Category: Maharashtra New

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

अनंत चतुर्दशी पर मुंबई में ट्रैफिक का बड़ा बदलाव: कई सड़कें बंद, जगह-जगह डायवर्जन; घर से निकलने से पहले पढ़ें पूरी एडवाइजरी

अनंत चतुर्दशी पर मुंबई में ट्रैफिक का बड़ा बदलाव: कई सड़कें बंद, जगह-जगह डायवर्जन; घर से निकलने से पहले पढ़ें पूरी एडवाइजरी

अनंत चतुर्दशी पर मुंबई में ट्रैफिक का बड़ा बदलाव: कई सड़कें बंद, जगह-जगह डायवर्जन; घर से निकलने से पहले पढ़ें पूरी एडवाइजरी मुंबई: अनंत चतुर्दशी के मौके पर शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को मुंबई में बड़े पैमाने पर गणपति विसर्जन जुलूस निकलेंगे। गिरगांव चौपाटी, शिवाजी पार्क, जुहू समेत शहर के विभिन्न विसर्जन स्थलों की ओर बड़ी संख्या में गणपति मंडलों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक मुख्य प्रतिबंध 25 सितंबर दोपहर 12 बजे से 26 सितंबर सुबह 6 बजे तक लागू रहेंगे। हालांकि भीड़ और विसर्जन जुलूस की स्थिति के अनुसार कुछ मार्गों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए या हटाए जा सकते हैं। दक्षिण मुंबई में भारी वाहनों और निजी बसों पर प्रतिबंध दक्षिण मुंबई में भारी वाहनों और निजी बसों की आवाजाही पर विशेष रोक रहेगी। यह प्रतिबंध 25 सितंबर सुबह 11 बजे से 26 सितंबर सुबह 8 बजे तक लागू रहने की जानकारी दी गई है। हालांकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों, जैसे एम्बुलेंस, जरूरी सामान ले जाने वाले वाहन, सरकारी एवं अर्ध-सरकारी वाहन और स्कूल बसों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने उत्तर मुंबई और दक्षिण मुंबई के बीच यात्रा करने वाले वाहन चालकों को जहां तक संभव हो Coastal Road का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। Colaba और Cuffe Parade में कई रास्तों पर प्रतिबंध Colaba और Cuffe Parade-Badhwar Park इलाके में Nathalal Parekh Marg को दोनों दिशाओं में बंद रखा जाएगा। यह प्रतिबंध Badhwar Park स्थित Bhai Bandarkar Chowk से Indu Clinic के पास Sayyed Mohammad Jamadar Chowk तक लागू रहेगा। वहीं Pandey Lane Naka से Bhai Bandarkar Chowk के बीच का मार्ग स्थानीय निवासियों और आपातकालीन वाहनों के लिए उपलब्ध रहेगा। Captain Prakash Pethe Marg की उत्तर दिशा वाली लेन को Dhanpal Naka से Pandey Lane Junction के बीच बंद किया जाएगा। इसके अलावा Rambhau Salgaonkar Marg को Volga Chowk से Kamal Morarka Chowk के बीच बंद रखा जाएगा। पुलिस ने Cuffe Parade और Badhwar Park क्षेत्र में भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की आशंका जताते हुए लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। Marine Drive पर भी ट्रैफिक बदलेगा Marine Drive पर Netaji Subhash Chandra Bose Marg की उत्तर दिशा वाली यातायात व्यवस्था गणपति विसर्जन जुलूस की स्थिति के अनुसार बंद की जा सकती है। ऐसी स्थिति में वाहनों को Islam Gymkhana से Coastal Road की ओर डायवर्ट किया जाएगा। CSMT और Metro Junction के आसपास भी बदलाव CSMT और Metro Junction के बीच Mahapalika Marg पर भी जरूरत के अनुसार यातायात प्रतिबंध लगाए जाएंगे। CSMT Junction से Metro Junction की ओर जाने वाले वाहनों को D.N. Road और L.T. Marg के रास्ते डायवर्ट किया जा सकता है। पुलिस ने Metro Junction की ओर जाने वाले मार्गों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। Girgaon, Kalbadevi और Thakurdwar में सबसे ज्यादा असर गणपति विसर्जन के प्रमुख मार्गों में Girgaon, Kalbadevi और Thakurdwar महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। गिरगांव चौपाटी की ओर बड़ी संख्या में विसर्जन जुलूस पहुंचने के कारण इन इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर व्यापक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए जाएंगे। इन मार्गों पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त ट्रैफिक नियंत्रण किया जा सकता है। कई सड़कों पर No-Parking व्यवस्था विसर्जन जुलूस के मार्गों पर कई जगह No-Parking प्रतिबंध भी लागू रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन पार्क न करें और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने अनंत चतुर्दशी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सड़कों पर उतरने को देखते हुए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारी की है। हालिया व्यवस्था के तहत हजारों पुलिसकर्मियों के साथ CCTV और AI आधारित निगरानी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह अनंत चतुर्दशी के दिन मुंबई की सड़कों पर भारी भीड़ रहने की संभावना है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे ट्रैफिक पुलिस की ताजा एडवाइजरी देखते रहें और विसर्जन मार्गों से बचते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।  
मुंबई में 14 फीट से ऊंची झोपड़ियों पर BMC की कार्रवाई को लेकर विवाद, मेयर रितु तावड़े बोलीं- ‘मामले की जानकारी नहीं’

