श्रेणी: Mumbai

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

पति से ₹7.50 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदकर ₹6.92 करोड़ की Section 54F छूट मांगी, Income Tax ने उठाए सवाल; ITAT ने महिला को दी राहत

पति से ₹7.50 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदकर ₹6.92 करोड़ की Section 54F छूट मांगी, Income Tax ने उठाए सवाल; ITAT ने महिला को दी राहत

पति से ₹7.50 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदकर ₹6.92 करोड़ की Section 54F छूट मांगी, Income Tax ने उठाए सवाल; ITAT ने महिला को दी राहत मुंबई: Long-Term Capital Gain (LTCG) से प्राप्त रकम से अपने पति की संपत्ति खरीदना क्या सिर्फ इसलिए टैक्स बचाने की कोशिश माना जा सकता है क्योंकि खरीदार और विक्रेता पति-पत्नी हैं? मुंबई के एक आयकर मामले में Income Tax Appellate Tribunal (ITAT) के सामने यही महत्वपूर्ण सवाल उठा। 17 जुलाई 2026 को मुंबई ITAT ने Neha Karan Motwani के मामले में महिला के पक्ष में फैसला देते हुए Section 54F के तहत करीब ₹6.92 करोड़ की छूट को स्वीकार किया। मामला उस समय शुरू हुआ जब महिला ने अपने अनलिस्टेड शेयर बेचकर करीब ₹8.31 करोड़ का Long-Term Capital Gain घोषित किया। इसके बाद उन्होंने मुंबई के Juhu Tara Road स्थित एक आवासीय संपत्ति में करीब ₹7.50 करोड़ का निवेश किया और Income Tax Act की Section 54F के तहत छूट का दावा किया। लेकिन इस लेनदेन में एक बात आयकर विभाग के ध्यान में आई—जिस संपत्ति को महिला ने खरीदा था, वह उनके पति की थी और लेनदेन उनके पति के sole proprietorship HP Trading के माध्यम से हुआ था। आयकर विभाग ने क्यों उठाए सवाल? Assessing Officer ने इस लेनदेन को सामान्य खरीद-बिक्री मानने के बजाय इसे टैक्स देनदारी कम करने के लिए किए गए कथित “colourable device” के रूप में देखा। विभाग के आकलन के अनुसार, पति को इस संपत्ति की बिक्री से करीब ₹4.85 करोड़ का Short-Term Capital Gain हुआ था। बाद में पति ने करीब ₹3.56 करोड़ की राशि को अपने कारोबारी नुकसान के खिलाफ सेट ऑफ किया। इसी आधार पर विभाग ने पति-पत्नी के बीच हुए दोनों लेनदेन को आपस में जुड़ा हुआ माना और महिला की Section 54F की करीब ₹6.92 करोड़ की छूट को अस्वीकार कर दिया। यह आकलन 30 दिसंबर 2022 को Section 143(3) read with Section 144B के तहत पूरा किया गया था। महिला ने क्या सफाई दी? महिला की ओर से कहा गया कि संपत्ति खरीदने का उद्देश्य निवेश और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा था। उनका कहना था कि संपत्ति को भविष्य में किराए पर भी दिया जा सकता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह उस संपत्ति में रहने के लिए नहीं गई थीं और अपने पति के पैतृक घर में ही रह रही थीं। मामले में संपत्ति का दस्तावेजी हस्तांतरण, भुगतान और अन्य संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड पर मौजूद थे। ITAT के आदेश में यह भी सामने आया कि संपत्ति की खरीद के लिए भुगतान को लेकर दस्तावेजी रिकॉर्ड उपलब्ध था। ITAT के सामने सबसे अहम सवाल क्या था? Tribunal के सामने मूल सवाल यह था कि क्या केवल इस आधार पर Section 54F की छूट से इनकार किया जा सकता है कि नई आवासीय संपत्ति पति से खरीदी गई थी। ITAT ने मामले के रिकॉर्ड और पहले के न्यायिक फैसलों पर विचार किया। Tribunal के आदेश में ऐसे पूर्व मामलों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें परिवार के सदस्य या पति-पत्नी के बीच वास्तविक लेनदेन के बाद Section 54/54F की छूट को स्वीकार किया गया था। लेनदेन की टाइमलाइन बनी अहम कड़ी आयकर विभाग के तर्क में पति के कारोबारी नुकसान और बाद में उसके खिलाफ capital gain के adjustment को भी महत्वपूर्ण माना गया था। लेकिन Tribunal ने लेनदेन की टाइमलाइन पर गौर किया। संपत्ति का ट्रांसफर जून 2021 में हुआ था, जबकि पति के जिस कारोबारी नुकसान को विभाग ने अपने तर्क का आधार बनाया, वह बाद की अवधि में सामने आया। इसलिए ITAT ने विभाग के इस तर्क को स्वीकार नहीं किया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोनों घटनाओं को पहले से बनाई गई एक ही योजना का हिस्सा माना जा सकता है। Section 54F क्या है? Section 54F, Income Tax Act, 1961 के तहत कुछ परिस्थितियों में किसी आवासीय मकान के अलावा अन्य Long-Term Capital Asset के ट्रांसफर से हुए Long-Term Capital Gain पर नई आवासीय संपत्ति में निर्धारित तरीके से निवेश करने पर छूट का प्रावधान है। आयकर विभाग के मौजूदा ITR दस्तावेजों में भी Section 54F के तहत नई residential house की खरीद/निर्माण और निवेश की तारीख से संबंधित विवरण मांगे जाते हैं। इस मामले में विवाद यह नहीं था कि Section 54F नाम का प्रावधान मौजूद है, बल्कि यह था कि क्या पति से खरीदी गई संपत्ति में किया गया निवेश इस छूट के लिए योग्य माना जा सकता है। ITAT ने महिला को क्यों दी राहत? मुंबई ITAT ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर माना कि केवल पति से संपत्ति खरीदे जाने के कारण Section 54F की छूट को खारिज नहीं किया जा सकता। Tribunal के आदेश में पहले के फैसलों का भी सहारा लिया गया, जिनमें पर्याप्त consideration देकर परिवार के सदस्य से खरीदी गई संपत्ति पर Section 54/54F की छूट को स्वीकार किया गया था। इसके बाद Tribunal ने Section 54F के तहत की गई करीब ₹6.92 करोड़ की deduction/disallowance को हटाने का निर्देश दिया और महिला की अपील स्वीकार कर ली। फैसले का व्यापक मतलब यह फैसला यह नहीं कहता कि पति-पत्नी के बीच हर संपत्ति लेनदेन पर Section 54F की छूट अपने आप मिल जाएगी। ऐसे मामलों में वास्तविक खरीद, भुगतान, दस्तावेज, समयसीमा और Section 54F की अन्य वैधानिक शर्तें महत्वपूर्ण रहती हैं। इस मामले में ITAT का फैसला उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित परिस्थितियों पर आधारित था। इसलिए इसे एक case-specific tax ruling के रूप में देखना जरूरी है, न कि हर पति-पत्नी के बीच संपत्ति खरीद पर लागू होने वाला स्वतः नियम। मुंबई ITAT का यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें Tribunal ने पति से संपत्ति खरीदने और टैक्स लाभ लेने के बीच सीधे तौर पर कोई निषेध नहीं माना, जब लेनदेन वास्तविक हो और कानून की अन्य शर्तें पूरी होती हों।  
अनंत चतुर्दशी पर मुंबई में ट्रैफिक का बड़ा बदलाव: कई सड़कें बंद, जगह-जगह डायवर्जन; घर से निकलने से पहले पढ़ें पूरी एडवाइजरी

