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मुंबई में “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” का भव्य उद्घाटन, युवाओं को नवाचार की दिशा में नई प्रेरणा

मुंबई में “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” का भव्य उद्घाटन, युवाओं को नवाचार की दिशा में नई प्रेरणा

मुंबई में “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” का भव्य उद्घाटन, युवाओं को नवाचार की दिशा में नई प्रेरणा मुंबई, 10 जुलाई 2026: महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा ने आज मुंबई के वाई. बी. चव्हाण ऑडिटोरियम में आयोजित एक दिवसीय स्टार्टअप प्रदर्शनी एवं सम्मेलन “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्य के कौशल विकास मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी उपस्थित रहे। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विद्यापीठ, महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसायटी तथा आईस्पार्क फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं में नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने “HP क्रिएटिव गेमिंग गैरेज” नामक एक आधुनिक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया, जो युवाओं को गेमिंग और डिजिटल क्रिएटिविटी के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा। इसके साथ ही मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर द्वारा विकसित “मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी” ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया, जिससे छात्रों को चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा। इस अवसर पर आईआईटी मद्रास की आईआईटीएम प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन और रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विद्यापीठ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी हुआ। इस समझौते के तहत कौशल विकास, नवाचार और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्यपाल ने प्रदर्शनी का दौरा कर विभिन्न स्टार्टअप्स द्वारा प्रस्तुत नवाचारों का अवलोकन किया और युवा उद्यमियों से संवाद भी किया। उन्होंने युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन देश के भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम में कौशल विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, कौशल विकास आयुक्त अमित सैनी, एचपी इंक की वाइस प्रेसिडेंट इप्सिता दासगुप्ता, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नरनवरे, महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसायटी के सीईओ डॉ. श्रीकांत पाटिल, रजिस्ट्रार डॉ. वैभव नरवाडे सहित कई गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद, उद्यमी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। “स्टार्टअप फ्रंटियर 1.0” ने न केवल नवाचार को एक मंच प्रदान किया, बल्कि युवाओं को अपने विचारों को साकार करने के लिए प्रेरित भी किया।  
ठाणे हादसा: घोड़बंदर रोड पर टैंकर ऑटो पर पलटा, कई यात्रियों की मौके पर मौत

ठाणे हादसा: घोड़बंदर रोड पर टैंकर ऑटो पर पलटा, कई यात्रियों की मौके पर मौत

ठाणे हादसा: घोड़बंदर रोड पर टैंकर ऑटो पर पलटा, कई यात्रियों की मौके पर मौत ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में घोड़बंदर रोड पर सोमवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसमें एक अनियंत्रित टैंकर चलती ऑटो रिक्शा पर पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में ऑटो में सवार यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कैसे हुआ हादसा? जानकारी के अनुसार, यह हादसा कासारवडवली थाना क्षेत्र में हुआ। रोज की तरह ऑटो रिक्शा अपने यात्रियों को लेकर गंतव्य की ओर जा रही थी। तभी अचानक पीछे या बगल से आ रहा एक तेज रफ्तार टैंकर नियंत्रण खो बैठा और सीधे ऑटो पर पलट गया। टैंकर का वजन इतना ज्यादा था कि ऑटो पूरी तरह उसके नीचे दब गई। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो का पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार यात्रियों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। मौके पर मची अफरा-तफरी हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत टीम को सूचना दी। पुलिस और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर क्रेन की मदद से भारी टैंकर को हटाया। राहत और बचाव कार्य जारी टैंकर हटाने के बाद सड़क से मलबा साफ किया गया और धीरे-धीरे यातायात को सामान्य करने की कोशिश शुरू की गई। फिलहाल घोड़बंदर रोड पर लंबा जाम लग गया था, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। पुलिस जांच शुरू पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। शुरुआती जांच में टैंकर के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। निष्कर्ष: यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाले सड़क हादसों की भयावह तस्वीर पेश करता है। जरूरत है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।  
मुंबई को बारिश से मिली थोड़ी राहत, ऑरेंज अलर्ट जारी, स्कूल-कॉलेज बंद