मुंबई में 14 फीट से ऊंची झोपड़ियों पर BMC की कार्रवाई को लेकर विवाद, मेयर रितु तावड़े बोलीं- ‘मामले की जानकारी नहीं’

मुंबई में 14 फीट से ऊंची झोपड़ियों पर BMC की कार्रवाई को लेकर विवाद, मेयर रितु तावड़े बोलीं- ‘मामले की जानकारी नहीं’ मुंबई: मुंबई में 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाली कथित अनधिकृत झोपड़ियों के खिलाफ BMC की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक तरफ BMC प्रशासन ने 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक तीन महीने का विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर निर्वाचित प्रतिनिधियों ने कार्रवाई के तरीके और पुनर्वास व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। BMC के अनुसार, शहर और उपनगरों में 39,111 ऐसी संरचनाओं की पहचान की गई है। इस बीच BMC मेयर रितु तावड़े ने इस प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर कहा कि उन्हें फिलहाल इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद ही वह अपना रुख स्पष्ट करेंगी। मेयर की इस टिप्पणी के बाद BMC प्रशासन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 1 अक्टूबर से शुरू होना है तीन महीने का अभियान BMC ने 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाली झोपड़ियों में किए गए कथित अनधिकृत निर्माण और अतिरिक्त निर्माण के खिलाफ विशेष अभियान की घोषणा की है। यह अभियान 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक चलाया जाना है। BMC के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में कुल करीब 2,23,150 झोपड़ी संरचनाएं हैं। इनमें से 39,111 संरचनाओं को 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई के आधार पर कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें 3,348 मुंबई शहर, 4,536 पश्चिमी उपनगर और 31,227 पूर्वी उपनगरों में हैं। BMC ने संबंधित निवासियों से कार्रवाई शुरू होने से पहले अनधिकृत हिस्से स्वयं हटाने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार ऐसा नहीं करने पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। स्थायी समिति की बैठक में उठे सवाल 23 सितंबर को हुई BMC स्थायी समिति की बैठक में इस प्रस्तावित कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने निर्वाचित प्रतिनिधियों को पर्याप्त जानकारी दिए बिना कार्रवाई की घोषणा कर दी। बैठक में पार्षदों ने मांग की कि कार्रवाई शुरू करने से पहले पूरे मामले को निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने रखा जाए और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े नियमों तथा व्यवस्था को स्पष्ट किया जाए। स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने भी प्रशासन से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है। पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की मांग BMC के सदन के नेता एवं बीजेपी समूह नेता गणेश खणकर और शिवसेना के वरिष्ठ पार्षद यशोधर फणसे समेत कई प्रतिनिधियों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनकी मांग है कि प्रभावित झोपड़ीवासियों के लिए पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की ठोस व्यवस्था स्पष्ट किए बिना व्यापक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया है। नेताओं ने कहा है कि कार्रवाई से पहले प्रभावित निवासियों को विश्वास में लिया जाए और पुनर्वास नीति को स्पष्ट किया जाए। प्रशासन का तर्क क्या है? BMC की ओर से प्रस्तावित अभियान का आधार अनधिकृत निर्माण और अतिरिक्त निर्माण के खिलाफ कार्रवाई बताया गया है। यह अभियान ऐसे समय में प्रस्तावित है जब इस साल मुंबई में अनधिकृत और असुरक्षित संरचनाओं से जुड़े हादसों के बाद सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। BMC ने कहा है कि चिन्हित संरचनाओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रभावित निवासियों और उनके प्रतिनिधियों की मुख्य चिंता यह है कि कार्रवाई की स्थिति में परिवारों के रहने की व्यवस्था क्या होगी और पुनर्वास की प्रक्रिया किस आधार पर की जाएगी। 39,111 संरचनाओं पर कार्रवाई का मामला BMC के मुताबिक अब तक 4,584 संरचनाओं पर कार्रवाई की जा चुकी है और 611 अन्य संरचनाओं को नोटिस जारी किए गए हैं। बाकी चिन्हित संरचनाओं के संबंध में प्रशासन ने अनधिकृत हिस्से स्वयं हटाने को कहा है। अब मेयर के मामले से अनभिज्ञ होने वाले बयान और स्थायी समिति में उठे सवालों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि BMC प्रशासन आगे की कार्रवाई को लेकर निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रभावित निवासियों के साथ किस तरह समन्वय करता है। फिलहाल 1 अक्टूबर से प्रस्तावित अभियान को लेकर BMC प्रशासन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच मतभेद सार्वजनिक हो चुके हैं। आगे की कार्रवाई पुनर्वास व्यवस्था, प्रशासनिक स्पष्टीकरण और संबंधित नियमों पर होने वाली चर्चा के बाद किस दिशा में जाती है, इस पर नजर बनी हुई है।  
मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त

मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई: Gallops समेत 5 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, राज्यभर में ₹30.82 लाख का खाद्य स्टॉक जब्त मुंबई: त्योहारी सीजन से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट, गलत लेबलिंग और अस्वच्छ परिस्थितियों के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में बड़ा अभियान चलाया है। FDA के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान मुंबई के पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए, जबकि राज्य के विभिन्न हिस्सों से करीब 10,836 किलो/लीटर खाद्य सामग्री, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹30.82 लाख बताई गई है, जब्त की गई। मुंबई में कार्रवाई की जद में महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित BJRS (Gallops) Restaurant, Gurukrupa Dairy Products, Gufran Seekh Corner, Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari शामिल हैं। FDA ने इन प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े गंभीर नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया है। Gallops की रसोई में बर्फ पर खून और कैचप के दाग मिलने का दावा FDA अधिकारियों के अनुसार, महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित Gallops Restaurant के निरीक्षण के दौरान रेफ्रिजरेटर में रखी बर्फ पर नॉन-वेज खाद्य पदार्थों से जुड़े खून और कैचप के दाग पाए गए। इसके अलावा कच्चे माल की कुछ पैकेजिंग फटी या क्षतिग्रस्त मिली। निरीक्षण में रसोई में ग्रीस जमा होने, दीवारों की खराब स्थिति, पानी जमा होने तथा जीवित कॉकरोच और चींटियां पाए जाने की बात भी FDA ने कही है। ड्रेनेज और कॉकरोच ट्रैप की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के साथ खाद्य कर्मचारियों की वार्षिक मेडिकल जांच और टीकाकरण से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। FDA ने इन कमियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत गंभीर उल्लंघन माना और Gallops का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया। Malad में ‘Pooja Ghee’ के नाम पर कथित मिलावट का मामला मुंबई में सबसे बड़ी जब्ती Malad East स्थित Gurukrupa Dairy Products से हुई। FDA के मुताबिक यहां रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल, वनस्पति और ब्रांडेड घी को दो बॉयलरों में मिलाकर सफेद और पीले घी का उत्पादन किए जाने का आरोप है। FDA के अनुसार इन उत्पादों को “Pooja Ghee” नाम से ऐसे लेबल के साथ बेचा जा रहा था, जिसे विभाग ने भ्रामक बताया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में घी, रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल और वनस्पति जब्त किए गए। अधिकारियों ने परिसर में चूहों और कॉकरोच के संक्रमण की भी जानकारी दी। FDA के आधिकारिक विवरण के अनुसार, गुरुकृपा डेयरी से लगभग 4,646 किलोग्राम संदिग्ध मिलावटी/गलत लेबल वाली सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब ₹15.15 लाख बताई गई। इसके अलावा दो बॉयलर और एक खोया मशीन भी कार्रवाई के दौरान जब्त की गई। Gufran Seekh Corner बिना वैध लाइसेंस के संचालित होने का आरोप Versova-Yari Road स्थित Gufran Seekh Corner पर FDA ने बिना वैध खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के संचालन का आरोप लगाया। विभाग के अनुसार निरीक्षण में पेयजल की जांच, खाद्य पदार्थों के उचित भंडारण और अलग-अलग रखने तथा परिसर की स्वच्छता से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन पाया गया। FDA ने प्रतिष्ठान को तत्काल कारोबार बंद करने और वैध लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन हासिल करने तथा बताई गई कमियों को दूर करने के बाद ही दोबारा संचालन शुरू करने का निर्देश दिया। Bandra के Dreamer Hospitality और Mirari पर भी कार्रवाई Bandra West स्थित Dreamer Hospitality Pvt Ltd और Mirari में भी FDA ने स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी नियमों के उल्लंघन की जानकारी दी है। दोनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। महाराष्ट्र के कई जिलों में खाद्य सामग्री जब्त FDA की यह कार्रवाई सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रही। विभाग के अनुसार मुंबई, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर डिवीजन में कुल 18 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान घी, खावा, पेड़ा, गुड़, तेल, चाय पाउडर, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने/स्टॉक जब्त किए गए। चंद्रपुर में Ashok Agro Products के गोदाम से 3,310 किलोग्राम चाय पाउडर, जिसकी कीमत करीब ₹6.76 लाख बताई गई, संदिग्ध घटिया या असुरक्षित होने के संदेह में जब्त किया गया। इसके अलावा पुणे, सांगली, कोल्हापुर, जलगांव, नांदेड, गोंदिया, गढ़चिरौली और नागपुर सहित अन्य इलाकों में भी खाद्य पदार्थों की जांच और जब्ती की कार्रवाई की गई। FDA ने कार्रवाई जारी रखने की बात कही FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट, लेबलिंग और स्वच्छता पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है। FDA की कार्रवाई के बाद अब संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब त्योहारी सीजन के दौरान मिठाई, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है।  
मुंबई में चार विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस शुरू, पहली बैच के छात्रों का हुआ स्वागत

मुंबई में चार विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस शुरू, पहली बैच के छात्रों का हुआ स्वागत