अनंत चतुर्दशी पर मुंबई में ट्रैफिक का बड़ा बदलाव: कई सड़कें बंद, जगह-जगह डायवर्जन; घर से निकलने से पहले पढ़ें पूरी एडवाइजरी

अनंत चतुर्दशी पर मुंबई में ट्रैफिक का बड़ा बदलाव: कई सड़कें बंद, जगह-जगह डायवर्जन; घर से निकलने से पहले पढ़ें पूरी एडवाइजरी मुंबई: अनंत चतुर्दशी के मौके पर शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को मुंबई में बड़े पैमाने पर गणपति विसर्जन जुलूस निकलेंगे। गिरगांव चौपाटी, शिवाजी पार्क, जुहू समेत शहर के विभिन्न विसर्जन स्थलों की ओर बड़ी संख्या में गणपति मंडलों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक मुख्य प्रतिबंध 25 सितंबर दोपहर 12 बजे से 26 सितंबर सुबह 6 बजे तक लागू रहेंगे। हालांकि भीड़ और विसर्जन जुलूस की स्थिति के अनुसार कुछ मार्गों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए या हटाए जा सकते हैं। दक्षिण मुंबई में भारी वाहनों और निजी बसों पर प्रतिबंध दक्षिण मुंबई में भारी वाहनों और निजी बसों की आवाजाही पर विशेष रोक रहेगी। यह प्रतिबंध 25 सितंबर सुबह 11 बजे से 26 सितंबर सुबह 8 बजे तक लागू रहने की जानकारी दी गई है। हालांकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों, जैसे एम्बुलेंस, जरूरी सामान ले जाने वाले वाहन, सरकारी एवं अर्ध-सरकारी वाहन और स्कूल बसों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने उत्तर मुंबई और दक्षिण मुंबई के बीच यात्रा करने वाले वाहन चालकों को जहां तक संभव हो Coastal Road का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। Colaba और Cuffe Parade में कई रास्तों पर प्रतिबंध Colaba और Cuffe Parade-Badhwar Park इलाके में Nathalal Parekh Marg को दोनों दिशाओं में बंद रखा जाएगा। यह प्रतिबंध Badhwar Park स्थित Bhai Bandarkar Chowk से Indu Clinic के पास Sayyed Mohammad Jamadar Chowk तक लागू रहेगा। वहीं Pandey Lane Naka से Bhai Bandarkar Chowk के बीच का मार्ग स्थानीय निवासियों और आपातकालीन वाहनों के लिए उपलब्ध रहेगा। Captain Prakash Pethe Marg की उत्तर दिशा वाली लेन को Dhanpal Naka से Pandey Lane Junction के बीच बंद किया जाएगा। इसके अलावा Rambhau Salgaonkar Marg को Volga Chowk से Kamal Morarka Chowk के बीच बंद रखा जाएगा। पुलिस ने Cuffe Parade और Badhwar Park क्षेत्र में भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की आशंका जताते हुए लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। Marine Drive पर भी ट्रैफिक बदलेगा Marine Drive पर Netaji Subhash Chandra Bose Marg की उत्तर दिशा वाली यातायात व्यवस्था गणपति विसर्जन जुलूस की स्थिति के अनुसार बंद की जा सकती है। ऐसी स्थिति में वाहनों को Islam Gymkhana से Coastal Road की ओर डायवर्ट किया जाएगा। CSMT और Metro Junction के आसपास भी बदलाव CSMT और Metro Junction के बीच Mahapalika Marg पर भी जरूरत के अनुसार यातायात प्रतिबंध लगाए जाएंगे। CSMT Junction से Metro Junction की ओर जाने वाले वाहनों को D.N. Road और L.T. Marg के रास्ते डायवर्ट किया जा सकता है। पुलिस ने Metro Junction की ओर जाने वाले मार्गों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। Girgaon, Kalbadevi और Thakurdwar में सबसे ज्यादा असर गणपति विसर्जन के प्रमुख मार्गों में Girgaon, Kalbadevi और Thakurdwar महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। गिरगांव चौपाटी की ओर बड़ी संख्या में विसर्जन जुलूस पहुंचने के कारण इन इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर व्यापक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए जाएंगे। इन मार्गों पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त ट्रैफिक नियंत्रण किया जा सकता है। कई सड़कों पर No-Parking व्यवस्था विसर्जन जुलूस के मार्गों पर कई जगह No-Parking प्रतिबंध भी लागू रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन पार्क न करें और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने अनंत चतुर्दशी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़कों पर उतरने को देखते हुए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारी की है। हालिया व्यवस्था के तहत हजारों पुलिसकर्मियों के साथ CCTV और AI आधारित निगरानी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह अनंत चतुर्दशी के दिन मुंबई की सड़कों पर भारी भीड़ रहने की संभावना है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे ट्रैफिक पुलिस की ताजा एडवाइजरी देखते रहें और विसर्जन मार्गों से बचते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।  
मुंबई में 14 फीट से ऊंची झोपड़ियों पर BMC की कार्रवाई को लेकर विवाद, मेयर रितु तावड़े बोलीं- ‘मामले की जानकारी नहीं’

