Author: Mahesh Rathod

Contrary to popular belief, Lorem Ipsum is not simply random text. It has roots in a piece of classical Latin literature from 45 BC, making it over 2000 years old. Richard McClintock, a Latin professor

मुंबई के अंधेरी में बर्गर में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप, ग्राहक ने पुलिस और FDA से की शिकायत

मुंबई के अंधेरी में बर्गर में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप, ग्राहक ने पुलिस और FDA से की शिकायत

मुंबई के अंधेरी में बर्गर में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप, ग्राहक ने पुलिस और FDA से की शिकायत मुंबई: मुंबई के अंधेरी स्थित एक लोकप्रिय बर्गर रेस्टोरेंट में खाने के दौरान बर्गर के अंदर कांच का टुकड़ा मिलने के आरोप से हड़कंप मच गया है। ग्राहक ने मामले की शिकायत पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) से की है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना 16 अगस्त की बताई जा रही है। शिकायतकर्ता तनिशा गोगरी अपनी एक दोस्त के साथ अंधेरी स्थित Jimi’s Burger पहुंची थीं। उन्होंने वहां Korean Veg Burger ऑर्डर किया था। शिकायत के अनुसार, बर्गर खाते समय तनिशा को उसमें कांच का एक टुकड़ा दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल रेस्टोरेंट के कर्मचारियों और प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। कांच का टुकड़ा फेंकने का आरोप तनिशा ने आरोप लगाया है कि घटना की जानकारी देने के बाद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने कथित तौर पर कांच के टुकड़े को जांच के लिए सुरक्षित रखने के बजाय कूड़ेदान में फेंक दिया। तनिशा ने घटना के बारे में कहा कि बर्गर खाते समय उन्हें उसके अंदर कांच का टुकड़ा मिला और उन्होंने तुरंत रेस्टोरेंट प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, इसके बाद वह टुकड़ा कूड़ेदान में फेंक दिया गया। पुलिस और FDA तक पहुंचा मामला घटना के बाद तनिशा के पिता ने अंबोली पुलिस स्टेशन में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा मामले की जानकारी FDA को भी दी गई है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित तौर पर बर्गर में कांच का टुकड़ा कैसे पहुंचा और घटना में खाद्य सुरक्षा मानकों का कोई उल्लंघन हुआ है या नहीं। हालांकि, रेस्टोरेंट के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। रेस्टोरेंट की ओर से इस शिकायत पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का भी इंतजार है। जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।  
मुंबई में BASF का R&D विस्तार, हाइजीन प्रोडक्ट्स के लिए नया सुपरएब्जॉर्बेंट्स परफॉर्मेंस लैब शुरू

मुंबई में BASF का R&D विस्तार, हाइजीन प्रोडक्ट्स के लिए नया सुपरएब्जॉर्बेंट्स परफॉर्मेंस लैब शुरू