मुंबई में चार विदेशी यूनिवर्सिटीज के कैंपस शुरू, पहली बैच के छात्रों का हुआ स्वागत University of Bristol, University of York, Illinois Institute of Technology और University of Aberdeen ने मुंबई में अकादमिक संचालन शुरू किया; ग्लोबल एजुकेशन, रिसर्च और इंडस्ट्री सहयोग को मिलेगा बढ़ावा मुंबई, 18 सितंबर 2026: मुंबई के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। University of Bristol, University of York, Illinois Institute of Technology और University of Aberdeen ने शहर में अपने कैंपस स्थापित कर अकादमिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं और पहली बैच के छात्रों का स्वागत किया है। इन चार संस्थानों के आने से भारतीय छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और वैश्विक अकादमिक नेटवर्क से जुड़ने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि छात्रों को कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए विदेश जाने के बजाय मुंबई में ही पढ़ाई का विकल्प मिल सकेगा। UGC की मंजूरी के बाद शुरू हुआ संचालन भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित करने की दिशा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की मंजूरी महत्वपूर्ण रही है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए जारी छह Letters of Intent में से इन चार संस्थानों को मुंबई में अकादमिक संचालन शुरू करने की मंजूरी दी गई है। University of York Mumbai ने सितंबर में अपने पहले छात्रों का स्वागत किया है। इसका कैंपस Powai Business District में है और शुरुआती कार्यक्रमों में कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, बिजनेस और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यूनिवर्सिटी ने रिसर्च के लिए AI, शहरीकरण, पर्यावरण और भविष्य की तकनीकों जैसे विषयों पर भी जोर दिया है। वहीं, University of Bristol ने Powai में अपना Mumbai Enterprise Campus शुरू किया है। यह यूनिवर्सिटी का पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस है और यहां रिसर्च, इंडस्ट्री सहयोग तथा डेटा साइंस और AI जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। Illinois Tech का भारत में पहला डिग्री कैंपस अमेरिका के Illinois Institute of Technology (Illinois Tech) को भी UGC से मुंबई कैंपस के लिए Letter of Approval मिला है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, सितंबर 2026 से शुरू होने वाले कार्यक्रमों में कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और बिजनेस जैसे क्षेत्रों पर फोकस है। UGC की जानकारी के मुताबिक, Illinois Tech भारत में डिग्री प्रदान करने वाला पहला अमेरिकी विश्वविद्यालय बनने की दिशा में आगे बढ़ा है। महाराष्ट्र सरकार ने बताया महत्वपूर्ण कदम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चारों अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के मुंबई में कैंपस शुरू होने को राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनके अनुसार, इससे छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा तक पहुंच मिलने के साथ मुंबई के रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी मजबूती मिल सकती है। इस पहल में Emeritus भारत में इन विश्वविद्यालयों के रणनीतिक ज्वाइंट वेंचर पार्टनर के रूप में सहयोग कर रहा है। कंपनी के CEO और Co-founder अश्विन डामेरा ने भी इसे भारतीय छात्रों के लिए वैश्विक शिक्षा को देश में ही उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण विकास बताया है। छात्रों के लिए क्या बदलेगा? इन कैंपस के शुरू होने से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम, विदेशी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शोधकर्ताओं से जुड़ने तथा उद्योग के साथ प्रोजेक्ट और रिसर्च सहयोग के अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा, ग्लोबल अकादमिक नेटवर्क से जुड़ाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता तक स्थानीय पहुंच बढ़ने की संभावना है। चारों संस्थानों की अकादमिक प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं, लेकिन तकनीक, कंप्यूटर साइंस, AI, बिजनेस, रिसर्च और क्रिएटिव क्षेत्रों जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में इनकी मौजूदगी मुंबई के उच्च शिक्षा परिदृश्य को और अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दे सकती है। मुंबई में चार विदेशी विश्वविद्यालयों का एक साथ अकादमिक संचालन शुरू होना भारत में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए बढ़ते अवसरों और महाराष्ट्र के वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।  
फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी

फेसबुक-इंस्टाग्राम के विज्ञापनों से सावधान! मुंबई के 3 लोगों से 7.55 लाख की साइबर ठगी क्रेडिट कार्ड, विदेश में नौकरी और KYC के नाम पर बनाया निशाना; फर्जी कस्टमर केयर कॉल और WhatsApp लिंक के जरिए खाते से उड़ाए लाखों रुपये मुंबई: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर दिखने वाले विज्ञापनों और पोस्ट के जरिए साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मुंबई में ऐसे ही तीन अलग-अलग मामलों में एक कारोबारी, एक होटल कर्मचारी और एक सेल्समैन साइबर ठगों के जाल में फंस गए। तीनों मामलों में पीड़ितों से कुल 7.55 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई। पुलिस ने संबंधित मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फेसबुक विज्ञापन के जरिए कारोबारी से 3.34 लाख की ठगी अंधेरी निवासी 58 वर्षीय कारोबारी केतन शाह ने फेसबुक पर HSBC क्रेडिट कार्ड से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। क्रेडिट कार्ड में रुचि होने के कारण उन्होंने विज्ञापन में अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किया। इसके बाद 14 अगस्त को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को राहुल बताते हुए HSBC का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताया। कथित तौर पर आरोपी ने केतन शाह को एक लिंक भेजा और उनके मौजूदा बैंक कार्ड से जुड़ी जानकारी भरने के लिए कहा। शाह ने अपने IndusInd Bank और ICICI Bank कार्ड से संबंधित जानकारी दर्ज कर दी। इसके कुछ ही मिनटों के भीतर उनके IndusInd Bank खाते से 3,34,534 रुपये निकाल लिए गए। लेनदेन के दौरान उनका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया। फोन दोबारा चालू करने पर उन्हें बैंक ट्रांजैक्शन के अलर्ट मिले। इसके बाद उन्होंने तुरंत कार्ड ब्लॉक कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। विदेश में नौकरी का झांसा, वेटर से 2.41 लाख ऐंठे दूसरे मामले में मुंबई के एक होटल में काम करने वाले रमेश सिंह आनंद सिंह असनाल विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सेलिब्रिटी शेफ शुभम रावत के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट दिखाई दी। नौकरी की उम्मीद में असनाल ने पोस्ट के कमेंट सेक्शन में अपना मोबाइल नंबर साझा कर दिया। 27 अगस्त को उन्हें WhatsApp पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम सोहन भंडारी बताया। आरोपी ने दावा किया कि शेफ शुभम रावत ने उनका नंबर उसे दिया है और दुबई में उनके लिए नौकरी की व्यवस्था की गई है। इसके बाद आरोपी ने वीजा प्रक्रिया, मेडिकल टेस्ट और ऑफर लेटर के नाम पर पैसे मांगे। भरोसा करके असनाल ने 27 अगस्त से 3 सितंबर के बीच सात दिनों में 18 अलग-अलग ट्रांजैक्शन किए और कुल 2,41,200 रुपये भेज दिए। जब न तो नौकरी का ऑफर मिला और न ही आरोपी से आगे संपर्क हो पाया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पुलिस की जांच में सामने आया कि शेफ शुभम रावत का इस मामले से कोई संबंध नहीं था। आरोप है कि ठगों ने भरोसा जीतने के लिए उनके प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया था। इस मामले में पुलिस ने सोहन भंडारी के नाम से कथित तौर पर बात करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Instagram विज्ञापन के बाद सेल्समैन के क्रेडिट कार्ड से 1.80 लाख निकले तीसरे मामले में मॉल में काम करने वाले सेल्समैन सलीम इब्राहिम पटेल को Instagram पर ICICI Bank क्रेडिट कार्ड का विज्ञापन दिखाई दिया। क्रेडिट कार्ड की जरूरत होने के कारण उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। अगली सुबह उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को ICICI क्रेडिट कार्ड विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद कथित आरोपी ने WhatsApp पर “ICICI CREDIT CARD.apk” नाम की एक फाइल भेजी और उसे खोलकर PAN कार्ड तथा मौजूदा SBI क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने के लिए कहा। पटेल ने निर्देशों का पालन करते हुए जानकारी दर्ज कर दी। कुछ ही मिनटों बाद उनके SBI क्रेडिट कार्ड से दो ट्रांजैक्शन हुए और कुल 1,80,000 रुपये डेबिट हो गए। ठगी का पता चलते ही पटेल ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की तकनीकी जांच कर रही है। सोशल मीडिया विज्ञापन बना साइबर ठगों का नया हथियार इन तीनों मामलों में ठगी का तरीका अलग-अलग था, लेकिन सोशल मीडिया इसका अहम माध्यम बना। कहीं क्रेडिट कार्ड का विज्ञापन दिखाकर बैंकिंग जानकारी हासिल की गई, तो कहीं सोशल मीडिया पर नौकरी तलाश रहे व्यक्ति को विदेश में नौकरी का झांसा दिया गया। पुलिस की ओर से लोगों को सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया विज्ञापनों पर क्लिक करने से पहले उनकी सत्यता जांचें और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक कार्ड, KYC, OTP, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। WhatsApp पर भेजी गई अज्ञात APK या अन्य ऐप फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से भी बचें। पुलिस तीनों मामलों में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, लिंक और बैंक खातों की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच जारी है।  
मुंबई में भाषा विवाद फिर गरमाया, महिला के वायरल वीडियो से विवाद

मुंबई में भाषा विवाद फिर गरमाया, महिला के वायरल वीडियो से विवाद

मुंबई में भाषा विवाद फिर गरमाया, महिला के वायरल वीडियो से विवाद मराठी लोगों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और राज ठाकरे को ‘आइसक्रीम खाकर डोकं शांत रखने’ की बात कहने का दावा; मराठी एकीकरण समिति ने कार्रवाई की मांग की मुंबई में मराठी भाषा को लेकर चल रही बहस के बीच सोशल मीडिया पर सामने आए एक महिला के वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। वायरल वीडियो में महिला कथित तौर पर मराठी लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दे रही है। एक अन्य वीडियो में वह मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर राज ठाकरे को भी निशाना बनाती नजर आती है। बताया जा रहा है कि महिला ने कुछ दिन पहले कुर्ला इलाके में BEST बस से यात्रा के दौरान मराठी यात्रियों के साथ हुए विवाद का जिक्र करते हुए वीडियो बनाया था। वीडियो में वह मराठी लोगों पर कई तरह की टिप्पणियां करती सुनाई देती है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। भाषा विवाद के बीच सामने आया वीडियो महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने विवाद को और हवा दे दी है। महिला ने वीडियो में सवाल उठाया कि अगर मराठी भाषा को लेकर इतना आग्रह है, तो हिंदी फिल्मों का निर्माण और उन्हें देखना क्यों जारी है। इसी दौरान उसने मराठी लोगों के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। राज ठाकरे को भी दिया ‘चैलेंज’ इसके बाद सामने आए एक अन्य वीडियो में महिला ने सीधे राज ठाकरे को संबोधित करते हुए मराठी भाषा की कथित अनिवार्यता पर आपत्ति जताई। वीडियो में वह यह कहते हुए नजर आती है कि “आइसक्रीम खाओ और डोकं शांत रखो”। साथ ही उसने उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों का जिक्र करते हुए खुद को और उन्हें कम नहीं आंकने की बात कही। वीडियो में महिला की भाषा और उसके तेवरों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कार्रवाई की मांग वीडियो सामने आने के बाद मराठी एकीकरण समिति की ओर से संबंधित महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक कार्रवाई, शिकायत या FIR दर्ज होने की पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नहीं है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मुंबई और महाराष्ट्र में मराठी भाषा के इस्तेमाल और गैर-मराठी भाषी लोगों को लेकर बहस पहले से ही राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। हाल के महीनों में भाषा को लेकर सार्वजनिक स्थानों और परिवहन सेवाओं से जुड़े कई विवाद सोशल मीडिया पर सामने आ चुके हैं। **वायरल वीडियो में किए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला की पहचान, उसके खिलाफ किसी पुलिस कार्रवाई या वीडियो के पूरे संदर्भ की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।**  
मुंबई में डेंगू के मामलों में 28% बढ़ोतरी, बारिश के बीच बढ़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

