लेखक: Mahesh Rathod

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

मुंबई में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल, 21 को इलाज के बाद मिली छुट्टी

मुंबई में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल, 21 को इलाज के बाद मिली छुट्टी

मुंबई में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल, 21 को इलाज के बाद मिली छुट्टी मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने के दौरान हादसे; पश्चिमी उपनगर का एक गोविंदा अब भी अस्पताल में भर्ती मुंबई: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में दही हांडी उत्सव पूरे उत्साह और पारंपरिक उमंग के साथ मनाया गया। मुंबई में दही हांडी फोड़ने के लिए बनाए गए बहुस्तरीय मानव पिरामिड के दौरान कुल 22 गोविंदा घायल हुए हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई शहर में घायल हुए 20 गोविंदाओं को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। वहीं, मुंबई के पूर्वी उपनगर में घायल हुए एक गोविंदा को भी इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। पश्चिमी उपनगर में घायल एक अन्य गोविंदा का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मानव पिरामिड बनाकर फोड़ी जाती है दही हांडी दही हांडी उत्सव के दौरान गोविंदा पथक एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर कई स्तरों वाला मानव पिरामिड बनाते हैं। इसके बाद सबसे ऊपर पहुंचने वाला गोविंदा हवा में लटकाई गई दही से भरी मिट्टी की हांडी को फोड़ता है। मानव पिरामिड बनाते समय संतुलन बिगड़ने या ऊंचाई से गिरने के कारण चोट लगने का खतरा रहता है। इसे देखते हुए इस बार भी प्रशासन और अस्पतालों की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। BMC ने अस्पतालों में किए विशेष इंतजाम दही हांडी उत्सव को देखते हुए BMC ने गोविंदाओं के इलाज के लिए व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की थी। नगर निकाय के मुताबिक, 16 उपनगरीय नागरिक अस्पतालों के अलावा सायन स्थित लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल जनरल हॉस्पिटल, परेल का KEM अस्पताल और मुंबई सेंट्रल का नायर अस्पताल में 100 से अधिक बेड तैयार रखे गए थे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य दही हांडी के दौरान घायल होने वाले गोविंदाओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर उतरने को देखते हुए मुंबई पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया, ताकि दही हांडी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। फिलहाल सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, घायल हुए 22 गोविंदाओं में से 21 को उपचार के बाद छुट्टी मिल चुकी है, जबकि एक गोविंदा का अस्पताल में इलाज जारी है।  
मुंबई-वापी ट्रेन में सीटों पर कब्जा और कथित जुए का वीडियो वायरल, यात्रियों में नाराजगी

मुंबई-वापी ट्रेन में सीटों पर कब्जा और कथित जुए का वीडियो वायरल, यात्रियों में नाराजगी

मुंबई-वापी ट्रेन में सीटों पर कब्जा और कथित जुए का वीडियो वायरल, यात्रियों में नाराजगी भीड़भाड़ वाली 59023 मुंबई सेंट्रल-वापी फास्ट पैसेंजर का बताया जा रहा वीडियो; यात्रियों ने GRP और RPF से जांच की मांग की मुंबई: मुंबई सेंट्रल से वलसाड जाने वाली 59023 मुंबई सेंट्रल-वलसाड फास्ट पैसेंजर का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ यात्री कथित तौर पर एक से ज्यादा सीटों पर कब्जा किए हुए और पैसों से जुड़े ताश के खेल में शामिल नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यात्रियों में नाराजगी है और रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना ट्रेन में पीक ऑवर की भीड़ के दौरान हुई, जब बड़ी संख्या में यात्री सफर कर रहे थे। वायरल वीडियो में एक समूह द्वारा कई सीटों पर कब्जा किए जाने का दावा किया जा रहा है। यात्रियों का आरोप है कि ऐसे समय में जब ट्रेन पहले से ही खचाखच भरी थी, कुछ लोगों के कई सीटों पर बैठने से दूसरे यात्रियों को बैठने की जगह तक नहीं मिल पा रही थी। भीड़ में सीटों को लेकर बढ़ी परेशानी कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया है कि कुछ पासधारक नियमित रूप से ऐसी सीटों पर कब्जा कर लेते हैं, जो दूसरे यात्रियों के लिए भी उपलब्ध होनी चाहिए। उनका कहना है कि भीड़भाड़ के दौरान एक व्यक्ति या समूह द्वारा कई सीटों को घेरकर रखना यात्रियों की परेशानी और बढ़ा देता है। वायरल वीडियो में पैसों से जुड़े ताश के खेल का भी कथित तौर पर दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधियों और उसमें शामिल लोगों के बारे में अभी तक रेलवे या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। GRP और RPF से जांच की मांग वीडियो वायरल होने के बाद यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने और इसकी जांच कराने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि यदि ट्रेन में वास्तव में जुए से जुड़ी गतिविधियां चल रही थीं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, यात्रियों ने Government Railway Police (GRP) और Railway Protection Force (RPF) से भी वायरल वीडियो की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि रेलवे परिसर और ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा तथा सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियमों का प्रभावी तरीके से पालन जरूरी है। वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि बाकी फिलहाल रेलवे अधिकारियों की ओर से इस विशेष वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की आधिकारिक जांच अभी बाकी है। यह मामला एक बार फिर मुंबई से चलने वाली व्यस्त यात्री ट्रेनों में ओवरक्राउडिंग, सीटों पर कथित कब्जे और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े करता है। यात्रियों को अब उम्मीद है कि रेलवे प्रशासन वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर तथ्यों की जांच करेगा और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उचित कार्रवाई करेगा।  
मालाड में बेकाबू MG Windsor ने उड़ाए स्कूटर और ऑटो, 34 वर्षीय महिला की मौत; 6 घायल

