लेखक: Mahesh Rathod

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR

मुंबई की मेयर के पति बताकर शिक्षक की झूठी तस्वीर वायरल, YouTube चैनल के खिलाफ FIR मुंबई: मुंबई पुलिस ने एक 55 वर्षीय फोटोग्राफी शिक्षक को मुंबई की मेयर रितु तावड़े के पति के रूप में कथित तौर पर गलत तरीके से पेश करने वाले YouTube वीडियो के मामले में अज्ञात कंटेंट क्रिएटर के खिलाफ FIR दर्ज की है। वीडियो में शिक्षक की तस्वीर का इस्तेमाल कर उनके बारे में भ्रामक और कथित रूप से मानहानिकारक जानकारी प्रसारित की गई थी। मामले में कालाचौकी पुलिस ने 27 अगस्त को शिक्षक की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 26 अगस्त को उनके भवन में रहने वाले एक पड़ोसी ने WhatsApp के जरिए YouTube वीडियो का लिंक भेजा। वीडियो देखने के बाद उन्हें पता चला कि उनकी तस्वीर का इस्तेमाल मुंबई की मेयर के साथ जोड़कर किया गया है। पुलिस के अनुसार, वीडियो में शिक्षक को मेयर रितु तावड़े के पति के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इसके साथ ही वीडियो में उनके नाम, शिक्षा, पेशे, धर्म, शौक और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी भी दिखाई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी और मेयर की तस्वीरों का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किया गया। पुलिस ने बताया कि वीडियो “gk-shorts-videos” नाम के YouTube चैनल से अपलोड किया गया था। जांच के दौरान पुलिस तकनीकी माध्यमों से चैनल संचालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए वीडियो से जुड़े IP एड्रेस और अन्य डिजिटल जानकारी जुटाई जा रही है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को वीडियो के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें जांच में अहम साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो किस व्यक्ति ने तैयार किया और उसे किस उद्देश्य से अपलोड किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है। रितु तावड़े वरिष्ठ भाजपा नगरसेवक हैं और मुंबई महानगरपालिका के घाटकोपर स्थित एन-वॉर्ड के वार्ड 132 का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालिया 227 सदस्यीय BMC चुनाव में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना को 29 सीटें मिली थीं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की पहचान सामने नहीं आई है।  
फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार

फर्जी UTR का जाल, ₹17.65 लाख की ठगी! मुंबई के केमिकल कारोबारी को बनाया निशाना, राजस्थान से 2 आरोपी गिरफ्तार मुंबई: मुंबई पुलिस ने फर्जी कंपनी और नकली भुगतान दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक केमिकल कारोबारी से कथित तौर पर ₹17.65 लाख की ठगी करने के मामले में राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भुगतान किए बिना कई बार केमिकल की सप्लाई हासिल की और फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट व UTR नंबर भेजकर कारोबारी को गुमराह किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित कुमार बिश्नोई और 19 वर्षीय विकास बिश्नोई के रूप में हुई है। दोनों को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया गया। फर्जी कंपनी के नाम पर कारोबारी को बनाया निशाना DCP Zone 11 संदीप घुगे के मुताबिक, शिकायतकर्ता निर्मित संजय अजमेरा (32) ‘Premier Solvents’ नाम से केमिकल कारोबार चलाते हैं। उन्हें WhatsApp के जरिए ‘Shree Ramdev Industries’ नाम की कंपनी से एथिल एसीटेट का ऑर्डर मिला था। यह केमिकल वुड पॉलिश समेत कई उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। आरोपियों ने कथित तौर पर ‘Shree Ramdev Industries’ के नाम से फर्जी विजिटिंग कार्ड और लेटरहेड तैयार किए। इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर कंपनी को वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई। संदीप घुगे ने बताया कि ऑर्डर मिलने के बाद आरोपियों ने कारोबारी को भुगतान किए जाने का फर्जी स्क्रीनशॉट और UTR नंबर भेजा, जबकि वास्तव में कोई रकम ट्रांसफर नहीं की गई थी। पुलिस के अनुसार, इसी तरीके से आरोपियों ने चार से पांच बार ऑर्डर किए और बिना भुगतान किए केमिकल की सप्लाई हासिल की। बाद में जब कारोबारी ने अपने बैंक खाते में भुगतान की जांच की तो कोई रकम प्राप्त नहीं हुई। जांच में सामने आया कि बिना भुगतान के सप्लाई किए गए केमिकल की कुल कीमत करीब ₹17.65 लाख थी। राजस्थान तक पहुंची पुलिस की जांच मामले में MHB Colony Police Station में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान MHB पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ठगी में इस्तेमाल किए गए फर्जी SIM कार्ड को ट्रेस किया। पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और जोधपुर ईस्ट के DCP कार्यालय तथा जोधपुर साइबर टीम की मदद से आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की। तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर मुख्य आरोपी के रूप में ललित कुमार बिश्नोई की पहचान हुई। पुलिस के मुताबिक, ललित लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। मोबाइल फोन से मिली जानकारी, आरोपी की तस्वीर और मुखबिरों से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे जोधपुर के मंडोर इलाके में ट्रेस किया। पुलिस टीम ने करीब आठ दिनों तक लगातार निगरानी रखी और इसके बाद जाल बिछाकर ललित बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया दूसरे आरोपी का नाम पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान ललित ने कथित तौर पर इस ठगी में अपने साथी विकास बिश्नोई की भूमिका के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने विकास को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की कथित भूमिका सामने आने के बाद मामले में BNS की धारा 3(5) भी जोड़ी गई, जो कई व्यक्तियों द्वारा साझा मंशा से किए गए कृत्य से संबंधित है। कई राज्यों में ठगी की आशंका जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह भी पता चला कि आरोपी महाराष्ट्र के अलावा गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में भी इसी तरह की ठगी कर चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक और फर्जी SIM कार्ड लेने, सोनू कुमार प्रजापत के नाम से फर्जी आधार और पैन कार्ड तैयार करने तथा ‘Shyam Industries’ नाम की एक और फर्जी कंपनी बनाने की कथित योजना में थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दूसरे राज्यों की करीब 39 केमिकल कंपनियों से संपर्क करने की योजना बना रहे थे। पुलिस अब इन कंपनियों से संपर्क और संभावित ठगी की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने कारोबारियों को निशाना बनाया और कितनी रकम की कथित ठगी की गई। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।  
30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता मुंबई: नेपाल में अचानक आई बाढ़ और खराब मौसम के बीच कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया भारतीय श्रद्धालुओं का एक समूह संपर्क से बाहर हो गया है। लापता लोगों में मुंबई के जाने-माने पर्वतारोही और डॉक्टर डॉ. मिलिंद पी. चितले भी शामिल हैं। उनके साथ उनकी पत्नी जान्हवी चितले और करीब 40 यात्रियों का समूह भी लापता बताया जा रहा है। डॉ. चितले के लिए चिकित्सा केवल पेशा था, जबकि पर्वतारोहण उनका जुनून बन गया था। उन्होंने वर्ष 1983 में ग्रांट मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। हालांकि, पहाड़ों और साहसिक अभियानों के प्रति बढ़ते आकर्षण के कारण उन्होंने मेडिकल प्रैक्टिस छोड़कर अपना जीवन पर्वतारोहण को समर्पित कर दिया। वर्ष 1997 में उन्होंने Hills and Trails नाम की मुंबई स्थित एडवेंचर कंपनी की सह-स्थापना की। इसके जरिए उन्होंने पिछले तीन दशकों में सैकड़ों लोगों को हिमालय, लद्दाख और पश्चिमी घाटों में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और धार्मिक यात्राओं पर ले जाया। डॉ. चितले का पर्वतारोहण अनुभव बेहद व्यापक रहा है। उन्होंने हिमालय की 3,000 से अधिक ट्रेल्स और अभियानों में हिस्सा लिया और कंचनजंगा पर 23,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक चढ़ाई की। वह 1997 के एवरेस्ट अभियान की आयोजन समिति का हिस्सा भी रहे। इसके अलावा उन्होंने 8,000 मीटर से अधिक ऊंचे पर्वत पर पहले भारतीय नागरिक अभियान में क्लाइम्बिंग डॉक्टर के रूप में भी काम किया। पर्वतीय सुरक्षा, रेस्क्यू तकनीक और फर्स्ट एड को लेकर उन्होंने कई प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित कीं। उन्होंने माउंटेन फर्स्ट एड और रेस्क्यू पर एक पुस्तक भी लिखी। पर्वतारोहण में योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2005 में गिरिमित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कैलाश-मानसरोवर यात्रा डॉ. चितले के लिए कोई नया अनुभव नहीं था। करीबी लोगों के मुताबिक, वह इस यात्रा को 25 से अधिक बार कर चुके थे। आमतौर पर वह ऐसी यात्राओं पर अकेले जाते थे, लेकिन इस बार उनकी पत्नी जान्हवी भी उनके साथ थीं। करीब 40 यात्रियों का समूह संपर्क से बाहर Hills and Trails के माध्यम से यह समूह 23 अगस्त को यात्रा पर निकला था और 6 सितंबर को लौटने वाला था। यात्रा का संचालन नेपाल की Richa Tours and Travels के साथ मिलकर किया जा रहा था। लापता यात्रियों में मुंबई की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री देशपांडे और उनके पति डॉ. आनंद देशपांडे भी शामिल हैं। इसके अलावा 68 वर्षीय सुनील एस. सुबेदार और 64 वर्षीय चेतना गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नागरिकों के भी संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। डॉ. गायत्री देशपांडे के परिवार के मुताबिक, उन्होंने दंपति से आखिरी बार रविवार को बात की थी। परिवार ने इसके बाद कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका। वहीं, सुनील सुबेदार के बेटे स्वानंद ने बताया कि उन्होंने अपने पिता से 26 अगस्त को आखिरी बार बात की थी। उस समय वह तिमुरे में थे और कैलाश-मानसरोवर यात्रा के अगले चरण के लिए चीन की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। चेतना गुप्ता भी इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थीं। उनके पति आनंद गुप्ता के मुताबिक, उन्होंने उन्हें भी यात्रा में साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन अधिक ऊंचाई और कम ऑक्सीजन को लेकर चिंता के कारण उन्होंने यात्रा नहीं की। परिवार के तीन सदस्य अब काठमांडू पहुंचकर चेतना गुप्ता और अन्य लापता यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद कई भारतीय यात्रियों के संपर्क से बाहर होने की खबरों ने उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल परिजन और संबंधित एजेंसियां लापता यात्रियों की जानकारी और सुरक्षित वापसी की उम्मीद में लगातार प्रयास कर रहे हैं।  
शिवसेना का ‘Mission Gen Z’: 250+ युवा जनप्रतिनिधियों के साथ युवाओं को साधने की बड़ी रणनीति