मुंबई में डेंगू के मामलों में 28% बढ़ोतरी, बारिश के बीच बढ़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

मुंबई में डेंगू के मामलों में 28% बढ़ोतरी, बारिश के बीच बढ़ा खतरा; डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह गर्म और उमस भरे मौसम के साथ जगह-जगह जमा पानी बना मच्छरों के प्रजनन का कारण; डेंगू के बाद बुखार उतरने पर भी कई दिनों तक रह सकती है कमजोरी मुंबई: मुंबई में डेंगू के मामलों में पिछले साल की तुलना में करीब 28 प्रतिशत बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। गर्म और उमस भरे मौसम के साथ बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी Aedes मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शहरवासियों से मच्छरों से बचाव के साथ डेंगू के लक्षणों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। डॉक्टरों के मुताबिक, डेंगू से ठीक होने के बाद भी मरीज को तुरंत पहले जैसी ऊर्जा महसूस हो, यह जरूरी नहीं है। बुखार खत्म होने के बाद भी थकान, कमजोरी, चक्कर, कम स्टैमिना और रोजमर्रा के काम करने में परेशानी कई दिनों या कुछ मामलों में कुछ हफ्तों तक रह सकती है। क्यों बढ़ रहा है मुंबई में डेंगू का खतरा? डेंगू संक्रमित Aedes मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर अक्सर घरों और आसपास मौजूद छोटे-छोटे पानी जमा होने वाले स्थानों में पनपते हैं। फूलों के गमले और उनकी ट्रे, बाल्टी, कूलर, पुराने टायर, फेंके गए कंटेनर, छत, निर्माणाधीन इमारतों और अन्य जगहों पर जमा बारिश का पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन सकता है। Zynova Shalby Hospital, Mumbai के Internal Medicine Expert डॉ. निमित्त नागड़ा के अनुसार, मुंबई में इस समय डेंगू के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। गर्म और उमस भरा मौसम Aedes मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करता है। डेंगू का खतरा किसी एक उम्र तक सीमित नहीं है। बच्चे, युवा, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग सभी संक्रमित मच्छर के काटने से डेंगू की चपेट में आ सकते हैं। बुखार उतरने के बाद भी कमजोरी क्यों? विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार खत्म होना हमेशा पूरी तरह ठीक होने का संकेत नहीं होता। डॉ. विमल जे. पाहुजा, MD (Internal Medicine), Metabolic Physician एवं Diabetologist, Dr LH Hiranandani Hospital के मुताबिक, डेंगू और मलेरिया के बाद मरीज की रिपोर्ट बेहतर होने के बावजूद कुछ समय तक काफी कमजोरी महसूस हो सकती है। डेंगू में शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया तेज हो सकती है और कई मरीजों में सफेद रक्त कोशिकाओं तथा प्लेटलेट्स में कमी देखी जाती है। गंभीर मामलों में डिहाइड्रेशन, शरीर में तरल पदार्थों का असंतुलन और कुछ अंगों पर प्रभाव भी पड़ सकता है। वहीं मलेरिया लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इनके नष्ट होने से कुछ मरीजों में एनीमिया हो सकता है, जिससे थकान और शारीरिक क्षमता कम हो सकती है। डेंगू के सामान्य लक्षण क्या हैं? डेंगू या मलेरिया के दौरान मरीजों में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिनमें शामिल हैं: बुखार खत्म होने के बाद भी कुछ मरीजों को थोड़ी दूर चलने पर थकान, पैरों में भारीपन, चक्कर, कम स्टैमिना, ध्यान लगाने में परेशानी और सामान्य काम करने में कमजोरी महसूस हो सकती है। प्लेटलेट कम होने पर घबराएं नहीं, लेकिन निगरानी जरूरी डॉक्टरों के अनुसार डेंगू में प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं, लेकिन सिर्फ एक प्लेटलेट रिपोर्ट देखकर स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जाना चाहिए। मरीज की पूरी क्लिनिकल स्थिति, हाइड्रेशन, ब्लीडिंग के लक्षण और अलग-अलग दिनों की रिपोर्ट में आ रहे बदलाव को देखना महत्वपूर्ण है। मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दोबारा रक्त जांच करानी चाहिए और रिपोर्ट देखकर खुद से दवा शुरू या बंद नहीं करनी चाहिए। किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें? डेंगू से उबर रहे मरीज को यदि निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए: विशेष रूप से डेंगू के दौरान बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचना चाहिए, क्योंकि कुछ दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं। मच्छरों से बचाव के लिए क्या करें? डॉक्टरों ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। इसके लिए: Aedes मच्छर दिन के समय भी काट सकते हैं, इसलिए मच्छरों से बचाव को केवल रात या शाम तक सीमित नहीं रखना चाहिए। डेंगू का शक हो तो क्या करें? तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, त्वचा पर दाने, मतली या उल्टी जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर जब इलाके में डेंगू के मामले बढ़ रहे हों। डेंगू की पुष्टि होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त तरल पदार्थ, आराम, आवश्यक जांच और मेडिकल मॉनिटरिंग की जरूरत पड़ सकती है। बुखार उतरते ही भारी व्यायाम, लंबे समय तक काम या ज्यादा शारीरिक मेहनत शुरू करना उचित नहीं है। मुंबई में डेंगू का बढ़ता खतरा शहरवासियों के लिए साफ संकेत है कि मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने के साथ-साथ संदिग्ध लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए। वहीं, डेंगू या मलेरिया से उबर रहे मरीजों को शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए पर्याप्त आराम देना चाहिए और सामान्य गतिविधियों में धीरे-धीरे लौटना चाहिए।  
अमित शाह बोले- ‘डीकोलोनाइजेशन’ का मतलब इतिहास मिटाना नहीं, भारतीय नजरिए से सच्चाई दुनिया के सामने रखना