मुंबई में BASF का R&D विस्तार, हाइजीन प्रोडक्ट्स के लिए नया सुपरएब्जॉर्बेंट्स परफॉर्मेंस लैब शुरू मुंबई: जर्मनी की प्रमुख केमिकल कंपनी BASF ने मुंबई में Superabsorbents Performance Lab शुरू किया है। नई अत्याधुनिक सुविधा का उद्देश्य हाइजीन उत्पादों से जुड़े परीक्षण, ग्राहक सहयोग और उत्पाद विकास की प्रक्रिया को तेज करना है। इस कदम से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में BASF की रिसर्च एवं डेवलपमेंट (R&D) क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कंपनी के अनुसार, मुंबई स्थित नया लैब भारत में होने वाले विकास कार्यों को जर्मनी के लुडविग्सहाफेन स्थित BASF के ग्लोबल प्रोडक्ट डेवलपमेंट लैब से जोड़ेगा। इससे अलग-अलग देशों में मौजूद तकनीकी टीमों के बीच ज्ञान और अनुभव का तेजी से आदान-प्रदान संभव होगा। ग्राहक सहयोग और तेज इनोवेशन पर जोर BASF ने मुंबई लैब को केवल परीक्षण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि ग्राहकों के साथ मिलकर नए समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। कंपनी का फोकस परफॉर्मेंस, सस्टेनेबिलिटी और ग्राहक मूल्य बढ़ाने पर है। मुंबई में लैब की मौजूदगी से ग्राहकों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने और उनके अनुरूप उत्पादों में बदलाव करने में मदद मिल सकती है। इससे उत्पाद विकास के विभिन्न चरणों में मिलने वाला फीडबैक भी तेजी से संबंधित टीमों तक पहुंच सकेगा। हाइजीन इंडस्ट्री के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह लैब? सुपरएब्जॉर्बेंट पॉलिमर हाइजीन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला महत्वपूर्ण कच्चा माल है। इनका उपयोग मुख्य रूप से ऐसे उत्पादों में किया जाता है, जहां अवशोषण क्षमता, आराम, गुणवत्ता और टिकाऊपन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। हाइजीन सेक्टर में उपभोक्ताओं और ब्रांड कंपनियों की अपेक्षाएं लगातार बदल रही हैं। ऐसे में सामग्री की गुणवत्ता और प्रदर्शन में छोटे सुधार भी उत्पाद की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर बड़ा असर डाल सकते हैं। मुंबई में स्थानीय स्तर पर परीक्षण और विकास की सुविधा मिलने से BASF को भारतीय तथा एशिया-प्रशांत बाजारों की जरूरतों के अनुसार तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद मिल सकती है। भारत और जर्मनी के बीच मजबूत होगा R&D नेटवर्क मुंबई का नया लैब BASF के जर्मनी स्थित Global Product Development Lab for Superabsorbents के साथ मिलकर काम करेगा। इससे भारत में होने वाले तकनीकी और उत्पाद विकास कार्यों को कंपनी के वैश्विक R&D नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। यह मॉडल BASF की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसमें बड़े केंद्रीय रिसर्च हब के साथ-साथ ग्राहकों और प्रमुख बाजारों के करीब विशेषीकृत लैब विकसित किए जा रहे हैं। भारत के बढ़ते बाजार पर BASF की नजर एशिया-प्रशांत क्षेत्र हाइजीन उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण बाजारों में शामिल है और भारत में बढ़ती उपभोक्ता मांग, बदलती जीवनशैली तथा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के कारण इस क्षेत्र में विकास की बड़ी संभावनाएं हैं। मुंबई में नया परफॉर्मेंस लैब शुरू करके BASF ने भारत में अपनी तकनीकी मौजूदगी को और मजबूत करने का संकेत दिया है। कंपनी को उम्मीद है कि यह सुविधा तेज उत्पाद विकास, बेहतर ग्राहक सहयोग और नए हाइजीन समाधान तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी। कुल मिलाकर, मुंबई में BASF का नया लैब भारत को कंपनी के वैश्विक R&D नेटवर्क से जोड़ने के साथ-साथ हाइजीन इंडस्ट्री में इनोवेशन और ग्राहक-केंद्रित उत्पाद विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  
मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी जरूरी, आज से नियम लागू; जानिए उल्लंघन पर क्या होगा

मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी जरूरी, आज से नियम लागू; जानिए उल्लंघन पर क्या होगा

मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी जरूरी, आज से नियम लागू; जानिए उल्लंघन पर क्या होगा मुंबई: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा से जुड़ी शर्तों को लेकर सरकार ने अब सख्ती शुरू कर दी है। मंगलवार से नियम लागू होने के बाद जिन चालकों को मराठी का आवश्यक ज्ञान नहीं है, उनके खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, नियम का उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किया जाएगा। सरकार ने चालकों को मराठी सीखने और आवश्यक प्रशिक्षण पूरा करने के लिए पहले पर्याप्त समय दिया था। अब यह समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, मराठी की आवश्यक जानकारी प्रदर्शित नहीं कर पाने वाले चालकों को सबसे पहले 30 दिन का नोटिस दिया जाएगा। नियम नहीं मानने पर लाइसेंस निलंबित हो सकता है नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि चालक मराठी भाषा की निर्धारित शर्त पूरी नहीं करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। इसके बावजूद नियम का पालन नहीं करने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए जाने का प्रावधान है। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि चालकों को नियमों का पालन करने के लिए कुल मिलाकर करीब चार महीने तक का समय मिल सकता है। 1.25 लाख चालकों को राहत इस नियम के तहत करीब 1.25 लाख ऑटो और टैक्सी चालकों को राहत मिलेगी। इन चालकों ने सरकार द्वारा आयोजित मराठी भाषा पाठ्यक्रम पूरा कर परीक्षा पास की है और प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। ऐसे चालकों पर इस प्रावधान के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी। ठाणे में आयोजित ‘हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा पाठ्यक्रम अभियान’ के समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मराठी को “भक्ति की भाषा, मजबूरी की नहीं” के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो लोग मराठी सीख रहे हैं, उनका मजाक उड़ाने के बजाय उनसे मराठी में बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। शिंदे के मुताबिक, 105 दिनों के अभियान के दौरान करीब 1.25 लाख ऑटो और टैक्सी चालकों ने मराठी सीखी, परीक्षा दी और प्रमाणपत्र हासिल किए। परिवहन मंत्री ने अपनाया सख्त रुख परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि “मैं मराठी नहीं बोलूंगा” जैसी मानसिकता अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अभियान के पीछे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की राजनीतिक पहल को महत्वपूर्ण बताया। सरनाईक ने यह भी कहा कि अभियान के लिए उद्योग विभाग की ओर से 1 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी। सरकार का क्या कहना है? मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में बड़ी संख्या में गैर-मराठी भाषी लोग रहते हैं और ऑटो-टैक्सी क्षेत्र में भी दूसरे राज्यों से आए लोग बड़ी संख्या में काम करते हैं। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य गैर-मराठी लोगों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है। अब नियम लागू होने के बाद आने वाले महीनों में इसका पालन किस तरह कराया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।  
मुंबई के कांदिवली में कमर्शियल बिल्डिंग में लगी आग, 11 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

मुंबई के कांदिवली में कमर्शियल बिल्डिंग में लगी आग, 11 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

मुंबई के कांदिवली में कमर्शियल बिल्डिंग में लगी आग, 11 लोगों को सुरक्षित बचाया गया मुंबई: मुंबई के कांदिवली पश्चिम में सोमवार सुबह एक कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। बीएमसी के अनुसार, आग अभिराई होटल परिसर में लगी थी। दमकल कर्मियों ने इमारत की दूसरी मंजिल स्थित लॉजिंग हाउस से 11 लोगों को सीढ़ियों के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग मुख्य रूप से पास स्थित एक अस्थायी फल स्टॉल में रखी इलेक्ट्रिकल वायरिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, लकड़ी के फर्नीचर, तिरपाल, बांस और प्लास्टिक सामग्री तक सीमित थी। बीएमसी ने बताया कि आग की लपटें तिरुपति बैंक्वेट की चौथी मंजिल तक भी पहुंचीं, जहां करीब 50 वर्ग फीट क्षेत्र में कपड़ों, लकड़ी के फर्नीचर और फॉल्स सीलिंग को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा इमारत के बाहरी हिस्से में लगे एल्युमिनियम और प्लास्टिक की सजावटी शीट भी आग की चपेट में आ गईं। आग के कारण पूरी इमारत में धुआं भर गया था। दमकल कर्मियों ने समय रहते स्थिति पर काबू पाने के साथ ही इमारत में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है।
मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका

मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका

मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत, पुलिस को हत्या-आत्महत्या की आशंका मुंबई: दक्षिण मुंबई के हाई-सिक्योरिटी इलाके नेवी नगर, कोलाबा में भारतीय नौसेना के एक जवान समेत उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। मृतकों में जवान, उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच हत्या-आत्महत्या के एंगल से कर रही है। मृतक नौसेना कर्मी की पहचान 30 वर्षीय पुरनमल शंभूलाल मेहरा के रूप में हुई है। उनके साथ उनकी 28 वर्षीय पत्नी ओमा पुरनमल मेहरा, तीन वर्षीय बेटे यश और दो महीने के शिशु की भी मौत हुई है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में नौसेना कर्मी की मौत आत्महत्या से होने की आशंका है, जबकि उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की मौत संदिग्ध जहर सेवन से होने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। चारों शवों को मुंबई के जेजे अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। डीसीपी मनीष कलवानिया ने बताया कि शुरुआती जांच में जवान की मौत आत्महत्या से और उनकी पत्नी व बच्चों की मौत जहर के कारण होने की आशंका सामने आई है। मामले की आगे की जांच जारी है। भारतीय नौसेना ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि 15 अगस्त 2026 को नेवी नगर में एक नौसेना कर्मी, उनकी पत्नी और दो बच्चे अपने आवास पर मृत पाए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है और नौसेना की ओर से जांच में हर संभव सहायता दी जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौतों की वास्तविक वजह और घटनाक्रम स्पष्ट हो पाएगा।  
मुंबई को 2027 तक मिलेंगी नई AC लोकल ट्रेनें, सीएम फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान

मुंबई को 2027 तक मिलेंगी नई AC लोकल ट्रेनें, सीएम फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान

मुंबई को 2027 तक मिलेंगी नई AC लोकल ट्रेनें, सीएम फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान मुंबई | मुंबई हेड रिपोर्टर: शकुर जमादार मुंबईकरों के लिए लोकल ट्रेन सफर को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मुंबई की उपनगरीय रेलवे को 2027 तक नई AC लोकल ट्रेन रेक की पहली खेप मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश की तीन कोच फैक्ट्रियों में 238 नई AC लोकल रेक तैयार करने का फैसला किया है। इनमें चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री (RCF) और रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) शामिल हैं। सभी रेक वर्ष 2029 तक तैयार होने का लक्ष्य है। फडणवीस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मुंबई की उपनगरीय रेल सेवाओं को मेट्रो जैसी सुगम और आरामदायक बनाना है। SCLR एक्सटेंशन से BKC को मिलेगी राहत मुंबई में कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया गया। इनमें भारत नगर रोड से वकोला जंक्शन तक का SCLR-2 एलिवेटेड कॉरिडोर प्रमुख है। करीब ₹645 करोड़ की लागत से बना 1.2 किलोमीटर लंबा यह मार्ग वकोला, अंबेडकर चौक और यूनिवर्सिटी जंक्शन को जोड़ता है। इससे BKC, वकोला, कलिना और खार जैसे इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। Metro Line 2B को भी बढ़ावा मेट्रो लाइन 2B के चेंबूर स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया। इसके साथ चेंबूर में मेट्रो, लोकल ट्रेन और मोनोरेल जैसी परिवहन सुविधाएं एक-दूसरे के करीब उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल मुंबई में 60 से 70 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनें चालू करने का लक्ष्य है। ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल से सफर होगा आसान ठाणे और बोरीवली के बीच बन रही 11.85 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल परियोजना में दूसरी टनल मशीन ‘अर्जुन’ को भी लॉन्च किया गया। यह परियोजना संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे से होकर गुजरेगी। परियोजना पूरी होने के बाद ठाणे और बोरीवली के बीच की दूरी करीब 12 किलोमीटर कम होगी और यात्रा में लगभग एक घंटे की बचत होने की उम्मीद है। परियोजना की अनुमानित लागत ₹16,600 करोड़ से अधिक है। BKC फ्लाईओवर का नाम बदला इस दौरान BKC के G Block को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ने वाले फ्लाईओवर का नाम ‘वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री बैरिस्टर बाबासाहेब अनंतराव भोसले फ्लाईओवर’ रखा गया। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा का समय कम करना, ट्रैफिक घटाना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।  
मुंबई में नशे के खिलाफ NCB की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार से ज्यादा कोडीन सिरप की बोतलें और 1 किलो से अधिक चरस जब्त, दो गिरफ्तार

मुंबई में नशे के खिलाफ NCB की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार से ज्यादा कोडीन सिरप की बोतलें और 1 किलो से अधिक चरस जब्त, दो गिरफ्तार