मालाड में बेकाबू MG Windsor ने उड़ाए स्कूटर और ऑटो, 34 वर्षीय महिला की मौत; 6 घायल

मालाड में बेकाबू MG Windsor ने उड़ाए स्कूटर और ऑटो, 34 वर्षीय महिला की मौत; 6 घायल सिग्नल पर खड़े थे वाहन, 10 सेकंड बाद तेज रफ्तार कार ने मचाया कहर; CCTV में कैद हुआ खौफनाक हादसा मुंबई: मुंबई के मालाड पश्चिम में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सनसनी मचा दी। SV Road जंक्शन पर ट्रैफिक सिग्नल के पास तेज रफ्तार MG Windsor कार ने एक स्कूटर और तीन ऑटो-रिक्शा समेत कई वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटर पर अपने पति के साथ जा रही 34 वर्षीय प्रियंका मयंक सत्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति मयंक समेत छह लोग घायल हुए हैं। हादसे का CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें पूरी घटना का खौफनाक मंजर कैद है। वीडियो में दिखाई देता है कि रविवार रात करीब 8 बजे सिग्नल पर वाहन लाल बत्ती के कारण रुके हुए थे। एक ऑटो-रिक्शा भी जेब्रा क्रॉसिंग के पास खड़ा था। कुछ ही सेकंड बाद पीछे से आती MG Windsor अचानक तेज रफ्तार में आगे बढ़ती है और रास्ते में खड़े वाहनों को अपनी चपेट में ले लेती है। स्कूटर पर सवार दंपती को जोरदार टक्कर CCTV के मुताबिक, बेकाबू कार ने पहले सड़क पार कर रही एक महिला को टक्कर मारी और इसके बाद स्कूटर पर सवार दंपती को जोरदार टक्कर लगी। इसके बाद कार ने लगातार तीन ऑटो-रिक्शा को भी अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई लोग हवा में उछलते हुए दिखाई दिए। कुछ ही पलों में सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े। स्कूटर पर पीछे बैठी प्रियंका मयंक सत्रा (34) को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति मयंक को भी गंभीर चोटें लगी हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनके फ्रैक्चर और रीढ़ की हड्डी में चोट की जानकारी सामने आई है। हादसे में तीन ऑटो-रिक्शा चालक सुभेदार चंद्र गौतम, रामकेश राजभर और अब्दुल रहमान शेख भी घायल हुए हैं। वहीं, 48 वर्षीय जैतून बी इमाम को सिर में गंभीर चोट लगी है और उन्हें बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल ले जाया गया। ड्राइवर ने कहा- गलती से ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दब गया पुलिस ने हादसे के सिलसिले में 70 वर्षीय कृष्ण शांताराम चामनकर को हिरासत में लिया है। पुलिस जांच के दौरान चालक ने कथित तौर पर बताया कि ब्रेक की जगह गलती से एक्सीलेटर दब गया, जिसके बाद कार अचानक तेज गति से आगे बढ़ गई। हादसे के बाद मालाड पुलिस स्टेशन के बाहर स्थानीय व्यापारियों, वकीलों, घायलों के परिजनों और अन्य लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोपी के साथ कथित तौर पर नरमी बरतने का आरोप लगाया। उनका दावा था कि आरोपी को निजी मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई और पुलिस स्टेशन के अंदर कुछ समय के लिए एयर-कंडीशन कमरे में रखा गया। इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष भी मामले में महत्वपूर्ण रहेगा। शराब के नशे में नहीं था आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपी चालक का ब्लड-अल्कोहल टेस्ट कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट नकारात्मक आई है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत लापरवाही से वाहन चलाने और मौत का कारण बनने का मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। फिलहाल पुलिस हादसे की परिस्थितियों, वाहन की गति, चालक की प्रतिक्रिया और CCTV फुटेज समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। CCTV में कैद हादसे की तस्वीरें एक बार फिर मुंबई की सड़कों पर तेज रफ्तार और वाहन नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।  
विकासकामों पर ग्रामसभा में बवाल! 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को जड़ा थप्पड़

