Indian Oil Corporation (IOC) ने स्पष्ट किया है कि खुदरा ईंधन कीमतों में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है।
सरकार का बड़ा फैसला: एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती
केंद्र सरकार ने 1 मई से लागू होने वाले पखवाड़े के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में संशोधन किया है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
पेट्रोल कीमत (प्रति लीटर):
डीजल कीमत (प्रति लीटर):
ग्लोबल संकट का असर, फिर भी घरेलू राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। यह उछाल पश्चिम एशिया में तनाव के चलते आया है। इसके बावजूद भारत में ईंधन कीमतों को स्थिर रखा गया है ताकि आम जनता पर सीधा बोझ न पड़े।
LPG सिलेंडर महंगा, व्यापारियों पर असर
जहां पेट्रोल-डीजल स्थिर हैं, वहीं कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है:
हालांकि, घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे करोड़ों परिवारों को राहत मिली है।
क्या है सरकार की रणनीति?
सरकार का कहना है कि एक्सपोर्ट टैक्स में बदलाव का मकसद घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच कीमतों को नियंत्रित रखना है।
निष्कर्ष
एक तरफ जहां वैश्विक बाजार में उथल-पुथल जारी है, वहीं भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। लेकिन LPG की बढ़ती कीमतें व्यापारियों और छोटे व्यवसायों के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं।
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