मुंबई में 14 फीट से ऊंची झोपड़ियों पर BMC की कार्रवाई को लेकर विवाद, मेयर रितु तावड़े बोलीं- ‘मामले की जानकारी नहीं’

मुंबई में 14 फीट से ऊंची झोपड़ियों पर BMC की कार्रवाई को लेकर विवाद, मेयर रितु तावड़े बोलीं- ‘मामले की जानकारी नहीं’ मुंबई: मुंबई में 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाली कथित अनधिकृत झोपड़ियों के खिलाफ BMC की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक तरफ BMC प्रशासन ने 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक तीन महीने का विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर निर्वाचित प्रतिनिधियों ने कार्रवाई के तरीके और पुनर्वास व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। BMC के अनुसार, शहर और उपनगरों में 39,111 ऐसी संरचनाओं की पहचान की गई है। इस बीच BMC मेयर रितु तावड़े ने इस प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर कहा कि उन्हें फिलहाल इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद ही वह अपना रुख स्पष्ट करेंगी। मेयर की इस टिप्पणी के बाद BMC प्रशासन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 1 अक्टूबर से शुरू होना है तीन महीने का अभियान BMC ने 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाली झोपड़ियों में किए गए कथित अनधिकृत निर्माण और अतिरिक्त निर्माण के खिलाफ विशेष अभियान की घोषणा की है। यह अभियान 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक चलाया जाना है। BMC के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में कुल करीब 2,23,150 झोपड़ी संरचनाएं हैं। इनमें से 39,111 संरचनाओं को 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई के आधार पर कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें 3,348 मुंबई शहर, 4,536 पश्चिमी उपनगर और 31,227 पूर्वी उपनगरों में हैं। BMC ने संबंधित निवासियों से कार्रवाई शुरू होने से पहले अनधिकृत हिस्से स्वयं हटाने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार ऐसा नहीं करने पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। स्थायी समिति की बैठक में उठे सवाल 23 सितंबर को हुई BMC स्थायी समिति की बैठक में इस प्रस्तावित कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने निर्वाचित प्रतिनिधियों को पर्याप्त जानकारी दिए बिना कार्रवाई की घोषणा कर दी। बैठक में पार्षदों ने मांग की कि कार्रवाई शुरू करने से पहले पूरे मामले को निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने रखा जाए और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े नियमों तथा व्यवस्था को स्पष्ट किया जाए। स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने भी प्रशासन से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है। पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की मांग BMC के सदन के नेता एवं बीजेपी समूह नेता गणेश खणकर और शिवसेना के वरिष्ठ पार्षद यशोधर फणसे समेत कई प्रतिनिधियों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनकी मांग है कि प्रभावित झोपड़ीवासियों के लिए पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की ठोस व्यवस्था स्पष्ट किए बिना व्यापक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया है। नेताओं ने कहा है कि कार्रवाई से पहले प्रभावित निवासियों को विश्वास में लिया जाए और पुनर्वास नीति को स्पष्ट किया जाए। प्रशासन का तर्क क्या है? BMC की ओर से प्रस्तावित अभियान का आधार अनधिकृत निर्माण और अतिरिक्त निर्माण के खिलाफ कार्रवाई बताया गया है। यह अभियान ऐसे समय में प्रस्तावित है जब इस साल मुंबई में अनधिकृत और असुरक्षित संरचनाओं से जुड़े हादसों के बाद सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। BMC ने कहा है कि चिन्हित संरचनाओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रभावित निवासियों और उनके प्रतिनिधियों की मुख्य चिंता यह है कि कार्रवाई की स्थिति में परिवारों के रहने की व्यवस्था क्या होगी और पुनर्वास की प्रक्रिया किस आधार पर की जाएगी। 39,111 संरचनाओं पर कार्रवाई का मामला BMC के मुताबिक अब तक 4,584 संरचनाओं पर कार्रवाई की जा चुकी है और 611 अन्य संरचनाओं को नोटिस जारी किए गए हैं। बाकी चिन्हित संरचनाओं के संबंध में प्रशासन ने अनधिकृत हिस्से स्वयं हटाने को कहा है। अब मेयर के मामले से अनभिज्ञ होने वाले बयान और स्थायी समिति में उठे सवालों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि BMC प्रशासन आगे की कार्रवाई को लेकर निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रभावित निवासियों के साथ किस तरह समन्वय करता है। फिलहाल 1 अक्टूबर से प्रस्तावित अभियान को लेकर BMC प्रशासन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच मतभेद सार्वजनिक हो चुके हैं। आगे की कार्रवाई पुनर्वास व्यवस्था, प्रशासनिक स्पष्टीकरण और संबंधित नियमों पर होने वाली चर्चा के बाद किस दिशा में जाती है, इस पर नजर बनी हुई है।  
मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त मुंबई: त्योहारी सीजन से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट, गलत लेबलिंग और अस्वच्छ परिस्थितियों के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में बड़ा अभियान चलाया है। FDA के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान मुंबई के पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए, जबकि राज्य के विभिन्न हिस्सों से करीब 10,836 किलो/लीटर खाद्य सामग्री, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹30.82 लाख बताई गई है, जब्त की गई। मुंबई में कार्रवाई की जद में महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित BJRS (Gallops) Restaurant, Gurukrupa Dairy Products, Gufran Seekh Corner, Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari शामिल हैं। FDA ने इन प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े गंभीर नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया है। Gallops की रसोई में बर्फ पर खून और कैचप के दाग मिलने का दावा FDA अधिकारियों के अनुसार, महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित Gallops Restaurant के निरीक्षण के दौरान रेफ्रिजरेटर में रखी बर्फ पर नॉन-वेज खाद्य पदार्थों से जुड़े खून और कैचप के दाग पाए गए। इसके अलावा कच्चे माल की कुछ पैकेजिंग फटी या क्षतिग्रस्त मिली। निरीक्षण में रसोई में ग्रीस जमा होने, दीवारों की खराब स्थिति, पानी जमा होने तथा जीवित कॉकरोच और चींटियां पाए जाने की बात भी FDA ने कही है। ड्रेनेज और कॉकरोच ट्रैप की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के साथ खाद्य कर्मचारियों की वार्षिक मेडिकल जांच और टीकाकरण से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। FDA ने इन कमियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत गंभीर उल्लंघन माना और Gallops का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया। Malad में ‘Pooja Ghee’ के नाम पर कथित मिलावट का मामला मुंबई में सबसे बड़ी जब्ती Malad East स्थित Gurukrupa Dairy Products से हुई। FDA के मुताबिक यहां रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल, वनस्पति और ब्रांडेड घी को दो बॉयलरों में मिलाकर सफेद और पीले घी का उत्पादन किए जाने का आरोप है। FDA के अनुसार इन उत्पादों को “Pooja Ghee” नाम से ऐसे लेबल के साथ बेचा जा रहा था, जिसे विभाग ने भ्रामक बताया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में घी, रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल और वनस्पति जब्त किए गए। अधिकारियों ने परिसर में चूहों और कॉकरोच के संक्रमण की भी जानकारी दी। FDA के आधिकारिक विवरण के अनुसार, गुरुकृपा डेयरी से लगभग 4,646 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी/गलत लेबल वाली सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब ₹15.15 लाख बताई गई। इसके अलावा दो बॉयलर और एक खोया मशीन भी कार्रवाई के दौरान जब्त की गई। Gufran Seekh Corner बिना वैध लाइसेंस के संचालित होने का आरोप Versova-Yari Road स्थित Gufran Seekh Corner पर FDA ने बिना वैध खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के संचालन का आरोप लगाया। विभाग के अनुसार निरीक्षण में पेयजल की जांच, खाद्य पदार्थों के उचित भंडारण और अलग-अलग रखने तथा परिसर की स्वच्छता से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन पाया गया। FDA ने प्रतिष्ठान को तत्काल कारोबार बंद करने और वैध लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन हासिल करने तथा बताई गई कमियों को दूर करने के बाद ही दोबारा संचालन शुरू करने का निर्देश दिया। Bandra के Dreamer Hospitality और Mirari पर भी कार्रवाई Bandra West स्थित Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari में भी FDA ने स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी नियमों के उल्लंघन की जानकारी दी है। दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। महाराष्ट्र के कई जिलों में खाद्य सामग्री जब्त FDA की यह कार्रवाई सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रही। विभाग के अनुसार मुंबई, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर डिवीजन में कुल 18 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान घी, खावा, पेड़ा, गुड़, तेल, चाय पाउडर, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने/स्टॉक जब्त किए गए। चंद्रपुर में Ashok Agro Products के गोदाम से 3,310 किलोग्राम चाय पाउडर, जिसकी कीमत करीब ₹6.76 लाख बताई गई, संदिग्ध घटिया या असुरक्षित होने के संदेह में जब्त किया गया। इसके अलावा पुणे, सांगली, कोल्हापुर, जलगांव, नांदेड, गोंदिया, गढ़चिरौली और नागपुर सहित अन्य इलाकों में भी खाद्य पदार्थों की जांच और जब्ती की कार्रवाई की गई। FDA ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट, लेबलिंग और स्वच्छता पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है। FDA की कार्रवाई के बाद अब संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब त्योहारी सीजन के दौरान मिठाई, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है।  
IIT-Bombay छात्र की मौत की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच करेगी, प्रोफेसर के खिलाफ FIR

