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Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

‘भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ मुंबई पुलिस से कुणाल कामरा का सवाल, वापसी शो से पहले बढ़ी हलचल

‘भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ मुंबई पुलिस से कुणाल कामरा का सवाल, वापसी शो से पहले बढ़ी हलचल

‘भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ मुंबई पुलिस से कुणाल कामरा का सवाल, वापसी शो से पहले बढ़ी हलचल कॉमेडियन ने पूछा—अगर 40-50 लोग शो रोकने पहुंचें तो क्या पुलिस उन्हें रोकने देगी? कहा, कार्यक्रम बंद कमरे में कानून के मुताबिक होगा मुंबई: स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने मुंबई में अपने आगामी कॉमेडी शो को लेकर मुंबई पुलिस से सीधे सवाल किया है। कामरा ने पूछा कि अगर कुछ लोग उनके कार्यक्रम को रोकने या बाधित करने के लिए भीड़ के रूप में पहुंचते हैं, तो क्या पुलिस कानून-व्यवस्था के पक्ष में खड़ी होगी या प्रदर्शनकारियों को शो रोकने की अनुमति दी जाएगी। कामरा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुंबई पुलिस को टैग करते हुए कहा कि उनका प्रस्तावित कार्यक्रम बंद परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा, जहां करीब 100 सहमति देने वाले वयस्क दर्शक मौजूद होंगे। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम सभी लागू कानूनों और नियमों के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। ‘क्या आप भीड़ के साथ हैं या कानून के?’ कामरा ने मुंबई पुलिस की जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए अपने पोस्ट में तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध रोकने और ट्रैफिक संभालने जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। इसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 40-50 लोग शो को रद्द कराने या बाधित करने के लिए पहुंचते हैं, या कार्यक्रम स्थल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, तो क्या उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी। कामरा का सवाल था कि ऐसी स्थिति में पुलिस “भीड़ के साथ होगी या कानून के साथ?” उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रदर्शन करने वालों को शो रोकने का अधिकार मिल जाएगा। 2025 के ‘नया भारत’ शो के बाद हुआ था विवाद कुणाल कामरा का मुंबई में पिछला बड़ा स्टैंड-अप कार्यक्रम 2025 में खार स्थित द हैबिटैट कॉमेडी क्लब में ‘नया भारत’ शो था। शो की कुछ क्लिप सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। कार्यक्रम में कामरा ने फिल्म दिल तो पागल है के एक लोकप्रिय गीत की पैरोडी करते हुए महाराष्ट्र के तत्कालीन राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी की थी और एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया था। उन्होंने शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हुए राजनीतिक विभाजन को लेकर भी मजाक किया था। इसके बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं के विरोध की खबरें सामने आई थीं। प्रदर्शन के दौरान कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ हुई थी और बाद में उस इमारत को लेकर BMC की कार्रवाई भी हुई थी। BJP MLC की ओर से विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव कामरा को इस विवाद के सिलसिले में BJP MLC प्रवीण दरेकर की ओर से लाए गए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का भी सामना करना पड़ रहा है। अब मुंबई में दोबारा स्टैंड-अप करने की उनकी इच्छा ने पुराने विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है। कामरा का कहना है कि उनका अगला शो कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा। ऐसे में अब उनकी नजर मुंबई पुलिस की प्रतिक्रिया पर है और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर पुलिस की ओर से क्या सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्था की जाती है।  
मुंबई में दही हांडी का जश्न पड़ा भारी: 7 साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल

मुंबई में दही हांडी का जश्न पड़ा भारी: 7 साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल

मुंबई में दही हांडी का जश्न पड़ा भारी: 7 साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल मालवणी में ईंटों का खंभा गिरने से मासूम की जान गई; मानव पिरामिड के दौरान घायल हुए सैकड़ों गोविंदा, 53 अब भी अस्पताल में भर्ती मुंबई: जन्माष्टमी के मौके पर शनिवार को मुंबई और महाराष्ट्र में दही हांडी का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया गया, लेकिन मुंबई में यह जश्न कई परिवारों के लिए दर्दनाक याद बन गया। दही हांडी समारोह के दौरान एक 7 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि 376 गोविंदा घायल हो गए। यह जानकारी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों ने रविवार को दी। दही हांडी के दौरान गोविंदा पथक कई स्तरों वाला मानव पिरामिड बनाकर हवा में लटकाई गई दही से भरी मिट्टी की हांडी फोड़ते हैं। इस दौरान ऊंचाई से गिरने और चोट लगने की घटनाएं सामने आती हैं। मालवणी में ईंटों का खंभा गिरने से मासूम की मौत सबसे दर्दनाक घटना मुंबई के मालवणी इलाके के चिकुवाड़ी स्थित एकता वेलफेयर सोसायटी में हुई। शनिवार दोपहर कुछ बच्चे अपने स्तर पर दही हांडी का आयोजन कर रहे थे। इसी दौरान एक ईंटों का खंभा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में 7 वर्षीय बच्चा आ गया। हादसे में बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। मुंबई में 376 गोविंदा घायल BMC के मुताबिक, दही हांडी समारोह के दौरान कुल 376 गोविंदाओं को चोटें आईं। सबसे ज्यादा घायल गोविंदाओं को मुंबई के द्वीप शहर के अस्पतालों में इलाज के लिए लाया गया, जहां 183 मामले सामने आए। इसके बाद पश्चिमी उपनगरों में 126 और पूर्वी उपनगरों में 62 गोविंदाओं के घायल होने की जानकारी सामने आई। घायलों में से 53 लोग फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 37 अन्य का भी इलाज चल रहा है। वहीं, 286 घायलों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। KEM अस्पताल में सबसे ज्यादा घायल पहुंचे BMC के आंकड़ों के अनुसार, परेल के KEM अस्पताल में सबसे ज्यादा 76 घायल गोविंदाओं का इलाज किया गया। इसके बाद: दही हांडी के दौरान मानव पिरामिड बनाते समय संतुलन बिगड़ने और गिरने की वजह से कई गोविंदाओं को चोटें आईं। उत्सव के बीच सुरक्षा पर फिर उठे सवाल दही हांडी मुंबई की सांस्कृतिक पहचान और जन्माष्टमी के प्रमुख आयोजनों में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में गोविंदा पथक इसमें हिस्सा लेते हैं। हालांकि, ऊंचे मानव पिरामिड और भीड़ के बीच होने वाली गतिविधियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इस बार एक मासूम की मौत और सैकड़ों गोविंदाओं के घायल होने की घटना ने उत्सव के दौरान सुरक्षा इंतजामों और सावधानी की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। BMC अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और बड़ी संख्या में लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।  
मुंबई में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल, 21 को इलाज के बाद मिली छुट्टी

मुंबई में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल, 21 को इलाज के बाद मिली छुट्टी

मुंबई में दही हांडी के दौरान 22 गोविंदा घायल, 21 को इलाज के बाद मिली छुट्टी मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने के दौरान हादसे; पश्चिमी उपनगर का एक गोविंदा अब भी अस्पताल में भर्ती मुंबई: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर मुंबई और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में दही हांडी उत्सव पूरे उत्साह और पारंपरिक उमंग के साथ मनाया गया। मुंबई में दही हांडी फोड़ने के लिए बनाए गए बहुस्तरीय मानव पिरामिड के दौरान कुल 22 गोविंदा घायल हुए हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई शहर में घायल हुए 20 गोविंदाओं को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। वहीं, मुंबई के पूर्वी उपनगर में घायल हुए एक गोविंदा को भी इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। पश्चिमी उपनगर में घायल एक अन्य गोविंदा का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मानव पिरामिड बनाकर फोड़ी जाती है दही हांडी दही हांडी उत्सव के दौरान गोविंदा पथक एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर कई स्तरों वाला मानव पिरामिड बनाते हैं। इसके बाद सबसे ऊपर पहुंचने वाला गोविंदा हवा में लटकाई गई दही से भरी मिट्टी की हांडी को फोड़ता है। मानव पिरामिड बनाते समय संतुलन बिगड़ने या ऊंचाई से गिरने के कारण चोट लगने का खतरा रहता है। इसे देखते हुए इस बार भी प्रशासन और अस्पतालों की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं। BMC ने अस्पतालों में किए विशेष इंतजाम दही हांडी उत्सव को देखते हुए BMC ने गोविंदाओं के इलाज के लिए व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की थी। नगर निकाय के मुताबिक, 16 उपनगरीय नागरिक अस्पतालों के अलावा सायन स्थित लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल जनरल हॉस्पिटल, परेल का KEM अस्पताल और मुंबई सेंट्रल का नायर अस्पताल में 100 से अधिक बेड तैयार रखे गए थे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य दही हांडी के दौरान घायल होने वाले गोविंदाओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर उतरने को देखते हुए मुंबई पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया, ताकि दही हांडी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। फिलहाल सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, घायल हुए 22 गोविंदाओं में से 21 को उपचार के बाद छुट्टी मिल चुकी है, जबकि एक गोविंदा का अस्पताल में इलाज जारी है।  
विकासकामों पर ग्रामसभा में बवाल! 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को जड़ा थप्पड़

