Author: Mahesh Rathod

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

क्या मुंबई के आधिकारिक AQI आंकड़ों पर भरोसा किया जा सकता है?

क्या मुंबई के आधिकारिक AQI आंकड़ों पर भरोसा किया जा सकता है?

क्या मुंबई के आधिकारिक AQI आंकड़ों पर भरोसा किया जा सकता है? IQAir ने मुंबई को सबसे प्रदूषित बताया, जबकि CPCB के आंकड़ों में हवा ‘संतोषजनक’; IIT कानपुर के वैज्ञानिक ने समझाया दोनों आंकड़ों के बीच अंतर मुंबई: मुंबई की हवा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफIQAir जैसे निजी प्लेटफॉर्म के आंकड़े शहर में गंभीर प्रदूषण की तस्वीर दिखाते हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी निगरानी नेटवर्क के तहत CPCB के आंकड़ों में कई बार हवा की स्थिति ‘संतोषजनक’ नजर आती है। 15 अक्टूबर को IQAir ने मुंबई को भारत का सबसे प्रदूषित शहर बताया था, जबकि उसी समय सरकारी आंकड़ों में हवा की गुणवत्ता को ‘संतोषजनक’ श्रेणी में बताया गया। ऐसे में बड़ा सवाल है—मुंबई की हवा की वास्तविक स्थिति आखिर कौन सा आंकड़ा बताता है? इस सवाल पर IIT कानपुर के वायुमंडलीय वैज्ञानिक और National Clean Air Programme (NCAP) की स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य प्रोफेसर सच्चिदानंद त्रिपाठी ने महत्वपूर्ण बातें सामने रखी हैं। निजी और सरकारी AQI में इतना अंतर क्यों? प्रोफेसर त्रिपाठी के मुताबिक, अलग-अलग नेटवर्क से मिलने वाली AQI रीडिंग में अंतर के कई कारण हो सकते हैं। केवल आंकड़ों के अंतर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि कोई एक नेटवर्क लगातार प्रदूषण को ज्यादा या कम दिखा रहा है। निजी मॉनिटर किसी निर्माण स्थल, ट्रैफिक कॉरिडोर या स्थानीय प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट के करीब लगे हो सकते हैं। वहीं सरकारी मॉनिटर किसी दूसरे माइक्रो-एनवायरनमेंट में स्थित हो सकते हैं। इसके अलावा मॉनिटर की तकनीक, कैलिब्रेशन, रखरखाव और वातावरण में मौजूद नमी भी रीडिंग को प्रभावित कर सकती है। सही तुलना कैसे हो? विशेषज्ञ के अनुसार, दोनों नेटवर्क की तुलना तभी सार्थक होगी जब: यानी सिर्फ दो अलग-अलग AQI नंबर देखकर यह तय करना सही नहीं होगा कि कौन सा आंकड़ा सही है। मुंबई का आसमान धुंधला, फिर AQI ‘संतोषजनक’ क्यों? मुंबई की ऊंची इमारतों और समुद्री क्षितिज पर दिखाई देने वाली धुंध भी लोगों के बीच चिंता पैदा करती है। लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि दृश्यता और AQI एक ही चीज नहीं हैं। हवा में मौजूद नमी कणों के साथ मिलकर उन्हें अधिक बड़ा बना सकती है। इससे प्रकाश का बिखराव बढ़ता है और दूर की इमारतें या शहर का क्षितिज धुंधला दिखाई देने लगता है। इसके अलावा महीन कण, निर्माण से निकलने वाली धूल और ईंधन जलने से निकलने वाला धुआं भी धुंध बढ़ा सकता है। हालांकि, केवल आसमान में दिखाई देने वाली धुंध के आधार पर प्रदूषण की गंभीरता या स्वास्थ्य जोखिम का निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। क्या सरकारी मॉनिटर पर भरोसा किया जा सकता है? प्रोफेसर त्रिपाठी के मुताबिक, सरकारी एयर क्वालिटी मॉनिटर भरोसेमंद डेटा दे सकते हैं, लेकिन इसके लिए नियमित कैलिब्रेशन, रखरखाव और गुणवत्ता नियंत्रण बेहद जरूरी है। किसी उपकरण में खराबी, कैलिब्रेशन में बदलाव या रखरखाव की कमी डेटा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए: कैलिब्रेशन रिकॉर्ड, डेटा वैलिडेशन और आसपास के अन्य मॉनिटर से तुलना जैसी जानकारी सार्वजनिक करना उपयोगी होगा। साथ ही सरकारी और निजी मॉनिटरिंग नेटवर्क के बीच नियमित तुलना से भी एयर क्वालिटी डेटा की विश्वसनीयता बेहतर हो सकती है। क्या समुद्र मुंबई को प्रदूषण से बचाता है? मुंबई की सबसे बड़ी भौगोलिक विशेषताओं में से एक उसका समुद्र से घिरा होना है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मुंबई हमेशा प्रदूषण से सुरक्षित रहेगी। समुद्री हवाएं प्रदूषकों को एक इलाके से दूसरे इलाके तक पहुंचा सकती हैं। कुछ परिस्थितियों में हवा का पैटर्न प्रदूषकों को जमा होने का मौका भी दे सकता है। इस साल मुंबई में प्रदूषण की स्थिति जल्दी क्यों बिगड़ी, इसका पता लगाने के लिए सिर्फ AQI देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए बारिश, हवा की गति और दिशा, नमी तथा वातावरण में प्रदूषकों के फैलने की क्षमता जैसे कई मौसम संबंधी कारकों का विश्लेषण करना जरूरी है। मुंबई में प्रदूषण के लिए मौसम या इंसानी गतिविधियां जिम्मेदार? विशेषज्ञ के मुताबिक, दोनों की भूमिका है और उनका प्रभाव मौसम के अनुसार बदलता रहता है। मौसम यह तय करता है कि प्रदूषक हवा में कितनी आसानी से फैलेंगे या किसी इलाके में जमा होंगे। वहीं मानव गतिविधियों से जुड़े प्रमुख स्रोतों में शामिल हैं: इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों से आने वाला प्रदूषण भी मुंबई की हवा को प्रभावित कर सकता है। क्या मुंबई में पर्याप्त एयर मॉनिटरिंग स्टेशन हैं? सिर्फ मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि नेटवर्क पर्याप्त है या नहीं। मुंबई जैसे बड़े और घनी आबादी वाले शहर में यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि मॉनिटर कहां लगाए गए हैं। विशेषज्ञ के अनुसार, मॉनिटरिंग नेटवर्क में रिहायशी इलाके, ट्रैफिक कॉरिडोर, औद्योगिक क्षेत्र और प्रदूषण हॉटस्पॉट पर्याप्त रूप से शामिल होने चाहिए। एक ऐसा हाइब्रिड नेटवर्क, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले रेफरेंस-ग्रेड मॉनिटर के साथ सही तरीके से कैलिब्रेट किए गए कम लागत वाले सेंसर भी शामिल हों, शहर में प्रदूषण की ज्यादा व्यापक तस्वीर दे सकता है। मुंबई को प्रदूषण कम करने के लिए क्या करना चाहिए? विशेषज्ञ के मुताबिक, तत्काल स्तर पर सबसे पहले मॉनिटरिंग और डेटा की पारदर्शिता मजबूत करनी होगी। इसके साथ निर्माण और सड़क की धूल, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन तथा खुले में कचरा जलाने पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। लेकिन केवल आपातकालीन कार्रवाई से समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी। लंबे समय में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट को पब्लिक ट्रांसपोर्ट, ट्रैफिक प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और आसपास के क्षेत्रों के साथ क्षेत्रीय स्तर के समन्वय से जोड़ना होगा। सवाल सिर्फ AQI का नहीं, भरोसे का भी है मुंबई के लिए IQAir और CPCB जैसे अलग-अलग स्रोतों से आने वाले आंकड़ों में अंतर जनता के लिए भ्रम पैदा कर सकता है। ऐसे में जरूरी है कि सरकारी और निजी दोनों नेटवर्क के डेटा की गुणवत्ता, मॉनिटर की स्थिति और AQI की गणना पद्धति को अधिक पारदर्शी बनाया जाए। क्योंकि मुंबई के नागरिकों के लिए सबसे अहम सवाल यह नहीं है कि कौन सा AQI नंबर सही दिख रहा है, बल्कि यह है कि शहर की हवा वास्तव में कितनी साफ है और उसे बेहतर बनाने के लिए प्रशासन कितनी प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor  
हैदराबाद में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत, शादी को लेकर सहकर्मी से देर रात हुई थी वीडियो कॉल