शिवसेना का ‘Mission Gen Z’: 250+ युवा जनप्रतिनिधियों के साथ युवाओं को साधने की बड़ी रणनीति

शिवसेना का ‘Mission Gen Z’: 250+ युवा जनप्रतिनिधियों के साथ युवाओं को साधने की बड़ी रणनीति मुंबई: युवाओं के बीच अपनी सीधी पहुंच मजबूत करने के उद्देश्य से शिवसेना ने बुधवार, 26 अगस्त को मुंबई में ‘मिशन Gen Z’ की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य Gen Z और Gen Alpha की प्राथमिकताओं को शासन और सार्वजनिक नीतियों से जोड़ना है। अभियान के पहले चरण में आयोजित युवा सम्मेलन में महाराष्ट्र के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से 20 से 30 वर्ष की आयु के 250 से अधिक युवा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, खेल, कौशल विकास और महिला सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे सामने रखे। युवा प्रतिनिधियों ने खेल परिसरों और मैदानों के विकास, बेहतर पुस्तकालय एवं स्टडी स्पेस, करियर गाइडेंस, रोजगार सहायता, रोजगार पोर्टल और स्किल डेवलपमेंट सेंटर की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा कॉलेजों में युवा महोत्सव, नशामुक्ति अभियान, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों के जिला परिषद स्कूलों में विदेशी भाषाओं की शिक्षा जैसे सुझाव भी दिए गए। पार्टी ने कहा कि Gen Z, Gen Alpha और युवाओं के साथ लंबे समय तक संवाद बनाए रखने के लिए शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म रणनीति तैयार की जाएगी। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह समझना है कि युवा वास्तव में क्या चाहते हैं और उनकी समस्याओं को किस तरह ठोस कार्रवाई में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं तक पहुंचने के लिए पार्टी अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से सीधे संवाद को बढ़ावा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग आयु वर्ग के युवाओं की चुनौतियां अलग हैं, इसलिए उनके लिए संवाद और समाधान भी उनकी जरूरतों के अनुरूप होने चाहिए। श्रीकांत शिंदे के मुताबिक, युवाओं की समस्याओं का समाधान तुरंत संभव नहीं है, लेकिन सरकार और पार्टी लगातार उनसे संवाद कर उनकी चिंताओं को समझने और सकारात्मक समाधान की दिशा में काम करेगी। शिवसेना का कहना है कि युवाओं से मिले सुझावों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा और संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। ‘मिशन Gen Z’ के जरिए पार्टी अब युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने के साथ-साथ उनकी भागीदारी को शासन और नीति निर्माण से जोड़ने की कोशिश कर रही है।  
₹15 लाख रिश्वत मामले में मुंबई के निलंबित जज पर मुकदमे की तैयारी, ACB ने अभियोजन मंजूरी मांगी

