकर मुंबई पुलिस से सीधे सवाल किया है। कामरा ने पूछा कि अगर कुछ लोग उनके कार्यक्रम को रोकने या बाधित करने के लिए भीड़ के रूप में पहुंचते हैं, तो क्या पुलिस कानून-व्यवस्था के पक्ष में खड़ी होगी या प्रदर्शनकारियों को शो रोकने की अनुमति दी जाएगी। कामरा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुंबई पुलिस को टैग करते हुए कहा कि उनका प्रस्तावित कार्यक्रम बंद परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा, जहां करीब 100 सहमति देने वाले वयस्क दर्शक मौजूद होंगे। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम सभी लागू कानूनों और नियमों के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। ‘क्या आप भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ कामरा ने मुंबई पुलिस की जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए अपने पोस्ट में तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध रोकने और ट्रैफिक संभालने जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। इसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 40-50 लोग शो को रद्द कराने या बाधित करने के लिए पहुंचते हैं, या कार्यक्रम स्थल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, तो क्या उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी। कामरा का सवाल था कि ऐसी स्थिति में पुलिस “भीड़ के साथ होगी या कानून के साथ?” उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रदर्शन करने वालों को शो रोकने का अधिकार मिल जाएगा। 2025 के ‘नया भारत’ शो के बाद हुआ था विवाद कुणाल कामरा का मुंबई में पिछला बड़ा स्टैंड-अप कार्यक्रम 2025 में खार स्थित द हैबिटैट कॉमेडी क्लब में ‘नया भारत’ शो था। शो की कुछ क्लिप सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। कार्यक्रम में कामरा ने फिल्म दिल तो पागल है के एक लोकप्रिय गीत की पैरोडी करते हुए महाराष्ट्र के तत्कालीन राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी की थी और एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया था। उन्होंने शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हुए राजनीतिक विभाजन को लेकर भी मजाक किया था। इसके बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं के विरोध की खबरें सामने आई थीं। प्रदर्शन के दौरान कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ हुई थी और बाद में उस इमारत को लेकर BMC की कार्रवाई भी हुई थी। BJP MLC की ओर से विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव कामरा को इस विवाद के सिलसिले में BJP MLC प्रवीण दरेकर की ओर से लाए गए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का भी सामना करना पड़ रहा है। अब मुंबई में दोबारा स्टैंड-अप करने की उनकी इच्छा ने पुराने विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। कामरा का कहना है कि उनका अगला शो कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा। ऐसे में अब उनकी नजर मुंबई पुलिस की प्रतिक्रिया पर है और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर पुलिस की ओर से क्या सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्था की जाती है।  
मुंबई में दही हांडी का जश्न पड़ा भारी: 7 साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल

मुंबई में दही हांडी का जश्न पड़ा भारी: 7 साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल

मुंबई में दही हांडी का जश्न पड़ा भारी: 7 साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल मालवणी में ईंटों का खंभा गिरने से मासूम की जान गई; मानव पिरामिड के दौरान घायल हुए सैकड़ों गोविंदा, 53 अब भी अस्पताल में भर्ती मुंबई: जन्माष्टमी के मौके पर शनिवार को मुंबई और महाराष्ट्र में दही हांडी का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया गया, लेकिन मुंबई में यह जश्न कई परिवारों के लिए दर्दनाक याद बन गया। दही हांडी समारोह के दौरान एक 7 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि 376 गोविंदा घायल हो गए। यह जानकारी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों ने रविवार को दी। दही हांडी के दौरान गोविंदा पथक कई स्तरों वाला मानव पिरामिड बनाकर हवा में लटकाई गई दही से भरी मिट्टी की हांडी फोड़ते हैं। इस दौरान ऊंचाई से गिरने और चोट लगने की घटनाएं सामने आती हैं। मालवणी में ईंटों का खंभा गिरने से मासूम की मौत सबसे दर्दनाक घटना मुंबई के मालवणी इलाके के चिकुवाड़ी स्थित एकता वेलफेयर सोसायटी में हुई। शनिवार दोपहर कुछ बच्चे अपने स्तर पर दही हांडी का आयोजन कर रहे थे। इसी दौरान एक ईंटों का खंभा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में 7 वर्षीय बच्चा आ गया। हादसे में बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। मुंबई में 376 गोविंदा घायल BMC के मुताबिक, दही हांडी समारोह के दौरान कुल 376 गोविंदाओं को चोटें आईं। सबसे ज्यादा घायल गोविंदाओं को मुंबई के द्वीप शहर के अस्पतालों में इलाज के लिए लाया गया, जहां 183 मामले सामने आए। इसके बाद पश्चिमी उपनगरों में 126 और पूर्वी उपनगरों में 62 गोविंदाओं के घायल होने की जानकारी सामने आई। घायलों में से 53 लोग फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 37 अन्य का भी इलाज चल रहा है। वहीं, 286 घायलों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। KEM अस्पताल में सबसे ज्यादा घायल पहुंचे BMC के आंकड़ों के अनुसार, परेल के KEM अस्पताल में सबसे ज्यादा 76 घायल गोविंदाओं का इलाज किया गया। इसके बाद: दही हांडी के दौरान मानव पिरामिड बनाते समय संतुलन बिगड़ने और गिरने की वजह से कई गोविंदाओं को चोटें आईं। उत्सव के बीच सुरक्षा पर फिर उठे सवाल दही हांडी मुंबई की सांस्कृतिक पहचान और जन्माष्टमी के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में गोविंदा पथक इसमें हिस्सा लेते हैं। हालांकि, ऊंचे मानव पिरामिड और भीड़ के बीच होने वाली गतिविधियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इस बार एक मासूम की मौत और सैकड़ों गोविंदाओं के घायल होने की घटना ने उत्सव के दौरान सुरक्षा इंतजामों और सावधानी की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। BMC अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और बड़ी संख्या में लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।  

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