हैदराबाद में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत, शादी को लेकर सहकर्मी से देर रात हुई थी वीडियो कॉल

हैदराबाद में 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत, शादी को लेकर सहकर्मी से देर रात हुई थी वीडियो कॉल चार साल से सहकर्मी के साथ रिश्ते में थी महिला; पुलिस ने मामला दर्ज कर परिस्थितियों की जांच शुरू की हैदराबाद: हैदराबाद में एक 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है। महिला अपने फ्लैट में मृत पाई गईं। पुलिस के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपने एक सहकर्मी को देर रात वीडियो कॉल किया था और शादी को लेकर दोनों के बीच बातचीत हुई थी। मृतका की पहचान अर्चना चौधरी मलिक के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं और हैदराबाद में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में सीनियर एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं। पुलिस के अनुसार, अर्चना पिछले करीब चार वर्षों से अपने एक सहकर्मी के साथ रिश्ते में थीं। वह व्यक्ति उत्तराखंड का रहने वाला बताया गया है। देर रात 2:30 बजे हुई वीडियो कॉल पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, रविवार तड़के करीब 2:30 बजे अर्चना ने अपने सहकर्मी को वीडियो कॉल किया था। उस समय वह अपनी मां के साथ एक कार्यक्रम में मौजूद था। पुलिस के अनुसार, वीडियो कॉल के दौरान अर्चना ने शादी को लेकर बातचीत की और कथित तौर पर अपनी जान देने की धमकी दी। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति पहले से तलाक की प्रक्रिया से गुजर रहा था। सुबह फ्लैट पहुंचा सहकर्मी पुलिस के मुताबिक, वीडियो कॉल के बाद वह व्यक्ति करीब सुबह 5:30 बजे अर्चना के फ्लैट पर पहुंचा। वहां पहुंचने पर फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला। इसके बाद पुलिस को Dial 112 के जरिए सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया और अर्चना को फ्लैट के अंदर मृत अवस्था में पाया। मौके पर पहुंची क्लूज टीम घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की क्लूज टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को उस्मानिया जनरल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और घटना से पहले की परिस्थितियों, वीडियो कॉल, दोनों के रिश्ते और शादी को लेकर हुई बातचीत समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और घटना से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor  
मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: 564 लीटर दूध नष्ट, 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: 564 लीटर दूध नष्ट, 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: 564 लीटर दूध नष्ट, 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर महाराष्ट्र FDA का शिकंजा; राज्यभर में ₹1.56 करोड़ का खाद्य स्टॉक जब्त या नष्ट मुंबई: खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने राज्यभर में बड़ा अभियान चलाया है। मुंबई में 23 और 24 अक्टूबर को की गई कार्रवाई के दौरान FDA अधिकारियों ने अलग-अलग डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों से संबंधित 564 लीटर दूध नष्ट किया। FDA के मुताबिक, राज्यभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान करीब 43.56 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जबकि कुल 719.2 लीटर दूध और घी जब्त या नष्ट किया गया। इन कार्रवाईयों में शामिल खाद्य सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹1.56 करोड़ बताई गई है। अभियान के दौरान संदिग्ध मिलावट, घटिया गुणवत्ता, गलत लेबलिंग, अस्वच्छ तरीके से खाद्य पदार्थ रखने और प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों की बिक्री जैसे मामलों पर कार्रवाई की गई। मुंबई की कई डेयरियों पर कार्रवाई FDA अधिकारियों ने मुंबई के गोवंडी और मानखुर्द इलाके में कई डेयरियों का निरीक्षण किया। गोवंडी स्थित Sainath Dairy & Farsan Mart से संदिग्ध घटिया गुणवत्ता वाला 45 लीटर खुला दूध नष्ट किया गया। वहीं मानखुर्द की Maharana Dairy से भी 40 लीटर दूध नष्ट किया गया। दोनों मामलों में दूध के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं और संबंधित प्रतिष्ठानों का रजिस्ट्रेशन निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मानखुर्द स्थित Agasti Milk Agency में स्वच्छता और सैनिटेशन से जुड़े नियमों का उल्लंघन मिलने के बाद लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई शुरू की गई। वहीं गोवंडी ईस्ट में Yadav Dairy के खिलाफ बिना वैध लाइसेंस कारोबार करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। एंटॉप हिल में 250 लीटर दूध नष्ट 24 अक्टूबर को FDA अधिकारियों ने एंटॉप हिल स्थित Sagar Milk Centre का निरीक्षण किया। यहां दूध को निर्धारित भंडारण नियमों का पालन किए बिना प्लास्टिक की थैलियों और डिब्बों में रखने और बेचने की बात सामने आई। FDA ने मौके पर ही 250 लीटर दूध नष्ट कर दिया। इस दूध की अनुमानित कीमत ₹11,625 बताई गई है। धारावी और माहिम में भी कार्रवाई 23 अक्टूबर को की गई अलग कार्रवाई में धारावी स्थित Shakti Dairy से 31 लीटर खुला गाय का दूध नष्ट किया गया। वहीं माहिम वेस्ट स्थित Rahul Milk Centre से 198 लीटर दूध नष्ट किया गया। दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुंबई के 7 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निलंबित FDA ने अलग-अलग निरीक्षणों में खाद्य सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर मुंबई के सात प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित किए हैं। इनमें शामिल हैं: FDA के अनुसार, इन प्रतिष्ठानों में गंदे किचन और ड्रेनेज सिस्टम, शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण, बिना अनुमति वाले खाद्य रंगों का इस्तेमाल और कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं होने जैसी कमियां पाई गईं। नल बाजार में ₹4.22 लाख के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त 22 अक्टूबर को मुंबई के नल बाजार इलाके में FDA ने एक अन्य कार्रवाई में प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों का स्टॉक जब्त किया। यह कार्रवाई 24 वर्षीय मुक़रदाली मुलाहिज अंसारी से जुड़े एक परिसर में की गई। अधिकारियों ने यहां से करीब ₹4.22 लाख मूल्य के प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद जब्त किए और सात नमूने जांच के लिए लिए। इसके बाद 23 अक्टूबर को जे.जे. मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और Food Safety and Standards Act, 2006 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी बड़ी कार्रवाई FDA का अभियान केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहा। राज्य के विभिन्न विभागों में भी बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। कोंकण विभाग में करीब 10 टन खाद्य पदार्थ जब्त कोंकण विभाग में लगभग 9.99 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹53.55 लाख बताई गई है। इनमें मसाले, सूखे मेवे और अन्य ऐसे खाद्य उत्पाद शामिल थे, जिनकी गुणवत्ता संदिग्ध थी या जिन पर लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया गया था। वाशी स्थित APMC मार्केट में Sakhibaba Traders से करीब 1,487.6 किलो कच्ची हींग जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹22.31 लाख बताई गई है। इसके अलावा वाशी की Shree Jalaram Spices से जीरा और सरसों का स्टॉक तथा महापे के एक प्रतिष्ठान से अन्य खाद्य सामग्री जब्त की गई। छत्रपति संभाजीनगर विभाग में 26.84 टन से ज्यादा जब्ती सबसे बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री छत्रपति संभाजीनगर विभाग में जब्त की गई। यहां करीब 26.84 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹64 लाख बताई गई है। हिंगोली जिले की Ganraj Industries से कथित मिलावट के संदेह में करीब 23.7 टन हल्दी पाउडर जब्त किया गया। इसकी कीमत लगभग ₹59.50 लाख बताई गई है। पुणे में 2.11 टन खाद्य सामग्री जब्त पुणे विभाग में अधिकारियों ने करीब 2.11 टन खाद्य पदार्थ जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग ₹7.93 लाख थी। इनमें पुणे-पंढरपुर रोड पर परिवहन किए जा रहे करीब 1,337 किलो खोया भी शामिल था। इसके अलावा प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ अलग अभियान में पुणे में 22 अक्टूबर को छह प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस कार्रवाई में करीब ₹19.56 लाख का स्टॉक जब्त किया गया। पांच प्रतिष्ठानों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, सात लोगों को गिरफ्तार किया गया और पांच प्रतिष्ठानों को सील किया गया। FDA ने इस कार्रवाई के दौरान करीब ₹11 लाख मूल्य के दो वाहन भी जब्त किए। नासिक और नागपुर में भी कार्रवाई नासिक विभाग में करीब 4,069 किलो खाद्य पदार्थ और 62.2 लीटर घी जब्त किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब ₹8.25 लाख है। वहीं नागपुर विभाग में चंद्रपुर जिले के एक प्रतिष्ठान से 883.3 किलो खाद्य तेल जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब ₹1.77 लाख बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह तेल दोबारा इस्तेमाल किए गए कंटेनरों में रखा गया था। नासिक विभाग में प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ अलग कार्रवाई में ₹19,090 का स्टॉक जब्त किया गया। इस मामले में एक FIR दर्ज की गई और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। FDA की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी महाराष्ट्र FDA ने कहा...
मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 32 वर्षीय शख्स गिरफ्तार

मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 32 वर्षीय शख्स गिरफ्तार

मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में 32 वर्षीय शख्स गिरफ्तार महाराष्ट्र ATS की पूछताछ में पाकिस्तान कनेक्शन नहीं मिला; आरोपी पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने का आरोप मुंबई: मुंबई के महिम इलाके में महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने 32 वर्षीय एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और उसके प्रमुख मसूद अजहर से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन ग्रुपों में पोस्ट किए थे। आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है, जो महिम के एल.जे. रोड इलाके का निवासी बताया गया है। वह ऐप आधारित मोटरबाइक टैक्सी चलाता है। मामले की शुरुआती जांच महाराष्ट्र ATS ने की। हालांकि, पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच के दौरान ATS को आरोपी का कोई पाकिस्तान कनेक्शन नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर अकेले ही आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहा था। इसके बाद उसे आगे की जांच के लिए महिम पुलिस को सौंप दिया गया। पाकिस्तान कनेक्शन की सूचना के बाद ATS ने शुरू की जांच पुलिस के मुताबिक, 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र ATS को सूचना मिली थी कि महिम इलाके में रहने वाला एक व्यक्ति कथित तौर पर पाकिस्तान के एक इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) के संपर्क में है। इस सूचना के आधार पर ATS ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके मोबाइल फोन समेत डिजिटल गतिविधियों की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल फोन में WhatsApp, Telegram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े कई ग्रुप मिले। पुलिस का आरोप है कि आरोपी इन प्लेटफॉर्म पर विभिन्न प्रकार की सामग्री पोस्ट और शेयर करता था। सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियों की जांच पुलिस के अनुसार, आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित एक पोस्ट के नीचे कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। इसके अलावा, पुलिस का आरोप है कि उसने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर से संबंधित वीडियो कई ऑनलाइन ग्रुपों में पोस्ट किए। जांच एजेंसियां अब इन पोस्ट और वीडियो के स्रोत, उनके उद्देश्य और आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही हैं। दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाली पोस्ट का आरोप स्थानीय पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया पर ऐसी कई पोस्ट भी लिखीं, जिनसे कथित तौर पर दो समुदायों के बीच तनाव या वैमनस्य पैदा हो सकता था। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने कुछ टिप्पणियों में ‘जिहाद’ का आह्वान किया था और कुछ कट्टरपंथी तथा पाकिस्तान समर्थित बताए जा रहे ऑनलाइन ग्रुपों से जुड़ा हुआ था। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन ऑनलाइन गतिविधियों के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। ATS को नहीं मिला पाकिस्तान से संपर्क का सबूत मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि शुरुआती जांच के दौरान महाराष्ट्र ATS को आरोपी के किसी व्यक्ति या संगठन से पाकिस्तान में सीधे संपर्क का सबूत नहीं मिला। ATS के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अकेले ही आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहा था। पाकिस्तान से किसी संपर्क का ठोस सबूत नहीं मिलने के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय महिम पुलिस को सौंप दिया गया। अब महिम पुलिस उसके सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन ग्रुप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। BNS की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत FIR दर्ज की है। यह प्रावधान विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य या दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी द्वारा पोस्ट की गई सामग्री कितने लोगों तक पहुंची, वह किन ऑनलाइन ग्रुपों से जुड़ा था और क्या इस मामले में उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। जांच जारी, डिजिटल गतिविधियों की होगी पड़ताल फिलहाल पुलिस की जांच मुख्य रूप से आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों, उसके मोबाइल फोन में मिले डेटा और ऑनलाइन ग्रुपों पर केंद्रित है। ATS को पाकिस्तान कनेक्शन नहीं मिलने के बावजूद स्थानीय पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor  
मुंबई में 2026 में 231 दिन रही ‘अच्छी’ या ‘संतोषजनक’ हवा, BMC ने जारी किया विंटर एक्शन प्लान

मुंबई में 2026 में 231 दिन रही ‘अच्छी’ या ‘संतोषजनक’ हवा, BMC ने जारी किया विंटर एक्शन प्लान