₹15 लाख रिश्वत मामले में मुंबई के निलंबित जज पर मुकदमे की तैयारी, ACB ने अभियोजन मंजूरी मांगी

₹15 लाख रिश्वत मामले में मुंबई के निलंबित जज पर मुकदमे की तैयारी, ACB ने अभियोजन मंजूरी मांगी क्लर्क पर जज के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप; फोरेंसिक जांच में कथित बातचीत और वॉयस सैंपल का मिलान मुंबई: मुंबई सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट के एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जज के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अभियोजन मंजूरी मांगी है। जज फिलहाल निलंबित हैं। ACB ने जुलाई में अभियोजन मंजूरी के लिए अपना प्रस्ताव कानून एवं न्याय विभाग को भेजा था। विभाग ने इसे सक्षम प्राधिकारी के फैसले के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट भेज दिया है। ACB के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मंजूरी मिलने के बाद ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। ₹15 लाख रिश्वत लेने का आरोप मामला नवंबर 2025 में दर्ज FIR से जुड़ा है। ACB ने उस समय जज की अदालत में क्लर्क-कम-टाइपिस्ट चंद्रकांत वासुदेव को कथित तौर पर ₹15 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। ACB का आरोप है कि क्लर्क ने एक सिविल विवाद में शिकायतकर्ता के पक्ष में आदेश दिलाने के बदले रिश्वत की मांग की थी और कथित तौर पर यह रकम जज की ओर से ली गई थी। जज को इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया था। ACB के अनुसार, जज को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए सीधे रंगे हाथ नहीं पकड़ा गया था। इसलिए जांच में उनकी कथित भूमिका स्थापित करने के लिए बातचीत की फोरेंसिक जांच कराई गई। बातचीत की रिकॉर्डिंग और वॉयस सैंपल की जांच ACB अधिकारी के मुताबिक, स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में कथित बातचीत की पुष्टि हुई और आवाज के नमूने का भी मिलान किया गया। इसके बाद एजेंसी ने अभियोजन मंजूरी के लिए आवेदन करने का फैसला किया। जांच के दौरान ACB ने जज और क्लर्क के बीच अदालत के समय के बाद हुई कई फोन कॉल्स की भी जानकारी जुटाई। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट से अनुमति लेकर जज के परिसर की तलाशी और आगे की जांच की गई। दिसंबर 2025 में नोटिस मिलने के बाद जज ACB के सामने पेश हुए थे। जांच के दौरान उनका वॉयस सैंपल लिया गया और मोबाइल फोन भी आगे की जांच के लिए जब्त किया गया। ऐसे शुरू हुआ था मामला ACB के अनुसार, मामला सितंबर 2025 में शुरू हुआ। शिकायतकर्ता एक कंपनी की जमीन पर कथित जबरन कब्जे से जुड़े सिविल विवाद में शामिल था। 9 सितंबर को सुनवाई के दौरान जज के अदालत में तैनात क्लर्क ने शिकायतकर्ता के सहयोगी से कथित तौर पर संपर्क किया और कहा कि यदि “साहब के लिए कुछ किया जाए” तो उसके पक्ष में आदेश हो सकता है। इसके बाद कथित तौर पर ₹25 लाख की मांग की गई, जिसमें ₹15 लाख जज और ₹10 लाख क्लर्क के लिए बताए गए। बाद में कथित तौर पर रकम घटाकर ₹15 लाख कर दी गई। 8 नवंबर को कथित तौर पर धमकी भरी बातचीत के बाद शिकायतकर्ता ने ACB से संपर्क किया। इसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाया और 11 नवंबर 2025 को क्लर्क को कथित तौर पर ₹15 लाख स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया। ACB का दावा है कि इसके बाद क्लर्क के मोबाइल से जज को WhatsApp कॉल की गई, जिसमें कथित तौर पर रिश्वत की रकम मिलने की जानकारी दी गई। एजेंसी के मुताबिक, बातचीत में कथित तौर पर जज ने रकम अपने घर लाने को कहा। इस बातचीत की रिकॉर्डिंग स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में किए जाने का दावा किया गया है। अभियोजन मंजूरी का इंतजार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत सार्वजनिक सेवक के खिलाफ कथित आधिकारिक कर्तव्यों से जुड़े अपराध में अदालत द्वारा संज्ञान लेने से पहले अभियोजन मंजूरी आवश्यक होती है। कानून का उद्देश्य अधिकारियों को झूठी या बेबुनियाद शिकायतों से संरक्षण देना भी है। क्लर्क चंद्रकांत वासुदेव को दिसंबर 2025 में जमानत मिल चुकी है, जबकि जज फिलहाल निलंबित हैं। उनके खिलाफ विभागीय जांच अभी शुरू नहीं हुई है। अब पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम अभियोजन मंजूरी पर सक्षम प्राधिकारी का फैसला होगा। मंजूरी मिलने के बाद ही ACB अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकेगी। जज के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच एजेंसी के आरोप हैं और मामले में अंतिम दोष सिद्ध होना अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।  
मुंबई में Gen Z की बुलंद आवाज़, विरोध प्रदर्शनों से राजनीति तक पर खुली चर्चा