मुंबई में नशे के खिलाफ NCB की बड़ी कार्रवाई: 15 हजार से ज्यादा कोडीन सिरप की बोतलें और 1 किलो से अधिक चरस जब्त, दो गिरफ्तार मुंबई | मुंबई हेड रिपोर्टर: शाकुर जमादार मुंबई में नशे के कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग ऑपरेशनों में भारी मात्रा में कोडीन आधारित कफ सिरप, ट्रामाडोल टैबलेट और चरस बरामद की है। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। गुजरात-मुंबई ड्रग्स नेटवर्क पर शिकंजा NCB मुंबई के अनुसार, पहली कार्रवाई में 8 अगस्त को मुंबई में एक यात्री बस से 1,080 बोतल कोडीन आधारित कफ सिरप बरामद किया गया। इन बोतलों का कुल वजन करीब 108 किलोग्राम बताया गया है। इस मामले में एन. शेख को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर यह खेप गुजरात से मुंबई लाई जा रही थी और इसे मुंबई, भिवंडी तथा आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जाना था। पूछताछ के दौरान अधिकारियों को गुजरात स्थित एक कथित सप्लायर के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद NCB की टीम ने गुजरात में निगरानी बढ़ाई और वडोदरा में एक गोदाम तक पहुंची। वडोदरा के गोदाम से हजारों बोतलें और ट्रामाडोल बरामद NCB के मुताबिक, वडोदरा स्थित गोदाम से 13,938 अतिरिक्त कोडीन आधारित कफ सिरप की बोतलें और 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की गईं। जांच के दौरान कई कफ सिरप की बोतलों के बैच नंबर में कथित तौर पर छेड़छाड़ के सबूत मिले। अधिकारियों ने आशंका जताई कि दवाओं के कथित डायवर्जन को छिपाने के लिए ऐसा किया गया होगा। मामले में फर्जी इनवॉइस और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। NCB के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एन. शेख मुख्य रूप से ठाणे जिले के भिवंडी इलाके में सक्रिय था और इससे पहले भी महाराष्ट्र पुलिस द्वारा एक NDPS मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। गुजरात से जुड़े कथित वितरक के खिलाफ भी NDPS के मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। घाटकोपर में चरस की अलग कार्रवाई दूसरी कार्रवाई 12 अगस्त को मुंबई के घाटकोपर इलाके में की गई। NCB ने एक घर की तलाशी के दौरान 1.060 किलोग्राम चरस बरामद करने का दावा किया है। इस मामले में ए. जे. शेख को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, चरस को कथित तौर पर घरेलू सामान के बीच छिपाकर रखा गया था और इसे मुंबई तथा आसपास के इलाकों में आगे बेचने की तैयारी थी। पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई कि आरोपी और उसके कुछ सहयोगी त्योहारी सीजन से पहले चरस की उपलब्धता कम होने का फायदा उठाकर इसे ऊंची कीमत पर बेचने की योजना बना रहे थे। NCB ने बताया कि मामले में कुछ अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है और उन्हें पकड़ने के लिए जांच जारी है। दवाओं के गलत इस्तेमाल पर NCB की चेतावनी NCB ने स्पष्ट किया कि कोडीन आधारित दवाओं और ट्रामाडोल का चिकित्सकीय इस्तेमाल होता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना इनका सेवन या इनका दुरुपयोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। इससे निर्भरता और अन्य गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, चरस में THC पाया जाता है, जिसके लंबे समय तक इस्तेमाल से याददाश्त और संज्ञानात्मक क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश दोनों मामलों में NCB की जांच अभी जारी है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इन्हें मुंबई तथा आसपास के इलाकों में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। लगातार हुई इन कार्रवाइयों को मुंबई में संगठित ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ NCB की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। एजेंसी ने दोहराया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध सप्लाई से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।  
मुंबई के विले पार्ले में 11वीं मंजिल पर भीषण आग, महिला और ढाई साल के बच्चे की मौत; 4 घायल

मुंबई के विले पार्ले में 11वीं मंजिल पर भीषण आग, महिला और ढाई साल के बच्चे की मौत; 4 घायल