मुंबई में 2026 में 231 दिन रही ‘अच्छी’ या ‘संतोषजनक’ हवा, BMC ने जारी किया विंटर एक्शन प्लान निर्माण कार्य, सड़क की धूल, वाहनों और खुले में कचरा जलाने पर BMC की नजर; प्रदूषण नियंत्रण के लिए 76 विशेष टीमें तैनात मुंबई: मुंबई में वायु प्रदूषण को लेकर जहां सर्दियों के दौरान चिंता बढ़ने लगती है, वहीं BMC के ताजा आंकड़ों में इस साल अब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार का दावा किया गया है। BMC के मुताबिक, 1 जनवरी से 22 अक्टूबर 2026 के बीच मुंबई में 231 दिन हवा की गुणवत्ता ‘अच्छी’ या ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही। यह संख्या पूरे 2025 में दर्ज किए गए 218 दिनों से भी अधिक है। BMC के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में मुंबई में ‘अच्छी’ या ‘संतोषजनक’ वायु गुणवत्ता वाले 185 दिन दर्ज किए गए थे। यह संख्या 2024 में बढ़कर 216 दिन और 2025 में 218 दिन हो गई। अब 2026 में 22 अक्टूबर तक यह आंकड़ा 231 दिनों तक पहुंच चुका है। PM10 प्रदूषण में करीब 48% कमी का दावा BMC ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के PRANA पोर्टल के आंकड़ों का भी हवाला दिया है। इसके अनुसार, मुंबई में PM10 की सांद्रता में 2017-18 से 2025-26 के बीच लगभग 48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, सर्दियों के दौरान प्रदूषण के संभावित बढ़ते स्तर को देखते हुए BMC ने अपनी निगरानी और कार्रवाई को और तेज करने की तैयारी की है। BMC ने जारी किया Winter Air Pollution Action Plan 2026 सर्दी के मौसम को देखते हुए BMC ने Winter Air Pollution Mitigation and Enforcement Action Plan 2026 जारी किया है। इस योजना में मुख्य रूप से इन प्रदूषण स्रोतों पर ध्यान केंद्रित किया गया है: 76 विशेष टीमें करेंगी अचानक जांच BMC ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए 76 वार्ड-स्तरीय एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन स्क्वॉड तैनात किए हैं। इन टीमों को अचानक और नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक टीम को रोजाना कम से कम दो निर्माण स्थलों का निरीक्षण करना होगा और पहले से चिन्हित प्रदूषण हॉटस्पॉट पर नियमों के पालन की भी जांच करनी होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित निर्माण स्थल को कारण बताओ नोटिस, काम बंद करने का नोटिस और जरूरत पड़ने पर सीलिंग जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। BMC के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान निरीक्षण रिपोर्ट के साथ फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। निर्माण स्थलों पर 28 नियमों का पालन जरूरी BMC ने निर्माण स्थलों के लिए 28 सूत्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिशा-निर्देश लागू किए हैं। इनमें निर्माण स्थलों पर सेंसर आधारित एयर क्वालिटी मॉनिटर, पानी के स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग गन लगाने के साथ निर्माणाधीन इमारतों को कवर करना और मलबे व निर्माण सामग्री को ढके हुए वाहनों में ले जाना शामिल है। BMC के अनुसार, अब तक 3,166 निर्माण स्थलों पर सेंसर आधारित एयर क्वालिटी मॉनिटर लगाए जा चुके हैं, जिन्हें केंद्रीय डैशबोर्ड से जोड़ा गया है। इससे अधिकारियों को संबंधित साइटों की प्रदूषण स्थिति की निगरानी करने में मदद मिल रही है। निर्माण स्थलों पर 25 से 35 फीट तक बैरिकेडिंग निर्माण स्थलों के आसपास बैरिकेडिंग को भी अनिवार्य किया गया है। परियोजना के आकार के अनुसार बैरिकेडिंग की न्यूनतम ऊंचाई 25 से 35 फीट तक निर्धारित की गई है। डेवलपर्स और ठेकेदारों को निर्माण स्थल से धूल बाहर फैलने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, निर्माण वाहनों के टायरों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि वाहन सार्वजनिक सड़कों पर धूल और मिट्टी न फैलाएं। सड़क की धूल पर भी BMC की नजर सड़क से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए BMC नियमित सफाई के साथ डीप क्लीनिंग अभियान चला रही है। इसके लिए 29 मल्टीपर्पज वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, निर्माण परियोजनाओं के डेवलपर्स और ठेकेदारों को अपने निर्माण स्थलों से लगी सड़कों की सफाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निर्माण और तोड़फोड़ के मलबे की होगी ट्रैकिंग BMC ने Mumbai Debris Control and Tracking System (MDCTS) को भी अनिवार्य किया है। इस व्यवस्था के तहत निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे को उसके स्रोत से लेकर अधिकृत रीसाइक्लिंग सुविधा तक ट्रैक किया जाएगा। इस नियम के दायरे में डेवलपर्स और परियोजना संचालकों के अलावा SRA, MHADA, MIDC और MMRDA जैसी योजना एवं विकास संस्थाएं भी शामिल हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई BMC ने रेडी-मिक्स कंक्रीट वाहनों की भी जांच शुरू की है। इसके अलावा, visibly polluting यानी स्पष्ट रूप से अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुंबई ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है। मुंबई की बेकरी भी प्रदूषण के रडार पर BMC ने बेकरी उद्योग को भी पार्टिकुलेट प्रदूषण के एक स्रोत के रूप में चिन्हित किया है। नागरिक निकाय के अनुमान के मुताबिक, मुंबई के PM उत्सर्जन में बेकरी का योगदान लगभग 3.5 प्रतिशत है। मुंबई की कुल 593 बेकरी में से 209 पहले से स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल कर रही थीं, जबकि 175 अन्य बेकरी भी स्वच्छ ईंधन पर स्थानांतरित हो चुकी हैं। इसके अलावा: BMC ने स्पष्ट किया है कि नई लाइसेंस और अनुमतियां तभी दी जाएंगी, जब संबंधित बेकरी में अनिवार्य ग्रीन-फ्यूल नियमों का पालन सुनिश्चित हो। श्मशान घाटों में भी लगाए जाएंगे प्रदूषण नियंत्रण उपकरण BMC शहर के 10 श्मशान घाटों में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाने की प्रक्रिया में है। इसका उद्देश्य दाह संस्कार के दौरान निकलने वाले उत्सर्जन को कम करना है। खुले में कचरा जलाने पर सख्ती BMC ने खुले में कचरा और अन्य सामग्री जलाने वाले स्थानों को भी निगरानी के दायरे में रखा है। चिन्हित हॉटस्पॉट पर निगरानी की जा रही है और खुले में जलाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। BMC के दिशा-निर्देशों के अनुसार, उसके अधिकार क्षेत्र में खुले में कचरा जलाना प्रतिबंधित है। इसमें कचरा डंपिंग ग्राउंड और ऐसे अन्य स्थान भी शामिल हैं, जहां अक्सर कचरा जलाने की घटनाएं सामने आती हैं। पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर भी जागरूकता अभियान सर्दियों और त्योहारों के दौरान पटाखों से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को देखते...
मुंबई के प्रदूषण पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त: दिल्ली से भी आगे निकलना चौंकाने वाला

मुंबई के प्रदूषण पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त: दिल्ली से भी आगे निकलना चौंकाने वाला