मुंबई को बारिश से मिली थोड़ी राहत, ऑरेंज अलर्ट जारी, स्कूल-कॉलेज बंद

मुंबई को बारिश से मिली थोड़ी राहत, ऑरेंज अलर्ट जारी, स्कूल-कॉलेज बंद मुंबई: लगातार दो दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद मुंबईवासियों को मंगलवार सुबह थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। शहर में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए मुंबई के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला एहतियात के तौर पर मुंबई के सभी सरकारी, निजी और बीएमसी संचालित स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। फिर से भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर रुक-रुक कर बारिश हो सकती है और कुछ इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। साथ ही 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोकल ट्रेनों पर असर, लेकिन सेवाएं जारी बारिश का असर अभी भी शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों पर देखा जा रहा है। यात्रियों के अनुसार, वेस्टर्न रेलवे की ट्रेनें 20-25 मिनट देरी से चल रही हैं, जबकि सेंट्रल रेलवे की सेवाएं 10-15 मिनट लेट हैं। हालांकि मेट्रो और BEST बस सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। पिछले दो दिनों में हालात हुए थे बदहाल सोमवार को हुई मूसलधार बारिश के कारण मुंबई और आसपास के इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था। कई सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए और दीवारों व होर्डिंग गिरने की घटनाएं सामने आईं। बारिश के आंकड़े और ज्वार की चेतावनी पिछले 24 घंटों में मुंबई शहर में औसतन 46 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमशः 77 और 78 मिमी बारिश हुई। आज दोपहर और कल सुबह हाई टाइड की भी संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है। मुंबई-पुणे मार्ग बहाल, लेकिन सतर्कता जरूरी मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन पर भूस्खलन के बाद बंद रास्ता अब फिर से खोल दिया गया है। हालांकि प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। पुणे में हालात अब भी गंभीर पुणे जिले में भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुए हैं, जिनमें जान-माल का नुकसान भी हुआ है। राहत और बचाव कार्य जारी है, और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। निष्कर्ष: मुंबई में भले ही फिलहाल बारिश से थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए खतरा अभी बरकरार है। प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
महाराष्ट्र में बारिश का कहर: 13 की मौत, मुंबई जलमग्न, पुणे में भूस्खलन से घर दबा

महाराष्ट्र में बारिश का कहर: 13 की मौत, मुंबई जलमग्न, पुणे में भूस्खलन से घर दबा

महाराष्ट्र में बारिश का कहर: 13 की मौत, मुंबई जलमग्न, पुणे में भूस्खलन से घर दबा मुंबई: महाराष्ट्र में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में हालात गंभीर हो गए हैं। अब तक कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मुंबई पूरी तरह जलमग्न नजर आ रही है और पुणे में भूस्खलन की घटनाओं ने खतरा और बढ़ा दिया है। मुंबई हाई अलर्ट पर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश से शहर के कई इलाके पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और घरों में रहने की सलाह दी है। रेल और सड़क सेवाएं प्रभावित भारी बारिश और भूस्खलन के चलते मुंबई-पुणे के बीच रेल और सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सेंट्रल रेलवे के अनुसार, कई जगहों पर भूस्खलन होने से ट्रैक बाधित हो गए हैं, जिसके चलते 16 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि 9 ट्रेनों का मार्ग बदला गया। इंद्रायणी एक्सप्रेस, डेक्कन क्वीन, इंटरसिटी एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है। एक्सप्रेसवे और हाईवे बंद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना हाईवे भी कई स्थानों पर बंद कर दिया गया है। खोपोली-कुसगांव क्षेत्र में भूस्खलन के कारण ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है। पुणे में भूस्खलन, घर दबा पुणे जिले के पाटन गांव में हुए भूस्खलन में एक घर मलबे में दब गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है। फंसे लोगों को बचाया गया घोरावाड़ी रेलवे स्टेशन के पास जलभराव के कारण एक बस में फंसे 37 यात्रियों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। स्कूल-कॉलेज बंद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर जिलों में सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। प्रशासन की अपील पुलिस और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा टालें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। निष्कर्ष: महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, लेकिन हालात को देखते हुए नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।  
सचिन अहिर का बड़ा सियासी दांव: ठाकरे गुट छोड़ शिंदे खेमे में शामिल, जानिए 5 अंदरूनी कारण

