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मुंबई को 2027 तक मिलेंगी नई AC लोकल ट्रेनें, सीएम फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान

मुंबई को 2027 तक मिलेंगी नई AC लोकल ट्रेनें, सीएम फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान

मुंबई को 2027 तक मिलेंगी नई AC लोकल ट्रेनें, सीएम फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान मुंबई | मुंबई हेड रिपोर्टर: शकुर जमादार मुंबईकरों के लिए लोकल ट्रेन सफर को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मुंबई की उपनगरीय रेलवे को 2027 तक नई AC लोकल ट्रेन रेक की पहली खेप मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश की तीन कोच फैक्ट्रियों में 238 नई AC लोकल रेक तैयार करने का फैसला किया है। इनमें चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री (RCF) और रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) शामिल हैं। सभी रेक वर्ष 2029 तक तैयार होने का लक्ष्य है। फडणवीस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मुंबई की उपनगरीय रेल सेवाओं को मेट्रो जैसी सुगम और आरामदायक बनाना है। SCLR एक्सटेंशन से BKC को मिलेगी राहत मुंबई में कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया गया। इनमें भारत नगर रोड से वकोला जंक्शन तक का SCLR-2 एलिवेटेड कॉरिडोर प्रमुख है। करीब ₹645 करोड़ की लागत से बना 1.2 किलोमीटर लंबा यह मार्ग वकोला, अंबेडकर चौक और यूनिवर्सिटी जंक्शन को जोड़ता है। इससे BKC, वकोला, कलिना और खार जैसे इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। Metro Line 2B को भी बढ़ावा मेट्रो लाइन 2B के चेंबूर स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया। इसके साथ चेंबूर में मेट्रो, लोकल ट्रेन और मोनोरेल जैसी परिवहन सुविधाएं एक-दूसरे के करीब उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल मुंबई में 60 से 70 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनें चालू करने का लक्ष्य है। ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल से सफर होगा आसान ठाणे और बोरीवली के बीच बन रही 11.85 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल परियोजना में दूसरी टनल मशीन ‘अर्जुन’ को भी लॉन्च किया गया। यह परियोजना संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे से होकर गुजरेगी। परियोजना पूरी होने के बाद ठाणे और बोरीवली के बीच की दूरी करीब 12 किलोमीटर कम होगी और यात्रा में लगभग एक घंटे की बचत होने की उम्मीद है। परियोजना की अनुमानित लागत ₹16,600 करोड़ से अधिक है। BKC फ्लाईओवर का नाम बदला इस दौरान BKC के G Block को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ने वाले फ्लाईओवर का नाम ‘वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री बैरिस्टर बाबासाहेब अनंतराव भोसले फ्लाईओवर’ रखा गया। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा का समय कम करना, ट्रैफिक घटाना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।  
मुंबई में नशे के खिलाफ NCB की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार से ज्यादा कोडीन सिरप की बोतलें और 1 किलो से अधिक चरस जब्त, दो गिरफ्तार

मुंबई में नशे के खिलाफ NCB की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार से ज्यादा कोडीन सिरप की बोतलें और 1 किलो से अधिक चरस जब्त, दो गिरफ्तार