मुंबई के प्रदूषण पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त: दिल्ली से भी आगे निकलना चौंकाने वाला पटाखों और बिना अनुमति साउंड सिस्टम पर रोक लागू नहीं होने से नाराज कोर्ट, मुंबई पुलिस और नागरिक प्रशासन को दिए कड़े निर्देश मुंबई: मुंबई में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि समुद्र से आने वाली हवाओं और शहर में मौजूद खुले स्थानों जैसे प्राकृतिक फायदों के बावजूद मुंबई का प्रदूषण के मामले में दिल्ली से आगे निकलना बेहद चौंकाने वाला है। जस्टिस गिरीश एस. कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने प्रदूषण से संबंधित स्वतः संज्ञान वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए मुंबई पुलिस, नागरिक प्रशासन और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। ‘मुंबई का दिल्ली से आगे निकलना चौंकाने वाला’ सुनवाई के दौरान जस्टिस गिरीश कुलकर्णी ने मुंबई की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर को समुद्र से आने वाली हवाओं और खुले वातावरण का फायदा मिलता है। इसके बावजूद प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कोर्ट ने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मुंबई का आसमान साफ रहे। पीठ ने इस बात पर भी चिंता जताई कि मुंबई कुछ प्रदूषण सूचकांकों में दिल्ली से भी आगे निकल रही है। कोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को शहर में दृश्यता भी घटकर 500 मीटर से कम हो गई थी। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब लाखों नागरिक प्रदूषण जैसी आपात स्थिति से जूझ रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी किस तरह चैन से बैठ सकते हैं। पटाखों और साउंड सिस्टम को लेकर पुलिस पर सवाल हाईकोर्ट ने त्योहारों के दौरान पटाखों और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पहले दिए गए अपने आदेशों के पालन में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई। पीठ ने कहा कि जुलूसों में म्यूजिक सिस्टम इस्तेमाल करने से पहले आवश्यक अनुमति लेने और निर्धारित डेसिबल सीमा का पालन करने को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि व्यस्त सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे जलाने की घटनाओं को नियंत्रित नहीं किया जा रहा है और उसके आदेशों का नियमित रूप से उल्लंघन होता दिखाई दे रहा है। ‘सरकारी मशीनरी बहुत धीमी गति से काम कर रही है’ अपने लिखित आदेश में हाईकोर्ट ने सरकारी तंत्र की धीमी कार्रवाई पर भी कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा कार्यवाही में पहले दिए गए आदेशों के बावजूद संबंधित सरकारी मशीनरी अदालत के निर्देशों के अनुसार बुनियादी प्रारंभिक कार्रवाई करने में भी अपेक्षा से काफी धीमी दिखाई दे रही है। पीठ ने पुलिस से प्रदूषण और ध्वनि नियंत्रण से जुड़े अदालत के निर्देशों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। लापरवाही पर पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी हाईकोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पुलिस मशीनरी की लापरवाही के कारण नागरिकों के अधिकार प्रभावित होते हैं, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत नागरिकों को प्राप्त अधिकारों का भी उल्लेख किया और कहा कि यदि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। मुंबई पुलिस कमिश्नर को SOP बनाने का निर्देश हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वे सभी पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक करें और पटाखों तथा बिना अनुमति वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर रोक सुनिश्चित करने के लिए एक Standard Operating Procedure (SOP) तैयार करें। पुलिस आयुक्त को इस संबंध में अनुपालन हलफनामा भी दाखिल करना होगा। BMC और MPCB को सोशल मीडिया पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश अदालत ने BMC और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को भी निर्देश दिया कि वे प्रदूषण और अदालत के निर्देशों को लेकर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाएं। दोनों संस्थाओं को 24 अक्टूबर तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जन-जागरूकता नोटिस प्रकाशित करने और अदालत में अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। 26 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को निर्धारित की है। तब तक पुलिस, BMC और MPCB को अदालत के निर्देशों पर की गई कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। सुनवाई के दौरान एडवोकेट आनंद पई और एडवोकेट लावण्या पनिकर ने न्यायालय की सहायता amicii curiae के रूप में की। महाराष्ट्र सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता अंजली हेलेकर और ज्योति चव्हाण पेश हुईं। MPCB की ओर से एडवोकेट जया बागवे, जबकि BMC की ओर से एडवोकेट ऊर्जा धोंड उपस्थित रहीं। हाईकोर्ट का संदेश साफ मुंबई की बिगड़ती हवा और बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि अदालत के आदेश जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू हो रहे हैं। अब निगाहें 26 अक्टूबर की अगली सुनवाई पर रहेंगी, जहां पुलिस और नागरिक प्रशासन को अपनी कार्रवाई का जवाब देना होगा। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor  
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 3 इनोवा, 3 राज्य और 900 किमी का सफर, ऐसे मुंबई लाए गए तीनों आरोपी