सचिन अहिर का बड़ा सियासी दांव: ठाकरे गुट छोड़ शिंदे खेमे में शामिल, जानिए 5 अंदरूनी कारण

सचिन अहिर का बड़ा सियासी दांव: ठाकरे गुट छोड़ शिंदे खेमे में शामिल, जानिए 5 अंदरूनी कारण मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। शिवसेना (ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता और आदित्य ठाकरे के करीबी माने जाने वाले सचिन अहिर ने अचानक उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ते हुए एकनाथ शिंदे गुट का दामन थाम लिया है। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि शिंदे गुट में शामिल होते ही सचिन अहिर को विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए उम्मीदवार बना दिया गया, जिसके लिए उन्होंने अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है। क्यों लिया इतना बड़ा फैसला? सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, सचिन अहिर के इस कदम के पीछे कई रणनीतिक और भविष्य से जुड़े कारण हैं: 1. भविष्य की राजनीतिक अनिश्चितता सचिन अहिर का विधान परिषद कार्यकाल 2028 तक है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए उनके लिए दोबारा मौका मिलना मुश्किल माना जा रहा था। 2. वरली सीट पर सीमित विकल्प    वरली विधानसभा सीट पहले अहिर के पास थी, लेकिन 2019 में उन्होंने यह सीट आदित्य ठाकरे के लिए छोड़ दी थी। अब वहां से चुनाव लड़ना उनके लिए लगभग असंभव हो गया था। 3. पार्टी के अंदर बढ़ती प्रतिस्पर्धा ठाकरे गुट में एक ही क्षेत्र से कई बड़े नेताओं की मौजूदगी के कारण अहिर के लिए राजनीतिक स्पेस सीमित होता जा रहा था। 4. शिंदे गुट का बड़ा ऑफर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कुछ समय पहले ही अहिर को उपसभापति पद का प्रस्ताव दिया था। सत्ता और पद की इस पेशकश ने उनके फैसले में अहम भूमिका निभाई। 5. हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का असर हाल ही में कुछ अन्य नेताओं के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद राजनीतिक माहौल बदल चुका था, जिसने अहिर को भी अपना रुख तय करने के लिए प्रेरित किया। ठाकरे गुट के लिए बड़ा झटका सचिन अहिर का जाना ठाकरे गुट के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। उन्होंने 2019 में आदित्य ठाकरे के लिए अपनी मजबूत वरली सीट छोड़ी थी और पार्टी के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं। मुंबई में मजदूर संगठनों पर उनकी मजबूत पकड़ रही है, ऐसे में उनका जाना ठाकरे गुट की स्थिति को कमजोर कर सकता है। कौन हैं सचिन अहिर? सचिन अहिर महाराष्ट्र की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने शिवड़ी और वरली सीट से लगातार तीन बार विधानसभा चुनाव जीता। 2009 में वे राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। 2019 में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी छोड़कर शिवसेना का दामन थामा था और अब 2026 में शिंदे गुट में शामिल होकर एक और बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। निष्कर्ष: सचिन अहिर का यह फैसला सिर्फ एक नेता का पाला बदलना नहीं, बल्कि मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले बड़े बदलावों का संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में इसका असर चुनावी समीकरणों पर साफ दिखाई दे सकता है।  
नसरापूर अत्याचार केस: 2 महीनों में आया फैसला, दोषी को फांसी की सजा

