🚨 Mumbai Police की बड़ी कार्रवाई: NESCO कॉन्सर्ट ड्रग मौत मामले में सातवां आरोपी गिरफ्तार मुंबई: Mumbai Police ने गोरेगांव स्थित NESCO कॉन्सर्ट में ड्रग ओवरडोज से हुई दो छात्रों की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सातवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का संबंध एक बड़े मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से बताया जा रहा है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि आरोपी को देर रात हिरासत में लिया गया और जल्द ही उसे अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में अब तक कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे पुलिस जांच में पता चला है कि कॉन्सर्ट के दौरान ही नहीं, बल्कि उससे पहले भी बड़े पैमाने पर ड्रग्स का सेवन किया गया था। यह कॉन्सर्ट NESCO Centre में आयोजित हुआ था, जहां कई छात्रों ने कथित रूप से मादक पदार्थों का सेवन किया। जांच के अनुसार, ड्रग्स की सप्लाई Kalyan से मुंबई लाई गई थी, जिसे कुरियर और अन्य माध्यमों से छात्रों तक पहुंचाया गया। MDMA ड्रग का इस्तेमाल पुलिस ने बताया कि इस मामले में MDMA (जिसे ‘एक्स्टेसी’ या ‘मॉली’ भी कहा जाता है) का इस्तेमाल किया गया। मृत छात्रों ने कथित रूप से चार गोलियां 6,400 रुपये में खरीदी थीं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी आनंद पटेल और प्रतीक पांडे इस ड्रग नेटवर्क के प्रमुख सदस्य थे। पटेल ने ड्रग्स की सप्लाई की, जबकि पांडे ने छात्रों के बीच उसका वितरण किया। कॉन्सर्ट में खुलेआम ड्रग्स की एंट्री पुलिस के अनुसार, एक अन्य आरोपी को यह जानकारी थी कि लोग ड्रग्स लेकर कार्यक्रम में आ रहे हैं, फिर भी उन्हें अंदर जाने दिया गया। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। एक महिला छात्रा, जो फिलहाल इलाज के अधीन है, ने अपने बयान में बताया कि उसने कॉन्सर्ट के दौरान MDMA की गोली ली थी, जिसके बाद उसे कुछ भी याद नहीं है। SIT और पुलिस टीमों की जांच जारी मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पुलिस टीमें इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। निष्कर्ष यह घटना न केवल युवाओं में बढ़ते ड्रग्स के चलन को उजागर करती है, बल्कि बड़े आयोजनों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की कमियों को भी सामने लाती है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने तक जांच जारी रहेगी।