IIT-Bombay छात्र की मौत की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच करेगी, प्रोफेसर के खिलाफ FIR

IIT-Bombay छात्र की मौत की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच करेगी, प्रोफेसर के खिलाफ FIR मृतक के पिता ने कैंपस में कथित उत्पीड़न और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप लगाए; IIT-Bombay फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर के समर्थन में जारी किया बयान मुंबई: IIT-Bombay के दूसरे वर्ष के BTech छात्र की कथित आत्महत्या के मामले की जांच अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी। पुलिस ने मामले को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। छात्र की शुक्रवार शाम कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हुई थी। मामले में मृतक छात्र के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने IIT-Bombay के प्रोफेसर और परीक्षा निरीक्षक सूर्यनारायण दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत में छात्र के पिता ने कैंपस में कथित उत्पीड़न और पिछले करीब तीन महीनों से जातिसूचक टिप्पणियां किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता की शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR पुलिस के मुताबिक, छात्र के पिता ने अपनी शिकायत में प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि छात्र को पिछले कुछ महीनों से कथित तौर पर परेशान किया जा रहा था और उसके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां की गईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब क्राइम ब्रांच शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनाक्रम और छात्र की मौत से पहले की परिस्थितियों की विस्तृत जांच करेगी। हालांकि, FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में आरोप साबित नहीं करता है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और छात्र की मौत के घटनाक्रम से उनका क्या संबंध था। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन को लेकर विवाद इस मामले में IIT-Bombay Faculty Forum की ओर से प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला के समर्थन में बयान जारी किया गया है। फोरम का कहना है कि परीक्षा निरीक्षक ने संस्थागत नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की थी। फैकल्टी फोरम के अनुसार, परीक्षा के दौरान छात्र के पास अनधिकृत रूप से स्मार्टफोन रखने और इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। फोरम ने कहा कि प्रोफेसर ने इसी आधार पर संस्थागत प्रोटोकॉल का पालन किया था। इस बयान के बाद मामले में दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं—एक तरफ छात्र के पिता ने कथित उत्पीड़न और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरी तरफ फैकल्टी फोरम ने परीक्षा के दौरान प्रोफेसर की कार्रवाई को संस्थागत प्रक्रिया के अनुरूप बताया है। क्राइम ब्रांच करेगी पूरे मामले की जांच मामला अब मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ सकता है। जांच एजेंसी छात्र की मौत से पहले की परिस्थितियों, परीक्षा के दौरान हुई घटना, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक या अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। फिलहाल पुलिस जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र की मौत के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और शिकायत में लगाए गए आरोपों का घटनाक्रम से क्या संबंध है। इस मामले में छात्र की मौत को लेकर जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।  
मुंबई कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार BMW पुल से नीचे गिरी, 3 की मौत; एक की हालत गंभीर