मुंबई के विले पार्ले में 11वीं मंजिल पर भीषण आग, महिला और ढाई साल के बच्चे की मौत; 4 घायल मुंबई: विले पार्ले वेस्ट में मंगलवार देर रात एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने दो जिंदगियां छीन लीं। हादसे में 23 वर्षीय महिला और ढाई साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक, आग 11 अगस्त की रात करीब 10:02 बजे विले पार्ले (पश्चिम) के बैपटिस्टा रोड स्थित ‘शांता भवन’ नाम की 12 मंजिला इमारत की 11वीं मंजिल पर लगी। आग दो फ्लैटों में फैल गई थी। बिजली के वायरिंग और घरेलू सामान तक फैली आग अधिकारियों के अनुसार, आग ने फ्लैट के बिजली के वायरिंग और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन, एयर कंडीशनर, घरेलू सामान और किचन को अपनी चपेट में ले लिया। प्रभावित हिस्से का क्षेत्रफल करीब 4,000 वर्ग फुट बताया गया है। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और राहत टीमों को मौके पर भेजा गया। बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। महिला और बच्चे की मौत इस हादसे में अंकिता (23) और अबीर (2.5 वर्ष) की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दोनों को अस्पताल लाए जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। नानावती अस्पताल की सीएमओ डॉ. मुग्धा ने बताया कि कुल छह घायल लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से दो को डॉक्टरों ने मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचने के बाद मृत घोषित किया, जबकि बाकी चार की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। घायलों में पार्थ (32), हिरेन (64), यशस्वी (33) और अभिषेक शामिल हैं। आग लगने के कारणों की जांच जारी फिलहाल आग लगने की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर आग के कारणों और इससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। विले पार्ले की इस घटना ने एक बार फिर ऊंची इमारतों में अग्नि सुरक्षा, इलेक्ट्रिकल वायरिंग और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और दमकल विभाग की जांच के बाद ही आग की वास्तविक वजह और हादसे की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।  
मुंबई-बेंगलुरु के किचन पर FDA की सख्ती: सड़ा मांस, एक्सपायर्ड डेयरी और कॉकरोच ने खोली फूड सेफ्टी की पोल

मुंबई-बेंगलुरु के किचन पर FDA की सख्ती: सड़ा मांस, एक्सपायर्ड डेयरी और कॉकरोच ने खोली फूड सेफ्टी की पोल