विकासकामों पर ग्रामसभा में बवाल! 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को जड़ा थप्पड़

विकासकामों पर ग्रामसभा में बवाल! 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को जड़ा थप्पड़ लातूर: गांव में विकास कार्यों को लेकर चल रही चर्चा के दौरान लातूर तालुका के एकुर्गा गांव में ग्रामसभा में जमकर हंगामा हो गया। कथित तौर पर विकास कार्यों से नाराज 70 वर्षीय एक ग्रामीण ने ग्राम पंचायत सदस्य को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद कुछ देर तक ग्रामसभा में तनाव का माहौल बना रहा। एकुर्गा में गांव की समस्याओं और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर ग्रामसभा आयोजित की गई थी। बैठक में अधूरे और लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को लेकर एक 70 वर्षीय ग्रामीण ने अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीण ने ग्राम पंचायत सदस्य से सवाल करते हुए कहा, “अगर गांव का विकास नहीं करना है, तो पद क्यों लेते हैं?” इस सवाल के बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि बहस के दौरान गुस्से में आए बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को थप्पड़ मार दिया। अचानक हुई इस घटना से ग्रामसभा में अफरा-तफरी मच गई। मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। घटना के बाद पूरे गांव में इसकी चर्चा होने लगी। बताया जा रहा है कि ग्रामसभा में हुए इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गांव के विकास कार्यों को लेकर शुरू हुई बहस का इस तरह विवाद और मारपीट में बदलना चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आना बाकी है।
नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख

नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख

नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख नवी मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और नवी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तुर्भे के TTC इंडस्ट्रियल एरिया में एक गोदाम पर कार्रवाई कर कथित तौर पर एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों को दोबारा पैक कर उनकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डिटेल बदलने वाले रैकेट का खुलासा किया है। 24 से 29 अगस्त के बीच की गई कार्रवाई में 8,442 कार्टन संदिग्ध रूप से बदले गए खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹75.52 लाख बताई गई है। कार्रवाई साधना एंटरप्राइजेज के गोदाम में की गई। अधिकारियों के अनुसार, यहां एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों पर मौजूद मूल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी जानकारी को हटाकर नई जानकारी चिपकाने का कथित काम किया जा रहा था। इसके लिए इंकजेट प्रिंटर, केमिकल थिनर और विशेष रूप से तैयार किए गए स्टिकर बरामद किए गए। Lay’s, Kurkure और Maggi समेत कई उत्पाद जब्त जांच के दौरान कई लोकप्रिय ब्रांडों के खाद्य एवं पेय पदार्थ मिले। जब्त सामान में Lay’s, Kurkure, Fun Flips, Bingo Mad Angles, Maggi Masala Noodles, Maggi Atta Noodles और Knorr Mushroom Soup शामिल हैं। इसके अलावा Rasoi ब्रांड के Amritsari Paneer Tikka Masala, Dum Aloo और Dal Makhni जैसे रेडी-टू-ईट उत्पाद भी बरामद किए गए। अधिकारियों ने Thums Up, Limca और Hellmann’s Mayonnaise के उत्पाद भी जब्त किए हैं। घरेलू बाजार और एक्सपोर्ट तक पहुंचने का आरोप अधिकारियों को आशंका है कि बदले गए खाद्य उत्पादों को घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात के लिए भी सप्लाई किया जा रहा था। मामले की जांच अब कथित वितरण नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। FDA अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई, नोएडा और दिल्ली में काम करने वाली करीब 10 एक्सपोर्ट कंपनियों से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि ऐसे उत्पादों की सप्लाई कहां-कहां की गई और इस नेटवर्क में कितनी अन्य कंपनियां या लोग शामिल हैं। FIR दर्ज, कंपनी का लाइसेंस निलंबित मामले में तुर्भे पुलिस स्टेशन में Food Safety and Standards Act, 2006 और Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। कार्रवाई के बाद Sadhana Enterprises का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और वितरण नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों एवं कंपनियों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है। फिलहाल जांच जारी है और जब्त किए गए उत्पादों तथा कथित हेराफेरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।  
मुंबई में कल से महंगा होगा भैंस का दूध, ₹110-112 प्रति लीटर तक पहुंचेंगे दाम