मुंबई में नशे के खिलाफ NCB की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार से ज्यादा कोडीन सिरप की बोतलें और 1 किलो से अधिक चरस जब्त, दो गिरफ्तार मुंबई | मुंबई हेड रिपोर्टर: शाकुर जमादार मुंबई में नशे के कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग ऑपरेशनों में भारी मात्रा में कोडीन आधारित कफ सिरप, ट्रामाडोल टैबलेट और चरस बरामद की है। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। गुजरात-मुंबई ड्रग्स नेटवर्क पर शिकंजा NCB मुंबई के अनुसार, पहली कार्रवाई में 8 अगस्त को मुंबई में एक यात्री बस से 1,080 बोतल कोडीन आधारित कफ सिरप बरामद किया गया। इन बोतलों का कुल वजन करीब 108 किलोग्राम बताया गया है। इस मामले में एन. शेख को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर यह खेप गुजरात से मुंबई लाई जा रही थी और इसे मुंबई, भिवंडी तथा आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जाना था। पूछताछ के दौरान अधिकारियों को गुजरात स्थित एक कथित सप्लायर के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद NCB की टीम ने गुजरात में निगरानी बढ़ाई और वडोदरा में एक गोदाम तक पहुंची। वडोदरा के गोदाम से हजारों बोतलें और ट्रामाडोल बरामद NCB के मुताबिक, वडोदरा स्थित गोदाम से 13,938 अतिरिक्त कोडीन आधारित कफ सिरप की बोतलें और 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की गईं। जांच के दौरान कई कफ सिरप की बोतलों के बैच नंबर में कथित तौर पर छेड़छाड़ के सबूत मिले। अधिकारियों ने आशंका जताई कि दवाओं के कथित डायवर्जन को छिपाने के लिए ऐसा किया गया होगा। मामले में फर्जी इनवॉइस और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। NCB के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एन. शेख मुख्य रूप से ठाणे जिले के भिवंडी इलाके में सक्रिय था और इससे पहले भी महाराष्ट्र पुलिस द्वारा एक NDPS मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। गुजरात से जुड़े कथित वितरक के खिलाफ भी NDPS के मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। घाटकोपर में चरस की अलग कार्रवाई दूसरी कार्रवाई 12 अगस्त को मुंबई के घाटकोपर इलाके में की गई। NCB ने एक घर की तलाशी के दौरान 1.060 किलोग्राम चरस बरामद करने का दावा किया है। इस मामले में ए. जे. शेख को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, चरस को कथित तौर पर घरेलू सामान के बीच छिपाकर रखा गया था और इसे मुंबई तथा आसपास के इलाकों में आगे बेचने की तैयारी थी। पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई कि आरोपी और उसके कुछ सहयोगी त्योहारी सीजन से पहले चरस की उपलब्धता कम होने का फायदा उठाकर इसे ऊंची कीमत पर बेचने की योजना बना रहे थे। NCB ने बताया कि मामले में कुछ अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है और उन्हें पकड़ने के लिए जांच जारी है। दवाओं के गलत इस्तेमाल पर NCB की चेतावनी NCB ने स्पष्ट किया कि कोडीन आधारित दवाओं और ट्रामाडोल का चिकित्सकीय इस्तेमाल होता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना इनका सेवन या इनका दुरुपयोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। इससे निर्भरता और अन्य गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, चरस में THC पाया जाता है, जिसके लंबे समय तक इस्तेमाल से याददाश्त और संज्ञानात्मक क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश दोनों मामलों में NCB की जांच अभी जारी है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इन्हें मुंबई तथा आसपास के इलाकों में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। लगातार हुई इन कार्रवाइयों को मुंबई में संगठित ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ NCB की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। एजेंसी ने दोहराया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध सप्लाई से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।  
स्कूलों के बाहर जंक फूड पर रोक: महाराष्ट्र FDA के फैसले की डॉक्टरों ने की सराहना, बोले—“बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा कदम”

स्कूलों के बाहर जंक फूड पर रोक: महाराष्ट्र FDA के फैसले की डॉक्टरों ने की सराहना, बोले—“बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा कदम”