मुंबई कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार BMW पुल से नीचे गिरी, 3 की मौत; एक की हालत गंभीर

मुंबई कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार BMW पुल से नीचे गिरी, 3 की मौत; एक की हालत गंभीर Marine Drive से Haji Ali की ओर जा रही BMW ने खोया नियंत्रण, पहले दीवार और साइनबोर्ड से टकराई, फिर निर्माणाधीन पार्किंग क्षेत्र में जा गिरी मुंबई: मुंबई के कोस्टल रोड पर रविवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। हादसा उस वक्त हुआ जब तेज रफ्तार BMW कार Marine Drive से Haji Ali की दिशा में जा रही थी। बताया जा रहा है कि चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद कार कोस्टल रोड के पुल की सीमा दीवार से टकराकर नीचे जा गिरी। हादसे की सूचना सुबह करीब 5:20 बजे कोस्टल रोड कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और कार में सवार चारों लोगों को इलाज के लिए नायर अस्पताल ले जाया गया। तीन युवकों की मौत अस्पताल में डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 21 वर्षीय शनय गज्जल, 17 वर्षीय धैर्य दर्शन सेठ और 19 वर्षीय आदित्य जकासनिया के रूप में हुई है। वहीं, 23 वर्षीय आदित्य कल्पेश्वर ओसवाल को गंभीर हालत में ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत फिलहाल नाजुक बताई जा रही है। पुल की दीवार से टकराकर नीचे गिरी BMW प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, BMW Marine Drive की तरफ से Haji Ali की ओर जा रही थी। इसी दौरान कथित तौर पर वाहन अनियंत्रित हो गया और पुल की सीमा दीवार से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार एक साइनबोर्ड को तोड़ते हुए पुल से नीचे जा गिरी। कार उस जगह गिरी जहां पार्किंग से जुड़ा काम चल रहा था। हादसे में BMW बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस कर रही हादसे की जांच पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार, चालक का नियंत्रण खोना या कोई अन्य कारण था, इसकी जांच की जा रही है। हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था और दुर्घटना से ठीक पहले कार की गति कितनी थी, इन पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों और CCTV फुटेज की भी जांच कर सकती है। कुछ हफ्ते पहले सुपरकार रेसिंग का मामला आया था सामने मुंबई कोस्टल रोड पर यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब कुछ सप्ताह पहले इसी मार्ग के टनल में कथित तौर पर सुपरकार रेसिंग का मामला सामने आया था। 3 सितंबर को मुंबई पुलिस ने Lamborghini, BMW M2 और BMW Z4 समेत छह-सात सुपरकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, इन वाहनों के चालकों पर लापरवाही से वाहन चलाने और लोगों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित BNS की धाराओं 281 और 125 के तहत कार्रवाई की गई थी। हालांकि, मौजूदा BMW हादसे का उस पुराने मामले से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। मुंबई कोस्टल रोड पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।  
मुंबई में 71% लोगों ने कहा- केमिस्ट ने कभी या बहुत कम मांगा डॉक्टर का पर्चा, FDA ने 880 लाइसेंसधारियों पर की कार्रवाई

मुंबई में 71% लोगों ने कहा- केमिस्ट ने कभी या बहुत कम मांगा डॉक्टर का पर्चा, FDA ने 880 लाइसेंसधारियों पर की कार्रवाई