मुंबई में कल से महंगा होगा भैंस का दूध, ₹110-112 प्रति लीटर तक पहुंचेंगे दाम

मुंबई में कल से महंगा होगा भैंस का दूध, ₹110-112 प्रति लीटर तक पहुंचेंगे दाम 1 सितंबर से लागू होगी नई दर, थोक कीमत में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी; दक्षिण मुंबई में ₹112 तक पहुंच सकता है भाव मुंबई: मुंबईवासियों को 1 सितंबर से भैंस के दूध के लिए अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी। Bombay Milk Producers’ Association ने भैंस के दूध की थोक कीमत में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसके बाद थोक दर ₹93 से बढ़कर ₹102 प्रति लीटर हो जाएगी। थोक कीमत में बढ़ोतरी का सीधा असर खुदरा बाजार पर पड़ने की संभावना है। शहर में भैंस के दूध की खुदरा कीमत मौजूदा ₹100-104 प्रति लीटर से बढ़कर करीब ₹110-112 प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। हालांकि, अंतिम कीमत इलाके, दूध विक्रेता और सप्लायर के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। दक्षिण मुंबई में ₹112 तक पहुंचेगा भाव Association के अनुसार, दक्षिण मुंबई में भैंस के दूध की कीमत मौजूदा ₹104 से बढ़कर करीब ₹112 प्रति लीटर हो सकती है। वहीं मुंबई के अन्य इलाकों में यह दर करीब ₹100 से बढ़कर ₹110 प्रति लीटर होने की संभावना है। Association के पदाधिकारी सी.के. सिंह ने बताया कि ईंधन और परिवहन लागत में बढ़ोतरी, पशु चारे की कीमत, मजदूरी और रखरखाव खर्च बढ़ने से दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ी है। उनके मुताबिक, वर्तमान में एक लीटर दूध के उत्पादन पर करीब ₹98 खर्च आ रहा है। इसी वजह से थोक कीमत को ₹93 से बढ़ाकर ₹102 प्रति लीटर करने का फैसला लिया गया है। फरवरी 2027 तक लागू रहेगी नई थोक दर Association के मुताबिक, संशोधित थोक दर 1 सितंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। इसका उद्देश्य मौजूदा उत्पादन लागत के अनुरूप दूध की कीमत तय करना है। मुंबई में रोजाना करीब 40 लाख लीटर भैंस का दूध वितरित किया जाता है। हालांकि थोक कीमत में बढ़ोतरी एक समान है, लेकिन खुदरा बाजार में इसका असर पूरे शहर में समान नहीं होगा। दक्षिण मुंबई में आमतौर पर दूध की कीमत उत्तर मुंबई की तुलना में अधिक रहती है। त्योहारों से पहले बढ़ी दूध की कीमत दूध की कीमत में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। इस दौरान दूध और उससे बने उत्पादों की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। ऐसे में नई कीमतों का असर मुंबई के लाखों परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है। भांडुप निवासी धनंजय पवार ने कहा कि दूध की कीमत में बढ़ोतरी से परिवार के बजट पर असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उनका परिवार स्वाद के कारण तबेले का दूध लेना पसंद करता है। 1 सितंबर से नई दरें लागू होने के बाद मुंबई के अलग-अलग इलाकों में खुदरा कीमतों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।  
मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR मुंबई: मुंबई पुलिस ने एक 55 वर्षीय फोटोग्राफी शिक्षक को मुंबई की मेयर रितु तावड़े के पति के रूप में कथित तौर पर गलत तरीके से पेश करने वाले YouTube वीडियो के मामले में अज्ञात कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ FIR दर्ज की है। वीडियो में शिक्षक की तस्वीर का इस्तेमाल कर उनके बारे में भ्रामक और कथित रूप से मानहानिकारक जानकारी प्रसारित की गई थी। मामले में कालाचौकी पुलिस ने 27 अगस्त को शिक्षक की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 26 अगस्त को उनके भवन में रहने वाले एक पड़ोसी ने WhatsApp के जरिए YouTube वीडियो का लिंक भेजा। वीडियो देखने के बाद उन्हें पता चला कि उनकी तस्वीर का इस्तेमाल मुंबई की मेयर के साथ जोड़कर किया गया है। पुलिस के अनुसार, वीडियो में शिक्षक को मेयर रितु तावड़े के पति के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इसके साथ ही वीडियो में उनके नाम, शिक्षा, पेशे, धर्म, शौक और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी भी दिखाई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी और मेयर की तस्वीरों का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किया गया। पुलिस ने बताया कि वीडियो “gk-shorts-videos” नाम के YouTube चैनल से अपलोड किया गया था। जांच के दौरान पुलिस तकनीकी माध्यमों से चैनल संचालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वीडियो से जुड़े IP एड्रेस और अन्य डिजिटल जानकारी जुटाई जा रही है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को