मुंबई में Gen Z की बुलंद आवाज़, विरोध प्रदर्शनों से राजनीति तक पर खुली चर्चा

मुंबई में Gen Z की बुलंद आवाज़, विरोध प्रदर्शनों से राजनीति तक पर खुली चर्चा दिल से बोल: मुंबई विद Gen Z राइजिंग’ में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी, हालिया प्रदर्शनों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर विचार-विमर्श मुंबई: मुंबई में सोमवार को युवाओं की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों, कलाकारों, राजनीतिक प्रतिनिधियों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों ने हालिया विरोध प्रदर्शनों और भारतीय राजनीति में Gen Z की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। ‘Dil Se Bol: Mumbai with Gen Z Rising’ नामक यह कार्यक्रम वाई.बी. चव्हाण सेंटर में DIL Se Bol की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी स्टैंड-अप कॉमेडियन वरुण ग्रोवर ने की। कवि पुनीत शर्मा और कॉमेडियन अबिश मैथ्यू की प्रस्तुतियों के बाद पैनल चर्चा हुई, जिसमें एनसीपी (एसपी) प्रवक्ता अनिश गावंडे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रिया अहिर और रघुराम शामिल हुए। कई अन्य कलाकारों और कवियों ने भी स्वतंत्रता और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। हालिया छात्र प्रदर्शनों पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान हालिया Cockroach Janta Party (CJP) से जुड़े छात्र प्रदर्शनों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। रिया अहिर ने 20 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पुलिस वाहन के सामने हाथ उठाए उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्होंने विरोध में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का फैसला किया। अहिर ने दावा किया कि उन्होंने घटनास्थल पर एक पुलिस वाहन की नंबर प्लेट की तस्वीर ली और पाया कि उस पर अनिवार्य हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं थी। उन्होंने ऐसे नौ अन्य वाहनों की भी पहचान करने का दावा किया। प्रदर्शनकारियों की एकजुटता का जिक्र अनिश गावंडे ने प्रदर्शनों के दौरान दिखाई दी एकजुटता का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई लोग रातभर प्रदर्शन स्थल पर रुके रहे और स्वयंसेवकों ने प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन तथा अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया। गावंडे ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग जगहों से लोग समर्थन देने पहुंचे। उनके अनुसार, बुजुर्गों से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों तक ने प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई। शबाना आजमी ने युवाओं की भूमिका पर कही बात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा कि हालिया प्रदर्शनों ने युवाओं के राजनीति से दूर रहने की धारणा को चुनौती दी है। उन्होंने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज को युवा पीढ़ी की आवाज़ को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने जुलाई में हुए प्रदर्शनों का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां का माहौल उनके लिए बेहद प्रभावशाली था और युवाओं ने अपनी अहमियत का एहसास कराया। आंसू गैस और मीडिया कवरेज पर सवाल कार्यक्रम के समापन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 20 जुलाई के प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर कथित तौर पर आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं में मौजूद असंतोष की जड़ें देश में लंबे समय से चली आ रही सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं से जुड़ी हैं। बोरा ने मुख्यधारा के टेलीविजन मीडिया के कवरेज की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थानों ने प्रदर्शनों की वास्तविक स्थिति को सही तरीके से पेश नहीं किया। उन्होंने युवाओं से राजनीतिक प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि Gen Z अब केवल सोशल मीडिया पर अपनी राय रखने वाली पीढ़ी नहीं है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी भूमिका को लेकर भी मुखर हो रही है। युवाओं की यह बढ़ती राजनीतिक भागीदारी आने वाले समय में राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक विमर्श को प्रभावित कर सकती है।  
पुणे में आदिवासी छात्रों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी, आज मुंबई में मंत्री से मुलाकात