मुंबई में 71% लोगों ने कहा- केमिस्ट ने कभी या बहुत कम मांगा डॉक्टर का पर्चा, FDA ने 880 लाइसेंसधारियों पर की कार्रवाई LocalCircles सर्वे में दवा बिक्री और फार्मासिस्ट की निगरानी को लेकर सामने आई तस्वीर; केंद्र ने Schedule H, H1 और X दवाओं की बिक्री पर CCTV अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा मुंबई: दवाओं की बिक्री में डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की जांच और योग्य फार्मासिस्ट की मौजूदगी को लेकर मुंबई में किए गए एक सर्वे ने कई सवाल खड़े किए हैं। LocalCircles के 18 सितंबर 2026 को जारी सर्वे के मुताबिक, मुंबई में सर्वे में शामिल 71% उपभोक्ताओं ने बताया कि केमिस्ट ने डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन कभी नहीं मांगा या बहुत कम मौकों पर मांगा। राष्ट्रीय स्तर पर यह आंकड़ा 64% था। यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब केंद्र सरकार ने Schedule H, H1 और X दवाओं की बिक्री पर निगरानी मजबूत करने के लिए मेडिकल स्टोर्स में CCTV लगाने का प्रस्ताव रखा है। वहीं महाराष्ट्र FDA ने भी जून से अगस्त 2026 के बीच दवा प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। 3,697 मुंबईकरों से प्रिस्क्रिप्शन को लेकर सवाल LocalCircles के अनुसार, प्रिस्क्रिप्शन जांच से जुड़े सवाल का जवाब देने वाले मुंबई के 3,697 लोगों में से 36% ने कहा कि केमिस्ट ने बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा देने से कभी इनकार नहीं किया, जबकि 35% ने कहा कि ऐसा बहुत कम हुआ। इसके विपरीत, सिर्फ 9% लोगों ने बताया कि केमिस्ट ज्यादातर मौकों पर बिना पर्चे दवा देने से मना करते हैं और 5% ने कहा कि वे हमेशा प्रिस्क्रिप्शन मांगते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आंकड़े उपभोक्ताओं द्वारा बताए गए अनुभवों पर आधारित सर्वे के नतीजे हैं, इन्हें हर मेडिकल स्टोर के प्रत्यक्ष निरीक्षण के बराबर नहीं माना जा सकता। होम डिलीवरी में भी प्रिस्क्रिप्शन जांच पर सवाल दवा की होम डिलीवरी को लेकर भी सर्वे में ऐसी ही तस्वीर सामने आई। मुंबई के 3,122 उत्तरदाताओं में 18% ने कहा कि ऑर्डर या डिलीवरी के दौरान उनसे कभी डॉक्टर का पर्चा नहीं मांगा गया, जबकि 40% ने कहा कि ऐसा बहुत कम हुआ। सिर्फ 23% लोगों ने बताया कि फोन या होम डिलीवरी के दौरान उनसे ज्यादातर या हमेशा प्रिस्क्रिप्शन मांगा गया। मुंबई में दवा खरीदने के लिए स्थानीय केमिस्ट अब भी सबसे प्रमुख माध्यम हैं। सर्वे में 57% लोगों ने बताया कि वे खुद या किसी अन्य व्यक्ति के जरिए स्थानीय मेडिकल स्टोर से दवा लेते हैं, जबकि 26% लोग फोन या WhatsApp के जरिए अपने केमिस्ट से होम डिलीवरी कराते हैं। केवल 17% ने ई-फार्मेसी ऐप्स को अपना प्रमुख माध्यम बताया। योग्य फार्मासिस्ट की मौजूदगी पर भी सवाल सर्वे में दवा दुकानों पर योग्य फार्मासिस्ट की मौजूदगी को लेकर भी आंकड़े सामने आए। मुंबई में केवल 28% उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्हें ज्यादातर समय या हमेशा योग्य फार्मासिस्ट से सहायता मिली। वहीं 21% ने बताया कि उन्हें ऐसे व्यक्ति ने दवा दी या मदद की, जो योग्य फार्मासिस्ट नहीं था। महाराष्ट्र FDA ने 3 महीने में 880 लाइसेंसधारियों पर कार्रवाई की सर्वे के बीच महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) की कार्रवाई भी चर्चा में है। जून से अगस्त 2026 के बीच FDA ने राज्य में 2,902 दवा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इनमें 2,295 बिक्री प्रतिष्ठान और 607 विनिर्माण इकाइयां शामिल थीं। इस दौरान 880 लाइसेंसधारियों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई शुरू की गई। इनमें 677 लाइसेंस निलंबित और 203 लाइसेंस रद्द किए गए। कुल कार्रवाई में 740 मामले रिटेलर और होलसेलर से जुड़े थे। FDA ने इसी अवधि में 104 सर्च और सीजर ऑपरेशन भी किए, जिसमें करीब ₹11.41 करोड़ मूल्य की अवैध दवाएं और कॉस्मेटिक्स जब्त किए गए। 20 FIR दर्ज की गईं और 21 गिरफ्तारियां की गईं। FDA की जांच में बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट की निगरानी दवा बिक्री, वैध प्रिस्क्रिप्शन के बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री, Schedule H1 रिकॉर्ड में कमियां और उचित बिल नहीं देने जैसी अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। कुछ मामलों में एक्सपायर्ड दवाओं के स्टॉक में रखे जाने और इंसुलिन व वैक्सीन जैसी दवाओं के लिए पर्याप्त तापमान नियंत्रण नहीं होने की कमियां भी बताई गई हैं। मेडिकल स्टोर्स में CCTV लगाने का प्रस्ताव इन घटनाक्रमों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने Drugs Rules, 1945 में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है। 8 सितंबर 2026 के G.S.R. 791(E) के तहत प्रस्तावित बदलाव में प्रिस्क्रिप्शन पर मिलने वाली Schedule H, H1 और X दवाओं की खुदरा बिक्री के लिए मेडिकल स्टोर में CCTV निगरानी का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। सरकार का कहना है कि प्रस्ताव का उद्देश्य इन दवाओं की अनधिकृत पहुंच और बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर निगरानी मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। प्रस्ताव पर हितधारकों और आम लोगों से आपत्तियां एवं सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं। बिलिंग व्यवस्था में भी सामने आई कमी सर्वे में दवाओं की खरीद के बिल को लेकर भी सवाल सामने आए। मुंबई में 76% लोगों ने कहा कि उन्हें आम तौर पर प्रिंटेड GST बिल मिलता है, जबकि 3% को मैन्युअल GST बिल मिलने की बात कही गई। वहीं करीब 20% लोगों ने प्रभावी रूप से उचित GST बिल नहीं मिलने की जानकारी दी। LocalCircles ने कहा है कि मुंबई से जुड़े निष्कर्ष महाराष्ट्र FDA, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और CDSCO के साथ साझा किए जाएंगे। संस्था ने पंजीकृत फार्मासिस्टों की जांच, फोन और WhatsApp से होने वाली दवा बिक्री में प्रिस्क्रिप्शन की पुष्टि और दवा बिक्री का बेहतर रिकॉर्ड रखने की जरूरत पर जोर दिया है। सर्वे के आंकड़े जहां दवा खरीदने के उपभोक्ता अनुभवों की तस्वीर दिखाते हैं, वहीं FDA की कार्रवाई और केंद्र का प्रस्ताव यह संकेत देते हैं कि दवा बिक्री की निगरानी को लेकर नियामकीय स्तर पर भी सख्ती बढ़ाई जा रही है।  
मुंबई में चार विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस शुरू, पहली बैच के छात्रों का हुआ स्वागत