नसरापूर अत्याचार केस: 2 महीनों में आया फैसला, दोषी को फांसी की सजा

नसरापूर अत्याचार केस: 2 महीनों में आया फैसला, दोषी को फांसी की सजा पुणे: महाराष्ट्र को झकझोर देने वाले नसरापूर अत्याचार और हत्या मामले में आखिरकार न्याय मिल गया है। पुणे की विशेष अदालत ने 3.5 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या के दोषी 65 वर्षीय आरोपी भीमराव प्रभाकर कांबले को मरे तक फांसी की सजा सुनाई है। यह मामला इसलिए भी ऐतिहासिक बन गया है क्योंकि अपराध के महज दो महीनों के भीतर ही सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाया गया, जो राज्य के इतिहास में सबसे तेज़ निपटने वाला केस माना जा रहा है। कोर्ट में क्या हुआ? फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी ने बच्ची को जीवित रहने का कोई मौका नहीं दिया। मेडिकल रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि बच्ची के साथ बर्बर यौन अत्याचार किया गया था। अदालत ने इस अपराध को “रेअरेस्ट ऑफ रेअर” श्रेणी में रखते हुए सख्त सजा सुनाई। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी में सुधार की कोई संभावना नहीं है और उसका कृत्य अत्यंत क्रूर और अमानवीय है। सुनवाई के दौरान आरोपी ने कोई ठोस बचाव पेश नहीं किया और कई बार भ्रामक बयान देने की कोशिश की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। तेज़ जांच और मजबूत केस घटना 1 मई को सामने आई थी, जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने तुरंत विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। महज 15 दिनों के भीतर 1200 पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया गया। इसके बाद कोर्ट ने 21 मई से रोजाना सुनवाई शुरू की। सरकारी पक्ष ने तेजी से काम करते हुए 50 से अधिक गवाहों—जिसमें पीड़ित परिवार, प्रत्यक्षदर्शी, डॉक्टर और डीएनए विशेषज्ञ शामिल थे—की गवाही दर्ज कराई। न्याय की जीत 20 जून को अंतिम बहस पूरी हुई और आज अदालत ने दोषी को सख्त सजा सुनाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया। इस फैसले को न केवल न्याय व्यवस्था की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। निष्कर्ष: नसरापूर केस का यह फैसला देशभर के लिए एक मिसाल बन सकता है, जहां तेज़ जांच, मजबूत सबूत और त्वरित न्याय ने एक पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाया।  
मनी लॉन्ड्रिंग केस में NCP नेता रूपाली चाकणकर से ED की पूछताछ, अशोक खरत मामले में जांच तेज

मनी लॉन्ड्रिंग केस में NCP नेता रूपाली चाकणकर से ED की पूछताछ, अशोक खरत मामले में जांच तेज

मनी लॉन्ड्रिंग केस में NCP नेता रूपाली चाकणकर से ED की पूछताछ, अशोक खरत मामले में जांच तेज Mumbai में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए NCP नेता Rupali Chakankar से गुरुवार को लंबी पूछताछ की। यह पूछताछ स्वयंभू बाबा Ashok Kharat से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की गई। चाकणकर सुबह करीब 10:30 बजे ED के मुंबई कार्यालय पहुंचीं, जहां उनसे PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत बयान दर्ज किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ कई घंटों तक चली और इसमें उनके वित्तीय संबंधों और ट्रस्ट से जुड़ी गतिविधियों पर सवाल किए गए। 🔍 क्या है पूरा मामला? ED की जांच नासिक स्थित “शिवनिका संस्थान” ट्रस्ट से जुड़ी है, जिसका संचालन अशोक खरत करता था और जिसमें रूपाली चाकणकर ट्रस्टी रह चुकी हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या चाकणकर के खरत के साथ कोई वित्तीय लेन-देन या प्रत्यक्ष संबंध थे। खरत को मार्च में गंभीर आरोपों—जैसे दुष्कर्म, यौन शोषण, अंधविश्वास फैलाने, जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग—के तहत गिरफ्तार किया गया था। 💰 करोड़ों की संपत्ति और नकदी जब्त जांच के दौरान ED ने खरत और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संपत्ति और नकदी जब्त की है। इसके अलावा, खरत के कथित तौर पर कई बैंक खातों और सहकारी संस्थाओं के जरिए पैसों के लेन-देन का जाल भी सामने आया है। 🏦 फर्जी खातों के जरिए लेन-देन का जाल ED की जांच में सामने आया है कि खरत ने कई लोगों के नाम पर दर्जनों बैंक खाते खुलवाकर उन पर अपना नियंत्रण रखा। इन खातों में जमा रकम को बाद में फिक्स्ड डिपॉजिट में बदलकर निकाला गया। बताया जा रहा है कि खरत अपने अनुयायियों को “चमत्कारी वस्तुएं” ऊंची कीमतों पर बेचकर भी धन इकट्ठा करता था, जिसे बाद में संपत्तियों में निवेश किया गया। 👨‍⚖️ जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद ED अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और सभी संदिग्ध लेन-देन की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। 📌 निष्कर्ष: यह मामला न सिर्फ मनी लॉन्ड्रिंग बल्कि अंधविश्वास और संगठित आर्थिक अपराधों का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। ED की जांच आगे बढ़ने के साथ ही और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
📰 महाराष्ट्र SSC रिजल्ट 2026: कोंकण ने फिर मारी बाजी, मुंबई–पुणे का दबदबा कायम