वीडियो के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें जांच में अहम साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किस व्यक्ति ने तैयार किया और उसे किस उद्देश्य से अपलोड किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है। रितु तावड़े वरिष्ठ भाजपा नगरसेवक हैं और मुंबई महानगरपालिका के घाटकोपर स्थित एन-वॉर्ड के वार्ड 132 का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालिया 227 सदस्यीय BMC चुनाव में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना को 29 सीटें मिली थीं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की पहचान सामने नहीं आई है।  
फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार मुंबई: मुंबई पुलिस ने फर्जी कंपनी और नकली भुगतान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक केमिकल कारोबारी से कथित तौर पर ₹17.65 लाख की ठगी करने के मामले में राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भुगतान किए बिना कई बार केमिकल की सप्लाई हासिल की और फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट व UTR नंबर भेजकर कारोबारी को गुमराह किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित कुमार बिश्नोई और 19 वर्षीय विकास बिश्नोई के रूप में हुई है। दोनों को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया गया। फर्जी कंपनी के नाम पर कारोबारी को बनाया निशाना DCP Zone 11 संदीप घुगे के मुताबिक, शिकायतकर्ता निर्मित संजय अजमेरा (32) ‘Premier Solvents’ नाम से केमिकल कारोबार चलाते हैं। उन्हें WhatsApp के जरिए ‘Shree Ramdev Industries’ नाम की कंपनी से एथिल एसीटेट का ऑर्डर मिला था। यह केमिकल वुड पॉलिश समेत कई उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। आरोपियों ने कथित तौर पर ‘Shree Ramdev Industries’ के नाम से फर्जी विजिटिंग कार्ड और लेटरहेड तैयार किए। इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर कंपनी को वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई। संदीप घुगे ने बताया कि ऑर्डर मिलने के बाद आरोपियों ने कारोबारी को भुगतान किए जाने का फर्जी स्क्रीनशॉट और UTR नंबर भेजा, जबकि वास्तव में कोई रकम ट्रांसफर नहीं की गई थी। पुलिस के अनुसार, इसी तरीके से आरोपियों ने चार से पांच बार ऑर्डर किए और बिना भुगतान किए केमिकल की सप्लाई हासिल की। बाद में जब कारोबारी ने अपने बैंक खाते में भुगतान की जांच की तो कोई रकम प्राप्त नहीं हुई। जांच में सामने आया कि बिना भुगतान के सप्लाई किए गए केमिकल की कुल कीमत करीब ₹17.65 लाख थी। राजस्थान तक पहुंची पुलिस की जांच मामले में MHB Colony Police Station में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान MHB पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ठगी में इस्तेमाल किए गए फर्जी SIM कार्ड को ट्रेस किया। पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और जोधपुर ईस्ट के DCP कार्यालय तथा जोधपुर साइबर टीम की मदद से आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की। तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर मुख्य आरोपी के रूप में ललित कुमार बिश्नोई की पहचान हुई। पुलिस के मुताबिक, ललित लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। मोबाइल फोन से मिली जानकारी, आरोपी की तस्वीर और मुखबिरों से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे जोधपुर के मंडोर इलाके में ट्रेस किया। पुलिस टीम ने करीब आठ दिनों तक लगातार निगरानी रखी और इसके बाद जाल बिछाकर ललित बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया दूसरे आरोपी का नाम पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान ललित ने कथित तौर पर इस ठगी में अपने साथी विकास बिश्नोई की भूमिका के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने विकास को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की कथित भूमिका सामने आने के बाद मामले में BNS की धारा 3(5) भी जोड़ी गई, जो कई व्यक्तियों द्वारा साझा मंशा से किए गए कृत्य से संबंधित है। कई राज्यों में ठगी की आशंका जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह भी पता चला कि आरोपी महाराष्ट्र के अलावा गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में भी इसी तरह की ठगी कर चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक और फर्जी SIM कार्ड लेने, सोनू कुमार प्रजापत के नाम से फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करने तथा ‘Shyam Industries’ नाम की एक और फर्जी कंपनी बनाने की कथित योजना में थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दूसरे राज्यों की करीब 39 केमिकल कंपनियों से संपर्क करने की योजना बना रहे थे। पुलिस अब इन कंपनियों से संपर्क और संभावित ठगी की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने कारोबारियों को निशाना बनाया और कितनी रकम की कथित ठगी की गई। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।  