मुंबई-बेंगलुरु के किचन पर FDA की सख्ती: सड़ा मांस, एक्सपायर्ड डेयरी और कॉकरोच ने खोली फूड सेफ्टी की पोल मुंबई/बेंगलुरु: रेस्तरां की चमकदार डाइनिंग टेबल और महंगे मेन्यू के पीछे किचन की हकीकत हमेशा उतनी साफ-सुथरी हो, यह जरूरी नहीं। मुंबई और बेंगलुरु में हालिया फूड सेफ्टी कार्रवाई के दौरान एक्सपायर्ड डेयरी उत्पाद, सड़ा हुआ मांस, फंगस लगी सब्जियां, इस्तेमाल किया हुआ कुकिंग ऑयल, खराब स्टोरेज और अस्वच्छ किचन जैसी गंभीर खामियां सामने आई हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रेस्तरां और होटल अपने किचन में आने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्टोरेज, एक्सपायरी और इस्तेमाल से पहले उनकी जांच किस तरह करते हैं। बेंगलुरु में 60 बड़े होटल जांच के दायरे में बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा जांच के दौरान तीन और पांच सितारा श्रेणी के करीब 60 होटलों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान 1,089 किलोग्राम खाद्य पदार्थ और अन्य सामग्री जब्त की। इससे पहले की गई जांच में भी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री और इस्तेमाल किया हुआ कुकिंग ऑयल जब्त किया गया था। निरीक्षण के दौरान सड़े हुए मांस, मछली और सब्जियों के साथ-साथ फंगस लगी खाद्य सामग्री और खराब स्टोरेज की स्थिति सामने आने की जानकारी दी गई। एक अन्य कार्रवाई में अधिकारियों ने 105 किलोग्राम एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, 32 लीटर दूध और करीब 50 किलोग्राम चिकन व खराब सब्जियां जब्त कीं। मुंबई में भी बढ़ी फूड सेफ्टी जांच बेंगलुरु की तरह मुंबई और महाराष्ट्र में भी खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। मुंबई FDA की ओर से 4 से 6 अगस्त के बीच चलाए गए तीन दिवसीय अभियान में 10 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और गंभीर उल्लंघनों के चलते चार लाइसेंस निलंबित किए गए। इससे पहले मुंबई के कई प्रमुख जिमखाना और क्लबों में भी FDA की जांच के दौरान कॉकरोच, अस्वच्छ स्टोरेज, कीटों की मौजूदगी और किचन से जुड़ी अन्य खामियां सामने आई थीं। रेस्तरां ही नहीं, वेयरहाउस भी जांच के दायरे में खाद्य सुरक्षा की निगरानी अब केवल होटल और रेस्तरां तक सीमित नहीं है। मुंबई के मालाड वेस्ट में एक खाद्य सामग्री के वेयरहाउस पर भी कार्रवाई की गई, जहां अधिकारियों को अस्वच्छ परिस्थितियों और कॉकरोच की मौजूदगी जैसी समस्याएं मिलीं। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भोजन की सुरक्षा सिर्फ किचन में खाना पकाने तक सीमित नहीं होती। सप्लायर से लेकर ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउस, रेफ्रिजरेशन और अंततः रेस्तरां की प्लेट तक पूरी सप्लाई चेन में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। एक्सपायर्ड सामान किचन तक कैसे पहुंच रहा है? खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि बड़े रेस्तरां और होटल अपने किचन में आने वाली सामग्री की जांच किस तरह करते हैं। मांस, दूध, डेयरी उत्पाद, समुद्री भोजन और ताजी सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के लिए तापमान की निगरानी, तारीख की लेबलिंग, स्टॉक रोटेशन और नियमित गुणवत्ता जांच बेहद जरूरी होती है। यदि पुराने स्टॉक को नए सामान के पीछे रख दिया जाए या एक्सपायरी डेट की निगरानी न हो, तो खराब खाद्य सामग्री ग्राहक की प्लेट तक पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। फाइव-स्टार होटल भी जांच से बाहर नहीं हालिया कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जांच सिर्फ छोटे रेस्तरां या स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रही। बड़े और महंगे होटलों की किचन भी जांच के दायरे में आई हैं। महंगे मेन्यू, शानदार इंटीरियर और बड़े ब्रांड का नाम अपने आप में खाद्य सुरक्षा की गारंटी नहीं है। असली सवाल यह है कि किचन के अंदर खाद्य सामग्री किस तापमान पर रखी जा रही है, स्टोरेज कितना साफ है और खराब सामान को समय पर हटाया जा रहा है या नहीं। हालांकि, किसी एक प्रतिष्ठान में मिली खामी के आधार पर पूरे होटल या रेस्तरां उद्योग को असुरक्षित बताना उचित नहीं होगा। लेकिन ऐसी जांच यह जरूर बताती है कि खाद्य सुरक्षा के लिए नियमित और स्वतंत्र निगरानी क्यों जरूरी है। भारत में करोड़ों खाद्य कारोबार, निगरानी बड़ी चुनौती भारत में रेस्तरां, होटल, निर्माता, रिटेलर, वेयरहाउस और अन्य खाद्य कारोबारों की संख्या बहुत बड़ी है। ऐसे में हर प्रतिष्ठान तक नियमित निगरानी पहुंचाना खाद्य सुरक्षा नियामकों के लिए बड़ी चुनौती है। FSSAI के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सिस्टम के जरिए देशभर के विभिन्न प्रकार के खाद्य कारोबारों को नियामकीय दायरे में लाया गया है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े निरीक्षण, सैंपल जांच और फूड हैंडलर्स की ट्रेनिंग लगातार की जा रही है। लेकिन सिर्फ निरीक्षण और कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। प्रतिष्ठानों को भी अपनी आंतरिक व्यवस्था मजबूत करनी होगी। कार्रवाई के बाद फॉलो-अप सबसे जरूरी किसी होटल से खराब खाद्य सामग्री जब्त होना या लाइसेंस निलंबित होना खबर बन जाता है, लेकिन असली सवाल इसके बाद शुरू होता है। क्या प्रतिष्ठान ने अपनी स्टोरेज व्यवस्था सुधारी? क्या कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों की ट्रेनिंग दी गई? क्या तापमान और सफाई के रिकॉर्ड नियमित रखे जा रहे हैं? क्या खराब या एक्सपायर्ड सामान को समय पर नष्ट किया जा रहा है? और क्या दोबारा निरीक्षण में वही खामियां फिर सामने नहीं आएंगी? इन सवालों के जवाब ही तय करेंगे कि हालिया कार्रवाई सिर्फ कुछ दिनों की सुर्खियां बनकर रह जाती है या वास्तव में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार लाती है। खाने की सुरक्षा प्लेट तक पहुंचने से बहुत पहले शुरू होती है मुंबई और बेंगलुरु में हुई हालिया कार्रवाई एक महत्वपूर्ण संदेश देती है—फूड सेफ्टी सिर्फ यह नहीं है कि खाना अच्छी तरह पकाया गया या नहीं। भोजन की सुरक्षा सप्लायर से शुरू होती है और ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज, रेफ्रिजरेशन, किचन हाइजीन, स्टॉक मैनेजमेंट और सही तरीके से पकाने के बाद ग्राहक की प्लेट तक पहुंचती है। इस पूरी श्रृंखला की एक भी कड़ी कमजोर हुई, तो उसका असर सीधे उपभोक्ता की सेहत पर पड़ सकता है। इसलिए नियामक कार्रवाई के साथ-साथ रेस्तरां और होटल संचालकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।  
फिल्ममेकर शकील नूरानी गिरफ्तार: उभरती अभिनेत्री ने लगाया रेप और धमकी का आरोप