स्कूलों के बाहर जंक फूड पर रोक: महाराष्ट्र FDA के फैसले की डॉक्टरों ने की सराहना, बोले—“बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा कदम” मुंबई: महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री पर रोक लगाने के फैसले को डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है। राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की इस कार्रवाई का मकसद बच्चों में बढ़ती मोटापा और अस्वस्थ खानपान की समस्या पर लगाम लगाना है। 🍔 स्कूलों के पास जंक फूड पर सख्त प्रतिबंध नए नियमों के तहत स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में वड़ा पाव, समोसा और अन्य तले-भुने व अधिक वसा, नमक और शक्कर (HFSS) वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के लिए FSSAI लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है और नियमित निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा। 👨‍⚕️ डॉक्टरों ने बताया ‘पब्लिक हेल्थ के लिए बड़ा कदम’ मुंबई के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस फैसले को केवल एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल बताया है। डॉक्टरों का मानना है कि यह कदम बच्चों के खानपान की आदतों में सुधार लाने और मोटापे जैसी समस्याओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है। 📊 करोड़ों बच्चों पर पड़ेगा असर यह फैसला पूरे महाराष्ट्र के 1.08 लाख से अधिक स्कूलों और करीब 2 करोड़ छात्रों पर लागू होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को ध्यान में रखते हुए यह नीति व्यापक स्तर पर बदलाव ला सकती है। 🧠 छोटी उम्र में बनती हैं खानपान की आदतें डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों की खाने की आदतें कम उम्र में ही बन जाती हैं और स्कूल का माहौल इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। अगर स्कूल के आसपास जंक फूड आसानी से उपलब्ध रहेगा, तो बच्चे उसे सामान्य और रोजमर्रा का हिस्सा मानने लगते हैं। इस रोक से इस ‘नॉर्मलाइजेशन’ को तोड़ने में मदद मिलेगी। 🥗 सिर्फ प्रतिबंध नहीं, बेहतर विकल्पों पर भी जोर इस नीति में केवल जंक फूड पर रोक ही नहीं, बल्कि संतुलित आहार को बढ़ावा देने की भी योजना है। स्कूलों में फल, दालें और साबुत अनाज जैसे हेल्दी विकल्पों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे बच्चों को बेहतर पोषण मिल सके। ⚖️ सफलता निर्भर करेगी सख्ती और सहयोग पर हालांकि, डॉक्टरों ने यह भी कहा कि इस नीति की सफलता पूरी तरह इसके सही क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। ये सभी कारक मिलकर ही इस पहल को सफल बना पाएंगे। 🔍 निष्कर्ष: महाराष्ट्र सरकार का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा जब इसे जमीनी स्तर पर पूरी सख्ती से लागू किया जाए और समाज के सभी वर्ग इसमें सक्रिय भूमिका निभाएं।  
भिवंडी में बड़ा हादसा: मरम्मत के दौरान इमारत ढही, 9 की मौत, कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका

भिवंडी में बड़ा हादसा: मरम्मत के दौरान इमारत ढही, 9 की मौत, कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका

भिवंडी में बड़ा हादसा: मरम्मत के दौरान इमारत ढही, 9 की मौत, कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका ठाणे (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब एक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। 🚨 मरम्मत के दौरान हुआ हादसा यह हादसा भिवंडी के बालाजी नगर इलाके में स्थित कोहिनूर बिल्डिंग में हुआ। जानकारी के अनुसार, इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, तभी रात करीब 11:30 बजे अचानक इसका एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। 🏢 पहले से जर्जर घोषित थी इमारत नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, यह इमारत पहले ही खतरनाक घोषित की जा चुकी थी। चार मंजिला इस बिल्डिंग में कुल 48 कमरे थे, जिनमें कई परिवार रहते थे। ⚠️ पहले ही मिल गए थे संकेत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से कुछ घंटे पहले ही इमारत से तेज दरारों और टूटने जैसी आवाजें आ रही थीं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्थानीय लोगों ने कई परिवारों को समय रहते बाहर निकाल लिया, लेकिन कुछ लोग अभी भी बाहर निकल ही रहे थे कि बिल्डिंग का ‘बी’ विंग अचानक ढह गया। 🚑 राहत और बचाव कार्य जारी हादसे के बाद मौके पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। इस ऑपरेशन में शामिल हैं: मौके पर डॉग स्क्वॉड, चार फायर इंजन, दो एंबुलेंस और भारी मशीनरी तैनात की गई है। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। 😢 इलाके में शोक का माहौल इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन ने घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। 🔍 निष्कर्ष: भिवंडी की यह घटना एक बार फिर जर्जर इमारतों में रहने के खतरे को उजागर करती है। प्रशासन की ओर से समय रहते चेतावनी के बावजूद ऐसे हादसे गंभीर सवाल खड़े करते हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें बचाव कार्य पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: 5 जिलों में विशेष अदालतें, मुंबई लोकल को बड़ा बूस्ट, खेती में AI का इस्तेमाल

महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: 5 जिलों में विशेष अदालतें, मुंबई लोकल को बड़ा बूस्ट, खेती में AI का इस्तेमाल

महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: 5 जिलों में विशेष अदालतें, मुंबई लोकल को बड़ा बूस्ट, खेती में AI का इस्तेमाल मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई अहम और जनहित से जुड़े बड़े फैसले लिए गए। इन निर्णयों का सीधा असर कानून व्यवस्था, परिवहन और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ेगा। ⚖️ न्याय व्यवस्था को मजबूती: 5 जिलों में विशेष अदालते राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत मामलों की सुनवाई के लिए 5 जिलों—अहिल्यानगर, परभणी, सोलापुर, नांदेड और यवतमाल—में विशेष अदालतें स्थापित करने का फैसला किया है। इसके अलावा, मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए पुणे में भी एक विशेष अदालत बनाई जाएगी। 🚫 अवैध खनन पर सख्ती: 10 गुना जुर्माना सरकार ने अवैध खनन और रेत माफिया पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब अवैध उत्खनन करने वालों से रॉयल्टी का 10 गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। इससे इस अवैध कारोबार पर कड़ी रोक लगने की उम्मीद है। 🚆 मुंबई लोकल के लिए बड़ा फंड मुंबईकरों के लिए राहत भरी खबर है। मुंबई रेलवे विकास महामंडल (MRVC) के अधिकृत पूंजी को ₹25 करोड़ से बढ़ाकर ₹500 करोड़ कर दिया गया है। इस फैसले से मुंबई लोकल ट्रेन नेटवर्क के विस्तार और सुधार के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। 🌾 खेती में AI की एंट्री: ‘महा-अग्री AI’ नीति लागू राज्य सरकार ने खेती को आधुनिक बनाने के लिए ‘महा-अग्री AI’ नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत एग्रीटेक इनोवेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो किसानों को नई तकनीक और स्मार्ट खेती के लिए सहायता प्रदान करेगा। 🏛️ नई अदालतें और प्रशासनिक फैसले 🔍 निष्कर्ष: महाराष्ट्र सरकार के ये फैसले राज्य में न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने, अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने, सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने और कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन फैसलों का असर आम जनता के जीवन में साफ तौर पर दिखाई देगा।  
दूध नहीं जहर का धंधा: डिटर्जेंट से बनी मिलावटी लहर में डूबा महाराष्ट्र, करोड़ों लीटर का काला सच उजागर

दूध नहीं जहर का धंधा: डिटर्जेंट से बनी मिलावटी लहर में डूबा महाराष्ट्र, करोड़ों लीटर का काला सच उजागर

दूध नहीं जहर का धंधा: डिटर्जेंट से बनी मिलावटी लहर में डूबा महाराष्ट्र, करोड़ों लीटर का काला सच उजागर धाराशिव (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के भूम तालुका से एक चौंकाने वाला सिंथेटिक दूध घोटाला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच में खुलासा हुआ है कि बड़े पैमाने पर डिटर्जेंट पाउडर, पाम ऑयल और घटिया केमिकल मिलाकर नकली दूध तैयार किया जा रहा था। करोड़ों लीटर नकली दूध का खेल जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पिछले छह महीनों में करीब 2,30,470 किलोग्राम घटिया मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया। इससे लगभग 23 लाख लीटर से ज्यादा सिंथेटिक दूध तैयार किया गया, जिसकी कीमत करीब 9.21 करोड़ रुपये आंकी गई है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस नकली दूध को असली दूध में 10% की मात्रा में मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा था। इसी आधार पर अधिकारियों को आशंका है कि 2.3 करोड़ लीटर से ज्यादा मिलावटी दूध महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया गया। डिटर्जेंट और केमिकल से बनता था ‘दूध’ जांच में यह भी सामने आया कि दूध को असली जैसा दिखाने और फैट की मात्रा बनाए रखने के लिए डिटर्जेंट पाउडर, पाम ऑयल और सस्ते केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता था, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। सात आरोपियों पर केस, अभी फरार इस गंभीर मामले में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, लेकिन घटना के कई दिन बाद भी सभी आरोपी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है और लगातार छापेमारी की जा रही है। स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के केमिकलयुक्त दूध का सेवन लीवर, किडनी और पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है। कानूनी कार्रवाई होगी सख्त फूड सेफ्टी कानून के तहत इस तरह की खतरनाक मिलावट करने वालों को 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। जांच में और खुलासे संभव पुलिस के अनुसार, यह रैकेट भूम क्षेत्र के कई दूध संग्रह केंद्रों से संचालित हो रहा था। इस मामले में अभी और बड़े खुलासे होने की संभावना है, क्योंकि हजारों लीटर नकली दूध खरीदने वाले लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। निष्कर्ष: यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि आम लोगों की सेहत से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के खतरनाक घोटाले पर रोक लग सके।  
मुंबई में “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” का भव्य उद्घाटन, युवाओं को नवाचार की दिशा में नई प्रेरणा