पुणे में आदिवासी छात्रों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी, आज मुंबई में मंत्री से मुलाकात

पुणे में आदिवासी छात्रों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी, आज मुंबई में मंत्री से मुलाकात छात्र प्रतिनिधिमंडल की आदिवासी विकास मंत्री से मुलाकात, छात्रावासों की सुरक्षा और ₹1 करोड़ बीमा समेत कई मांगें पुणे/मुंबई: पुणे के आदिवासी सरकारी छात्रावास में छात्रों का आंदोलन सोमवार को 11वें दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए 10 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल आज मुंबई पहुंचकर आदिवासी विकास मंत्री प्रो. डॉ. अशोक रामाजी उईके से मंत्रालय में मुलाकात करेगा। छात्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात कर अपनी मांगें रखने की कोशिश करेंगे। हड़ताल में शामिल छह छात्र—श्वेता गिरनाक (26), निकिता मेचकर (22), शरद थोकल (26), विजय भांदबल (25), राहुल धनवे (26) और राजाराम पाडवी (20)—पुणे के हडपसर-मांजरी सीमा के पास स्थित आदिवासी सरकारी बालक छात्रावास में अनशन जारी रखे हुए हैं। सरकार के 14 अगस्त के GR को वापस लेने की मांग छात्रों की प्रमुख मांगों में महाराष्ट्र सरकार द्वारा 14 अगस्त 2026 को जारी आदिवासी छात्रावासों से संबंधित शासन निर्णय (GR) को वापस लेना शामिल है। छात्र संगठन का कहना है कि नया आदेश मौजूदा परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाना चाहिए। छात्रों ने 11 नवंबर 2011 के GR के आधार पर संशोधित आदेश जारी करने की मांग की है। साथ ही छात्रावासों में मिलने वाले भत्तों और अन्य आर्थिक सुविधाओं को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से जोड़ने की मांग की गई है, ताकि महंगाई के अनुसार इन सुविधाओं में हर साल बढ़ोतरी हो सके। छात्रावासों में सुरक्षा और ₹1 करोड़ बीमा की मांग आदिवासी छात्रों ने छात्रावासों और आश्रम स्कूलों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। इसके अलावा प्रत्येक आदिवासी छात्र के लिए ₹1 करोड़ का बीमा कवर देने की मांग भी रखी गई है। यह मांग गडचिरोली में सांप के जहर से तीन आदिवासी छात्रों की हालिया मौत के बाद और महत्वपूर्ण हो गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मृत छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की भी मांग की है। महिला छात्रों के लिए सुरक्षित छात्रावास की मांग छात्रों ने पुणे में आदिवासी छात्राओं के लिए सुरक्षित और सभी जरूरी सुविधाओं से लैस केंद्रीय छात्रावास भवन बनाने की मांग भी की है। इसके अलावा छात्रावासों और आश्रम स्कूलों में खाली पड़े पदों को तत्काल भरने की मांग की गई है। इनमें चपरासी, सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारियों के पद शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि नियमित भर्ती पूरी होने तक इन पदों पर स्थायी या अनुबंध के आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। पहले भी हो चुकी है मंत्री और अधिकारियों से बैठक छात्र प्रतिनिधियों ने 18 अगस्त को आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके से मुलाकात की थी। इसके बाद 22 अगस्त को आदिवासी विकास विभाग के अतिरिक्त आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ भी बैठक हुई। हालांकि, मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद छात्रों का आंदोलन और अनशन जारी है। अब छात्रों की नजर आज मुंबई में होने वाली बैठक पर है। प्रदर्शनकारी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर आदिवासी छात्रों की सुरक्षा, शिक्षा और छात्रावासों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान करेगी।  
मुंबई में गणेश प्रतिमा गिरने से बड़ा हादसा, 2 की मौत; 5 घायल