मुंबई में चार विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस शुरू, पहली बैच के छात्रों का हुआ स्वागत

मुंबई में चार विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस शुरू, पहली बैच के छात्रों का हुआ स्वागत University of Bristol, University of York, Illinois Institute of Technology और University of Aberdeen ने मुंबई में अकादमिक संचालन शुरू किया; ग्लोबल एजुकेशन, रिसर्च और इंडस्ट्री सहयोग को मिलेगा बढ़ावा मुंबई, 18 सितंबर 2026: मुंबई के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। University of Bristol, University of York, Illinois Institute of Technology और University of Aberdeen ने शहर में अपने कैंपस स्थापित कर अकादमिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं और पहली बैच के छात्रों का स्वागत किया है। इन चार संस्थानों के आने से भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और वैश्विक अकादमिक नेटवर्क से जुड़ने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि छात्रों को कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए विदेश जाने के बजाय मुंबई में ही पढ़ाई का विकल्प मिल सकेगा। UGC की मंजूरी के बाद शुरू हुआ संचालन भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित करने की दिशा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की मंजूरी महत्वपूर्ण रही है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए जारी छह Letters of Intent में से इन चार संस्थानों को मुंबई में अकादमिक संचालन शुरू करने की मंजूरी दी गई है। University of York Mumbai ने सितंबर में अपने पहले छात्रों का स्वागत किया है। इसका कैंपस Powai Business District में है और शुरुआती कार्यक्रमों में कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, बिजनेस और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यूनिवर्सिटी ने रिसर्च के लिए AI, शहरीकरण, पर्यावरण और भविष्य की तकनीकों जैसे विषयों पर भी जोर दिया है। वहीं, University of Bristol ने Powai में अपना Mumbai Enterprise Campus शुरू किया है। यह यूनिवर्सिटी का पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस है और यहां रिसर्च, इंडस्ट्री सहयोग तथा डेटा साइंस और AI जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। Illinois Tech का भारत में पहला डिग्री कैंपस अमेरिका के Illinois Institute of Technology (Illinois Tech) को भी UGC से मुंबई कैंपस के लिए Letter of Approval मिला है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, सितंबर 2026 से शुरू होने वाले कार्यक्रमों में कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और बिजनेस जैसे क्षेत्रों पर फोकस है। UGC की जानकारी के मुताबिक, Illinois Tech भारत में डिग्री प्रदान करने वाला पहला अमेरिकी विश्वविद्यालय बनने की दिशा में आगे बढ़ा है। महाराष्ट्र सरकार ने बताया महत्वपूर्ण कदम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चारों अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के मुंबई में कैंपस शुरू होने को राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनके अनुसार, इससे छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा तक पहुंच मिलने के साथ मुंबई के रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी मजबूती मिल सकती है। इस पहल में Emeritus भारत में इन विश्वविद्यालयों के रणनीतिक ज्वाइंट वेंचर पार्टनर के रूप में सहयोग कर रहा है। कंपनी के CEO और Co-founder अश्विन डामेरा ने भी इसे भारतीय छात्रों के लिए वैश्विक शिक्षा को देश में ही उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण विकास बताया है। छात्रों के लिए क्या बदलेगा? इन कैंपस के शुरू होने से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम, विदेशी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शोधकर्ताओं से जुड़ने तथा उद्योग के साथ प्रोजेक्ट और रिसर्च सहयोग के अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा, ग्लोबल अकादमिक नेटवर्क से जुड़ाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता तक स्थानीय पहुंच बढ़ने की संभावना है। चारों संस्थानों की अकादमिक प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं, लेकिन तकनीक, कंप्यूटर साइंस, AI, बिजनेस, रिसर्च और क्रिएटिव क्षेत्रों जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में इनकी मौजूदगी मुंबई के उच्च शिक्षा परिदृश्य को और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दे सकती है। मुंबई में चार विदेशी विश्वविद्यालयों का एक साथ अकादमिक संचालन शुरू होना भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए बढ़ते अवसरों और महाराष्ट्र के वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।  
फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी क्रेडिट कार्ड, विदेश में नौकरी और KYC के नाम पर बनाया निशाना; फर्जी कस्टमर केयर कॉल और WhatsApp लिंक के जरिए खाते से उड़ाए लाखों रुपये मुंबई: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिखने वाले विज्ञापनों और पोस्ट के जरिए साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मुंबई में ऐसे ही तीन अलग-अलग मामलों में एक कारोबारी, एक होटल कर्मचारी और एक सेल्समैन साइबर ठगों के जाल में फंस गए। तीनों मामलों में पीड़ितों से कुल 7.55 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई। पुलिस ने संबंधित मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फेसबुक विज्ञापन के जरिए कारोबारी से 3.34 लाख की ठगी अंधेरी निवासी 58 वर्षीय कारोबारी केतन शाह ने फेसबुक पर HSBC क्रेडिट कार्ड से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। क्रेडिट कार्ड में रुचि होने के कारण उन्होंने विज्ञापन में अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किया। इसके बाद 14 अगस्त को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को राहुल बताते हुए HSBC का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताया। कथित तौर पर आरोपी ने केतन शाह को एक लिंक भेजा और उनके मौजूदा बैंक कार्ड से जुड़ी जानकारी भरने के लिए कहा। शाह ने अपने IndusInd Bank और ICICI Bank कार्ड से संबंधित जानकारी दर्ज कर दी। इसके कुछ ही मिनटों के भीतर उनके IndusInd Bank खाते से 3,34,534 रुपये निकाल लिए गए। लेनदेन के दौरान उनका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया। फोन दोबारा चालू करने पर उन्हें बैंक ट्रांजैक्शन के अलर्ट मिले। इसके बाद उन्होंने तुरंत कार्ड ब्लॉक कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। विदेश में नौकरी का झांसा, वेटर से 2.41 लाख ऐंठे दूसरे मामले में मुंबई के एक होटल में काम करने वाले रमेश सिंह आनंद सिंह असनाल विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सेलिब्रिटी शेफ शुभम रावत के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट दिखाई दी। नौकरी की उम्मीद में असनाल ने पोस्ट के कमेंट सेक्शन में अपना मोबाइल नंबर साझा कर दिया। 27 अगस्त को उन्हें WhatsApp पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम सोहन भंडारी बताया। आरोपी ने दावा किया कि शेफ शुभम रावत ने उनका नंबर उसे दिया है और दुबई में उनके लिए नौकरी की व्यवस्था की गई है। इसके बाद आरोपी ने वीजा प्रक्रिया, मेडिकल टेस्ट और ऑफर लेटर के नाम पर पैसे मांगे। भरोसा करके असनाल ने 27 अगस्त से 3 सितंबर के बीच सात दिनों में 18 अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए और कुल 2,41,200 रुपये भेज दिए। जब न तो नौकरी का ऑफर मिला और न ही आरोपी से आगे संपर्क हो पाया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पुलिस की जांच में सामने आया कि शेफ शुभम रावत का इस मामले से कोई संबंध नहीं था। आरोप है कि ठगों ने भरोसा जीतने के लिए उनके प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया था। इस मामले में पुलिस ने सोहन भंडारी के नाम से कथित तौर पर बात करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Instagram विज्ञापन के बाद सेल्समैन के क्रेडिट कार्ड से 1.80 लाख निकले तीसरे मामले में मॉल में काम करने वाले सेल्समैन सलीम इब्राहिम पटेल को Instagram पर ICICI Bank क्रेडिट कार्ड का विज्ञापन दिखाई दिया। क्रेडिट कार्ड की जरूरत होने के कारण उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। अगली सुबह उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को ICICI क्रेडिट कार्ड विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद कथित आरोपी ने WhatsApp पर “ICICI CREDIT CARD.apk” नाम की एक फाइल भेजी और उसे खोलकर PAN कार्ड तथा मौजूदा SBI क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने के लिए कहा। पटेल ने निर्देशों का पालन करते हुए जानकारी दर्ज कर दी। कुछ ही मिनटों बाद उनके SBI क्रेडिट कार्ड से दो ट्रांजैक्शन हुए और कुल 1,80,000 रुपये डेबिट हो गए। ठगी का पता चलते ही पटेल ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की तकनीकी जांच कर रही है। सोशल मीडिया विज्ञापन बना साइबर ठगों का नया हथियार इन तीनों मामलों में ठगी का तरीका अलग-अलग था, लेकिन सोशल मीडिया इसका अहम माध्यम बना। कहीं क्रेडिट कार्ड का विज्ञापन दिखाकर बैंकिंग जानकारी हासिल की गई, तो कहीं सोशल मीडिया पर नौकरी तलाश रहे व्यक्ति को विदेश में नौकरी का झांसा दिया गया। पुलिस की ओर से लोगों को सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया विज्ञापनों पर क्लिक करने से पहले उनकी सत्यता जांचें और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक कार्ड, KYC, OTP, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। WhatsApp पर भेजी गई अज्ञात APK या अन्य ऐप फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से भी बचें। पुलिस तीनों मामलों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, लिंक और बैंक खातों की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच जारी है।  
मुंबई में भाषा विवाद फिर गरमाया, महिला के वायरल वीडियो से विवाद