विकासकामों पर ग्रामसभा में बवाल! 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को जड़ा थप्पड़

विकासकामों पर ग्रामसभा में बवाल! 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को जड़ा थप्पड़ लातूर: गांव में विकास कार्यों को लेकर चल रही चर्चा के दौरान लातूर तालुका के एकुर्गा गांव में ग्रामसभा में जमकर हंगामा हो गया। कथित तौर पर विकास कार्यों से नाराज 70 वर्षीय एक ग्रामीण ने ग्राम पंचायत सदस्य को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद कुछ देर तक ग्रामसभा में तनाव का माहौल बना रहा। एकुर्गा में गांव की समस्याओं और विभिन्न विकास कार्यों को लेकर ग्रामसभा आयोजित की गई थी। बैठक में अधूरे और लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को लेकर एक 70 वर्षीय ग्रामीण ने अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीण ने ग्राम पंचायत सदस्य से सवाल करते हुए कहा, “अगर गांव का विकास नहीं करना है, तो पद क्यों लेते हैं?” इस सवाल के बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि बहस के दौरान गुस्से में आए बुजुर्ग ने पंचायत सदस्य को थप्पड़ मार दिया। अचानक हुई इस घटना से ग्रामसभा में अफरा-तफरी मच गई। मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया और स्थिति को शांत कराया। घटना के बाद पूरे गांव में इसकी चर्चा होने लगी। बताया जा रहा है कि ग्रामसभा में हुए इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गांव के विकास कार्यों को लेकर शुरू हुई बहस का इस तरह विवाद और मारपीट में बदलना चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आना बाकी है।
नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख

नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख

नवी मुंबई में बड़ा फूड टैंपरिंग रैकेट बेनकाब, एक्सपायर्ड Lay’s, Kurkure और Maggi की बदली जा रही थी तारीख नवी मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और नवी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तुर्भे के TTC इंडस्ट्रियल एरिया में एक गोदाम पर कार्रवाई कर कथित तौर पर एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों को दोबारा पैक कर उनकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डिटेल बदलने वाले रैकेट का खुलासा किया है। 24 से 29 अगस्त के बीच की गई कार्रवाई में 8,442 कार्टन संदिग्ध रूप से बदले गए खाद्य उत्पाद जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹75.52 लाख बताई गई है। कार्रवाई साधना एंटरप्राइजेज के गोदाम में की गई। अधिकारियों के अनुसार, यहां एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों पर मौजूद मूल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी जानकारी को हटाकर नई जानकारी चिपकाने का कथित काम किया जा रहा था। इसके लिए इंकजेट प्रिंटर, केमिकल थिनर और विशेष रूप से तैयार किए गए स्टिकर बरामद किए गए। Lay’s, Kurkure और Maggi समेत कई उत्पाद जब्त जांच के दौरान कई लोकप्रिय ब्रांडों के खाद्य एवं पेय पदार्थ मिले। जब्त सामान में Lay’s, Kurkure, Fun Flips, Bingo Mad Angles, Maggi Masala Noodles, Maggi Atta Noodles और Knorr Mushroom Soup शामिल हैं। इसके अलावा Rasoi ब्रांड के Amritsari Paneer Tikka Masala, Dum Aloo और Dal Makhni जैसे रेडी-टू-ईट उत्पाद भी बरामद किए गए। अधिकारियों ने Thums Up, Limca और Hellmann’s Mayonnaise के उत्पाद भी जब्त किए हैं। घरेलू बाजार और एक्सपोर्ट तक पहुंचने का आरोप अधिकारियों को आशंका है कि बदले गए खाद्य उत्पादों को घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात के लिए भी सप्लाई किया जा रहा था। मामले की जांच अब कथित वितरण नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। FDA अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई, नोएडा और दिल्ली में काम करने वाली करीब 10 एक्सपोर्ट कंपनियों से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि ऐसे उत्पादों की सप्लाई कहां-कहां की गई और इस नेटवर्क में कितनी अन्य कंपनियां या लोग शामिल हैं। FIR दर्ज, कंपनी का लाइसेंस निलंबित मामले में तुर्भे पुलिस स्टेशन में Food Safety and Standards Act, 2006 और Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। कार्रवाई के बाद Sadhana Enterprises का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और वितरण नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों एवं कंपनियों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है। फिलहाल जांच जारी है और जब्त किए गए उत्पादों तथा कथित हेराफेरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।  
30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता

30 साल से हिमालय की राह पर थे डॉ. मिलिंद चितले; नेपाल में आई बाढ़ के बाद पत्नी समेत लापता मुंबई: नेपाल में अचानक आई बाढ़ और खराब मौसम के बीच कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया भारतीय श्रद्धालुओं का एक समूह संपर्क से बाहर हो गया है। लापता लोगों में मुंबई के जाने-माने पर्वतारोही और डॉक्टर डॉ. मिलिंद पी. चितले भी शामिल हैं। उनके साथ उनकी पत्नी जान्हवी चितले और करीब 40 यात्रियों का समूह भी लापता बताया जा रहा है। डॉ. चितले के लिए चिकित्सा केवल पेशा था, जबकि पर्वतारोहण उनका जुनून बन गया था। उन्होंने वर्ष 1983 में ग्रांट मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। हालांकि, पहाड़ों और साहसिक अभियानों के प्रति बढ़ते आकर्षण के कारण उन्होंने मेडिकल प्रैक्टिस छोड़कर अपना जीवन पर्वतारोहण को समर्पित कर दिया। वर्ष 1997 में उन्होंने Hills and Trails नाम की मुंबई स्थित एडवेंचर कंपनी की सह-स्थापना की। इसके जरिए उन्होंने पिछले तीन दशकों में सैकड़ों लोगों को हिमालय, लद्दाख और पश्चिमी घाटों में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और धार्मिक यात्राओं पर ले जाया। डॉ. चितले का पर्वतारोहण अनुभव बेहद व्यापक रहा है। उन्होंने हिमालय की 3,000 से अधिक ट्रेल्स और अभियानों में हिस्सा लिया और कंचनजंगा पर 23,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक चढ़ाई की। वह 1997 के एवरेस्ट अभियान की आयोजन समिति का हिस्सा भी रहे। इसके अलावा उन्होंने 8,000 मीटर से अधिक ऊंचे पर्वत पर पहले भारतीय नागरिक अभियान में क्लाइम्बिंग डॉक्टर के रूप में भी काम किया। पर्वतीय सुरक्षा, रेस्क्यू तकनीक और फर्स्ट एड को लेकर उन्होंने कई प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित कीं। उन्होंने माउंटेन फर्स्ट एड और रेस्क्यू पर एक पुस्तक भी लिखी। पर्वतारोहण में योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2005 में गिरिमित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कैलाश-मानसरोवर यात्रा डॉ. चितले के लिए कोई नया अनुभव नहीं था। करीबी लोगों के मुताबिक, वह इस यात्रा को 25 से अधिक बार कर चुके थे। आमतौर पर वह ऐसी यात्राओं पर अकेले जाते थे, लेकिन इस बार उनकी पत्नी जान्हवी भी उनके साथ थीं। करीब 40 यात्रियों का समूह संपर्क से बाहर Hills and Trails के माध्यम से यह समूह 23 अगस्त को यात्रा पर निकला था और 6 सितंबर को लौटने वाला था। यात्रा का संचालन नेपाल की Richa Tours and Travels के साथ मिलकर किया जा रहा था। लापता यात्रियों में मुंबई की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री देशपांडे और उनके पति डॉ. आनंद देशपांडे भी शामिल हैं। इसके अलावा 68 वर्षीय सुनील एस. सुबेदार और 64 वर्षीय चेतना गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नागरिकों के भी संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। डॉ. गायत्री देशपांडे के परिवार के मुताबिक, उन्होंने दंपति से आखिरी बार रविवार को बात की थी। परिवार ने इसके बाद कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका। वहीं, सुनील सुबेदार के बेटे स्वानंद ने बताया कि उन्होंने अपने पिता से 26 अगस्त को आखिरी बार बात की थी। उस समय वह तिमुरे में थे और कैलाश-मानसरोवर यात्रा के अगले चरण के लिए चीन की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। चेतना गुप्ता भी इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थीं। उनके पति आनंद गुप्ता के मुताबिक, उन्होंने उन्हें भी यात्रा में साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन अधिक ऊंचाई और कम ऑक्सीजन को लेकर चिंता के कारण उन्होंने यात्रा नहीं की। परिवार के तीन सदस्य अब काठमांडू पहुंचकर चेतना गुप्ता और अन्य लापता यात्रियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद कई भारतीय यात्रियों के संपर्क से बाहर होने की खबरों ने उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल परिजन और संबंधित एजेंसियां लापता यात्रियों की जानकारी और सुरक्षित वापसी की उम्मीद में लगातार प्रयास कर रहे हैं।  
शिवसेना का ‘Mission Gen Z’: 250+ युवा जनप्रतिनिधियों के साथ युवाओं को साधने की बड़ी रणनीति