फिल्ममेकर शकील नूरानी गिरफ्तार: उभरती अभिनेत्री ने लगाया रेप और धमकी का आरोप

फिल्ममेकर शकील नूरानी गिरफ्तार: उभरती अभिनेत्री ने लगाया रेप और धमकी का आरोप मुंबई: बॉलीवुड से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मुंबई पुलिस ने फिल्ममेकर शकील नूरानी को एक उभरती अभिनेत्री द्वारा लगाए गए रेप और धमकी के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले कुछ दिनों से फरार था और उसे महाबलेश्वर स्थित फार्महाउस से गिरफ्तार किया गया। 🔍 4 साल तक शोषण का आरोप 33 वर्षीय पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शकील नूरानी ने पिछले चार वर्षों से उसका यौन शोषण किया। महिला का कहना है कि आरोपी ने फिल्म प्रोजेक्ट के बहाने उसे अपने घर बुलाया, जहां उसके ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। ⚠️ वीडियो के जरिए धमकी देने का आरोप पीड़िता के मुताबिक, होश में आने पर आरोपी ने उसे एक आपत्तिजनक वीडियो दिखाया और धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की, तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। इसी वीडियो के जरिए उसे कई बार धमकाया गया और बार-बार शोषण किया गया। 🧪 जहर देने और गर्भपात कराने का भी आरोप शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने महिला को गर्भनिरोधक गोलियां दीं और कथित तौर पर जहर देकर उसका गर्भपात करा दिया। ये आरोप मामले को और गंभीर बना देते हैं। 👮 महाबलेश्वर से हुई गिरफ्तारी एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। मुंबई पुलिस ने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर उसे महाबलेश्वर स्थित फार्महाउस से गिरफ्तार किया और मुंबई लाया गया। ⚖️ गंभीर धाराओं में केस दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें रेप, जहर देकर नुकसान पहुंचाना, गर्भपात कराना और आपराधिक धमकी शामिल हैं। 📅 12 अगस्त तक पुलिस हिरासत गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 12 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। 🔍 निष्कर्ष: यह मामला फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा और विश्वास से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी।  

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