मुंबई में “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” का भव्य उद्घाटन, युवाओं को नवाचार की दिशा में नई प्रेरणा

मुंबई में “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” का भव्य उद्घाटन, युवाओं को नवाचार की दिशा में नई प्रेरणा मुंबई, 10 जुलाई 2026: महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा ने आज मुंबई के वाई. बी. चव्हाण ऑडिटोरियम में आयोजित एक दिवसीय स्टार्टअप प्रदर्शनी एवं सम्मेलन “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्य के कौशल विकास मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी उपस्थित रहे। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विद्यापीठ, महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसायटी तथा आईस्पार्क फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं में नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने “HP क्रिएटिव गेमिंग गैरेज” नामक एक आधुनिक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया, जो युवाओं को गेमिंग और डिजिटल क्रिएटिविटी के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा। इसके साथ ही मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर द्वारा विकसित “मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी” ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया, जिससे छात्रों को चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। इस अवसर पर आईआईटी मद्रास की आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन और रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विद्यापीठ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी हुआ। इस समझौते के तहत कौशल विकास, नवाचार और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्यपाल ने प्रदर्शनी का दौरा कर विभिन्न स्टार्टअप्स द्वारा प्रस्तुत नवाचारों का अवलोकन किया और युवा उद्यमियों से संवाद भी किया। उन्होंने युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन देश के भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम में कौशल विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, कौशल विकास आयुक्त अमित सैनी, एचपी इंक की वाइस प्रेसिडेंट इप्सिता दासगुप्ता, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नरनवरे, महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसायटी के सीईओ डॉ. श्रीकांत पाटिल, रजिस्ट्रार डॉ. वैभव नरवाडे सहित कई गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद, उद्यमी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” ने न केवल नवाचार को एक मंच प्रदान किया, बल्कि युवाओं को अपने विचारों को साकार करने के लिए प्रेरित भी किया।  
ठाणे हादसा: घोड़बंदर रोड पर टैंकर ऑटो पर पलटा, कई यात्रियों की मौके पर मौत

ठाणे हादसा: घोड़बंदर रोड पर टैंकर ऑटो पर पलटा, कई यात्रियों की मौके पर मौत

ठाणे हादसा: घोड़बंदर रोड पर टैंकर ऑटो पर पलटा, कई यात्रियों की मौके पर मौत ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में घोड़बंदर रोड पर सोमवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसमें एक अनियंत्रित टैंकर चलती ऑटो रिक्शा पर पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में ऑटो में सवार यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, यह हादसा कासारवडवली थाना क्षेत्र में हुआ। रोज की तरह ऑटो रिक्शा अपने यात्रियों को लेकर गंतव्य की ओर जा रही थी। तभी अचानक पीछे या बगल से आ रहा एक तेज रफ्तार टैंकर नियंत्रण खो बैठा और सीधे ऑटो पर पलट गया। टैंकर का वजन इतना ज्यादा था कि ऑटो पूरी तरह उसके नीचे दब गई। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो का पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार यात्रियों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। मौके पर मची अफरा-तफरी हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत टीम को सूचना दी। पुलिस और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर क्रेन की मदद से भारी टैंकर को हटाया। राहत और बचाव कार्य जारी टैंकर हटाने के बाद सड़क से मलबा साफ किया गया और धीरे-धीरे यातायात को सामान्य करने की कोशिश शुरू की गई। फिलहाल घोड़बंदर रोड पर लंबा जाम लग गया था, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। पुलिस जांच शुरू पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। शुरुआती जांच में टैंकर के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। निष्कर्ष: यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाले सड़क हादसों की भयावह तस्वीर पेश करता है। जरूरत है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।  
मुंबई को बारिश से मिली थोड़ी राहत, ऑरेंज अलर्ट जारी, स्कूल-कॉलेज बंद