शिवसेना का ‘Mission Gen Z’: 250+ युवा जनप्रतिनिधियों के साथ युवाओं को साधने की बड़ी रणनीति

शिवसेना का ‘Mission Gen Z’: 250+ युवा जनप्रतिनिधियों के साथ युवाओं को साधने की बड़ी रणनीति मुंबई: युवाओं के बीच अपनी सीधी पहुंच मजबूत करने के उद्देश्य से शिवसेना ने बुधवार, 26 अगस्त को मुंबई में ‘मिशन Gen Z’ की शुरुआत की। अभियान का उद्देश्य Gen Z और Gen Alpha की प्राथमिकताओं को शासन और सार्वजनिक नीतियों से जोड़ना है। अभियान के पहले चरण में आयोजित युवा सम्मेलन में महाराष्ट्र के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से 20 से 30 वर्ष की आयु के 250 से अधिक युवा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, खेल, कौशल विकास और महिला सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे सामने रखे। युवा प्रतिनिधियों ने खेल परिसरों और मैदानों के विकास, बेहतर पुस्तकालय एवं स्टडी स्पेस, करियर गाइडेंस, रोजगार सहायता, रोजगार पोर्टल और स्किल डेवलपमेंट सेंटर की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा कॉलेजों में युवा महोत्सव, नशामुक्ति अभियान, महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों के जिला परिषद स्कूलों में विदेशी भाषाओं की शिक्षा जैसे सुझाव भी दिए गए। पार्टी ने कहा कि Gen Z, Gen Alpha और युवाओं के साथ लंबे समय तक संवाद बनाए रखने के लिए शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म रणनीति तैयार की जाएगी। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह समझना है कि युवा वास्तव में क्या चाहते हैं और उनकी समस्याओं को किस तरह ठोस कार्रवाई में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं तक पहुंचने के लिए पार्टी अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से सीधे संवाद को बढ़ावा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग आयु वर्ग के युवाओं की चुनौतियां अलग हैं, इसलिए उनके लिए संवाद और समाधान भी उनकी जरूरतों के अनुरूप होने चाहिए। श्रीकांत शिंदे के मुताबिक, युवाओं की समस्याओं का समाधान तुरंत संभव नहीं है, लेकिन सरकार और पार्टी लगातार उनसे संवाद कर उनकी चिंताओं को समझने और सकारात्मक समाधान की दिशा में काम करेगी। शिवसेना का कहना है कि युवाओं से मिले सुझावों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा और संबंधित मुद्दों पर कार्रवाई की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। ‘मिशन Gen Z’ के जरिए पार्टी अब युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने के साथ-साथ उनकी भागीदारी को शासन और नीति निर्माण से जोड़ने की कोशिश कर रही है।  
पुणे में आदिवासी छात्रों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी, आज मुंबई में मंत्री से मुलाकात