30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता मुंबई: नेपाल में अचानक आई बाढ़ और खराब मौसम के बीच कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया भारतीय श्रद्धालुओं का एक समूह संपर्क से बाहर हो गया है। लापता लोगों में मुंबई के जाने-माने पर्वतारोही और डॉक्टर डॉ. मिलिंद पी. चितले भी शामिल हैं। उनके साथ उनकी पत्नी जान्हवी चितले और करीब 40 यात्रियों का समूह भी लापता बताया जा रहा है। डॉ. चितले के लिए चिकित्सा केवल पेशा था, जबकि पर्वतारोहण उनका जुनून बन गया था। उन्होंने वर्ष 1983 में ग्रांट मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। हालांकि, पहाड़ों और साहसिक अभियानों के प्रति बढ़ते आकर्षण के कारण उन्होंने मेडिकल प्रैक्टिस छोड़कर अपना जीवन पर्वतारोहण को समर्पित कर दिया। वर्ष 1997 में उन्होंने Hills and Trails नाम की मुंबई स्थित एडवेंचर कंपनी की सह-स्थापना की। इसके जरिए उन्होंने पिछले तीन दशकों में सैकड़ों लोगों को हिमालय, लद्दाख और पश्चिमी घाटों में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और धार्मिक यात्राओं पर ले जाया। डॉ. चितले का पर्वतारोहण अनुभव बेहद व्यापक रहा है। उन्होंने हिमालय की 3,000 से अधिक ट्रेल्स और अभियानों में हिस्सा लिया और कंचनजंगा पर 23,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक चढ़ाई की। वह 1997 के एवरेस्ट अभियान की आयोजन समिति का हिस्सा भी रहे। इसके अलावा उन्होंने 8,000 मीटर से अधिक ऊंचे पर्वत पर पहले भारतीय नागरिक अभियान में क्लाइम्बिंग डॉक्टर के रूप में भी काम किया। पर्वतीय सुरक्षा, रेस्क्यू तकनीक और फर्स्ट एड को लेकर उन्होंने कई प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित कीं। उन्होंने माउंटेन फर्स्ट एड और रेस्क्यू पर एक पुस्तक भी लिखी। पर्वतारोहण में योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2005 में गिरिमित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कैलाश-मानसरोवर यात्रा डॉ. चितले के लिए कोई नया अनुभव नहीं था। करीबी लोगों के मुताबिक, वह इस यात्रा को 25 से अधिक बार कर चुके थे। आमतौर पर वह ऐसी यात्राओं पर अकेले जाते थे, लेकिन इस बार उनकी पत्नी जान्हवी भी उनके साथ थीं। करीब 40 यात्रियों का समूह संपर्क से बाहर Hills and Trails के माध्यम से यह समूह 23 अगस्त को यात्रा पर निकला था और 6 सितंबर को लौटने वाला था। यात्रा का संचालन नेपाल की Richa Tours and Travels के साथ मिलकर किया जा रहा था। लापता यात्रियों में मुंबई की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री देशपांडे और उनके पति डॉ. आनंद देशपांडे भी शामिल हैं। इसके अलावा 68 वर्षीय सुनील एस. सुबेदार और 64 वर्षीय चेतना गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नागरिकों के भी संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। डॉ. गायत्री देशपांडे के परिवार के मुताबिक, उन्होंने दंपति से आखिरी बार रविवार को बात की थी। परिवार ने इसके बाद कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका। वहीं, सुनील सुबेदार के बेटे स्वानंद ने बताया कि उन्होंने अपने पिता से 26 अगस्त को आखिरी बार बात की थी। उस समय वह तिमुरे में थे और कैलाश-मानसरोवर यात्रा के अगले चरण के लिए चीन की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। चेतना गुप्ता भी इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थीं। उनके पति आनंद गुप्ता के मुताबिक, उन्होंने उन्हें भी यात्रा में साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन अधिक ऊंचाई और कम ऑक्सीजन को लेकर चिंता के कारण उन्होंने यात्रा नहीं की। परिवार के तीन सदस्य अब काठमांडू पहुंचकर चेतना गुप्ता और अन्य लापता यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद कई भारतीय यात्रियों के संपर्क से बाहर होने की खबरों ने उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल परिजन और संबंधित एजेंसियां लापता यात्रियों की जानकारी और सुरक्षित वापसी की उम्मीद में लगातार प्रयास कर रहे हैं।  
शिवसेना का ‘Mission Gen Z’: 250+ युवा जनप्रतिनिधियों के साथ युवाओं को साधने की बड़ी रणनीति