अमित शाह बोले- ‘डीकोलोनाइजेशन’ का मतलब इतिहास मिटाना नहीं, भारतीय नजरिए से सच्चाई दुनिया के सामने रखना

अमित शाह बोले- ‘डीकोलोनाइजेशन’ का मतलब इतिहास मिटाना नहीं, भारतीय नजरिए से सच्चाई दुनिया के सामने रखना मुंबई के एशियाटिक सोसाइटी में पांडुलिपि प्रदर्शनी का उद्घाटन; शाह ने भारतीय ज्ञान, इतिहास, भाषाओं और परंपराओं के संरक्षण पर दिया जोर मुंबई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत में ‘डीकोलोनाइजेशन’ यानी उपनिवेशवाद से ज्ञान को मुक्त करने का मतलब इतिहास को मिटाना नहीं, बल्कि ऐतिहासिक सच्चाई को प्रामाणिक तरीके से भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया के सामने रखना है। शाह ने यह बात मुंबई की एशियाटिक सोसाइटी में एक पांडुलिपि प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद कही। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, इतिहास, संस्कृति, भाषाओं, पांडुलिपियों और अभिलेखों को संरक्षित करने तथा उन्हें देश और दुनिया के लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘इतिहास मिटाना नहीं, सही नजरिए से प्रस्तुत करना’ अमित शाह ने कहा कि डीकोलोनाइजेशन को इतिहास को मिटाने या अतीत को नकारने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य ऐतिहासिक तथ्यों को प्रामाणिक रूप से और भारतीय दृष्टिकोण से दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भारत के ज्ञान और इतिहास को औपनिवेशिक नजरिए के ढांचे में देखा गया। अब आवश्यकता है कि ज्ञान को उस ढांचे से बाहर निकालकर भारतीय परंपरा और दृष्टिकोण के आधार पर व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाए। भारतीय ज्ञान और विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर शाह ने भारतीय ज्ञान परंपरा की व्यापकता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के इतिहास, परंपराओं, भाषाओं, पांडुलिपियों और अभिलेखों को संरक्षित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल इन ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों और दुनिया के लोगों तक पहुंचाना भी आवश्यक है, ताकि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा व्यापक स्तर पर सामने आ सके। औपनिवेशिक दौर में ज्ञान और सत्ता के संबंध का जिक्र अमित शाह ने ब्रिटिश शासन के दौरान ज्ञान और सत्ता के बीच बने संबंध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश व्यवस्था में ज्ञान और सत्ता आपस में जुड़े हुए थे और अब भारत ज्ञान को उस ढांचे से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डीकोलोनाइजेशन की प्रक्रिया का उद्देश्य भारतीय ज्ञान को उसके मूल संदर्भ में समझना और उसे आधुनिक दुनिया के सामने प्रामाणिक तरीके से प्रस्तुत करना है। एशियाटिक सोसाइटी में आयोजित पांडुलिपि प्रदर्शनी को इसी व्यापक विरासत और ज्ञान संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।  
जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित

जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित

जुहू में ISKCON के 3 रेस्टोरेंट पर FDA की बड़ी कार्रवाई, गंभीर स्वच्छता खामियों के चलते लाइसेंस निलंबित Govinda’s Restaurant समेत तीन फूड यूनिट्स में पानी की जांच से लेकर ड्रेनेज, कीट नियंत्रण और फूड हैंडलर्स की हाइजीन तक कई कमियां मिलीं; ISKCON ने सुधारात्मक कदम शुरू करने की बात कही मुंबई: मुंबई के जुहू स्थित ISKCON के हरे कृष्णा लैंड परिसर में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के कथित गंभीर उल्लंघन को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। FDA ने परिसर में संचालित तीन रेस्टोरेंट/फूड यूनिट्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई 3 सितंबर को की गई जांच के बाद सामने आई है। FDA के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान ISKCON के Govinda’s Restaurant, Food Services Restaurant और परिसर में संचालित एक अन्य फूड प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, कीट नियंत्रण, खाद्य भंडारण और व्यक्तिगत साफ-सफाई से जुड़ी कई खामियां पाई गईं। Govinda’s Restaurant में क्या मिला? FDA की जांच टीम के अनुसार, Govinda’s Restaurant में पीने के पानी की नियमित जांच नहीं की जा रही थी। इसके अलावा, भोजन तैयार करने से पहले कच्चे खाद्य पदार्थों की उचित सफाई नहीं किए जाने की बात भी सामने आई। FDA के मुताबिक, कोल्ड स्टोरेज रूम में पानी जमा था और ड्रेनेज सिस्टम जाम मिला। ड्रेनों में ग्रीस ट्रैप और कॉकरोच ट्रैप भी नहीं थे। निरीक्षण के दौरान परिसर में कीटों के संक्रमण के संकेत मिलने की बात FDA ने कही। इसके अलावा, कुछ फूड हैंडलर्स कथित तौर पर एप्रन और दस्ताने के बिना काम करते हुए पाए गए। Food Services में भी कई गंभीर कमियां FDA के अनुसार, Food Services Restaurant में कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की उचित व्यवस्था नहीं थी। स्टोर रूम में कीटों के मल के अवशेष मिलने की बात भी FDA ने अपनी रिपोर्ट में कही। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की आवश्यक जांच नहीं किए जाने की बात सामने आई। प्रतिष्ठान और स्टोर रूम में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं थी। FDA ने यह भी बताया कि इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेल की रंग, स्वाद और उसमें तैर रहे कणों के आधार पर नियमित जांच नहीं की जा रही थी। वहीं, फूड हैंडलर्स के मेडिकल चेकअप और वैक्सीनेशन से जुड़े रिकॉर्ड/प्रक्रिया में भी कमियां पाई गईं। तीसरे फूड प्रतिष्ठान में भी खामियां परिसर में संचालित एक अन्य फूड यूनिट में भी FDA टीम ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियां दर्ज कीं। इनमें सैनिटेशन, पेस्ट कंट्रोल, व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य भंडारण, उपकरणों के रखरखाव, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और रिकॉर्ड मैनेजमेंट से जुड़ी खामियां शामिल थीं। ISKCON ने क्या कहा? FDA की कार्रवाई के बाद ISKCON Juhu ने बयान जारी कर कहा कि 3 सितंबर को उनकी किचन और फूड ऑपरेशंस का निरीक्षण किया गया था। संगठन के मुताबिक, FDA ने मौजूदा अनुपालन स्तर को 70 प्रतिशत आंका और कुछ क्षेत्रों में सुधार की जरूरत बताई। ISKCON ने कहा कि उसके प्रतिनिधि FDA के साथ संपर्क में हैं और अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार आवश्यक सुधारात्मक कदम शुरू कर दिए गए हैं। संगठन ने यह भी कहा कि भक्तों और मेहमानों की सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य उसकी प्राथमिकता है। ISKCON Juhu के अनुसार, जब तक आवश्यक सुधार पूरे नहीं हो जाते और सभी खाद्य सुरक्षा एवं नियामकीय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक जुहू परिसर की किचन गतिविधियां बंद रहेंगी। फिलहाल FDA की कार्रवाई के बाद तीनों फूड यूनिट्स में संचालन बंद है और आगे की प्रक्रिया संबंधित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर निर्भर करेगी।  
नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप

नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप

नवी मुंबई में ASI की संदिग्ध मौत, नोट और वीडियो में वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप विशेष शाखा में तैनात ASI पांडुरंग निंबा पाटील का शव रबाले की लॉज में मिला; पुलिस ने नोट और सोशल मीडिया वीडियो की जांच शुरू की नवी मुंबई: नवी मुंबई पुलिस विभाग की विशेष शाखा में तैनात सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (ASI) पांडुरंग निंबा पाटील की शनिवार, 5 सितंबर की शाम रबाले स्थित एक लॉज में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम ने शव बरामद किया और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, ASI पाटील ने कथित तौर पर एक नोट और सोशल मीडिया पर एक वीडियो छोड़ा है। इनमें उन्होंने पुलिस विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित मानसिक प्रताड़ना और परेशान करने के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में पाटील ने नवी मुंबई पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे से मामले में न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। वहीं, कथित नोट में उन्होंने एक DCP, वायरलेस विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त और एक हेड क्लर्क सहित कुछ अधिकारियों एवं सहकर्मियों पर उन्हें लगातार परेशान करने और मानसिक तनाव देने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नोट और वीडियो में लगाए गए आरोपों समेत पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। सीनियर PI देविदास काथले ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही, नोट और वीडियो में किए गए दावों की सच्चाई तथा घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ASI पाटील की मौत से पहले किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले में आगे की जानकारी और पुलिस जांच का इंतजार है। जरूरी सूचना: अगर आप या आपका कोई परिचित आत्महत्या के विचारों या गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो अकेले न रहें और तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। भारत में Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 और Sneha Suicide Prevention Helpline 044-24640050 से सहायता ली जा सकती है।  

Recent News

Undercover Editor

From BMC updates, local area developments, railway station news, and crime reports to the latest in politics, sports, Bollywood, lifestyle, travel, and education, we bring you news that’s relevant, reliable, and real-time

 

Undercover Editor © 2025 – Designed by iCreato