मुंबई में गणेश प्रतिमा गिरने से बड़ा हादसा, 2 की मौत; 5 घायल

मुंबई में गणेश प्रतिमा गिरने से बड़ा हादसा, 2 की मौत; 5 घायल भुलेश्वर में ‘भुलेश्वरचा राजा’ की आगमन शोभायात्रा के दौरान हादसा, घायलों में 5 और 7 साल की दो बच्चियां भी शामिल मुंबई: भुलेश्वर इलाके में शनिवार रात गणेश प्रतिमा की आगमन शोभायात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ‘भुलेश्वरचा राजा’ की विशाल गणेश प्रतिमा अचानक गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो बच्चियां भी शामिल हैं। यह हादसा शनिवार, 22 अगस्त को रात करीब 9:30 बजे बलराम मर्चेंट रोड पर कबूतरखाना के पास जय अंबे चौक इलाके में हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, 108 एंबुलेंस और बीएमसी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, हादसे में कुल सात लोग प्रभावित हुए। इनमें 33 वर्षीय संकेत नेवसे को रिलायंस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं 30 वर्षीय बृजेश हेमंत जोशी को जी.टी. अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। हादसे में घायल 38 वर्षीय वैभव घेनंद और 25 वर्षीय पवन चौरसिया का जी.टी. अस्पताल में इलाज चल रहा है और दोनों की हालत स्थिर बताई गई है। घायलों में 5 वर्षीय लावण्या गनेर, 7 वर्षीय दिव्या गनेर और 26 वर्षीय कुणाल काशीद भी शामिल हैं। तीनों को जे.जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुट गईं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
राजस्थान में 611 सरकारी स्कूल बिना भवन के, 2,047 स्कूलों में शौचालय नहीं; सरकारी आंकड़ों से खुली शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर

राजस्थान में 611 सरकारी स्कूल बिना भवन के, 2,047 स्कूलों में शौचालय नहीं; सरकारी आंकड़ों से खुली शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर

राजस्थान में 611 सरकारी स्कूल बिना भवन के, 2,047 स्कूलों में शौचालय नहीं; सरकारी आंकड़ों से खुली शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर जयपुर: राजस्थान की सरकारी स्कूल व्यवस्था को लेकर सामने आए ताजा आंकड़ों ने बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राज्य सरकार के अनुसार राजस्थान में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना भवन नहीं है। इनमें 10 बालिका विद्यालय भी शामिल हैं। यह जानकारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली के सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने दी। सरकार के मुताबिक ये आंकड़े UDISE 2025-26 के हैं और समग्र शिक्षा अभियान के तहत दर्ज किए गए हैं। जयपुर में 38 स्कूल बिना भवन राजधानी जयपुर में ही 38 सरकारी स्कूल बिना भवन के संचालित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा ऐसे स्कूल झालावाड़ जिले के अकलेरा ब्लॉक में हैं, जहां 23 स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है। इसके बाद खानपुर में 16 और झालरापाटन में 11 स्कूल हैं। फालोदी के बाप में 11 और बांसवाड़ा के छोटीसड़वन में 10 स्कूल बिना भवन के हैं। 2,047 स्कूलों में शौचालय नहीं सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अपने भवन वाले 64,484 सरकारी स्कूलों में से 2,047 स्कूलों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। शौचालय की कमी के मामले में बांसवाड़ा 188 स्कूलों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद डूंगरपुर में 124 और उदयपुर में 98 स्कूलों में शौचालय सुविधा नहीं है। बीकानेर, झालावाड़ और जैसलमेर भी प्रभावित जिलों में शामिल हैं। 1,049 स्कूलों में पीने का पानी नहीं बुनियादी सुविधाओं की स्थिति यहीं तक सीमित नहीं है। 1,049 सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इनमें दौसा के 96, उदयपुर के 70, अलवर के 65, करौली के 60 और बांसवाड़ा के 58 स्कूल शामिल हैं। 3,768 स्कूल जर्जर और असुरक्षित होने का दावा नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने सरकार पर स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस योजना नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने पिछले साल हुए एक ऑडिट का हवाला देते हुए कहा कि 3,768 सरकारी स्कूल पूरी तरह जर्जर और उपयोग के लिए असुरक्षित घोषित किए गए हैं। उनके मुताबिक, ऐसे स्कूलों को बंद या दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने से विद्यार्थियों के नामांकन पर भी असर पड़ा है। जूली ने यह भी दावा किया कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 83,783 कमरे जर्जर और असुरक्षित हैं। सरकार ने ₹3,000 करोड़ से अधिक के प्रावधान बताए राज्य सरकार ने बताया कि स्कूलों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए ₹550 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। वहीं बिना भवन वाले और जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु ₹450 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्कूलों के नए निर्माण, मरम्मत और रखरखाव के लिए हर साल ₹2,500 करोड़ और पांच वर्षों में कुल ₹12,500 करोड़ उपलब्ध कराने की बात सरकार ने कही है। इसके लिए DMFT, समग्र शिक्षा, राज्य निधि, VB-G RAM-G, सांसद/विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि, SDRF और CSR सहित विभिन्न स्रोतों से धन जुटाया जाएगा। यह मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब राजस्थान के सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति को लेकर निरीक्षण और विरोध का दौर जारी है। ऐसे में सरकार के सामने अब इन आंकड़ों को सुधारने के साथ-साथ विद्यार्थियों को सुरक्षित भवन, शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती है।  
मुंबई में ₹125 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, 110 म्यूल बैंक अकाउंट का नेटवर्क बेनकाब

मुंबई में ₹125 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, 110 म्यूल बैंक अकाउंट का नेटवर्क बेनकाब

मुंबई में ₹125 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा, 110 म्यूल बैंक अकाउंट का नेटवर्क बेनकाब मुंबई: मुंबई पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और ऑनलाइन कैसीनो की आड़ में होने वाले साइबर फ्रॉड से जुड़े एक बड़े म्यूल बैंक अकाउंट रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए महज 17 बैंक खातों के जरिए एक से दो महीने के भीतर ₹125 करोड़ से अधिक की रकम का लेन-देन किया गया। पुलिस ने अब तक ऐसे 110 बैंक खातों की पहचान की है। इनमें से 17 खातों का संबंध देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 38 साइबर अपराध की शिकायतों और मामलों से सामने आया है। तीन आरोपी गिरफ्तार इस मामले में मुंबई पुलिस की डोंगरी पुलिस के साइबर सेल ने मध्य प्रदेश के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल कमलकुमार जैसवानी (26), राहुल श्यामलाल पारसवानी (32) और जय बिहारी लाल तिरयानी (26) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान पांच अन्य संदिग्धों की भी पहचान हुई है और उनकी तलाश के लिए कार्रवाई जारी है। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों को बनाते थे निशाना जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाते थे। उन्हें बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले छोटी रकम देने का लालच दिया जाता था। खाता खुलने के बाद आरोपी कथित तौर पर खाताधारकों से पासबुक, डेबिट कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और उसकी आवाजाही के लिए किया जाता था। कई राज्यों में साइबर अपराध से जुड़े तार पुलिस जांच में 17 बैंक खातों का लिंक महाराष्ट्र समेत कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, गुजरात, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर अपराधों से सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों के जरिए कुल कितनी रकम का लेन-देन हुआ और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। 70 डेबिट कार्ड और 42 पासबुक बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े 70 डेबिट कार्ड और 42 पासबुक बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के जरिए पुलिस को रैकेट के नेटवर्क और पैसों के लेन-देन से जुड़ी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका के साथ-साथ देशभर में फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क से इसके कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है।  

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