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 3 इनोवा, 3 राज्य और 900 किमी का सफर, ऐसे मुंबई लाए गए तीनों आरोपी

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 3 इनोवा, 3 राज्य और 900 किमी का सफर, ऐसे मुंबई लाए गए तीनों आरोपी कोटा से मुंबई तक पुलिस का लंबा सफर, रास्ते में कई बार बदली गई गाड़ियां और रूट; नेपाल भागने की तैयारी में थे आरोपी मुंबई/नई दिल्ली: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन कथित आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाने के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। आरोपियों को मुंबई लाने के लिए पुलिस ने रास्ते में कई बार रूट बदला और उन्हें अलग-अलग गाड़ियों में शिफ्ट किया गया। पुलिस के मुताबिक, बिहार के रहने वाले हृतिक कुमार उर्फ रोशन (22) तथा हरियाणा के रेहान (18) और फूल सिंह (18) को सोमवार सुबह कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि इन लोगों ने रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की थी। फायरिंग में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक ऑटोरिक्शा चालक घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों द्वारा लिए जाने की बात सामने आई है। कोटा से मुंबई तक 3 इनोवा का काफिला तीनों आरोपियों को कोटा पुलिस ने मुंबई पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद उन्हें मुंबई लाने के लिए दो निजी Toyota Innova Crysta गाड़ियों से सफर शुरू किया गया। करीब 900 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान पुलिस ने आरोपियों की सुरक्षा को लेकर काफी सावधानी बरती। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे कोटा से सफर शुरू हुआ। शुरुआत में एक सफेद रंग की इनोवा में तीनों आरोपी बैठे थे, जबकि दूसरी सिल्वर रंग की इनोवा में पुलिस अधिकारी मौजूद थे। शाम करीब 6:45 बजे गुजरात के भरूच के पास दोनों गाड़ियां रुकीं। यहां आरोपियों को सफेद इनोवा से निकालकर सिल्वर रंग की इनोवा में शिफ्ट किया गया। इसके बाद दोनों गाड़ियों की रफ्तार में भी काफी अंतर देखा गया। एक गाड़ी की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे से कम कर दी गई, जबकि दूसरी गाड़ी एक्सप्रेसवे पर करीब 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ी। महाराष्ट्र पुलिस की तीसरी इनोवा भी काफिले में शामिल रात करीब 9:30 बजे महाराष्ट्र नंबर की सिल्वर रंग की एक और इनोवा इस काफिले में शामिल हुई। इस गाड़ी में सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारी मौजूद थे। इसके बाद काफिला एक रेस्टोरेंट के पास रुका। एक पुलिस अधिकारी अंदर गया, लेकिन कुछ ही देर बाद बिना कुछ ऑर्डर किए वापस बाहर आ गया। करीब 10:10 बजे वलसाड के पास एक पेट्रोल पंप पर तीनों गाड़ियां फिर एक साथ आईं। इसके बाद काफिला वापी से होते हुए करीब 10:50 बजे महाराष्ट्र में दाखिल हुआ। करीब 16 घंटे के लंबे सफर के बाद पुलिस काफिला रात लगभग 2:30 बजे मुंबई पहुंचा। मुंबई पहुंचने के बाद तीनों आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में कम से कम चार बार बदली गई कार मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यात्रा के दौरान तीनों आरोपियों को कम से कम चार बार एक गाड़ी से दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सफर के दौरान आरोपियों से पूछताछ भी की। पुलिस की इस रणनीति का मकसद आरोपियों की सुरक्षा बनाए रखना और उनके भागने की किसी भी संभावना को रोकना था। जुहू में कैसे हुई थी टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग? यह घटना रविवार शाम करीब 7 बजे हुई, जब टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद वापस लौट रहे थे। टाइगर अपनी BMW की आगे वाली पैसेंजर सीट पर बैठे थे। इसी दौरान दो लोगों ने उनकी कार पर कई राउंड फायरिंग की। सामने आए वीडियो में दोनों हमलावरों द्वारा कम से कम सात गोलियां चलाने की बात सामने आई है। हमले में टाइगर श्रॉफ को कोई चोट नहीं आई। हालांकि उनके ड्राइवर और एक ऑटोरिक्शा चालक घायल हो गए। हमले के बाद टाइगर ने खुद स्थिति संभाली और घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाने के लिए कार चलाकर ले गए। बाइक से भागे थे हमलावर फायरिंग के बाद दोनों हमलावर एक बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर हमले में इस्तेमाल की गई बाइक अंधेरी इलाके में लावारिस हालत में मिली। इसके बाद आरोपी सूरत पहुंचे और वहां से जयपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। नेपाल भागने की थी कथित योजना जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों की कथित योजना पहले दिल्ली पहुंचने और फिर वहां से नेपाल भागने की थी। बताया जा रहा है कि सूरत से जयपुर जाने के बाद उन्हें बस के जरिए दिल्ली जाना था। इसके बाद वे नेपाल निकलने की तैयारी में थे। हालांकि पुलिस ने इससे पहले ही कोटा रेलवे स्टेशन पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब मुंबई क्राइम ब्रांच आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फायरिंग के पीछे उनका मकसद क्या था, उन्हें किसने निर्देश दिए थे और इस पूरी साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। Undercover Editor Mahesh Rathod — Editor  
मुंबई के कुर्ला में 13 मंजिला इमारत में आग, 3 नाबालिगों समेत 9 लोग घायल