📰 महाराष्ट्र SSC रिजल्ट 2026: कोंकण ने फिर मारी बाजी, मुंबई–पुणे का दबदबा कायम

📰 महाराष्ट्र SSC रिजल्ट 2026: कोंकण ने फिर मारी बाजी, मुंबई–पुणे का दबदबा कायम महाराष्ट्र में कक्षा 10वीं (SSC) परीक्षा 2026 के नतीजे घोषित हो चुके हैं और इस बार भी राज्य के अलग-अलग डिवीजनों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला है। Maharashtra State Board of Secondary and Higher Secondary Education द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कुल पास प्रतिशत 92.09% रहा, जो एक मजबूत और संतुलित प्रदर्शन को दर्शाता है। इस साल कुल 15,42,472 नियमित छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 14,20,486 छात्र सफल घोषित किए गए। हालांकि, जब डिवीजन-वाइज परिणामों का विश्लेषण किया गया, तो राज्य में क्षेत्रीय असमानता साफ तौर पर सामने आई। 📊 कोंकण बना टॉपर, फिर कायम रखा दबदबा Konkan डिवीजन ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए 97.62% पास प्रतिशत के साथ राज्य में पहला स्थान हासिल किया। कम छात्रों के बावजूद यहां की शैक्षणिक गुणवत्ता और स्कूल स्तर की स्थिरता इसे लगातार टॉप पर बनाए हुए है। 🏙️ मुंबई–पुणे और कोल्हापुर: मजबूत शहरी क्लस्टर Mumbai (94.97%), Pune (94.24%) और Kolhapur (95.47%) ने भी शानदार प्रदर्शन किया। ⚖️ मध्यम प्रदर्शन वाले डिवीजन Nashik (90.53%) और Amravati (90.50%) ने औसत से थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया। 📉 निचले स्तर पर नागपुर, लातूर और संभाजीनगर Nagpur (89.07%), Latur (88.42%) और Chhatrapati Sambhajinagar (88.41%) अपेक्षाकृत पीछे रहे। 🔍 मुख्य निष्कर्ष: क्षेत्रीय अंतर अभी भी बड़ा मुद्दा SSC 2026 के नतीजों से यह साफ हो गया है कि महाराष्ट्र में शिक्षा का स्तर अभी भी भौगोलिक और शहरी-ग्रामीण अंतर पर निर्भर करता है। यह आंकड़े बताते हैं कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, संसाधन और शहरी सुविधाएं शिक्षा के परिणामों पर सीधा प्रभाव डालती हैं।
🚨 अशोक खरात केस में बड़ा खुलासा: IAS के बाद दो वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी भी जांच के घेरे में

🚨 अशोक खरात केस में बड़ा खुलासा: IAS के बाद दो वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी भी जांच के घेरे में