पुणे में आदिवासी छात्रों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी, आज मुंबई में मंत्री से मुलाकात

पुणे में आदिवासी छात्रों का आंदोलन 11वें दिन भी जारी, आज मुंबई में मंत्री से मुलाकात छात्र प्रतिनिधिमंडल की आदिवासी विकास मंत्री से मुलाकात, छात्रावासों की सुरक्षा और ₹1 करोड़ बीमा समेत कई मांगें पुणे/मुंबई: पुणे के आदिवासी सरकारी छात्रावास में छात्रों का आंदोलन सोमवार को 11वें दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए 10 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल आज मुंबई पहुंचकर आदिवासी विकास मंत्री प्रो. डॉ. अशोक रामाजी उईके से मंत्रालय में मुलाकात करेगा। छात्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात कर अपनी मांगें रखने की कोशिश करेंगे। हड़ताल में शामिल छह छात्र—श्वेता गिरनाक (26), निकिता मेचकर (22), शरद थोकल (26), विजय भांदबल (25), राहुल धनवे (26) और राजाराम पाडवी (20)—पुणे के हडपसर-मांजरी सीमा के पास स्थित आदिवासी सरकारी बालक छात्रावास में अनशन जारी रखे हुए हैं। सरकार के 14 अगस्त के GR को वापस लेने की मांग छात्रों की प्रमुख मांगों में महाराष्ट्र सरकार द्वारा 14 अगस्त 2026 को जारी आदिवासी छात्रावासों से संबंधित शासन निर्णय (GR) को वापस लेना शामिल है। छात्र संगठन का कहना है कि नया आदेश मौजूदा परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाना चाहिए। छात्रों ने 11 नवंबर 2011 के GR के आधार पर संशोधित आदेश जारी करने की मांग की है। साथ ही छात्रावासों में मिलने वाले भत्तों और अन्य आर्थिक सुविधाओं को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से जोड़ने की मांग की गई है, ताकि महंगाई के अनुसार इन सुविधाओं में हर साल बढ़ोतरी हो सके। छात्रावासों में सुरक्षा और ₹1 करोड़ बीमा की मांग आदिवासी छात्रों ने छात्रावासों और आश्रम स्कूलों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। इसके अलावा प्रत्येक आदिवासी छात्र के लिए ₹1 करोड़ का बीमा कवर देने की मांग भी रखी गई है। यह मांग गडचिरोली में सांप के जहर से तीन आदिवासी छात्रों की हालिया मौत के बाद और महत्वपूर्ण हो गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मृत छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की भी मांग की है। महिला छात्रों के लिए सुरक्षित छात्रावास की मांग छात्रों ने पुणे में आदिवासी छात्राओं के लिए सुरक्षित और सभी जरूरी सुविधाओं से लैस केंद्रीय छात्रावास भवन बनाने की मांग भी की है। इसके अलावा छात्रावासों और आश्रम स्कूलों में खाली पड़े पदों को तत्काल भरने की मांग की गई है। इनमें चपरासी, सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारियों के पद शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि नियमित भर्ती पूरी होने तक इन पदों पर स्थायी या अनुबंध के आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। पहले भी हो चुकी है मंत्री और अधिकारियों से बैठक छात्र प्रतिनिधियों ने 18 अगस्त को आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके से मुलाकात की थी। इसके बाद 22 अगस्त को आदिवासी विकास विभाग के अतिरिक्त आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ भी बैठक हुई। हालांकि, मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद छात्रों का आंदोलन और अनशन जारी है। अब छात्रों की नजर आज मुंबई में होने वाली बैठक पर है। प्रदर्शनकारी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर आदिवासी छात्रों की सुरक्षा, शिक्षा और छात्रावासों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान करेगी।  
मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी जरूरी, आज से नियम लागू; जानिए उल्लंघन पर क्या होगा

मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी जरूरी, आज से नियम लागू; जानिए उल्लंघन पर क्या होगा

मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी जरूरी, आज से नियम लागू; जानिए उल्लंघन पर क्या होगा मुंबई: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा से जुड़ी शर्तों को लेकर सरकार ने अब सख्ती शुरू कर दी है। मंगलवार से नियम लागू होने के बाद जिन चालकों को मराठी का आवश्यक ज्ञान नहीं है, उनके खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, नियम का उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किया जाएगा। सरकार ने चालकों को मराठी सीखने और आवश्यक प्रशिक्षण पूरा करने के लिए पहले पर्याप्त समय दिया था। अब यह समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, मराठी की आवश्यक जानकारी प्रदर्शित नहीं कर पाने वाले चालकों को सबसे पहले 30 दिन का नोटिस दिया जाएगा। नियम नहीं मानने पर लाइसेंस निलंबित हो सकता है नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि चालक मराठी भाषा की निर्धारित शर्त पूरी नहीं करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। इसके बावजूद नियम का पालन नहीं करने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए जाने का प्रावधान है। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि चालकों को नियमों का पालन करने के लिए कुल मिलाकर करीब चार महीने तक का समय मिल सकता है। 1.25 लाख चालकों को राहत इस नियम के तहत करीब 1.25 लाख ऑटो और टैक्सी चालकों को राहत मिलेगी। इन चालकों ने सरकार द्वारा आयोजित मराठी भाषा पाठ्यक्रम पूरा कर परीक्षा पास की है और प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। ऐसे चालकों पर इस प्रावधान के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी। ठाणे में आयोजित ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा पाठ्यक्रम अभियान’ के समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मराठी को “भक्ति की भाषा, मजबूरी की नहीं” के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो लोग मराठी सीख रहे हैं, उनका मजाक उड़ाने के बजाय उनसे मराठी में बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। शिंदे के मुताबिक, 105 दिनों के अभियान के दौरान करीब 1.25 लाख ऑटो और टैक्सी चालकों ने मराठी सीखी, परीक्षा दी और प्रमाणपत्र हासिल किए। परिवहन मंत्री ने अपनाया सख्त रुख परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “मैं मराठी नहीं बोलूंगा” जैसी मानसिकता अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अभियान के पीछे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की राजनीतिक पहल को महत्वपूर्ण बताया। सरनाईक ने यह भी कहा कि अभियान के लिए उद्योग विभाग की ओर से 1 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी। सरकार का क्या कहना है? मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में बड़ी संख्या में गैर-मराठी भाषी लोग रहते हैं और ऑटो-टैक्सी क्षेत्र में भी दूसरे राज्यों से आए लोग बड़ी संख्या में काम करते हैं। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य गैर-मराठी लोगों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है। अब नियम लागू होने के बाद आने वाले महीनों में इसका पालन किस तरह कराया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।  
मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका

मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका

मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका मुंबई: दक्षिण मुंबई के हाई-सिक्योरिटी इलाके नेवी नगर, कोलाबा में भारतीय नौसेना के एक जवान समेत उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। मृतकों में जवान, उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच हत्या-आत्महत्या के एंगल से कर रही है। मृतक नौसेना कर्मी की पहचान 30 वर्षीय पुरनमल शंभूलाल मेहरा के रूप में हुई है। उनके साथ उनकी 28 वर्षीय पत्नी ओमा पुरनमल मेहरा, तीन वर्षीय बेटे यश और दो महीने के शिशु की भी मौत हुई है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में नौसेना कर्मी की मौत आत्महत्या से होने की आशंका है, जबकि उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की मौत संदिग्ध जहर सेवन से होने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। चारों शवों को मुंबई के जेजे अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। डीसीपी मनीष कलवानिया ने बताया कि शुरुआती जांच में जवान की मौत आत्महत्या से और उनकी पत्नी व बच्चों की मौत जहर के कारण होने की आशंका सामने आई है। मामले की आगे की जांच जारी है। भारतीय नौसेना ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि 15 अगस्त 2026 को नेवी नगर में एक नौसेना कर्मी, उनकी पत्नी और दो बच्चे अपने आवास पर मृत पाए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और नौसेना की ओर से जांच में हर संभव सहायता दी जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौतों की वास्तविक वजह और घटनाक्रम स्पष्ट हो पाएगा।  

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