मुंबई के कुर्ला में 13 मंजिला इमारत में आग, 3 नाबालिगों समेत 9 लोग घायल

मुंबई के कुर्ला में 13 मंजिला इमारत में आग, 3 नाबालिगों समेत 9 लोग घायल धुएं की चपेट में आने से 8 लोगों की तबीयत बिगड़ी, एक व्यक्ति के पैर में चोट; सभी की हालत स्थिर मुंबई: मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके में मंगलवार सुबह एक 13 मंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसे में तीन नाबालिगों समेत कुल 9 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 8 लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि एक व्यक्ति के दाहिने पैर में चोट आई है। सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। सुबह 6:53 बजे मिली आग की सूचना बीएमसी के अनुसार, आग की सूचना मंगलवार सुबह करीब 6:53 बजे कुर्ला पश्चिम स्थित कोहिनूर स्कूल के पास कोहिनूर एचडीआईएल की बिल्डिंग नंबर 5 में मिली। यह इमारत ग्राउंड प्लस 12 मंजिल की है। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस, बिजली वितरण कंपनी के कर्मचारी, एंबुलेंस सेवा और बीएमसी वार्ड स्टाफ ने भी राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग किया। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर करीब 28 मिनट में, सुबह 7:21 बजे काबू पा लिया गया। बिजली के तार और डक्ट तक सीमित रही आग बीएमसी के अनुसार, आग मुख्य रूप से इमारत की इलेक्ट्रिकल वायरिंग, इलेक्ट्रिकल डक्ट के अंदर लगे उपकरणों और अलग-अलग मंजिलों पर मौजूद लोहे के दरवाजों तक सीमित रही। फिलहाल आग के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है। 8 लोगों को धुएं से परेशानी, एक के पैर में चोट शुरुआत में दमकल विभाग ने 9 लोगों के धुएं से प्रभावित होने की जानकारी दी थी। बाद में राजावाड़ी अस्पताल की ओर से स्पष्ट किया गया कि 8 मरीजों को धुएं के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई, जबकि एक व्यक्ति के दाहिने पैर में चोट लगी है। धुएं से प्रभावित मरीजों में ईशान अहमद (30), मोहम्मद शेख (5), फरीना बोनो (27), एजास अहमद (65), फरिन शेख (18), नायदा शेख (14), कलीमा साहा (45) और अलीना शेख (17) शामिल हैं। वहीं जाहेद अली शेख (55) को दाहिने पैर में चोट के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी नौ मरीजों की हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है। आग लगने की वजह की जांच जारी फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण का पता नहीं चल पाया है। संबंधित अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं। समय रहते दमकल विभाग के पहुंचने और आग पर जल्द काबू पाने से बड़ा हादसा टल गया। Undercover Editor News Channel मुंबई  
मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की कोशिश, बाल-बाल बचे अभिनेता; तीन संदिग्ध हिरासत में

मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की कोशिश, बाल-बाल बचे अभिनेता; तीन संदिग्ध हिरासत में

मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की कोशिश, बाल-बाल बचे अभिनेता; तीन संदिग्ध हिरासत में जुहू में फुटबॉल प्रैक्टिस के बाद कार से निकल रहे थे अभिनेता, सामने से कई राउंड फायरिंग; ड्राइवर समेत दो लोग घायल, पुलिस जांच में जुटी मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में कथित तौर पर फायरिंग की कोशिश का मामला सामने आया है। अभिनेता इस हमले में गोली लगने से बच गए। घटना उस समय हुई, जब वह फुटबॉल ग्राउंड से प्रैक्टिस के बाद कार से बाहर निकल रहे थे। पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ की कार जैसे ही भीड़ के बीच से धीमी गति से आगे बढ़ रही थी, कम से कम दो लोगों ने कार की आगे की पैसेंजर सीट की दिशा में कई गोलियां चलाईं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। ड्राइवर समेत दो लोग घायल हमले में टाइगर श्रॉफ को गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि पुलिस के अनुसार दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें अभिनेता का ड्राइवर भी शामिल है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी। सोमवार को राजस्थान में पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनमें से दो संदिग्ध हरियाणा और बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो पिछले कुछ वर्षों से मुंबई में रह रहे थे। तीसरा संदिग्ध नाबालिग बताया गया है। राजस्थान पुलिस के अनुसार, तीनों को आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस को सौंपे जाने की प्रक्रिया चल रही है। हमले के बाद टाइगर से मिले एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार शाम टाइगर श्रॉफ से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस घटना से अभिनेता सदमे में हैं और इस तरह लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिंदे ने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी और इस तरह की गुंडागर्दी को खत्म किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना को गंभीर और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंचेगी और टाइगर श्रॉफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ी चिंता घटना के बाद बॉलीवुड और फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि आपराधिक गिरोह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर डर का माहौल बनाने और कथित तौर पर वसूली की कोशिश कर रहे हैं। एसोसिएशन ने सरकार और पुलिस से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा फिल्म कलाकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की भी चर्चा घटना के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में एक कथित ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए इसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जोड़ने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मुंबई पुलिस ने अभी तक बिश्नोई गैंग की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए पुलिस जांच पूरी होने तक हमले के पीछे किसी विशेष गैंग या व्यक्ति का नाम निश्चित रूप से लेना जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि 2024 में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में भी बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों पर आरोप लगे थे। उसी वर्ष मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में भी बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की कथित भूमिका की जांच हुई थी। कौन हैं टाइगर श्रॉफ? टाइगर श्रॉफ, अभिनेता जैकी श्रॉफ के बेटे हैं और उन्होंने वर्ष 2014 में फिल्म ‘हीरोपंती’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। एक्शन फिल्मों, डांस और मार्शल आर्ट्स के लिए उनकी खास पहचान है। वह फुटबॉल में भी रुचि रखते हैं और नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। फिलहाल पुलिस हमले के पीछे की वजह, फायरिंग करने वालों की पहचान और उनके संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे की वास्तविक वजह और साजिश का खुलासा हो सकेगा। Undercover Editor News | Mahesh Rathod, Editor  
मुंबई में अभिनेता अजय देवगन से जुड़े बंगले पर BMC की कार्रवाई, ‘अनधिकृत’ निर्माण का हिस्सा तोड़ा

मुंबई में अभिनेता अजय देवगन से जुड़े बंगले पर BMC की कार्रवाई, ‘अनधिकृत’ निर्माण का हिस्सा तोड़ा

मुंबई में अभिनेता अजय देवगन से जुड़े बंगले पर BMC की कार्रवाई, ‘अनधिकृत’ निर्माण का हिस्सा तोड़ा Juhu के JVPD Scheme में हुई कार्रवाई; BMC ने Section 354-A के तहत जारी किया था स्टॉप-वर्क नोटिस मुंबई: मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता अजय देवगन और उनकी मां वीणा देवगन से जुड़े बताए जा रहे एक बंगले के कथित अनधिकृत निर्माण पर BMC ने कार्रवाई करते हुए उसके कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई 12 अक्टूबर 2026 को की गई, जबकि इसकी जानकारी BMC अधिकारियों ने शनिवार को दी। यह संपत्ति जुहू के JVPD Scheme स्थित Kapole Co-operative Housing Society, N.S. Road में बताई गई है। हालांकि, BMC की ओर से जारी नोटिस और उसके speaking order में अभिनेता अजय देवगन या उनकी मां वीणा देवगन के नाम का उल्लेख नहीं है। संपत्ति से उनका संबंध अलग स्रोतों के आधार पर स्थापित होने की बात सामने आई है। सितंबर में जारी हुआ था स्टॉप-वर्क नोटिस BMC अधिकारी के अनुसार, K/West Ward कार्यालय ने 10 सितंबर को बंगले में कथित अनधिकृत additions और alterations को लेकर मुंबई महानगरपालिका अधिनियम की धारा 354-A के तहत स्टॉप-वर्क नोटिस जारी किया था। नोटिस में मालिक या कब्जाधारी को तत्काल निर्माण कार्य रोकने और संबंधित निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। BMC ने चेतावनी दी थी कि निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं होने पर अनधिकृत निर्माण और मौके पर मौजूद निर्माण सामग्री को मालिक के जोखिम और खर्च पर हटाया जा सकता है। मालिक की दलील BMC ने की खारिज बताया गया है कि संपत्ति के मालिकों की ओर से 15 सितंबर को नोटिस के जवाब में अपनी दलील पेश की गई थी। हालांकि, 6 अक्टूबर को जारी speaking order में K/West Ward ने इस जवाब को स्वीकार नहीं किया। BMC के अनुसार, जवाब के साथ कथित निर्माण को अधिकृत साबित करने वाले आवश्यक दस्तावेज या संबंधित प्राधिकरण से मंजूरी की प्रति प्रस्तुत नहीं की गई थी। इसके बाद 12 अक्टूबर को BMC की टीम ने मौके पर पहुंचकर Siporex block से बनाई गई कथित अनधिकृत दीवारों और निर्माण के कुछ हिस्सों को हथौड़ों की मदद से तोड़ दिया। BMC ने कार्रवाई की तस्वीरें भी साझा कीं नगरपालिका प्रशासन ने कार्रवाई की तस्वीरें और संबंधित नोटिस भी साझा किए हैं। तस्वीरों में BMC की टीम को कथित अनधिकृत हिस्से को हटाते हुए देखा जा सकता है। फिलहाल, इस मामले में BMC की कार्रवाई का मुख्य आधार अनधिकृत निर्माण और आवश्यक अनुमति से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत न किया जाना बताया गया है। यह भी महत्वपूर्ण है कि उपलब्ध BMC दस्तावेजों में अजय देवगन या वीणा देवगन को व्यक्तिगत रूप से आरोपी या उल्लंघनकर्ता के रूप में नामित नहीं किया गया है। इसलिए मामले को अभिनेता के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई के रूप में पेश करने के बजाय इसे संबंधित संपत्ति पर BMC की अनधिकृत निर्माण संबंधी कार्रवाई के रूप में देखना अधिक उचित होगा। Undercover Editor News Channel | Mahesh Rathod, Editor  

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