मुंबई को बारिश से मिली थोड़ी राहत, ऑरेंज अलर्ट जारी, स्कूल-कॉलेज बंद

मुंबई को बारिश से मिली थोड़ी राहत, ऑरेंज अलर्ट जारी, स्कूल-कॉलेज बंद मुंबई: लगातार दो दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद मुंबईवासियों को मंगलवार सुबह थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। शहर में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला एहतियात के तौर पर मुंबई के सभी सरकारी, निजी और बीएमसी संचालित स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। फिर से भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर रुक-रुक कर बारिश हो सकती है और कुछ इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। साथ ही 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोकल ट्रेनों पर असर, लेकिन सेवाएं जारी बारिश का असर अभी भी शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों पर देखा जा रहा है। यात्रियों के अनुसार, वेस्टर्न रेलवे की ट्रेनें 20-25 मिनट देरी से चल रही हैं, जबकि सेंट्रल रेलवे की सेवाएं 10-15 मिनट लेट हैं। हालांकि मेट्रो और BEST बस सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। पिछले दो दिनों में हालात हुए थे बदहाल सोमवार को हुई मूसलधार बारिश के कारण मुंबई और आसपास के इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था। कई सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए और दीवारों व होर्डिंग गिरने की घटनाएं सामने आईं। बारिश के आंकड़े और ज्वार की चेतावनी पिछले 24 घंटों में मुंबई शहर में औसतन 46 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमशः 77 और 78 मिमी बारिश हुई। आज दोपहर और कल सुबह हाई टाइड की भी संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। मुंबई-पुणे मार्ग बहाल, लेकिन सतर्कता जरूरी मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन पर भूस्खलन के बाद बंद रास्ता अब फिर से खोल दिया गया है। हालांकि प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। पुणे में हालात अब भी गंभीर पुणे जिले में भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुए हैं, जिनमें जान-माल का नुकसान भी हुआ है। राहत और बचाव कार्य जारी है, और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। निष्कर्ष: मुंबई में भले ही फिलहाल बारिश से थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए खतरा अभी बरकरार है। प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
महाराष्ट्र में बारिश का कहर: 13 की मौत, मुंबई जलमग्न, पुणे में भूस्खलन से घर दबा

महाराष्ट्र में बारिश का कहर: 13 की मौत, मुंबई जलमग्न, पुणे में भूस्खलन से घर दबा

महाराष्ट्र में बारिश का कहर: 13 की मौत, मुंबई जलमग्न, पुणे में भूस्खलन से घर दबा मुंबई: महाराष्ट्र में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में हालात गंभीर हो गए हैं। अब तक कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मुंबई पूरी तरह जलमग्न नजर आ रही है और पुणे में भूस्खलन की घटनाओं ने खतरा और बढ़ा दिया है। मुंबई हाई अलर्ट पर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश से शहर के कई इलाके पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और घरों में रहने की सलाह दी है। रेल और सड़क सेवाएं प्रभावित भारी बारिश और भूस्खलन के चलते मुंबई-पुणे के बीच रेल और सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सेंट्रल रेलवे के अनुसार, कई जगहों पर भूस्खलन होने से ट्रैक बाधित हो गए हैं, जिसके चलते 16 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि 9 ट्रेनों का मार्ग बदला गया। इंद्रायणी एक्सप्रेस, डेक्कन क्वीन, इंटरसिटी एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है। एक्सप्रेसवे और हाईवे बंद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना हाईवे भी कई स्थानों पर बंद कर दिया गया है। खोपोली-कुसगांव क्षेत्र में भूस्खलन के कारण ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है। पुणे में भूस्खलन, घर दबा पुणे जिले के पाटन गांव में हुए भूस्खलन में एक घर मलबे में दब गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है। फंसे लोगों को बचाया गया घोरावाड़ी रेलवे स्टेशन के पास जलभराव के कारण एक बस में फंसे 37 यात्रियों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। स्कूल-कॉलेज बंद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर जिलों में सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। प्रशासन की अपील पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा टालें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। निष्कर्ष: महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, लेकिन हालात को देखते हुए नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।  

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