🚨 अशोक खरात केस में बड़ा खुलासा: IAS के बाद दो वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी भी जांच के घेरे में नाशिक: के बहुचर्चित अशोक खरात मामले में अब चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। कथित भोंदू बाबा अशोक खरात पर शिकंजा कसते हुए Enforcement Directorate (ईडी) ने राज्यभर में उसकी संपत्तियों पर छापेमारी तेज कर दी है। इस कार्रवाई के बीच अब कई बड़े अधिकारियों के नाम भी सामने आने लगे हैं, जिससे पूरे Maharashtra में हड़कंप मच गया है। महिला पुलिस अधिकारियों पर भी सवाल सूत्रों के मुताबिक, एक आईएएस अधिकारी के बाद अब दो वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी भी जांच के दायरे में आ गई हैं। बताया जा रहा है कि ये दोनों अधिकारी अशोक खरात के संपर्क में थीं। इनमें से एक अधिकारी डीसीपी (उप पुलिस आयुक्त) और दूसरी एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) स्तर की बताई जा रही है। इस खुलासे के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है और इन अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्या पोस्टिंग के लिए लिया सहारा? जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन अधिकारियों ने मनचाही पोस्टिंग पाने के लिए खरात से संपर्क किया था। साथ ही, संभावित आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला और गंभीर हो सकता है। फर्जी बैंक खातों का जाल इस बीच, पुलिस द्वारा अशोक खरात के नाशिक स्थित ठिकाने पर की गई छापेमारी में बड़ी संख्या में आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इन दस्तावेजों के जरिए करीब 131 फर्जी बैंक खाते खोले गए हो सकते हैं। यह खुलासा सामने आते ही पुलिस और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। SIT कर रही गहन जांच फिलहाल, अशोक खरात को न्यायालय ने 8 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जो हर पहलू की गहराई से जांच कर रहा है। निष्कर्ष अशोक खरात मामला अब केवल एक धोखाधड़ी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसमें प्रशासन और पुलिस तंत्र की संभावित संलिप्तता के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिस पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।
गठबंधन में बढ़ी तकरार: कांग्रेस ने शिवसेना (यूबीटी) पर साधा निशाना

गठबंधन में बढ़ी तकरार: कांग्रेस ने शिवसेना (यूबीटी) पर साधा निशाना

गठबंधन में बढ़ी तकरार: कांग्रेस ने शिवसेना (यूबीटी) पर साधा निशाना मुंबई | अंडरकवर एडिटर न्यूज़ चैनल, ०६ मार्च, २०२६ मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। कांग्रेस पार्टी ने मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। कांग्रेस पार्टी ने शिवसेना (यूबीटी) द्वारा की गई “क्रचेस” (सहारा) वाली टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे गठबंधन की भावना के विपरीत बताया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय की आलोचना करते हुए कहा कि इस प्रकार के बयान सहयोगी दलों के बीच असंतुलन और भ्रम पैदा करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संजय राउत अपनी राजनीतिक और पत्रकारिता की भूमिकाओं में स्पष्ट अंतर नहीं रख पा रहे हैं। गठबंधन में समन्वय की कमी पर सवाल सचिन सावंत ने कहा कि किसी भी गठबंधन में सभी दल समान भागीदार होते हैं और महत्वपूर्ण निर्णय आपसी चर्चा से लिए जाने चाहिए। एकतरफा फैसले लेना और बाद में दूसरों पर आरोप लगाना गठबंधन धर्म के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि समन्वय और संवाद की कमी के कारण ही महा विकास आघाडी  (एमवीए) को हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में नुकसान उठाना पड़ा। शिवसेना (यूबीटी) का पक्ष दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) के संपादकीय में कांग्रेस पर आरोप लगाया गया कि वह क्षेत्रीय दलों को बराबरी का दर्जा देने के बजाय “सहारे” के रूप में देखती है। संपादकीय में कहा गया कि यदि कांग्रेस केंद्र में सत्ता हासिल करना चाहती है, तो उसे राज्यों में मजबूत और सम्मानजनक गठबंधन बनाना होगा। राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा तनाव हाल ही में राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर भी गठबंधन के भीतर मतभेद सामने आए हैं। शरद पवार के नाम पर सहमति बनने के बावजूद, विभिन्न दलों के बीच तालमेल को लेकर असहमति दिखाई दी। आत्ममंथन की जरूरत कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना चाहती है, लेकिन इसके लिए गठबंधन में पारदर्शिता, सम्मान और अनुशासन जरूरी है। पार्टी ने सभी सहयोगी दलों से आत्ममंथन करने और संवाद को मजबूत करने की अपील की है। निष्कर्ष महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन की मजबूती ही सत्ता की कुंजी मानी जाती है। ऐसे में कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच बढ़ती बयानबाजी आने वाले चुनावों में गठबंधन की दिशा और दशा तय कर सकती है।

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