शिवसेना का ‘Mission Gen Z’: 250+ युवा जनप्रतिनिधियों के साथ युवाओं को साधने की बड़ी रणनीति

शिवसेना का ‘Mission Gen Z’: 250+ युवा जनप्रतिनिधियों के साथ युवाओं को साधने की बड़ी रणनीति मुंबई: युवाओं के बीच अपनी सीधी पहुंच मजबूत करने के उद्देश्य से शिवसेना ने बुधवार, 26 अगस्त को मुंबई में ‘मिशन Gen Z’ की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य Gen Z और Gen Alpha की प्राथमिकताओं को शासन और सार्वजनिक नीतियों से जोड़ना है। अभियान के पहले चरण में आयोजित युवा सम्मेलन में महाराष्ट्र के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से 20 से 30 वर्ष की आयु के 250 से अधिक युवा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, खेल, कौशल विकास और महिला सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे सामने रखे। युवा प्रतिनिधियों ने खेल परिसरों और मैदानों के विकास, बेहतर पुस्तकालय एवं स्टडी स्पेस, करियर गाइडेंस, रोजगार सहायता, रोजगार पोर्टल और स्किल डेवलपमेंट सेंटर की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा कॉलेजों में युवा महोत्सव, नशामुक्ति अभियान, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों के जिला परिषद स्कूलों में विदेशी भाषाओं की शिक्षा जैसे सुझाव भी दिए गए। पार्टी ने कहा कि Gen Z, Gen Alpha और युवाओं के साथ लंबे समय तक संवाद बनाए रखने के लिए शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म रणनीति तैयार की जाएगी। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह समझना है कि युवा वास्तव में क्या चाहते हैं और उनकी समस्याओं को किस तरह ठोस कार्रवाई में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं तक पहुंचने के लिए पार्टी अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से सीधे संवाद को बढ़ावा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग आयु वर्ग के युवाओं की चुनौतियां अलग हैं, इसलिए उनके लिए संवाद और समाधान भी उनकी जरूरतों के अनुरूप होने चाहिए। श्रीकांत शिंदे के मुताबिक, युवाओं की समस्याओं का समाधान तुरंत संभव नहीं है, लेकिन सरकार और पार्टी लगातार उनसे संवाद कर उनकी चिंताओं को समझने और सकारात्मक समाधान की दिशा में काम करेगी। शिवसेना का कहना है कि युवाओं से मिले सुझावों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा और संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। ‘मिशन Gen Z’ के जरिए पार्टी अब युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने के साथ-साथ उनकी भागीदारी को शासन और नीति निर्माण से जोड़ने की कोशिश कर रही है।  

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