मुंबई में भाषा विवाद फिर गरमाया, महिला के वायरल वीडियो से विवाद

मुंबई में भाषा विवाद फिर गरमाया, महिला के वायरल वीडियो से विवाद मराठी लोगों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और राज ठाकरे को ‘आइसक्रीम खाकर डोकं शांत रखने’ की बात कहने का दावा; मराठी एकीकरण समिति ने कार्रवाई की मांग की मुंबई में मराठी भाषा को लेकर चल रही बहस के बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक महिला के वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। वायरल वीडियो में महिला कथित तौर पर मराठी लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दे रही है। एक अन्य वीडियो में वह मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर राज ठाकरे को भी निशाना बनाती नजर आती है। बताया जा रहा है कि महिला ने कुछ दिन पहले कुर्ला इलाके में BEST बस से यात्रा के दौरान मराठी यात्रियों के साथ हुए विवाद का जिक्र करते हुए वीडियो बनाया था। वीडियो में वह मराठी लोगों पर कई तरह की टिप्पणियां करती सुनाई देती है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। भाषा विवाद के बीच सामने आया वीडियो महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने विवाद को और हवा दे दी है। महिला ने वीडियो में सवाल उठाया कि अगर मराठी भाषा को लेकर इतना आग्रह है, तो हिंदी फिल्मों का निर्माण और उन्हें देखना क्यों जारी है। इसी दौरान उसने मराठी लोगों के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। राज ठाकरे को भी दिया ‘चैलेंज’ इसके बाद सामने आए एक अन्य वीडियो में महिला ने सीधे राज ठाकरे को संबोधित करते हुए मराठी भाषा की कथित अनिवार्यता पर आपत्ति जताई। वीडियो में वह यह कहते हुए नजर आती है कि “आइसक्रीम खाओ और डोकं शांत रखो”। साथ ही उसने उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों का जिक्र करते हुए खुद को और उन्हें कम नहीं आंकने की बात कही। वीडियो में महिला की भाषा और उसके तेवरों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कार्रवाई की मांग वीडियो सामने आने के बाद मराठी एकीकरण समिति की ओर से संबंधित महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक कार्रवाई, शिकायत या FIR दर्ज होने की पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नहीं है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मुंबई और महाराष्ट्र में मराठी भाषा के इस्तेमाल और गैर-मराठी भाषी लोगों को लेकर बहस पहले से ही राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। हाल के महीनों में भाषा को लेकर सार्वजनिक स्थानों और परिवहन सेवाओं से जुड़े कई विवाद सोशल मीडिया पर सामने आ चुके हैं। **वायरल वीडियो में किए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला की पहचान, उसके खिलाफ किसी पुलिस कार्रवाई या वीडियो के पूरे संदर्भ की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।**  

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